शरद पवार ने NCP विलय की अटकलों पर साफ किया रुख, बोले- हम कहीं नहीं जाएंगे, साथ आना है तो हमारे साथ आएं

नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में NCP (SP) के संभावित विलय और NDA के साथ जाने को लेकर चल रही अटकलों के बीच शरद पवार ने सोमवार को पार्टी का रुख स्पष्ट कर दिया। मुंबई में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए NCP (SP) प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी कहीं नहीं जाने वाली है। उन्होंने साफ कहा कि यदि किसी को उनके साथ आना है तो वह उनके साथ आए। शरद पवार के इस बयान से पार्टी के किसी दूसरे दल में विलय करने और सत्ता पक्ष के साथ जाने की चर्चाओं के बीच उनका रुख सामने आ गया है।

शरद पवार ने कहा कि पार्टी को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पिछले कई महीनों से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा थी कि NCP (SP) भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA के साथ जा सकती है। इसके साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर भी चर्चा होती रही है। सोमवार को मुंबई में आयोजित पार्टी की बैठक में शरद पवार ने इन चर्चाओं के बीच स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी सत्ता हासिल करने के लिए किसी दूसरे दल में विलय नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि अब संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।

पार्टी की राज्य इकाई की बैठक करीब ढाई घंटे तक चली। इस दौरान संगठन से जुड़े मुद्दों के साथ सूखे की स्थिति और किसानों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। शरद पवार ने कहा कि बैठक में उन्हें सूखे को लेकर कई तरह की मांगें और सुझाव मिले हैं। उन्होंने सूखा राहत के मुद्दे पर सरकार को आंदोलन की चेतावनी भी दी। बैठक में किसानों से जुड़े विषयों पर चर्चा के साथ सूखे की स्थिति को लेकर पार्टी की आगे की रणनीति पर भी विचार किया गया। शरद पवार ने इस मुद्दे को लेकर सरकार के सामने मांगें रखने की बात कही।

शरद पवार के बयान में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को भी अप्रत्यक्ष संदेश माना गया। सुनेत्रा पवार अजित पवार गुट से जुड़ी हैं। NCP के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर लंबे समय से राजनीतिक चर्चाएं चल रही थीं। ऐसे समय में शरद पवार ने कहा कि NCP (SP) कहीं नहीं जा रही है और अगर किसी को उनके साथ आना है तो वह उनके साथ आए। उनके इस रुख के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।

NCP (SP) फिलहाल महा विकास आघाड़ी का हिस्सा है। इस गठबंधन में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूटीबी) और कांग्रेस भी शामिल हैं। शरद पवार के बयान से पार्टी की मौजूदा राजनीतिक दिशा को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई है। वहीं, बैठक में सूखे और किसानों की समस्याओं को लेकर भी पार्टी ने सरकार पर दबाव बनाने का संकेत दिया। इस तरह सोमवार की बैठक में संगठन को मजबूत करने, विलय की अटकलों और सूखा राहत जैसे प्रमुख मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे।