बीजिंग। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच China ने पहली बार खुलकर Strait of Hormuz को लेकर अपना रुख सामने रखा है। चीन ने इसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग बताते हुए साफ किया कि यहां जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रहनी चाहिए।
चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman से फोन पर बातचीत में कहा कि होर्मुज को फिर से सामान्य नौवहन के लिए खोला जाना जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि यह कदम न केवल क्षेत्रीय देशों बल्कि पूरी दुनिया के साझा हितों से जुड़ा हुआ है।
गौरतलब है कि Iran द्वारा होर्मुज बंद करने और United States की ओर से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी के बाद यह चीन का पहला आधिकारिक बयान है। इस टकराव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर डाला है, खासकर एशियाई देशों के लिए स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
चीन, जो ईरानी तेल का बड़ा आयातक है, लंबे समय तक चलने वाले इस संघर्ष से चिंतित है। शी जिनपिंग ने कहा कि चीन क्षेत्र में शांति, विकास और सहयोग पर आधारित व्यवस्था का समर्थन करता है, ताकि स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इस बयान की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि चीन ने 2023 में Saudi Arabia और ईरान के बीच रिश्तों को बहाल कराने में अहम भूमिका निभाई थी, जिसे पश्चिम एशिया में बड़ी कूटनीतिक सफलता माना गया था।
इसी बीच चीनी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय के प्रवक्ता Guo Jiakun ने एक चीनी-सम्बद्ध मालवाहक जहाज को अमेरिकी नौसेना द्वारा रोके जाने और उस पर गोलीबारी की घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्षों को जिम्मेदारी दिखानी चाहिए और हालात को और बिगड़ने से बचाना चाहिए।
भारतीय झंडे वाले जहाजों पर कथित हमलों को लेकर पूछे गए सवाल पर भी चीन ने दोहराया कि होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय मार्ग है और इसे सुरक्षित तथा खुला रखना सभी देशों के हित में है।
चीन ने साफ संकेत दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर क्षेत्र में तनाव कम करने और स्थिरता बहाल करने की दिशा में काम करने को तैयार है।
