कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों का जलवा, प्रीति और जादूमणि की शानदार जीत, मीराबाई और ऋषिकांत ने दिलाए पदक


नई दिल्ली । महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में भारतीय मुक्केबाज प्रीति ने मलावी की डेबरा मिटेंजे के खिलाफ एकतरफा मुकाबला खेलते हुए रेफरी स्टॉप्स कॉन्टेस्ट के जरिए शानदार जीत हासिल की। मुकाबले की शुरुआत से ही प्रीति पूरी तरह हावी रहीं और उन्होंने अपने सटीक पंचों से प्रतिद्वंद्वी पर लगातार दबाव बनाए रखा। पहले राउंड में सभी जजों ने उन्हें बढ़त दी जबकि दूसरे राउंड में लगातार प्रभावी आक्रमण के कारण रेफरी को मुकाबला बीच में ही रोकना पड़ा। मुकाबले के दौरान डेबरा मिटेंजे दो बार नॉकडाउन भी हुईं। इस शानदार जीत के साथ प्रीति ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया जहां उनका मुकाबला नॉर्दर्न आयरलैंड की निकोल क्लाइड से होगा। यह मुकाबला सेमीफाइनल में पहुंचने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में भारत के जादूमणि सिंह ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान के रहमान को 5-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल किया। पहले राउंड में मामूली बढ़त लेने के बाद उन्होंने दूसरे राउंड में पूरी तरह दबदबा कायम कर लिया और सभी जजों से पूरे अंक हासिल किए। इससे पहले जादूमणि ने शुरुआती मुकाबले में स्कॉटलैंड के एरॉन कुलेन को भी 5-0 से हराया था। लगातार दूसरी शानदार जीत के बाद उनसे पदक की उम्मीद और मजबूत हो गई है।

बॉक्सिंग के अलावा वेटलिफ्टिंग में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने कुल 190 किलोग्राम भार उठाते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया। मीराबाई ने स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम वजन उठाकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय दल का मनोबल और ऊंचा कर दिया।

वहीं पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में ऋषिकांत सिंह चनंबम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने कुल 264 किलोग्राम वजन उठाया जिसमें स्नैच में 121 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 143 किलोग्राम का सफल प्रयास शामिल रहा। उनके इस प्रदर्शन ने भारत के पदकों की संख्या में महत्वपूर्ण इजाफा किया।

भारतीय खिलाड़ियों की इन लगातार सफलताओं से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश की पदक उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं। अब सभी की नजरें बॉक्सिंग के आगामी मुकाबलों और अन्य स्पर्धाओं पर टिकी हैं जहां भारतीय खिलाड़ी एक बार फिर देश के लिए पदक जीतने के इरादे से उतरेंगे।