हॉर्मुज स्ट्रेट से तनाव के बीच पहली बार निकला LNG टैंकर, शिपिंग रूट पर फिर हलचल


नई दिल्ली| मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हॉर्मुज स्ट्रेट से पहली बार एक लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) टैंकर सफलतापूर्वक गुजरने में कामयाब रहा है। यह घटनाक्रम उस समय हुआ है जब क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव अपने चरम पर बना हुआ है।

शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह LNG टैंकर मार्च की शुरुआत में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के दास द्वीप प्लांट से लोड होकर रवाना हुआ था। इसके बाद यह टैंकर भारत के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र से गुजरता हुआ आगे बढ़ा। बताया जा रहा है कि तनाव के चलते यह टैंकर कई हफ्तों तक फारस की खाड़ी में ही रुका रहा और इसके ट्रांसमिशन सिग्नल 31 मार्च के आसपास बंद हो गए थे, जो बाद में भारत के नजदीक आने पर फिर से सक्रिय हुए।

हॉर्मुज स्ट्रेट, जो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला एक बेहद संकरा और रणनीतिक समुद्री मार्ग है, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल और गैस का निर्यात इसी मार्ग से होकर गुजरता है।

हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते इस क्षेत्र में समुद्री गतिविधियां काफी प्रभावित हुई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने इस स्ट्रेट पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है, जबकि अमेरिका ने ईरानी जहाजों पर प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं।

इसी तनाव के बीच कई LNG टैंकरों को कतर से रवाना होने के बाद वापस लौटना पड़ा था। हालांकि अब इस नए टैंकर के गुजरने को एक संभावित राहत संकेत के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं कही जा सकती।

सूत्रों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने को लेकर बातचीत भी चल रही है। ईरान ने एक नया शांति प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें हॉर्मुज स्ट्रेट खोलने की बात शामिल है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम को लेकर असहमति के चलते अब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया है।

इस बीच यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में यह समुद्री मार्ग पूरी तरह सामान्य होता है या फिर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसका असर और गहराता है।