पूरे मध्य प्रदेश में सक्रिय हुआ मानसून, खंडवा-हरदा में रेड अलर्ट, 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी


भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। 24 जून को नौ दिन की देरी से प्रदेश में प्रवेश करने वाला मानसून गुरुवार को उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग तक पहुंच गया। इसके साथ ही महज नौ दिनों में मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया है। हालांकि, अब भी 38 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि भोपाल, इंदौर और देवास में सबसे अधिक वर्षा हुई है।

खंडवा और हरदा में रेड अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने शुक्रवार को खंडवा और हरदा जिलों के लिए अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, बुरहानपुर और बैतूल में भी अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में इन जिलों में 4 से 8 इंच तक वर्षा हो सकती है।

19 जिलों में भारी बारिश का अनुमान
रतलाम, उज्जैन, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

इसके अलावा अलीराजपुर, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, इंदौर, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, जबलपुर, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, कटनी, शहडोल और मंडला में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

सीजन का पहला रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश में 6 जुलाई तक भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले दो दिनों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जो इस मानसून सीजन का पहला रेड अलर्ट है। गुरुवार को भोपाल समेत 15 से अधिक जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई।

जुलाई में बेहतर बारिश की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, जून में अपेक्षाकृत कम वर्षा हुई, लेकिन जुलाई में मानसून के अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। आमतौर पर प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश का लगभग एक-तिहाई हिस्सा जुलाई में होता है।

उदाहरण के तौर पर भोपाल में सामान्य मानसूनी वर्षा करीब 39 इंच मानी जाती है, जिसमें लगभग 14 इंच बारिश केवल जुलाई में दर्ज होती है। वहीं, बड़े शहरों में जबलपुर ऐसा शहर है, जहां जुलाई के दौरान 17 इंच से अधिक वर्षा होती है। मौसम विभाग का कहना है कि जुलाई में प्रदेश की कुल मानसूनी वर्षा का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा रिकॉर्ड किया जाता है।