तमिलनाडु में चुनाव से पहले बड़ा सियासी ऐलान, शशिकला बनाएंगी नई द्रविड़ पार्टी

चेन्नई। वी.के. शशिकला ने तमिलनाडु की राजनीति में नई हलचल पैदा करते हुए नई द्रविड़ पार्टी बनाने की घोषणा की है। यह ऐलान पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की जयंती के मौके पर किया गया, जिससे राज्य में चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

जयललिता की विरासत के नाम पर नई शुरुआत

शशिकला ने पार्टी का झंडा भी जारी किया, जिसमें द्रविड़ आंदोलन के प्रमुख नेताओं—सी. एन. अन्नादुरै, एम. जी. रामचंद्रन और जयललिता—की तस्वीरें शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी का नाम जल्द घोषित किया जाएगा और यह फैसला अंतिम है।

9 साल की चुप्पी तोड़ने का दावा

शशिकला ने कहा कि पिछले नौ वर्षों तक सार्वजनिक रूप से सक्रिय न रहना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन अब जनता और कार्यकर्ताओं के हित में नई राजनीतिक शुरुआत जरूरी हो गई है। उन्होंने दावा किया कि नई पार्टी द्रविड़ विचारधारा को “मूल स्वरूप” में आगे बढ़ाएगी।

AIADMK नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप

उन्होंने AIADMK के मौजूदा नेतृत्व, खासकर महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी पर तीखे आरोप लगाए। शशिकला ने कहा कि उन्होंने ही पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया, लेकिन बाद में उन्हें ही पार्टी से बाहर कर दिया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जेल में रहते समय उनकी पैरोल अवधि सीमित करने जैसे कदम उठाए गए।

2016 की घटनाओं का किया जिक्र

शशिकला ने कहा कि 2016 में जयललिता के निधन के बाद कई विधायक उन्हें मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने परंपरा और स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए ओ. पन्नीरसेल्वम को पद पर बने रहने दिया।

उन्होंने दावा किया कि उस दौर में सरकार को गिरने से बचाने के लिए भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चुनाव से पहले बदलेगा सियासी गणित?

यह घोषणा 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले आई है, जब राज्य में राजनीतिक मुकाबला पहले से ही तेज है।
वर्तमान में DMK की सरकार, जिसका नेतृत्व एम. के. स्टालिन कर रहे हैं, “द्रविड़ मॉडल” को आगे बढ़ा रही है। वहीं AIADMK अन्य दलों के साथ नए समीकरण बनाने की कोशिश में है।
राजनीतिक मैदान में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम भी सक्रिय हो चुकी है।

जनता से किए ये वादे

शशिकला ने कहा कि उनकी नई पार्टी गरीबों, महिलाओं और आम लोगों के कल्याण, रोजगार सृजन और सामाजिक समानता पर फोकस करेगी। उन्होंने इसे “द्रविड़ आंदोलन की मूल भावना को पुनर्जीवित करने का प्रयास” बताया।

संकेत साफ: चुनाव से पहले शशिकला की वापसी तमिलनाडु में एंटी-DMK वोटों के बंटवारे या नए ध्रुवीकरण की संभावना बढ़ा सकती है, जिससे आगामी चुनाव दिलचस्प होने की उम्मीद है।