राहुल के कार्यक्रम से लेकर बुजुर्ग की पीठ पर पटवारी तक मध्य प्रदेश में दिनभर चर्चा में रहे सियासत और सिस्टम के ये किस्से


भोपाल।  मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों सियासी बयानबाजी के साथ नेताओं और सरकारी अमले से जुड़े कई दिलचस्प मामले भी चर्चा में हैं। इंदौर में राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक रहा। कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा डेढ़ लाख के पार पहुंचने के बाद कांग्रेस ने जमकर जश्न मनाया। शहर में राहुल गांधी का बड़ा कटआउट लगाया गया और आतिशबाजी के साथ ढोल नगाड़े बजाए गए। कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया।

कांग्रेस इस कार्यक्रम को युवाओं से जोड़ने की कोशिश में जुटी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से लेकर पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह तक युवाओं के बीच पहुंचकर संवाद कर रहे हैं। पार्टी की कोशिश है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी हो। हालांकि कार्यक्रम को लेकर अभी अनुमति का पेंच बना हुआ है। यही वजह है कि कार्यक्रम आखिर किस स्थान पर होगा इसे लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है।

इस बीच भाजपा की ओर से राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर तंज भी सामने आया है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी को भाजपा का स्टार प्रचारक बताया। उनका कहना है कि राहुल गांधी जहां भी जाते हैं वहां अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को राजनीतिक फायदा मिलता है। इस बयान के बाद कार्यक्रम को लेकर सियासी चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

उधर आलीराजपुर में मंत्री नागर सिंह चौहान का अलग अंदाज देखने को मिला। स्कूली बच्चों की रैली देखकर उन्होंने अपना काफिला रुकवा दिया। बच्चों से बातचीत की और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। मंत्री ने बच्चों से यह भी पूछा कि वे उन्हें पहचानते हैं या नहीं। हालांकि बताया गया कि बच्चों में कुछ ही मंत्री को पहचान सके। इस पूरे घटनाक्रम को मंत्री की लोकप्रियता के अनौपचारिक टेस्ट के तौर पर देखा गया।

सीधी से सामने आया एक वीडियो सरकारी कर्मचारियों की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है। वायरल वीडियो में पटवारी नीलेश नामदेव एक बुजुर्ग की पीठ पर बैठकर पानी से भरा नाला पार करते नजर आ रहे हैं। बताया गया कि पटवारी गांव में सर्वे के काम से पहुंचे थे। वीडियो करीब एक साल पुराना बताया जा रहा है लेकिन अब सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पटवारी को निलंबित कर दिया है। घटना ने सरकारी अमले के आम लोगों के प्रति व्यवहार को लेकर बहस छेड़ दी है।

इसी बीच सत्ता के गलियारों से जुड़ी एक चर्चा भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि एक आईएएस अधिकारी मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का हवाला देकर बार बार स्टेट हैंगर पहुंच रहे थे। चर्चा है कि मुख्यमंत्री ने अपने ओएसडी से इस पर सवाल किया और कहा कि जरूरत होने पर अधिकारी को खुद बुलाया जाएगा। यह संदेश संबंधित अधिकारी तक पहुंचने की बात कही जा रही है। हालांकि इस तरह की अंदरूनी चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

कुल मिलाकर राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस का उत्साह भाजपा का तंज मंत्रियों के बदले अंदाज और सरकारी अमले से जुड़े विवादों ने मध्य प्रदेश की सियासत और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का माहौल गर्म कर दिया है।