काम न मिलने पर घर बैठी थीं परिणीति चोपड़ा, 15 साल के करियर की गलतियों और मुश्किल दौर पर खुलकर बोलीं


नई दिल्ली । परिणीति चोपड़ा बॉलीवुड में अपने 15 साल के सफर के अहम पड़ाव पर पहुंचने वाली हैं। फिल्म ‘लेडीज वर्सेस रिकी बहल’ से अभिनय की शुरुआत करने वाली परिणीति ने इन वर्षों में कई अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं। उनके करियर में सफलता के साथ ऐसे दौर भी आए, जब उन्हें काम नहीं मिला और काफी समय घर पर बैठकर गुजारना पड़ा। अपने इस मुश्किल दौर को याद करते हुए अभिनेत्री ने माना कि करियर में उनसे कई गलतियां हुईं और उन्होंने उन गलतियों से काफी कुछ सीखा।

परिणीति ने बताया कि वह किसी फिल्मी परिवार से नहीं आती थीं, इसलिए करियर की शुरुआत में लिए गए फैसलों का असर भी उन्हें खुद ही झेलना पड़ा। उनके मुताबिक, कभी गलत फिल्मों का चुनाव हुआ, कभी फैशन को लेकर गलतियां हुईं और कभी पब्लिक रिलेशन से जुड़े फैसले भी सही नहीं रहे। उन्होंने कहा कि उनके करियर की ये सभी गलतियां लोगों के सामने हुईं और उन्हें इन्हीं अनुभवों से आगे बढ़ना सीखना पड़ा।

अभिनेत्री के करियर में एक ऐसा समय भी आया, जब उनके पास कोई काम नहीं था। दूसरी ओर, उन्होंने ऐसा दौर भी देखा जब लगातार काम के कारण परिवार के लिए समय निकालना मुश्किल हो गया। उनके अनुसार, करियर में आए इन दोनों तरह के अनुभवों ने उन्हें काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन को समझने में मदद की।

इन दिनों परिणीति वेब सीरीज ‘शक – ट्रस्ट नो वन’ के जरिए ओटीटी पर भी नजर आ रही हैं। इसमें वह एक ऐसी मां की भूमिका निभा रही हैं, जो आठ साल से अपनी लापता बेटी की तलाश कर रही है और उसे अपने ही परिवार के लोगों पर शक है। अभिनेत्री ने बताया कि सस्पेंस और थ्रिलर से जुड़े किरदार निभाना उन्हें काफी पसंद है। कहानी का रहस्य अंत तक बनाए रखना इस प्रोजेक्ट की खास चुनौती थी, क्योंकि शूटिंग पहले ही पूरी हो चुकी थी।

परिणीति ने मदरहुड और कामकाजी महिलाओं को लेकर भी अपनी राय रखी। उनका कहना है कि किसी नई मां को यह बताने का अधिकार दूसरों को नहीं है कि उसे कब काम पर लौटना चाहिए। अगर कोई महिला बच्चे के जन्म के बाद अपनी इच्छा से काम जारी रखना चाहती है, तो उसके फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।

अभिनेत्री ने मां बनने के बाद महिलाओं के शरीर में होने वाले बदलावों और उन पर की जाने वाली टिप्पणियों पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बच्चे को जन्म देना बेहद कठिन अनुभव है और इसके बाद शरीर पर आने वाले बदलावों को लेकर महिलाओं को शर्मिंदा नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने शरीर पर आए स्ट्रेच मार्क्स को भी मां बनने के अनुभव का हिस्सा बताया।

काम और परिवार के संतुलन पर परिणीति ने कहा कि अगर शुरुआत में ही काम की परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट बातचीत हो, तो दोनों चीजों को साथ संभाला जा सकता है। उनका मानना है कि आज की युवा महिलाएं करियर और परिवार दोनों को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाना चाहती हैं। उनके अनुसार, इसके लिए कामकाजी महिलाओं और मेकर्स के बीच समझदारी और सहयोग जरूरी है।