संस्कृत में पवन का अर्थ है वायु और मुक्त का अर्थ है छोड़ना। इस आसन का उद्देश्य शरीर में फंसी हानिकारक गैस और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना है। जब आप घुटनों को धीरे-धीरे छाती की ओर दबाते हैं, तो यह पेट के अंगों पर हल्का दबाव डालता है जिससे पाचन अग्नि तेज होती है और भोजन का अवशोषण बेहतर होता है।
पवनमुक्तासन के लाभ
वेट लॉस में मदद – पेट, जांघों और कमर के आसपास की जिद्दी चर्बी कम करने में सहायक।
पेल्विक और प्रजनन अंगों के लिए लाभकारी – महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता कम करने में मदद करता है।
पीठ और रीढ़ की हड्डी के लिए लाभकारी – लंबे समय तक बैठने वाले लोगों के लिए रीढ़ की लचीलापन बढ़ाता है और निचले हिस्से के दर्द को कम करता है।
कैसे करें पवनमुक्तासन
गहरी सांस लेते हुए दाएं घुटने को मोड़कर छाती के पास लाएं।
हाथों की उंगलियों को जोड़कर घुटने को पकड़ें।
सांस छोड़ते हुए सिर उठाकर नाक को घुटने से छूने की कोशिश करें।
इसी प्रक्रिया को बाएं पैर और फिर दोनों पैरों के साथ दोहराएं।
इसे सुबह खाली पेट करना सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है।
सावधानियाँ
गर्भवती महिलाएं इसे न करें।
केवल 5 मिनट का यह योगासन रोजाना करने से न केवल पाचन सुधारता है बल्कि पेट, कमर और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाकर महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करता है।
