पिंपरी-चिंचवड़ से पुणे तक अचानक बिजली गुल, सब स्टेशन में धमाके के बाद 3.10 लाख उपभोक्ता प्रभावित


नई दिल्ली ।
महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे के कई इलाकों में रविवार दोपहर बिजली सब स्टेशन में तकनीकी खराबी के बाद आग लगने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। अचानक बिजली गुल होने से बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना से करीब 3.10 लाख उपभोक्ता प्रभावित हुए।

चिंचवड़ स्थित बिजली सब स्टेशन में दोपहर करीब 12 बजकर 25 मिनट पर 22 केवी करंट ट्रांसफॉर्मर और ब्रेकर यूनिट में जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद सब स्टेशन में आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की गई और कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

सब स्टेशन में आई तकनीकी खराबी का असर हाई-वोल्टेज बिजली लाइनों पर पड़ा। इसके कारण पिंपरी-चिंचवड़ के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति अचानक बाधित हो गई। पिंपरी-चिंचवड़ और भोसरी क्षेत्र में करीब 2.60 लाख उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।

इस बिजली संकट का असर पुणे शहर के कुछ हिस्सों पर भी पड़ा। शिवाजीनगर और औंध समेत कई इलाकों में करीब 50 हजार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। बिजली जाने के कारण घरों और कारोबार के साथ-साथ कई जरूरी सेवाओं पर भी इसका असर देखने को मिला।

बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर पुणे मेट्रो सेवा पर भी पड़ा। पिंपरी-चिंचवड़ से स्वारगेट के बीच चलने वाली मेट्रो सेवा कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। वैकल्पिक बिजली आपूर्ति की व्यवस्था किए जाने के बाद मेट्रो सेवा को दोबारा सामान्य किया गया।

बिजली विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आपूर्ति बहाल करने की कोशिश शुरू की गई। पुणे के कई इलाकों में दोपहर करीब 1 बजकर 50 मिनट तक वैकल्पिक मार्ग से बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। इसके बाद अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे बिजली लौटने लगी।

अधिकांश इलाकों में दोपहर करीब 3 बजे तक बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी गई। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में अधिक समय लगा। निगड़ी और देहू रोड जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में उपभोक्ता कुछ समय तक बिजली कटौती से प्रभावित रहे।

इस तकनीकी खराबी का असर औद्योगिक क्षेत्रों पर भी पड़ा। आंबेठाण इलाके में करीब 1,500 औद्योगिक इकाइयों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। औद्योगिक गतिविधियों को सामान्य करने के लिए भी बिजली व्यवस्था को तेजी से बहाल करने का प्रयास किया गया।

घटना के बाद क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था को अलग करने और सुरक्षित तरीके से आपूर्ति बहाल करने का काम जारी रहा। तकनीकी टीमों ने प्रभावित हिस्से की जांच और मरम्मत शुरू की, ताकि बिजली आपूर्ति को पूरी तरह स्थिर किया जा सके।

अचानक हुए इस धमाके और आग की घटना ने पिंपरी-चिंचवड़ से लेकर पुणे तक बड़े क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को प्रभावित किया। करीब 3.10 लाख उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ा, जबकि मेट्रो और औद्योगिक गतिविधियां भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुईं। राहत की बात यह रही कि आग पर जल्द काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई।