अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया मोड…. CBI ने 'वीआईपी' पर दर्ज किया केस


देहरादून।
उत्तराखंड (Uttarakhand) के बहुचर्चित अंकिता भंडारी (Ankita Bhandari) हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) (Central Bureau of Investigation – CBI) ने कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका की जांच के लिए दिल्ली स्थित अपनी एससी-2 यूनिट में मामला दर्ज किया है। यह मुकदमा अज्ञात ‘वीआईपी’ पर दर्ज किया गया है, और अब सीबीआई इस हत्याकांड से जुड़ी सभी पुरानी जानकारियों की छानबीन करेगी।

अंकिता भंडारी के माता-पिता ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी। अंकिता के पिता ने साफ तौर पर कहा था कि उनकी बेटी की हत्या एक ‘वीआईपी’ की वजह से हुई, जिसकी पहचान अब तक नहीं हो पाई है। उनके आग्रह पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी। इसके बाद सीबीआई ने पुलिस से इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली और अब एक विशेष टीम देहरादून पहुंच चुकी है।


सीबीआई का टेकओवर: अब पुलिस से जांच ली अपने हाथ में

सीबीआई की विशेष टीम ने राज्य पुलिस से केस से जुड़े सभी दस्तावेज और साक्ष्य अपने कब्जे में ले लिए हैं। सीबीआई का मुख्य ध्यान इस समय पुलिस द्वारा की गई जांच और उससे जुड़े तथ्यों, विशेष रूप से कथित ‘वीआईपी’ की पहचान और भूमिका की जांच पर केंद्रित होगा।


हत्याकांड की टाइमलाइन

यह मामला 18 सितंबर 2022 को शुरू हुआ, जब ऋषिकेश स्थित वंतारा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम कर रही अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई। लगभग एक सप्ताह बाद, 24 सितंबर 2022 को अंकिता का शव चीला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में रिज़ॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।


वायरल वीडियो और ऑडियो के बाद मामला फिर सुर्खियों में

इस मामले ने उस समय और अधिक तूल पकड़ा, जब सोशल मीडिया पर कुछ कथित ऑडियो और वीडियो क्लिप वायरल हो गए। इनमें ज्वालापुर से एक पूर्व भाजपा विधायक की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने एक ‘वीआईपी’ की संलिप्तता का उल्लेख किया था। इसके बाद राज्यभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए, और सीबीआई जांच की मांग जोर पकड़ने लगी। वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी 2026 को इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। अब सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने कथित ‘वीआईपी’ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, और जांच तेज कर दी है।

अंकिता के माता-पिता इस वक्त सीबीआई से यह उम्मीद लगाए हुए हैं कि जांच में सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी। परिवार का मानना है कि अब जब सीबीआई ने मामले को अपने हाथ में लिया है, तो इस केस में नई दिशा में जांच हो सकती है और तथ्यों की गहराई से छानबीन की जा सकती है। यह जांच इस हत्याकांड के बाकी रहस्यों को उजागर करने और न्याय की उम्मीदों को पंख देने का एक बड़ा कदम हो सकता है।