पीएम के जाने के बाद मीडिया ने उसे घेर लिया. विक्रम ने बताया कि पीएम जब आए थे तब क्या-क्या बातचीत हुई. झालमुड़ी वाले ने बताया कि पीएम ने कहा झालमुड़ी बनाओ. मैं पैसे नहीं मांग रहा था, लेकिन वह बोले कि नहीं-नहीं कितना हुआ? फिर पैसा हम रख लिए. मेरी मम्मी और पापा का नाम पूछे. पूछे कि कहां के रहने वाले हैं. मैंने कहा कि मैं बिहार का हूं. बोले- बिहार में कहां? मैंने बताया कि गया का हूं. मैंने बताया कि गरीबी के कारण 9वीं तक ही पढ़ पाया. पीएम ने पूछा कि कितने का रोजगार कर लेते हो. दुकानदार विक्रम साव ने बताया हजार-1200 रुपये का.
झालमुड़ी वाले को मलाल किस बात का है?
हां, विक्रम ने बताया कि पीएम ने कुछ भी राजनीतिक बातचीत नहीं की.
आगे आप वीडियो में देखिए कि पीएम कैसे झालमुड़ी की दुकान पर आते हैं, ऑर्डर करते हैं, प्याज के लिए दुकानदार पूछता है, पीएम 10 रुपये देते हैं और बाद में दुकानदार की तारीफ करने के साथ ही महिलाओं के साथ झालमुड़ी बांटकर खाते हैं.
विक्रम के पिता का नाम उत्तम और माता का नाम सुनीता देवी है. उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री मेरी दुकान में आए, मसाला-मुड़ी खाए, यही बड़ी बात है.
