मराठा आरक्षण की मांग पर जरांगे मुंबई रवाना, पुलिस की अनुमति नहीं; फडणवीस ने गणेशोत्सव में बाधा न डालने की अपील की

नई दिल्ली ।महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे मुंबई के लिए रवाना हो गए हैं। मुंबई पुलिस की ओर से आजाद मैदान में प्रस्तावित आंदोलन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद उन्होंने जालना जिले के अंतरवाली सराटी से मुंबई की ओर कूच किया। जरांगे के 19 सितंबर को मुंबई पहुंचने की संभावना है। उनका यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब राज्य में गणेशोत्सव चल रहा है और मुंबई में बड़ी संख्या में लोग धार्मिक आयोजनों में शामिल हो रहे हैं।

जरांगे पिछले कई दिनों से मराठा आरक्षण की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। मुंबई पहुंचने के लिए उन्हें करीब 400 किलोमीटर का सफर तय करना है। शुरुआती योजना में बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ मुंबई जाने की बात थी, लेकिन पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बाद उन्होंने अपने साथ सीमित संख्या में लोगों को लेकर आगे बढ़ने का फैसला किया। रास्ते में मराठा समुदाय के लोग उनसे जुड़ रहे हैं। उनके काफिले के बीड के पाटोदा, अहिल्यानगर के श्रीगोंदा, पुणे के हडपसर और रायगढ़ के खोपोली से होते हुए मुंबई पहुंचने की योजना है।

आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पुलिस ने अधिकारियों, होमगार्ड और रैपिड सिटी पुलिस की टुकड़ियों समेत 648 जवानों की तैनाती की है। प्रशासन की चिंता मुख्य रूप से इस बात को लेकर है कि जरांगे के साथ रास्ते में बड़ी संख्या में समर्थक जुड़ सकते हैं और उनका मुंबई पहुंचना गणेशोत्सव के दौरान भीड़ तथा यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि गणेशोत्सव के दौरान आम लोगों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आंदोलन के समय को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि त्योहार के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। फडणवीस के अनुसार सरकार ने जरांगे की 13 में से 12 मांगों को स्वीकार कर उन पर कार्रवाई की है, जबकि बची हुई मांग से जुड़ी कानूनी अड़चनें भी उन्हें बताई गई हैं।

दूसरी ओर, जरांगे ने मुंबई जाने के अपने फैसले का बचाव किया है। उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट की सुनवाई का हवाला देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के अधिकार को रोका नहीं जा सकता। हाईकोर्ट ने 11 सितंबर की सुनवाई में भी लोकतंत्र और शांतिपूर्ण आंदोलन के अधिकार को लेकर टिप्पणी की थी।

जरांगे ने सरकार पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं और दावा किया है कि उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश की जा रही है। ये आरोप उनके और सरकार के बीच बढ़ते तनाव के बीच सामने आए हैं। वहीं उनकी पत्नी सुमित्रा ने कहा कि सरकार की ओर से समय पर निर्णय नहीं लिए जाने के कारण उन्हें मुंबई जाने का फैसला करना पड़ा। उन्होंने फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस से भी अपने पति से जरांगे की आरक्षण संबंधी मांग पर बात करने की अपील की।

मराठा आरक्षण को लेकर जरांगे का आंदोलन पहले भी मुंबई तक पहुंच चुका है। अगस्त 2025 में उन्होंने आजाद मैदान में बड़ा आंदोलन किया था, जिसके बाद सरकार द्वारा उनकी कई मांगें स्वीकार किए जाने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ था। अब एक बार फिर मुंबई की ओर उनके कूच से मराठा आरक्षण का मुद्दा राज्य में केंद्र में आ गया है।