नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को लगातार तीन सत्रों की गिरावट के बाद जोरदार रिकवरी दिखाई और हरे निशान में बंद होकर निवेशकों का मनोबल बढ़ाया। शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बैंकों, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर की मजबूत पकड़ ने बाजार को मजबूती प्रदान की। बीएसई सेंसेक्स अंततः 939 अंक या 1.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,502.85 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी50 ने 1.11 प्रतिशत या 257.70 अंक की तेजी के साथ 23,408.80 पर बंद किया।
सत्र के दौरान सेंसेक्स ने दिन के उच्चतम स्तर 75,805.27 को छूते हुए 1,241 अंक या 1.66 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। वहीं निफ्टी50 अपने उच्चतम स्तर 23,502 तक पहुंच गया, जिसमें 351 अंक या 1.5 प्रतिशत की बढ़त शामिल थी। हालांकि, व्यापक बाजारों में मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक कमजोर रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.43 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.65 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
सेक्टरवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी ऑटो में सबसे अधिक 1.67 प्रतिशत की तेजी रही। निफ्टी एफएमसीजी 1.14 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 1.50 प्रतिशत और निफ्टी बैंक 1.22 प्रतिशत की मजबूती के साथ हरे निशान में बंद हुए। इसके विपरीत निफ्टी रियल्टी 1.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ कमजोर प्रदर्शन करता नजर आया। वहीं निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1.58 प्रतिशत की बढ़त तो निफ्टी आईटी में मामूली 0.10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
निफ्टी50 में कुछ प्रमुख शेयरों में गिरावट देखी गई। बीईएल, मैक्स हेल्थकेयर, विप्रो, कोल इंडिया, ओएनजीसी, डॉ. रेड्डीज, सन फार्मा, श्रीराम फाइनेंस, सिप्ला और पावर ग्रिड के शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इटरनल, ट्रेंट, एचडीएफसी, बजाज फाइनेंस, जेएसडब्ल्यू और बजाज-ऑटो के शेयरों में 2.1 से 4.4 प्रतिशत तक की सबसे अधिक तेजी देखने को मिली।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार मजबूती देखी गई और यह 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही। यह बढ़ोतरी मध्य पूर्व में आपूर्ति संबंधी जोखिमों के चलते हुई, खासकर फुजैराह में तीसरे दिन हुए हमले के बाद। फुजैराह संयुक्त अरब अमीरात का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह है और यह होर्मुज जलडमरूमध्य के बिल्कुल बाहर स्थित है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को बाजार में इस तरह की उतार-चढ़ाव वाली स्थितियों में धैर्य रखना चाहिए, क्योंकि मजबूत सेक्टरों की पकड़ बाजार को स्थिर करने में मदद करती है। बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी क्षेत्रों में सुधार और तेजी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं और आने वाले कारोबारी सत्रों में इसी तरह की रिकवरी की उम्मीद जताई जा रही है।
