एमपी के पूर्वी हिस्से में 4 दिन रहेगा बारिश का दौर, 7 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी


भोपाल। मध्य प्रदेश में बारिश का दौर फिलहाल पूर्वी हिस्से तक सीमित रहने के आसार हैं। शनिवार को रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज बारिश हो सकती है। राजधानी भोपाल में रिमझिम बारिश होने की संभावना है, जबकि इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज बारिश के आसार कम हैं।

जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। इन इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ एक्टिव

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार प्रदेश के ऊपर लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और मानसून ट्रफ सक्रिय हैं। हालांकि इन सिस्टम का प्रभाव पूरे मध्य प्रदेश में नहीं है। इसी कारण सभी जिलों में एक समान बारिश होने की संभावना नहीं है। पूर्वी हिस्से में अगले चार दिन बारिश का दौर बने रहने के आसार हैं।

सामान्य से 2.6 इंच कम बारिश

प्रदेश में अब तक 683.9 मिमी यानी 26.9 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह इस अवधि की सामान्य बारिश 750.9 मिमी यानी 29.5 इंच से 2.6 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 9% कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में बारिश 6% और पश्चिमी हिस्से में 12% कम रही है।

37 जिलों में 1 से 49% तक कम बारिश

प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 19% तक कम हुई है। बालाघाट, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, डिंडौरी और निवाड़ी में 1% से 49% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 4% से 50% तक कम पानी गिरा है।

18 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अनूपपुर, छतरपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।