हार के बाद ट्रंप का पहला बयान, खुद चुनाव नहीं लड़ने को बताया पार्टी के खराब प्रदर्शन की वजह


नई दिल्ली। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के शुरुआती नतीजों में रिपब्लिकन पार्टी के पिछड़ने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने हार के लिए सीधे तौर पर अपनी पार्टी की रणनीति या उम्मीदवारों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय यह कहा कि वह खुद चुनाव मैदान में नहीं थे। अगर वह उम्मीदवार होते तो रिपब्लिकन पार्टी बड़े अंतर से जीत हासिल करती। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब शुरुआती रुझानों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों सदनों में बढ़त बनाती दिखाई दे रही है।

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि चुनाव में वह उम्मीदवार नहीं थे और अगर वह चुनाव लड़ रहे होते तो पार्टी बहुत बड़े अंतर से जीतती। उनके इस बयान को चुनावी नतीजों के बीच अपनी राजनीतिक लोकप्रियता और प्रभाव को मजबूत बताने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में जमकर प्रचार किया था। उन्होंने मतदाताओं से अपील की थी कि वोट डालते समय वे यह समझें कि उम्मीदवार खुद ट्रंप हैं। ऐसे में अब पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद उनका यह बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

दूसरी ओर ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में चुनावी नतीजों को स्वीकार करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि वह परिणामों को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद रखते हैं। ट्रंप के मुताबिक दोनों दलों के बीच सहयोग का रास्ता निकाला जा सकता है। चुनाव प्रचार के दौरान डेमोक्रेट्स के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने वाले ट्रंप का यह बयान राजनीतिक परिस्थितियों के बदलने का संकेत माना जा रहा है।

अमेरिका में मंगलवार को मिडटर्म चुनाव संपन्न हुए थे। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर मतदान हुआ। शुरुआती रुझानों में डेमोक्रेटिक पार्टी 147 सीटों पर आगे दिखाई दे रही थी जबकि रिपब्लिकन पार्टी 88 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी। इन आंकड़ों ने ट्रंप की पार्टी के सामने राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने के लिए किसी भी दल को 218 सीटों की जरूरत होती है।

सीनेट की कुल 100 सीटों में से 35 सीटों पर चुनाव हुए। यहां भी डेमोक्रेटिक पार्टी बढ़त बनाती दिखाई दी। सीनेट में बहुमत के लिए 51 सीटों का आंकड़ा जरूरी है। चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 सीटें थीं जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 45 सीटें थीं। इसके अलावा दो निर्दलीय सांसद डेमोक्रेट्स के साथ काम करते हैं। इस तरह सीनेट में दोनों पक्षों के बीच पहले सीटों का अनुपात 53 और 47 था।

इस चुनाव में फ्लोरिडा से भी अहम खबर सामने आई। यहां गवर्नर पद के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार बायरन डोनाल्ड्स ने जीत दर्ज की। वहीं प्रतिनिधि सभा की एक सीट भारतीय मूल की पिया डांडिया ने अपने नाम की। इन नतीजों के बीच ट्रंप के सामने अब अपनी पार्टी का मनोबल बनाए रखने और डेमोक्रेट्स के साथ राजनीतिक तालमेल बैठाने की चुनौती होगी। उनके बयान से साफ है कि वह चुनावी झटके के बावजूद अपनी लोकप्रियता को लेकर आश्वस्त हैं और आगे की राजनीति में अपनी भूमिका को अहम मानते हैं।