एक की लाश मिली, दो ने की आत्महत्या? परिवार ने जांच पर उठाए गंभीर आरोप


ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बेहद हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां एक ही परिवार ने 8 महीनों के भीतर अपने तीन जवान बेटों को खो दिया। एक की संदिग्ध हालात में मौत हुई, जबकि दो बेटों ने अलग-अलग समय पर फांसी लगाकर जान दे दी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

 पहली घटना: छोटे बेटे की संदिग्ध मौत

परिवार के सबसे छोटे बेटे धर्मेंद्र (25) 29 जुलाई 2025 को फोन पर बात करते हुए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। 1 अगस्त को लक्ष्मीगंज क्षेत्र में उनका शव मिला।

परिवार के मुताबिक, उनके शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं थे और घटना स्थल पर कोई स्पष्ट वजह भी सामने नहीं आई। आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में न तो ठीक से जांच की और न ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।

 दूसरी घटना: बड़े बेटे ने लगाई फांसी

करीब 7 महीने बाद 19 मार्च 2026 को बड़े बेटे अमर सिंह (38) ने रायरू स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त उनकी पत्नी और बच्चा घर पर नहीं थे। परिवार का कहना है कि आत्महत्या के पीछे का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है।

तीसरी घटना: मंझले बेटे ने भी दी जान

त्रासदी यहीं नहीं रुकी। 12 अप्रैल 2026 को मंझले बेटे नीरज धानुक (27) ने भी घर में फांसी लगा ली। बताया जा रहा है कि वह बाजार से लौटकर खाना खाकर कमरे में गया और कुछ देर बाद छत पर फंदे से लटका मिला। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पिता का आरोप: पुलिस ने नहीं की सही जांच

पीड़ित पिता मोहन धानुक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले बेटे धर्मेंद्र की मौत की न तो सही जांच हुई, न सीसीटीवी देखे गए और न ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट दी गई।

उनका आरोप है कि अगर समय रहते सच्चाई सामने आती, तो शायद आगे की घटनाओं को रोका जा सकता था।

आर्थिक संकट और मानसिक आघात

तीनों बेटों की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है। घर में अब बुजुर्ग माता-पिता और एक बेटा ही बचा है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर हो गई है, क्योंकि कमाने वाले सदस्य नहीं रहे। पिता ने सरकार से आर्थिक सहायता और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 पुलिस का बयान

पड़ाव थाना पुलिस का कहना है कि दोनों आत्महत्या के मामलों में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।