आपको बता दें जापान की संसद भवन की इमारत करीब 90 साल पुरानी है। इसका निर्माण 1936 में किया गया था। उस वक्त महिलाओं को मतदान का अधिकार नहीं था। इस वजह से वहां पर महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है।
जापानी मीडिया के मुताबिक कोमियामा ने कहा, “यदि प्रशासन सच में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए गंभीर है तो मुझे उम्मीद है कि इस मामले पर हम उनकी समझ और सहयोग की उम्मीद कर सकते हैं।” जापानी न्यूज आउटलेट आसाही शिंबुन के मुताबिक जापान की निचले सदन के अध्यक्ष ने अधिक महिला शौचालयों के प्रस्ताव पर विचार करने का वादा किया है।
गौरतलब है कि जापान में महिलाओं के अधिकारों को लेकर लड़ाई लंबी है। कार्य स्थल पर बराबरी हासिल करने के लिए महिलाओं को एक लंबे संघर्ष का सामना करना पड़ा है। जापानी सरकार ने वर्ष 2020 में समाज के सभी क्षेत्रों में 30 फीसदी नेतृत्व के पदों पर महिलाओं को नियुक्त करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अंदरूनी विरोध के चलते इसे चुपचाप एक दशक के लिए आगे बढ़ा दिया गया था।
