धार्मिक विद्वानों के अनुसार भगवान हनुमान शक्ति साहस निष्ठा और अटूट भक्ति के प्रतीक हैं। मान्यता है कि जो व्यक्ति मंगलवार के दिन श्रीराम नाम का स्मरण करता है और हनुमान जी की सच्चे मन से आराधना करता है उसकी रक्षा स्वयं पवनपुत्र करते हैं। ऐसी आस्था है कि इससे भय शत्रु बाधा और मानसिक तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है।मंगलवार को हनुमान जी को नारंगी या लाल रंग का सिंदूर अर्पित करना विशेष शुभ माना जाता है। कई श्रद्धालु चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को चढ़ाते हैं और दीपक जलाते हैं। इसके साथ ही चमेली के फूल अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन उपायों से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और वातावरण शांत रहता है।
कुछ क्षेत्रों में मंगलवार को हनुमान जी को मीठा पान अर्पित करने की भी परंपरा है। इसमें चूना या तंबाकू नहीं डाला जाता। मान्यता है कि ऐसा करने से भय नकारात्मक विचार और शत्रु दोष कम होते हैं। इसके अलावा मंगलवार को लाल रंग की वस्तुओं का दान-जैसे लाल कपड़ा लाल फूल तांबे के बर्तन या बादाम-को मंगल ग्रह की शांति और मजबूती से जोड़ा जाता है।धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि हनुमान जी श्रीराम के परम भक्त हैं। इसलिए मंगलवार को राम नाम का जप हनुमान चालीसा का पाठ और मंदिर जाकर दर्शन-परिक्रमा करने का विशेष महत्व बताया गया है। कई श्रद्धालु इस दिन मंदिर परिसर में बंदरों को फल या चना खिलाते हैं जिसे सेवा और करुणा का प्रतीक माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार को कुछ बातों से परहेज भी जरूरी माना गया है। इस दिन मांस-मदिरा का सेवन न करने क्रोध से बचने असत्य बोलने और किसी का अपमान न करने की सलाह दी जाती है। कहा जाता है कि संयमित आचरण से पूजा का प्रभाव और फल दोनों बढ़ जाते हैं।
हालांकि धर्म और ज्योतिष विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि ये सभी उपाय आस्था और परंपरा पर आधारित हैं। इन्हें जीवन की समस्याओं का एकमात्र समाधान नहीं माना जाना चाहिए। इसके बावजूद मंगलवार की हनुमान पूजा को लोग मानसिक शांति आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से जोड़कर देखते हैं जो आज के तनावपूर्ण जीवन में एक बड़ा सहारा बनती है।
