वर्ष 2026 में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी यह शुभ तिथि 19 अप्रैल सुबह 10 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 20 अप्रैल सुबह 7 बजकर 28 मिनट तक रहेगी इस दौरान कई महत्वपूर्ण शुभ योग भी बन रहे हैं जिनमें सर्वार्थ सिद्धि योग अमृत सिद्धि योग और गज केसरी योग शामिल हैं साथ ही रोहिणी नक्षत्र का संयोग इस दिन को और अधिक फलदायी बना रहा है
हालांकि इस दिन को बेहद शुभ माना जाता है लेकिन ज्योतिष और लोक मान्यताओं के अनुसार कुछ वस्तुओं की खरीदारी से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है माना जाता है कि गलत चीजें खरीदने से घर में अशांति आर्थिक बाधाएं या मानसिक तनाव बढ़ सकता है
विशेषज्ञों के अनुसार इस दिन लोहे और स्टील से बनी वस्तुएं जैसे बर्तन या मशीनरी घर लाना शुभ नहीं माना जाता क्योंकि इसे नकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है इसी तरह प्लास्टिक की वस्तुएं भी अशुभ मानी जाती हैं जो घर की समृद्धि पर असर डाल सकती हैं
इसके अलावा काले रंग की वस्तुओं को भी इस दिन न खरीदने की सलाह दी जाती है क्योंकि काला रंग शनि और नकारात्मक ऊर्जा से संबंधित माना जाता है धारदार या नुकीली चीजें जैसे चाकू कैंची या सुई आदि भी इस दिन घर लाना शुभ नहीं माना जाता क्योंकि यह तनाव और विवाद का कारण बन सकता है
कांच से बनी वस्तुओं को भी राहु ग्रह से जोड़कर देखा जाता है इसलिए इन्हें भी इस दिन खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है साथ ही इस दिन किसी को उधार देना या लेना भी अशुभ माना जाता है क्योंकि इससे आर्थिक अस्थिरता बढ़ सकती है
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दिन पैसों से जुड़े निर्णय भी सोच समझकर लेने चाहिए और अनावश्यक खर्च या उधारी से बचना चाहिए ताकि सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि बनी रहे कुल मिलाकर अक्षय तृतीया का दिन जितना शुभ माना जाता है उतना ही जरूरी है कि इस दिन सही और गलत खरीदारी के बारे में जागरूक रहा जाए ताकि इस पर्व का पूरा लाभ प्राप्त किया जा सके
