गणेश उत्सव से पहले उज्जैन में अनोखी पहल स्कूलों में बच्चों को सिखा रहे मिट्टी के गणेश बनाना


उज्जैन । गणेश चतुर्थी से पहले उज्जैन में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक खास पहल शुरू की गई है। शहर के स्कूलों में बच्चों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के साथ गणेश उत्सव में मिट्टी की प्रतिमाओं को बढ़ावा देना है। इसी अभियान के तहत गुरुवार को ढांचा भवन स्थित मॉडल स्कूल में गणेश प्रतिमा निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें बड़ी संख्या में छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया।

कार्यशाला में बच्चों ने अपने हाथों से मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं तैयार कीं। इस दौरान उज्जैन के विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा और एसपी प्रदीप शर्मा भी बच्चों के साथ प्रतिमा बनाने में शामिल हुए। जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी को बच्चों के साथ बैठकर मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाते देख विद्यार्थियों में खास उत्साह नजर आया। बच्चों ने पूरी रुचि के साथ प्रतिमा निर्माण की बारीकियां सीखीं और आकर्षक गणेश प्रतिमाएं तैयार कीं।

इस अभियान का आयोजन लोकमान्य तिलक गणेशोत्सव महाआयोजन समिति की ओर से किया जा रहा है। समिति पिछले 12 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण और शास्त्रोक्त पूजन परंपरा को बढ़ावा देने के लिए अलग अलग गतिविधियां संचालित कर रही है। समिति के सहसंयोजक जगदीश पांचाल ने बताया कि समिति संयोजक विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा के मार्गदर्शन में स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से बच्चों और आम लोगों को मिट्टी के गणेश बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा ने कहा कि मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा पर्यावरण और जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गणेश उत्सव के दौरान प्रतिमा विसर्जन के बाद मिट्टी पानी में आसानी से घुल जाती है। इससे जलस्रोतों में प्रदूषण का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने बच्चों से भी पर्यावरण हितैषी तरीके से त्योहार मनाने की अपील की।

एसपी प्रदीप शर्मा ने भी अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब बच्चे खुद अपने हाथों से गणेश प्रतिमा तैयार करेंगे तो उनमें प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी। कार्यशाला के बाद बच्चे इन्हीं प्रतिमाओं का पूजन करेंगे और विसर्जन के समय भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश लोगों तक पहुंचेगा।

इससे पहले बुधवार को इंदिरा नगर स्थित नूतन कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भी प्रतिमा निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया था। अभियान को आगे शहर के अन्य स्कूलों तक ले जाने की तैयारी है। आयोजकों का कहना है कि बच्चों को शुरुआत से ही पर्यावरण के अनुकूल परंपराओं से जोड़ना जरूरी है ताकि आने वाले समय में त्योहारों के साथ प्रकृति की सुरक्षा का संदेश भी मजबूत हो सके।