टीकमगढ़ नगर पालिका ने सोमवार को अतिक्रमण हटाने के अभियान में कई छोटी दुकानें और हाथठेले जेसीबी से हटा दिए थे। उमा भारती ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की थी और इसे गरीब दुकानदारों के लिए अन्यायपूर्ण बताया था। मंगलवार सुबह वे अपने बंगले से निकलकर हाथठेले पर पहुंचीं और दुकानदारों का समर्थन किया। उन्होंने ठेले वालों से कहा कि वे दोबारा सड़क किनारे दुकान लगाएं।
उमा भारती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नगर पालिका एवं विधानसभा भाजपा के नियंत्रण में नहीं हैं अन्यथा यह अन्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों की दुकानों को तोड़ने से पहले नगर प्रशासन को नियमों का पालन करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कल जहां से गरीबों के ठेले या तो तोड़ दिए गए या हटा दिए गए उनके आसपास चारों तरफ साधन सुविधा संपन्न लोगों के घर एवं रेस्टोरेंट अतिक्रमण के नियमों का उल्लंघन कर नगरीय प्रशासन को उसकी हैसियत बताते हुए अभी भी चुनौतीपूर्ण मुद्रा में मौजूद हैं।
उन्होंने बताया कि नगर प्रशासन ने शाम को अचानक जेसीबी से गरीब दुकानों को तोड़ दिया। उनकी जानकारी मिलते ही वे मौके पर पहुंचीं लेकिन तब तक कई दुकानें तहस-नहस हो चुकी थीं। उन्होंने पार्षद दल की बैठक में तय योजना का उल्लंघन बताया जिसमें पहले चिन्हित स्थानों पर सुविधाओं का निर्माण और चेतावनी के बाद दुकानों को शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि मैंने इसकी जानकारी हमारे प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को भेज दी है।
उमा भारती ने कहा कि उन्होंने दुकानदारों से वचन लिया है कि वे गंदगी नहीं फैलाएंगे और प्रशासन प्रयास करेगा कि उन्हें बेहतर स्थान पर शिफ्ट किया जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्षद दल और स्थानीय प्रशासन जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकालेंगे।
