HDFC बैंक की पहली तिमाही शानदार, डिपॉजिट और लोन में दोहरे अंक की बढ़ोतरी, कारोबार ने पकड़ी मजबूत रफ्तार

नई दिल्ली । देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों में शामिल एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत कारोबारी प्रदर्शन दर्ज किया है। अप्रैल से जून 2026 की अवधि के दौरान बैंक ने जमा राशि और कर्ज वितरण दोनों में दोहरे अंक की वृद्धि हासिल की। बैंक की ओर से जारी तिमाही कारोबारी अपडेट के अनुसार विभिन्न प्रमुख वित्तीय संकेतकों में लगातार मजबूती देखने को मिली है, जो बैंक के विस्तार और ग्राहक आधार में बढ़ोतरी का संकेत देती है।

बैंक के आंकड़ों के अनुसार 30 जून 2026 तक कुल जमा राशि बढ़कर 31.70 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 14.7 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान टर्म डिपॉजिट में सबसे अधिक मजबूती देखने को मिली और यह 17 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक वृद्धि के साथ 21.45 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट (CASA) जमा भी लगभग 9 प्रतिशत बढ़कर 10.25 लाख करोड़ रुपये हो गया।

कर्ज वितरण के मोर्चे पर भी बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा। पहली तिमाही के अंत तक कुल ग्रॉस एडवांस 30.61 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो एक वर्ष पहले की तुलना में 15.4 प्रतिशत अधिक है। इससे स्पष्ट होता है कि खुदरा और कॉरपोरेट दोनों वर्गों में ऋण की मांग बनी हुई है तथा बैंक ने अपने ऋण पोर्टफोलियो का लगातार विस्तार किया है।

बैंक के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। जून तिमाही के अंत तक यह आंकड़ा 31.27 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 12.4 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि जमा और ऋण दोनों में संतुलित वृद्धि बैंक की वित्तीय स्थिति को और मजबूत बनाती है तथा भविष्य की विकास संभावनाओं को भी बेहतर करती है।

हालांकि मजबूत कारोबारी प्रदर्शन के बीच बैंक हाल के महीनों में कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर भी चर्चा में रहा है। इस वर्ष बैंक के तत्कालीन पार्ट-टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद अंतरिम व्यवस्था के तहत नेतृत्व में बदलाव किया गया और बाद में केंद्र सरकार के पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए बैंक का नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया।

इसी अवधि में बैंक के शीर्ष प्रबंधन और गवर्नेंस प्रक्रियाओं को लेकर भी विभिन्न स्तरों पर चर्चा हुई, लेकिन बैंक ने अपने नियमित कारोबारी संचालन को प्रभावित नहीं होने दिया। पहली तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि बैंक की मुख्य बैंकिंग गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं और ग्राहकों का भरोसा कायम है।

शेयर बाजार में भी बैंक के शेयर ने सकारात्मक प्रदर्शन दर्ज किया। सप्ताह के अंतिम कारोबारी सत्र में एचडीएफसी बैंक का शेयर बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि पिछले छह महीनों में इसमें सीमित गिरावट देखने को मिली, लेकिन बीते एक वर्ष के दौरान शेयर ने उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत कारोबारी वृद्धि और स्थिर वित्तीय प्रदर्शन आने वाले समय में बैंक की संभावनाओं को और मजबूती प्रदान कर सकते हैं।