ऑपरेशन ‘सिंदूर 2.0’ पर सख्त संदेश: जमीन, समुद्र और हवा-हर मोर्चे पर जवाब को तैयार सेना

नई दिल्ली। भारत ने सीमा पार से किसी भी उकसावे की स्थिति में पहले से अधिक कठोर प्रतिक्रिया देने के संकेत दिए हैं। भारतीय सेना की पश्चिमी कमान ने स्पष्ट किया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के तहत सैन्य तैयारियों को व्यापक रूप से मजबूत किया गया है और भविष्य की कार्रवाई बहु-आयामी हो सकती है।

यह बयान पठानकोट में आयोजित एक ऑपरेशनल क्षमता प्रदर्शन के दौरान सामने आया, जहां वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने सेना की तैयारी और रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया।

2 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग राजेश पुष्कर ने कहा कि पिछले वर्ष चलाया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ केवल भारतीय सैन्य क्षमता का सीमित उदाहरण था। उनका कहना था कि चार दिनों के भीतर ही पाकिस्तान को संघर्षविराम की अपील करनी पड़ी थी, जबकि मौजूदा चरण में कहीं अधिक बड़े स्तर की तैयारी की गई है।

किसी भी मोर्चे पर जवाब की तैयारी

अधिकारियों ने संकेत दिया कि भविष्य की सैन्य प्रतिक्रिया परिस्थितियों पर निर्भर करेगी, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई जमीन, समुद्र या हवा—तीनों क्षेत्रों में एक साथ की जा सकती है।

सेना का उद्देश्य अब केवल जवाब देना नहीं, बल्कि प्रतिरोध क्षमता को निर्णायक स्तर तक ले जाना है।

“न्यूक्लियर ब्लफ” पर भी सख्त रुख

पश्चिमी कमान के प्रमुख मनोज कुमार कटियार ने पाकिस्तान की ओर से बार-बार दिए जाने वाले परमाणु संकेतों को “न्यूक्लियर ब्लफ” करार देते हुए कहा कि भारत अब ऐसे दबावों में आने वाला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहबाज शरीफ भारत को कड़ी कार्रवाई से रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारतीय सेना हर परिस्थिति के लिए तैयार है।

पिछले साल हमले के बाद शुरू हुआ था ऑपरेशन

जानकारी के अनुसार, मई 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी, के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सटीक सैन्य कार्रवाई की गई थी।

रणनीति अब और आक्रामक

सेना के ताजा संकेतों से स्पष्ट है कि भारत ने अपनी सैन्य रणनीति, समन्वित युद्धक क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को पहले से अधिक सशक्त बनाया है। किसी भी संभावित उकसावे की स्थिति में इस बार जवाब अधिक तीव्र, व्यापक और बहु-क्षेत्रीय हो सकता है।