अरबपतियों की दुनिया में महा-उलटफेर: मार्क जुकरबर्ग ने बेजोस को पछाड़ा, टॉप-20 से फिसले गौतम अडानी!


नई दिल्ली।दुनिया के सबसे अमीर शख्सियतों की संपत्ति और उनकी रैंकिंग के लिए मशहूर ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स की ताजा रिपोर्ट ने वैश्विक बाजार में हलचल पैदा कर दी है। सोमवार को आए आंकड़ों के अनुसार वैश्विक अमीरों की सूची में जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली है जिसका सीधा असर अमेरिकी टेक दिग्गजों से लेकर भारतीय उद्योगपतियों तक पड़ा है। इस फेरबदल की सबसे बड़ी सुर्खी मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग रहे जिनकी संपत्ति में एक ही दिन में 5.58 अरब डॉलर का भारी इजाफा दर्ज किया गया। इस उछाल के साथ जुकरबर्ग अब 239 अरब डॉलर की कुल नेटवर्थ के साथ दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। उन्होंने अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस को पीछे छोड़ दिया है जिन्हें इस दौरान 822 मिलियन डॉलर का घाटा सहना पड़ा और वे अब पांचवें पायदान पर खिसक गए हैं।

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के सिंहासन पर अब भी टेस्ला और एक्स (X) के मालिक एलन मस्क मजबूती से काबिज हैं। मस्क की दौलत में 4.35 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है जिससे उनकी कुल संपत्ति अब 676 अरब डॉलर के पार पहुंच गई है। उनके ठीक बाद गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज 278 अरब डॉलर के साथ दूसरे और सर्गी ब्रिन तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। हालांकि संपत्ति में सबसे बड़ी छलांग ओरेकल के लैरी एलिसन ने लगाई जिनकी दौलत में 14.5 अरब डॉलर का अविश्वसनीय इजाफा हुआ लेकिन रैंकिंग के गणित के कारण वे फिलहाल छठे स्थान पर ही बने हुए हैं। टेक सेक्टर के अन्य दिग्गजों की बात करें तो एनवीडिया के सीईओ जेनसेन हुआंग की किस्मत भी चमकी है और वे अब 157 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया के आठवें सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं।

भारतीय संदर्भ में देखें तो यह रिपोर्ट गौतम अडानी के लिए किसी झटके से कम नहीं है। अडानी ग्रुप के चेयरमैन की संपत्ति में हालांकि 370 मिलियन डॉलर की मामूली वृद्धि हुई लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा और अन्य अरबपतियों की तेज रफ्तार के कारण वे टॉप-20 की प्रतिष्ठित सूची से बाहर हो गए हैं। अब 86 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ अडानी 21वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इसके उलट रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के लिए सोमवार का दिन राहत लेकर आया। अंबानी की संपत्ति में 595 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई जिससे उनकी कुल नेटवर्थ अब 99 अरब डॉलर हो गई है और वे रैंकिंग में सुधार करते हुए 18वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

यह ताजा बदलाव स्पष्ट करता है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार की अस्थिरता किस तरह पलक झपकते ही अरबपतियों की किस्मत पलट देती है। जहां एक ओर अमेरिकी टेक कंपनियां एआई (AI) और डिजिटल विज्ञापनों के बूते अपनी तिजोरियां भर रही हैं वहीं भारतीय बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव ने घरेलू दिग्गजों की रैंकिंग को प्रभावित किया है। वॉल्टन परिवार जैसे दिग्गजों को भी इस बार नुकसान उठाना पड़ा है फिर भी वे टॉप-10 में अपनी जगह बचाने में सफल रहे। ब्लूमबर्ग की यह सूची दर्शाती है कि आने वाले समय में तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र के बीच की यह जंग और भी दिलचस्प होने वाली है।