महिला टी20 विश्व कप फाइनल में क्या बदलेगा इतिहास, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड पर तीन हार का साया


नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल रविवार को क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा। खिताब के लिए एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे। दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई मुकाबला गंवाए फाइनल तक का सफर तय किया है। हालांकि खिताबी मुकाबलों का इतिहास इंग्लैंड के पक्ष में नहीं रहा है और यही बात इस बार भी चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है।

टी20 विश्व कप के इतिहास में यह चौथी बार होगा जब ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड फाइनल में भिड़ेंगे। इससे पहले हुए तीनों खिताबी मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया ने जीत दर्ज कर इंग्लैंड के चैंपियन बनने का सपना तोड़ दिया था। पहली बार वर्ष 2012 के फाइनल में कंगारू टीम ने इंग्लैंड को हराया। इसके बाद 2014 और 2018 के फाइनल में भी ऑस्ट्रेलिया ने बाजी मारते हुए अपनी श्रेष्ठता साबित की।

अगर दोनों टीमों के टी20 विश्व कप मुकाबलों का रिकॉर्ड देखें तो अब तक सात बार आमना-सामना हुआ है। इनमें ऑस्ट्रेलिया ने चार मुकाबले अपने नाम किए हैं जबकि इंग्लैंड को केवल दो जीत मिली हैं। एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकला। आंकड़े साफ तौर पर ऑस्ट्रेलिया की बढ़त दिखाते हैं लेकिन इस बार इंग्लैंड को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिलने की उम्मीद है।

मेजबान इंग्लैंड का रिकॉर्ड अपने घर में बेहद शानदार रहा है। टीम ने अपनी सरजमीं पर खेले गए महिला टी20 विश्व कप के सभी 11 मुकाबलों में जीत दर्ज की है। यही वजह है कि इंग्लिश टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ फाइनल में उतरने वाली है। सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 40 रन से हराकर फाइनल का टिकट कटाया था।

इंग्लैंड की बल्लेबाजी में डैनी व्याट सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी हैं। वह छह पारियों में 294 रन बनाकर टूर्नामेंट की सबसे सफल बल्लेबाज हैं। वहीं कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने भी अहम मौकों पर जिम्मेदारी निभाई है। गेंदबाजी में सोफी एक्लेस्टोन लगातार किफायती और प्रभावी रही हैं तथा फाइनल में भी उनसे बड़ी उम्मीदें रहेंगी।

दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर संतुलित और मजबूत टीम के रूप में सामने आई है। अनुभवी ऑलराउंडर एलिसा पेरी शानदार फॉर्म में हैं और बल्ले के साथ गेंद से भी उपयोगी योगदान दे रही हैं। कप्तान सोफी मोलिनेक्स ने छह मैचों में 10 विकेट लेकर विरोधी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया है। ऑस्ट्रेलियाई टीम बड़े मुकाबलों का अनुभव भी अपने साथ लेकर मैदान पर उतरेगी।

अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि क्या इंग्लैंड अपने घरेलू मैदान पर इतिहास बदलकर पहली बार टी20 विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हरा पाएगा या फिर कंगारू टीम एक बार फिर खिताबी मुकाबले में अपना दबदबा कायम रखेगी।