सोनाक्षी सिन्हा ने इस पेंटिंग के पीछे की भावनात्मक कहानी भी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी शादी के दौरान जब वैदिक मंत्रों का उच्चारण हो रहा था उसी समय आसपास से अजान की आवाज भी सुनाई दे रही थी। उनके अनुसार दोनों प्रार्थनाओं का वह संगम उनके जीवन की सबसे खूबसूरत यादों में शामिल है और उसी भावना को इस पेंटिंग में साकार किया गया है।
अभिनेत्री ने बताया कि यह पेंटिंग उन्हें उनकी करीबी मित्र शुभिका शर्मा ने शादी के उपहार के रूप में देने का विचार किया था। ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान शुभिका ने उनसे संपर्क कर इस विशेष उपहार का जिक्र किया। बाद में कलाकार आदिल बेदी ने इस विचार को एक खूबसूरत कलाकृति का रूप दिया। पेंटिंग में बड़े आकार का ओम चिन्ह बनाया गया है जिसके भीतर गायत्री मंत्र अंकित है जबकि नीचे कलमा को भी स्थान दिया गया है। यह पूरी रचना दोनों धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान और प्रेम का संदेश देती दिखाई देती है।
पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने इसे प्रेम विश्वास और धार्मिक सद्भाव का सुंदर उदाहरण बताया। लोगों ने लिखा कि अलग अलग आस्थाओं के बावजूद एक दूसरे के विश्वास का सम्मान करना ही रिश्तों की असली खूबसूरती है। कई प्रशंसकों ने इस कलाकृति की रचनात्मकता और भावनात्मक संदेश की भी सराहना की।
हालांकि दूसरी ओर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पेंटिंग पर आपत्ति भी जताई। कुछ लोगों ने धार्मिक प्रतीकों को एक साथ प्रस्तुत करने पर सवाल उठाए जबकि कुछ ने इसे लेकर आलोचनात्मक टिप्पणियां कीं। सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर अलग अलग विचार सामने आए और पोस्ट चर्चा का विषय बन गई।
सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल ने वर्ष 2024 में विवाह किया था। अलग धार्मिक पृष्ठभूमि होने के कारण उनकी शादी भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही थी। इसके बावजूद दोनों ने हमेशा अपने रिश्ते को आपसी सम्मान और समझ का उदाहरण बताया है। अब यह नई पेंटिंग भी उसी सोच को दर्शाती नजर आ रही है जिसमें प्रेम और विविधता को साथ लेकर चलने का संदेश दिया गया है।
