यूपी में मानसून का कहर सड़कों से लेकर मंदिरों तक पानी ही पानी सात की मौत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात


उत्तर प्रदेश । उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। राजधानी लखनऊ समेत कानपुर वाराणसी प्रयागराज अयोध्या गोरखपुर बरेली और प्रदेश के करीब 20 शहरों में सोमवार को दिनभर बारिश का दौर जारी रहा। लगातार बरसात के कारण कई स्थानों पर सड़कें धंस गईं अस्पतालों में पानी भर गया और धार्मिक स्थलों तक में जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने प्रदेश के 69 शहरों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

बारिश का सबसे अधिक असर फिरोजाबाद में देखने को मिला जहां सरकारी अस्पताल परिसर में पानी भर जाने से मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं पुलिसकर्मी घुटनों तक भरे पानी में जूते हाथ में लेकर ड्यूटी करते दिखाई दिए। शामली जिले में नहर टूटने से आसपास की सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया और नहर का पानी गांवों तथा खेतों में फैल गया जिससे किसानों की फसलें प्रभावित होने लगी हैं।

लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से आ रहे पानी के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। वाराणसी और प्रयागराज में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। काशी में प्रसिद्ध रत्नेश्वर महादेव मंदिर सहित अनेक छोटे मंदिरों में भी पानी भर गया है। वहीं अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे नदी किनारे के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

बलिया में सरयू नदी और लखीमपुर खीरी में शारदा नदी के किनारे कटान शुरू हो गया है। प्रशासन को आशंका है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो बड़ी संख्या में गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। संतकबीरनगर में लगातार बारिश के कारण करीब तीन सौ वर्ष पुराना बाबा बैजूनाथ मंदिर भी ढह गया जिससे क्षेत्र में धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों में चिंता का माहौल है।

पिछले चौबीस घंटों के दौरान बारिश और आकाशीय बिजली से जुड़े हादसों में सात लोगों की जान चली गई। मुजफ्फरनगर में कच्चा मकान गिरने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई जबकि बलिया और चंदौली में खेतों में काम कर रहे दो किसानों की बिजली गिरने से मृत्यु हो गई। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और खेतों में जाने से बचने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने मौसमीय तंत्र और सक्रिय मानसूनी रेखा के कारण प्रदेश में अगले पांच से छह दिनों तक भारी वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। 22 जुलाई तक कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जबकि उसके बाद भी कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।

लगातार हो रही बारिश ने जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत दी है वहीं दूसरी ओर जनजीवन को भी बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। अब सभी की नजर मौसम के अगले दौर पर है क्योंकि आने वाले कुछ दिन उत्तर प्रदेश के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।