बसंत पंचमी 2026: ज्ञान और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की कृपा पाने के लिए विशेष भोग अर्पित करें


नई दिल्ली । बसंत पंचमी का पर्व हर वर्ष हिंदू परंपरा में विशेष रूप से ज्ञान, विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की पूजा के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह दिन उन सभी छात्रों, शिक्षकों, और विद्वानों के लिए बहुत महत्व रखता है, जो शिक्षा और बुद्धि में वृद्धि चाहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और सही विधि से मां सरस्वती की पूजा करने से न केवल शिक्षा में सफलता मिलती है, बल्कि जीवन की रुकावटें भी दूर होती हैं। साथ ही, पूजा में भोग का भी खास स्थान है, जो देवी की कृपा प्राप्त करने के लिए आवश्यक माना जाता है।

बसंत पंचमी पर पीले रंग का महत्व

बसंत पंचमी पर पीले रंग को विशेष महत्व दिया जाता है, और यह रंग ज्ञान, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि इस दिन मां सरस्वती को केसरिया मीठे चावल अर्पित करने की परंपरा है। केसर और हल्दी से बने ये चावल देवी सरस्वती को प्रिय माने जाते हैं। इन चावलों का अर्पण करने से बुद्धि में वृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में इसे सुख-समृद्धि और वैभव का संकेत माना जाता है।

पारंपरिक मिठाइयों का भोग

केसरिया चावल के अलावा इस दिन पीली बूंदी के लड्डू, मालपुआ, और बेर जैसे मौसमी फलों का भी भोग अर्पित किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, पीली बूंदी के लड्डू अर्पित करने से वाणी में मधुरता और मानसिक एकाग्रता बढ़ती है। वहीं, मालपुआ को खासकर उत्तर भारत में देवी सरस्वती को अर्पित किया जाता है, जो खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बेर जैसे मौसमी फलों का भोग भी विशेष रूप से प्रिय माना जाता है, और यह देवी को अर्पित करने के बाद ही खाने की सलाह दी जाती है।

सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक स्पष्टता के लिए भोग

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सही भोग अर्पित करने से कई लाभ मिलते हैं। विशेष रूप से, पीले फल और मिठाइयों का अर्पण मानसिक स्पष्टता और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करता है। सफेद चंदन, पीले फूल, और मिश्री का भोग नकारात्मक ऊर्जा को कम करने और घर में शांति बनाए रखने में सहायक माना जाता है। वहीं, शहद का भोग अर्पित करने से वाणी दोष दूर होते हैं और बोलचाल में मधुरता आती है।

2026 में बसंत पंचमी शुक्रवार को

इस बार, 2026 में बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है, जो विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिन लक्ष्मी जी का भी दिन माना जाता है। इस दिन, मां सरस्वती को भोग लगाने के बाद, विशेष रूप से जरूरतमंद बच्चों में पढ़ाई की सामग्री और पीले रंग की खाने की चीजें बांटना बहुत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस प्रकार का दान न केवल विद्या में सफलता दिलाता है, बल्कि आर्थिक बाधाओं को भी दूर करता है।