जनकपुरी हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार, खुदाई कार्यों पर सख्ती—CM रेखा गुप्ता ने दिए कड़े निर्देश


नई दिल्ली । जनकपुरी में हुए हादसे के बाद दिल्ली सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना को सुरक्षा व्यवस्था में एक गंभीर चूक बताते हुए साफ शब्दों में कहा है कि जनता की जान से जुड़ी जिम्मेदारियों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि किसी अधिकारी या ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ न सिर्फ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, बल्कि कठोर कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे।

घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि दिल्ली में सड़कों और फुटपाथों पर जहां-जहां खुदाई का कार्य चल रहा है, उसकी विस्तृत रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर सरकार को सौंपी जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजधानी में चल रहे विकास कार्यों के नाम पर नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि निर्माण और खुदाई कार्यों की निगरानी अब पहले से कहीं अधिक सख्ती से की जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद मुख्य सचिव ने एक आधिकारिक आदेश जारी किया है, जो लोक निर्माण विभाग दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम और सभी बिजली वितरण कंपनियों सहित हर संबंधित एजेंसी पर लागू होगा। इस आदेश के तहत दिल्ली में चल रहे सभी खुदाई कार्यों के लिए नए और कड़े सुरक्षा मानक अनिवार्य कर दिए गए हैं।

अब हर खुदाई स्थल पर बड़े, स्पष्ट और पढ़ने योग्य चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, ताकि राहगीरों को पहले से खतरे की जानकारी मिल सके। रात के समय सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत रिफ्लेक्टर लाइट, ब्लिंकर और चमकीली टेप का उपयोग जरूरी किया गया है, जिससे अंधेरे में भी खुदाई स्थल साफ नजर आए। इसके अलावा खुदाई वाली जगह को चारों तरफ से ऊंची और मजबूत बैरिकेडिंग से सुरक्षित करना होगा।

सरकार ने मलबा प्रबंधन और धूल नियंत्रण को भी सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। सड़क पर मिट्टी या निर्माण सामग्री बिखरी नहीं होनी चाहिए और प्रदूषण को रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएंगे। पैदल यात्रियों और वाहनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता सुनिश्चित करना भी अब अनिवार्य होगा। साथ ही संबंधित इंजीनियरों को रोजाना साइट का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच करनी होगी और ट्रैफिक बाधित न हो, इसके लिए उचित डायवर्जन और प्रबंधन करना होगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दिल्ली सरकार एक सख्त निगरानी तंत्र विकसित कर रही है। उन्होंने दोहराया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राजधानी में चल रहे सभी निर्माण और खुदाई प्रोजेक्ट्स का सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया गया है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि ऑडिट के दौरान पाई जाने वाली किसी भी खामी पर तत्काल और सख्त कदम उठाए जाएंगे।