डिजिटल दुनिया में नया धमाका करने की तैयारी, सैटेलाइट इंटरनेट सेक्टर में उतर सकती है रिलायंस

नई दिल्ली। भारत में इंटरनेट सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। टेलीकॉम सेक्टर में मजबूत पकड़ बनाने के बाद अब रिलायंस सैटेलाइट इंटरनेट की दुनिया में भी बड़ी तैयारी करती दिखाई दे रही है। माना जा रहा है कि कंपनी लो अर्थ ऑर्बिट यानी LEO सैटेलाइट तकनीक के जरिए देशभर में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।

सैटेलाइट इंटरनेट ऐसी तकनीक है जिसमें इंटरनेट सेवा के लिए मोबाइल टावर या फाइबर केबल की जरूरत नहीं पड़ती। इंटरनेट सीधे अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट्स के जरिए यूजर्स तक पहुंचाया जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि जिन इलाकों में नेटवर्क पहुंचाना मुश्किल होता है, वहां भी आसानी से इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराई जा सकती है।

पहाड़ी क्षेत्रों, गांवों, जंगलों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह तकनीक काफी उपयोगी साबित हो सकती है। जहां आज भी कमजोर नेटवर्क या इंटरनेट की समस्या बनी रहती है, वहां हाई-स्पीड कनेक्टिविटी पहुंचने की संभावना बढ़ जाएगी। इससे ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल पेमेंट, वीडियो कॉलिंग और छोटे कारोबारों को भी मजबूती मिलेगी।

LEO सैटेलाइट धरती के अपेक्षाकृत करीब रहते हैं, जिससे इंटरनेट सिग्नल तेजी से ट्रांसफर होता है और नेटवर्क में देरी काफी कम हो जाती है। यही कारण है कि इसे भविष्य की इंटरनेट तकनीक माना जा रहा है। वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और लाइव कम्युनिकेशन जैसी सेवाएं भी इससे ज्यादा बेहतर तरीके से काम कर सकती हैं।

बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट के लिए कई स्तरों पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और कंपनी इसे अपने डिजिटल कारोबार के अगले बड़े कदम के रूप में देख रही है। आने वाले समय में यह तकनीक भारत के इंटरनेट सेक्टर में नई प्रतिस्पर्धा भी पैदा कर सकती है।

फिलहाल सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरुआती चरण में हैं और इससे जुड़े कई नियम व प्रक्रियाएं अभी पूरी की जानी बाकी हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बाद इसकी कीमतें धीरे-धीरे आम लोगों की पहुंच में आ सकती हैं।