आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, महिला आरक्षण पर कर सकते हैं बात


नई दिल्ली ।  हालांकि उनके संबोधन का विषय अभी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया गया है लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि वे महिला आरक्षण और संसद में हालिया घटनाक्रम पर अपनी बात रख सकते हैं। दरअसल सरकार लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक लेकर आई थी जो पारित नहीं हो सका। इसी पृष्ठभूमि में माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा सकते हैं।

कैबिनेट बैठक में विपक्ष पर निशाना

आज हुई कैबिनेट बैठक में भी इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर ‘दोषी’ होने और महिलाओं के लिए आरक्षण बिल का समर्थन न करके महिलाओं के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। पीएम मोदी ने विपक्ष के इस रवैये को एक गलती बताया और चेतावनी दी है कि भविष्य में उन्हें इसकी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह मैसेज देश के हर गांव तक पहुंचाया जाना चाहिए कि विपक्ष महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच रखता है.

पिछले दशकों में क्यों नहीं मिला आरक्षण?

विपक्षी दलों पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि वे वास्तव में महिलाओं के पक्ष में थे तो पिछले कई दशकों में उन्होंने आरक्षण लागू क्यों नहीं किया। उन्होंने इसे विपक्ष की नीयत पर सवाल खड़ा करने वाला मुद्दा बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने संकेत दिए कि महिला आरक्षण का विरोध करने का राजनीतिक परिणाम विपक्ष को भुगतना पड़ सकता है। उनके अनुसार जनता इस मुद्दे को गंभीरता से देख रही है और इसका असर चुनावी माहौल पर पड़ना तय है।

गांव-गांव तक पहुंचाने का निर्देश

उन्होंने पार्टी नेताओं को निर्देश दिया कि इस मुद्दे को देश के हर गांव तक पहुंचाया जाए। साथ ही कहा कि जनता के बीच जाकर यह बताया जाए कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर सरकार और विपक्ष की सोच में क्या अंतर है।