जबलपुर में अफसरों पर गिरी गाज, समय पर काम न करने पर जुर्माना


मध्य प्रदेश । जबलपुर में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने समीक्षा बैठक के दौरान लापरवाही बरतने वाले 22 राजस्व अधिकारियों पर जुर्माना लगाया है, जिनमें एसडीएम और तहसीलदार स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं जुर्माने की राशि 250 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक तय की गई है और कुल मिलाकर लगभग 34 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

समय पर सेवाएं देना अनिवार्य, फिर भी हुई लापरवाही
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है। लेकिन जबलपुर में कई अधिकारियों द्वारा आवेदनों का समय पर निराकरण नहीं किया गया, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों के पास लंबित आवेदन अधिक पाए गए, उन पर अधिक जुर्माना लगाया गया है।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर भी सख्ती
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों को भी गंभीरता से लेते हुए कहा कि इनका समय पर निराकरण भी अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, कुछ बैंकों द्वारा शिकायतों को गंभीरता से न लेने और मामलों को समय पर न देखने पर भी नाराजगी जताई गई है। ऐसे संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

प्रशासन का सख्त संदेश
कलेक्टर ने कहा कि लोक सेवा गारंटी और जनशिकायत निवारण शासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को समयबद्ध और जवाबदेह कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।