दिल्ली विधानसभा विवाद मामले में AAP का जवाब, आतिशी के वॉइस सैंपल की नहीं जरूरत, बस कान चाहिए!


नई दिल्ली।  दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष और AAP की नेता आतिशी को लेकर जारी विवाद अब सियासी घमासान का रूप ले चुका है। भाजपा नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सवाल उठाया कि जब आतिशी का वॉइस सैंपल लिया ही नहीं गया, तो वीडियो की फॉरेंसिक जांच कैसे संभव हुई। सिरसा का आरोप है कि आतिशी ने गुरुओं का अपमान किया, लेकिन पंजाब पुलिस मामले में उनके झूठ को छुपाने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में उनके एक अधिकारी की ऑडियो जांच इस आधार पर रोकी गई थी कि वॉइस सैंपल नहीं मिला, जबकि पंजाब पुलिस बिना वॉइस सैंपल के ही जांच कर रही है।

इस पर AAP ने शुक्रवार को जवाब दिया। पार्टी के संयोजक और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट कहा कि वीडियो में विवादित गुरु शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ, इसलिए किसी वॉइस सैंपल की जरूरत ही नहीं थी। उन्होंने कहा, “सिरसा जी कह रहे थे कि आतिशी का वॉइस सैंपल लिया नहीं गया, लेकिन इसमें वॉइस सैंपल की क्या जरूरत? किसी के वॉइस में गुरु शब्द ही नहीं आ रहा है। इसके लिए सिर्फ कान चाहिए। अगर सिरसा जी ध्यान से सुनेंगे, तो उन्हें भी सुनाई दे जाएगा।

सौरभ भारद्वाज ने प्रिवलेज कमिटी के लेटर के मीडिया तक लीक होने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि यह लीक उनके दफ्तर से हुआ है, तो कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मीडिया के लिए किया जा रहा है, न कि प्रिवलेज कमिटी के लिए।

विश्लेषकों का कहना है कि इस मामले में सियासी टकराव और बढ़ गया है। BJP और AAP दोनों ने अपने-अपने पक्ष में बयान जारी किए हैं। सिरसा का आरोप है कि AAP अपने झूठ और विवाद को छुपाने के लिए फॉरेंसिक जांच का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है, जबकि AAP का जवाब है कि जांच साफ-सुथरी और कानूनी तौर पर वैध है, क्योंकि वीडियो में विवादित शब्द मौजूद ही नहीं है।

इस विवाद ने दिल्ली विधानसभा में राजनीतिक माहौल को और गरम कर दिया है। जनता और विपक्ष दोनों ही इस मुद्दे पर निगाह बनाए हुए हैं, और सियासी घमासान अब और तेज होने की संभावना है।