एमपी के 18 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, धार-बड़वानी में रहेगा ज्यादा असर


भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। पश्चिमी हिस्से, खासकर इंदौर और उज्जैन संभाग में मानसूनी सिस्टम का असर ज्यादा रहने वाला है। शनिवार को इंदौर, धार, बड़वानी, रतलाम और भोपाल समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया। मौसम केंद्र (IMD) ने रविवार को 18 जिलों में अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

अगले 24 घंटे में धार और बड़वानी में अति भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं इंदौर, उज्जैन, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, हरदा, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

इसके अलावा भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर-मालवा, शाजापुर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बंगाल की खाड़ी का लो प्रेशर सिस्टम सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार, इस समय बंगाल की खाड़ी की ओर निम्न दाब क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) सक्रिय है। इसके साथ मानसून ट्रफ प्रदेश के दक्षिणी हिस्से से होकर गुजर रही है। दोनों सिस्टम के असर से प्रदेश में अगले दो दिन बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में सिस्टम का प्रभाव ज्यादा रहने के आसार हैं।

पूर्वी हिस्से में बारिश का आंकड़ा सुधरा

प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग की औसत बारिश अब करीब 1% कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में औसत से 2% से 26% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

हालांकि, पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश के आंकड़े में काफी सुधार हुआ है। इस दौरान कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने, जिससे सीजन की बारिश का अंतर कम हुआ। आंकड़ों के लिहाज से पहली बार पूर्वी हिस्सा बेहतर स्थिति में पहुंचा था, हालांकि बुधवार तक यहां बारिश का आंकड़ा फिर करीब 1% कम रहा।

पश्चिमी हिस्से के 22 जिलों में बारिश कम

पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 1% से 55% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

इन 22 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश

IMD के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है।