पीएम मोदी ने मंदिर में लगभग 30 मिनट तक पूजा-अर्चना की। उन्होंने शिवलिंग पर जल चढ़ाया, पंचामृत से अभिषेक किया और फूल अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने कहा कि 1026 में पहले आक्रमण के बाद गजनवी ने सोमनाथ का वजूद मिटाने की कोशिश की थी, लेकिन मंदिर फिर से पुनर्निर्मित हुआ।
पीएम ने कहा कि आज जब सोमनाथ मंदिर के आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ और इसके पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे हो रहे हैं, तो यह हमें हमारे गौरवशाली इतिहास और आस्था की शक्ति की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि यहां 72 घंटे तक अनवरत ओमकार और मंत्रोच्चार चलता रहा और इस हजार साल की गाथा को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। यह केवल समय और अनुभव ही संकलित कर सकता है।
सद्भावना ग्राउंड में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह अद्भुत समय और वातावरण है। समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की गूंज और भक्तों की उपस्थिति इस दिव्य उत्सव को और भव्य बना रही है। मोदी ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सेवा का अवसर मिला।
पीएम मोदी ने कहा कि जिस देश के पास अपनी विरासत होती है, वह उस पर गर्व करता है। लेकिन स्वतंत्रता के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने उस विरासत को भूलने की कोशिश की। सोमनाथ मंदिर ने यह साबित कर दिया कि आस्था, साहस और विश्वास किसी भी आघात के सामने टिक सकते हैं।
सोमनाथ में पूजा-अर्चना और रैली के बाद पीएम मोदी ने रोड शो भी किया और लोगों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने एकजुटता, स्वाभिमान और देशभक्ति का संदेश दोहराया।
