पदयात्रा के अंतिम दिन संजय सिंह के नेतृत्व में पदयात्रा 12 बजे सारनाथ से शुरू होकर सारनाथ मंदिर तक चली, जहां लोगों ने फूलों की वर्षा और नारों से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क, खाद और रोजगार जैसे असली मुद्दों को जानबूझकर हाशिये पर धकेला जा रहा है।
संजय सिंह ने मिर्ज़ापुर से वाराणसी तक की यात्रा के दौरान बुलडोजर से घरों के तोड़े जाने, जमीनें छीने जाने और हजारों एकड़ जमीन पर कब्जे की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक आदमी अपनी जिंदगी की कमाई से घर बनाता है और सरकार एक मिनट में उसे उजाड़ देती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वाराणसी में पौराणिक मंदिरों, मूर्तियों और अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तक को नहीं बख्शा गया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल करते हुए पूछा कि हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा करने वाली सरकार 12 साल में 24 करोड़ नौकरियां क्यों नहीं दे सकी।
सामाजिक न्याय पर उन्होंने कहा कि संविधान का सही पालन ही सामाजिक न्याय है, लेकिन आज दलितों, पिछड़ों और वंचितों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति खत्म होगी तो मुद्दों की राजनीति अपने आप मजबूत होगी।
AAP उत्तर प्रदेश ने कहा कि “रोजगार दो–सामाजिक न्याय दो” केवल अभियान नहीं, बल्कि बेरोजगारी, अन्याय और नफरत की राजनीति के खिलाफ जनआंदोलन है, जिसे सड़क से लेकर सदन तक आगे बढ़ाया जाएगा।पदयात्रा का तीसरा चरण 22 जनवरी 2026 को वाराणसी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
