Author: bharati

  • गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा की झांकी, संजय लीला भंसाली को मिली जिम्मेदारी

    गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा की झांकी, संजय लीला भंसाली को मिली जिम्मेदारी


    नई दिल्ली।गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर निकलने वाली झांकियां हर वर्ष भारत की सांस्कृतिक विविधता इतिहास और रचनात्मक शक्ति को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती हैं। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा को मिलने वाला सम्मान खास तौर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। मशहूर फिल्म निर्देशक और निर्माता संजय लीला भंसाली द्वारा भारतीय सिनेमा पर आधारित विशेष झांकी की प्रस्तुति की जाएगी जिसे फिल्म इंडस्ट्री ने गौरव का क्षण बताया है।

    इस अवसर पर इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन आईएफटीडीए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर आभार व्यक्त किया है। पत्र में संस्था ने कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग इस बात से गर्व महसूस कर रहा है कि संजय लीला भंसाली जैसे प्रतिष्ठित निर्देशक को गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। भंसाली कर्तव्य पथ पर सदाबहार और ऐतिहासिक फिल्मों से प्रेरित एक विशेष झांकी प्रस्तुत करेंगे।आईएफटीडीए ने संजय लीला भंसाली को भारतीय सिनेमा का शोमैन और मास्टर ऑफ क्राफ्ट बताते हुए कहा कि उनकी फिल्मों की भव्यता, दृश्य सौंदर्य, संगीत और भावनात्मक गहराई ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई है। ऐसे में गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय मंच पर उनकी सिनेमाई यात्रा से प्रेरित झांकी का प्रदर्शन पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

    पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि यह झांकी दर्शकों के लिए यादगार अनुभव होगी। इससे न केवल परेड देखने वाले लोगों का मनोरंजन बढ़ेगा, बल्कि परेड में शामिल प्रतिभागियों के भीतर भी नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होगा। भारतीय सिनेमा की यह प्रस्तुति देश की सांस्कृतिक शक्ति और रचनात्मक विरासत को और मजबूती से सामने लाएगी।

    संस्था ने इस पहल के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन एनएफडीसी का भी आभार जताया। पत्र में कहा गया कि इन संस्थानों के सहयोग से ही भारतीय सिनेमा को राष्ट्रीय मंच पर इस तरह प्रस्तुत करने का अवसर संभव हो पाया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि सरकार भारतीय सिनेमा को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी देखती है।

    आईएफटीडीए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल रहा है। गणतंत्र दिवस जैसे ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय सिनेमा को यह स्थान देना फिल्म जगत के लिए सम्मान की बात है और इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण के रूप में देखा जाएगा।

  • उज्जैन के तराना में फिर भड़की हिंसा: घरों पर पथराव, बस में आग, 300 पुलिस जवान तैनात

    उज्जैन के तराना में फिर भड़की हिंसा: घरों पर पथराव, बस में आग, 300 पुलिस जवान तैनात



    नई दिल्ली। उज्जैन जिले के तराना कस्बे में गुरुवार शाम शुरू हुआ विवाद शुक्रवार को हिंसक रूप ले गया। सोहेल ठाकुर पर हमले के बाद उपद्रवियों ने कई घरों पर पत्थरबाजी की और एक बस में आग लगा दी, जिससे इलाके में भय का माहौल बन गया। पुलिस-प्रशासन ने स्थिति को गंभीर मानते हुए पूरे कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया है।

    सोहेल ठाकुर पर हमला, माहौल हुआ तनावपूर्ण
    पुलिस के अनुसार गुरुवार शाम तराना में कुछ युवकों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान सोहेल ठाकुर नामक युवक पर प्राणघातक हमला किया गया।

    इस घटना के विरोध में शुक्रवार को तनाव बढ़ा और कुछ शरारती तत्वों ने उग्र होकर हिंसा की।

    घरों पर पथराव, बस में आग
    उपद्रवियों ने मोहल्लों में घुसकर कई घरों पर पथराव किया, जिससे कई खिड़कियों के शीशे टूट गए। इसके बाद भीड़ ने एक बस में आग लगा दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    300 से ज्यादा जवान तैनात, ड्रोन और CCTV से निगरानी
    उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने खुद मोर्चा संभाला और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने सोहेल की शिकायत पर 6 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला दर्ज किया है, जिनमें से 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक आरोपी की तलाश अभी जारी है।

    शांति बहाल करने के लिए प्रशासन ने तराना में 300 से अधिक पुलिस जवान तैनात किए हैं। साथ ही ड्रोन कैमरा और CCTV फुटेज के जरिए संदिग्धों की पहचान की जा रही है।

    सोहेल की हालत स्थिर, अस्पताल में उपचार
    हमले में घायल सोहेल ठाकुर का इलाज जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत अब खतरे से बाहर है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

  • ₹12.5 करोड़ की लग्जरी घड़ी लॉन्च, वनतारा को समर्पित खास डिज़ाइन..

    ₹12.5 करोड़ की लग्जरी घड़ी लॉन्च, वनतारा को समर्पित खास डिज़ाइन..


    नई दिल्ली ।लग्जरी घड़ियों की दुनिया में एक बार फिर शिल्पकला और नवाचार का अनोखा उदाहरण देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय वॉच ब्रांड जैकब एंड कंपनी ने 21 जनवरी को अपनी नई एक्सक्लूसिव टाइमपीस ओपेरा वनतारा ग्रीन कैमो को लॉन्च किया। यह घड़ी गुजरात में स्थित अनंत अंबानी के महत्वाकांक्षी वन्यजीव संरक्षण और पुनर्वास प्रोजेक्ट वनतारा को समर्पित है। सीमित संस्करण में तैयार की गई इस घड़ी की कीमत करीब 1.5 मिलियन डॉलर यानी लगभग 12.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।

    इस लग्जरी वॉच का सबसे आकर्षक पहलू इसका थिएटर-स्टाइल डायल है। डायल के भीतर बेहद बारीक कारीगरी से बनाई गई मिनिएचर आकृतियां लगाई गई हैं। इनमें नीली फ्लोरल शर्ट पहने अनंत अंबानी की मूर्ति प्रमुख रूप से दिखाई देती है। उनके साथ एक शेर और एक बंगाल टाइगर की सूक्ष्म आकृतियां भी शामिल हैं, जो वनतारा परियोजना की आत्मा और वन्यजीव संरक्षण की भावना को दर्शाती हैं। डायल में सोने से उकेरा गया हाथी और Vantara नाम भी शामिल किया गया है, जो इस घड़ी को प्रतीकात्मक पहचान देता है।

    डिजाइन को जंगल से प्रेरित लुक देने के लिए इसमें ग्रीन कैमुफ्लाज मोटिफ का उपयोग किया गया है। घड़ी में कुल 397 कीमती रत्न जड़े गए हैं, जिनका कुल वजन लगभग 21.98 कैरेट है। इनमें डिमेंटोइड गार्नेट, सावोराइट्स, हरे रंग के नीलम और सफेद हीरे शामिल हैं। इन रत्नों की बारीक सजावट घड़ी को एक विशिष्ट और बेहद प्रीमियम पहचान देती है।

    तकनीकी दृष्टि से भी यह घड़ी बेहद खास मानी जा रही है। यह जैकब एंड कंपनी के प्रतिष्ठित ओपेरा कलेक्शन का हिस्सा है, जिसमें जटिल म्यूजिकल मैकेनिज्म दिया गया है। बटन दबाते ही घड़ी से धुन निकलती है और उसी के साथ पूरा डायल अनंत अंबानी, शेर और बाघ की आकृतियों सहित घूमने लगता है। घड़ी निर्माण की दुनिया में म्यूजिक और रोटेटिंग मैकेनिज्म का यह संयोजन अत्यंत दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

    जिस वनतारा प्रोजेक्ट से यह घड़ी प्रेरित है, वह गुजरात के जामनगर में रिलायंस के रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स के भीतर फैला लगभग 3500 एकड़ का विशाल वन्यजीव पुनर्वास केंद्र है। इसका उद्घाटन मार्च 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यहां डेढ़ लाख से अधिक पशुओं की देखभाल की जाती है और हाथियों के लिए विशेष अस्पताल के साथ MRI और CT स्कैन जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस एक अत्याधुनिक वाइल्डलाइफ हॉस्पिटल भी स्थापित किया गया है।कुल मिलाकर ओपेरा वनतारा ग्रीन कैमो केवल एक महंगी लग्जरी घड़ी नहीं बल्कि कला तकनीक और वन्यजीव संरक्षण के संदेश को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का एक प्रतीक बनकर सामने आई है।

  • प्रखर राष्ट्रवाद के प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाला साहेब ठाकरे की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

    प्रखर राष्ट्रवाद के प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाला साहेब ठाकरे की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि


    भोपाल। प्रखर हिंदुत्व और सशक्त राष्ट्रवादी विचारधारा के ध्वजवाहक शिवसेना के संस्थापक स्वर्गीय बाला साहेब ठाकरे की जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने बाला साहेब के व्यक्तित्व को अदम्य साहस और निर्भीकता का पर्याय बताते हुए राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का स्मरण किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि बाला साहेब ठाकरे मात्र एक राजनेता नहीं, बल्कि एक प्रखर राष्ट्रवादी विचारधारा के जीवंत प्रतीक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन वंचितों श्रमिकों और समाज के गरीब तबकों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बाला साहेब का जीवन साहस स्वाभिमान और बिना किसी समझौते के की गई निर्भीक राष्ट्र सेवा का एक अनुपम उदाहरण है जो आज भी करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र है।

    डॉ. यादव ने आगे कहा कि देश की एकता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए बाला साहेब द्वारा उठाए गए कदम सदैव इतिहास में दर्ज रहेंगे। उनके ओजस्वी विचार और जनहित के प्रति उनकी कटिबद्धता ने भारतीय राजनीति में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। मुख्यमंत्री के इस नमन ने एक बार फिर बाला साहेब की उन स्मृतियों को ताजा कर दिया है जहाँ उन्होंने सदैव राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखा।

  • विद्या की देवी का आशीष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी पर प्रदेशवासियों को दीं मंगलकामनाएं

    विद्या की देवी का आशीष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी पर प्रदेशवासियों को दीं मंगलकामनाएं


    भोपाल। ऋतुराज बसंत के आगमन और ज्ञान, कला एवं संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना के महापर्व ‘बसंत पंचमी’ के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस पावन पर्व पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और नागरिकों के बौद्धिक उत्कर्ष की मंगलकामना की है।

    अपने शुभकामना संदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बसंत पंचमी का यह उत्सव हमारे जीवन में नवीन ऊर्जा और नई चेतना का संचार करता है। उन्होंने विशेष रूप से प्रार्थना की कि अक्षर, स्वर और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की असीम कृपा हम सभी पर बनी रहे। मुख्यमंत्री ने कामना की कि मां शारदे का आशीर्वाद सभी के जीवन को अगाध ज्ञान, अद्भुत सृजनशीलता, अपार सुख और स्थायी समृद्धि से परिपूर्ण करे।

    मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ज्ञान ही वह प्रकाश है जो समाज को उन्नति के मार्ग पर ले जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि बसंत पंचमी का दिन हमें विद्या और शिक्षा के प्रति समर्पित होने की प्रेरणा देता है। मध्यप्रदेश की धरती, जो सदा से ही ज्ञान और अध्यात्म का केंद्र रही है वहां यह पर्व नई ऊंचाइयों को छूने का संकल्प लेने का अवसर है।

    राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश के शिक्षण संस्थानों और घरों में आज सुबह से ही उल्लास का माहौल है। बसंती परिधानों और पीले फूलों के साथ मां सरस्वती का पूजन अर्चन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की इन शुभकामनाओं ने उत्सव के आनंद को और बढ़ा दिया है जो प्रदेश की सांस्कृतिक और शैक्षिक विरासत को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान करती हैं।

  • ऑस्कर 2026 में भारत को झटका, ‘होमबाउंड’ टॉप-5 नॉमिनेशन से बाहर

    ऑस्कर 2026 में भारत को झटका, ‘होमबाउंड’ टॉप-5 नॉमिनेशन से बाहर


    नई दिल्ली 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर 2026) के नॉमिनेशन की घोषणा के साथ ही भारत की आधिकारिक एंट्री रही फिल्म होमबाउंडकी दौड़ समाप्त हो गई। नीरज घेवान के निर्देशन में बनी यह फिल्म बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी की अंतिम टॉप-5 नॉमिनेशन सूची में शामिल नहीं हो सकी। नॉमिनेशन का ऐलान गुरुवार को लॉस एंजिलिस में एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज द्वारा किया गया।

    होमबाउंडऑस्कर की प्रारंभिक टॉप-15 शॉर्टलिस्ट तक पहुंचने में सफल रही थी जिससे इसके नॉमिनेशन की उम्मीदें मजबूत मानी जा रही थीं। हालांकि अंतिम चरण में फिल्म को जगह नहीं मिल सकी। यदि यह चयनित होती तो आमिर खान की लगान 2001 के बाद यह बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेट होने वाली दूसरी भारतीय फिल्म बनती।

    नीरज घेवान द्वारा निर्देशित होमबाउंडमें ईशान खट्टर विशाल जेठवा और जान्हवी कपूर ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म का निर्माण करण जौहर आदर पूनावाला अपूर्वा मेहता और सोमन मिश्रा ने किया है। यह फिल्म दोस्ती महत्वाकांक्षा और सामाजिक दबावों के बीच युवाओं की मानसिक स्थिति को केंद्र में रखती है।बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में जिन पांच फिल्मों को नॉमिनेशन मिला है उनमें ब्राजील की द सीक्रेट एजेंट फ्रांस की इट वाज़ जस्ट एन एक्सीडेंट नॉर्वे की सेंटिमेंटल वैल्यू स्पेन की सिरातऔर ट्यूनीशिया की द वॉइस ऑफ हिंद रजबशामिल हैं। इन फिल्मों ने दुनिया भर के फिल्म समीक्षकों और जूरी का ध्यान खींचा है।

    हाल के वर्षों में भारत की ऑस्कर मौजूदगी सीमित रही है। हालांकि 2023 में फिल्म आरआरआरके गीत नाटू नाटू ने ऑस्कर जीतकर इतिहास रचा था और द एलीफेंट व्हिस्परर्सको भी उसी साल पुरस्कार मिला था। इसके बाद से भारतीय दर्शकों की उम्मीदें लगातार बनी हुई थीं।होमबाउंडका वर्ल्ड प्रीमियर कान्स फिल्म फेस्टिवल में हुआ था और इसके बाद इसे टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी प्रदर्शित किया गया। फिल्म को कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहना मिली। यह फिल्म पत्रकार बशारत पीर के लेख टेकिंग अमृत होमसे प्रेरित बताई जाती है।

    फिल्म की कहानी दो बचपन के दोस्तों-शोएब और चंदन-के इर्द-गिर्द घूमती है जो पुलिस फोर्स में शामिल होने का सपना देखते हैं। यह सपना उनकी दोस्ती और जीवन की दिशा को प्रभावित करता है। फिल्म 26 सितंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और बाद में 21 नवंबर को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई।हालांकि होमबाउंडका ऑस्कर सफर यहीं थम गया लेकिन इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और विषयवस्तु को लेकर फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा जारी है।

  • तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा': मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेताजी की जयंती पर दी पराक्रम दिवस की बधाई

    तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा': मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेताजी की जयंती पर दी पराक्रम दिवस की बधाई


    भोपाल। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर समूचा देश आज उन्हें नमन कर रहा है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेताजी की जयंती यानी ‘पराक्रम दिवस’ पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने नेताजी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके विचार और राष्ट्रभक्ति का जज्बा आज भी हर भारतीय के रगों में जोश भर देता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का व्यक्तित्व अद्वितीय साहस और अप्रतिम त्याग की प्रतिमूर्ति था। उन्होंने जिस ओजस्वी नेतृत्व के साथ ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी, वह भारतीय इतिहास का सबसे गौरवशाली अध्याय है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नेताजी का जीवन और उनके द्वारा दी गई कुर्बानियां राष्ट्रभक्ति का एक ऐसा शाश्वत स्रोत हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को भी सदैव मार्गदर्शित करती रहेंगी।

    डॉ. यादव ने कहा कि आज का यह पराक्रम दिवस हमें नेताजी के उन सिद्धांतों की याद दिलाता है, जहाँ राष्ट्रहित सर्वोपरि था। उनका प्रेरक व्यक्तित्व प्रत्येक भारतीय को साहस कर्तव्य बोध और देश के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नेताजी के संघर्षों से सीख लें और देश को सशक्त बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं।

    उल्लेखनीय है कि नेताजी की अदम्य भावना को सम्मान देने के लिए भारत सरकार उनकी जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाती है। मध्यप्रदेश में भी इस अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक और सामाजिक संस्थाओं में देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जो नेताजी के जय हिंद और ‘चलो दिल्ली’ जैसे नारों की गूँज को आज भी जीवंत रखे हुए हैं।

  • छोटी आदतें जो तनाव कम कर जीवन की गुणवत्ता बढ़ाएं

    छोटी आदतें जो तनाव कम कर जीवन की गुणवत्ता बढ़ाएं


    नई दिल्ली :तेज़ रफ्तार जिंदगी बढ़ता काम का दबाव और हर समय मोबाइल स्क्रीन से जुड़ी दिनचर्या ने मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर चुनौती बना दिया है। तनाव बेचैनी अनिद्रा और चिड़चिड़ापन अब किसी एक उम्र या पेशे तक सीमित नहीं रहे। ऐसे समय में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ माइंडफुलनेस को संतुलित जीवन के लिए बेहद जरूरी मान रहे हैं। माइंडफुलनेस कोई जटिल साधना या धार्मिक अभ्यास नहीं बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाई जा सकने वाली एक सरल और व्यवहारिक आदत है।

    क्या है माइंडफुलनेस और क्यों जरूरी
    माइंडफुलनेस का अर्थ है वर्तमान क्षण में पूरी जागरूकता के साथ जीना। यानी जो काम आप कर रहे हैं उसे बिना जल्दबाज़ी और बिना मन भटकाए पूरी चेतना के साथ करना। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार मल्टीटास्किंग और भविष्य की चिंता दिमाग को थका देती है। माइंडफुलनेस व्यक्ति को वर्तमान में टिके रहना सिखाती है जिससे तनाव कम होता है भावनात्मक संतुलन बढ़ता है और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है।

    सुबह की शुरुआत से करें माइंडफुलनेस
    माइंडफुलनेस अपनाने के लिए अलग से लंबा समय निकालना जरूरी नहीं है। इसकी शुरुआत सुबह उठते ही की जा सकती है। जागने के बाद कुछ मिनट गहरी सांस लेकर अपने शरीर और मन की स्थिति को महसूस करना एक सरल अभ्यास है। इससे दिन की शुरुआत शांति और सजगता के साथ होती है।

    खाने में भी लाएं सजगता
    खाना खाते समय मोबाइल या टीवी से दूरी बनाना माइंडफुलनेस का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भोजन के स्वाद बनावट और खुशबू पर ध्यान देने से न केवल पाचन बेहतर होता है बल्कि भोजन से संतुष्टि भी बढ़ती है। यह आदत अनावश्यक ओवरईटिंग को भी रोकने में मदद करती है।

    काम के दौरान माइंडफुल अप्रोच
    ऑफिस या घर से काम करने वाले लोग अक्सर एक साथ कई काम करने की कोशिश करते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एक समय में एक ही काम करें। ईमेल लिखते समय केवल उसी पर ध्यान दें और बीच बीच में छोटे ब्रेक लें। इससे मानसिक थकान कम होती है और कार्यक्षमता बढ़ती है।

    डिजिटल डिटॉक्स भी है जरूरी
    लगातार नोटिफिकेशन और सोशल मीडिया अपडेट दिमाग को बेचैन रखते हैं। माइंडफुलनेस के लिए डिजिटल संतुलन बेहद जरूरी है। दिन में कुछ समय के लिए फोन साइलेंट करना सोशल मीडिया से दूरी बनाना और सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करना मानसिक शांति में सहायक होता है।

    चलते फिरते भी संभव है माइंडफुलनेस
    सुबह की वॉक या रोज़ के सफर को भी माइंडफुल बनाया जा सकता है। चलते समय अपने कदमों सांसों और आसपास के वातावरण पर ध्यान देना तनाव को कम करता है। यह अभ्यास खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनके पास योग या ध्यान के लिए लंबा समय नहीं होता।मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि माइंडफुलनेस कोई तात्कालिक समाधान नहीं बल्कि धीरे धीरे विकसित होने वाली आदत है। रोज़ कुछ मिनट का अभ्यास भी लंबे समय में मानसिक और भावनात्मक संतुलन को मजबूत करता है। बदलती जीवनशैली और बढ़ते मानसिक दबाव के दौर में माइंडफुलनेस अब विकल्प नहीं बल्कि जरूरत बनती जा रही है।

  • सिरसपुर मर्डर केस, अलाव ताप रहे नाबालिग पर 'मौत का वार' दिल्ली पुलिस ने 4 घंटे के 'मिडनाइट ऑपरेशन' में कातिलों को दबोचा

    सिरसपुर मर्डर केस, अलाव ताप रहे नाबालिग पर 'मौत का वार' दिल्ली पुलिस ने 4 घंटे के 'मिडनाइट ऑपरेशन' में कातिलों को दबोचा



    नई दिल्ली। देश की राजधानी के आउटर-नॉर्थ जिले (नरेला) से एक रूह कपा देने वाली वारदात सामने आई है। जहाँ राणा पार्क में दोस्तों के साथ अलाव ताप रहे एक नाबालिग लड़के की सरेआम चाकू मारकर हत्या कर दी गई। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने अपनी पेशेवर कार्यकुशलता का परिचय देते हुए महज़ 240 मिनट (4 घंटे) के भीतर कातिलों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।

    वारदात: अलाव की गर्मी के बीच बिछी लाश
    हाड़ कंपाने वाली ठंड में मृतक अपने कुछ दोस्तों के साथ नरेला के राणा पार्क में आग (अलाव) जलाकर बैठा था।

    माहौल सामान्य था, तभी अचानक रात के अंधेरे को चीरते हुए 6-7 हमलावर वहाँ पहुंचे। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने नाबालिग को घेर लिया और ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला कर दिया। चश्मदीदों के अनुसार, हमला इतना अचानक और हिंसक था कि पीड़ित को संभलने तक का मौका नहीं मिला। शोर सुनकर जब तक लोग मदद के लिए दौड़ते, आरोपी मौके से फरार हो चुके थे।

    पुलिस का ‘एक्शन मोड’: CCTV बना सबसे बड़ा गवाह
    घटना की सूचना मिलते ही आउटर-नॉर्थ जिले की पुलिस टीम मौके पर पहुँची। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कई टीमें गठित की गईं। पुलिस ने इलाके के एग्जिट पॉइंट्स पर लगे CCTV कैमरों को खंगाला।

    फुटेज में हमलावरों के चेहरे और भागने की दिशा साफ नजर आई।बीट अधिकारियों ने फुटेज के आधार पर स्थानीय स्तर पर पहचान शुरू की।पुलिस ने मात्र 4 घंटे के अंदर घेराबंदी करके संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर आरोपियों को दबोच लिया।

    वजह: ‘पुरानी रंजिश’ का खूनी अंजाम
    शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस कत्ल की पटकथा पुरानी रंजिश के चलते लिखी गई थी। हमलावरों और मृतक के बीच पहले से ही किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था, जिसका बदला लेने के लिए आरोपियों ने पार्क में घेराबंदी की और इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।जहां इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर नाबालिगों के बीच बढ़ते ‘गैंग कल्चर’ और गुस्से पर चिंता बढ़ा दी है, वहीं दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों को यह कड़ा संदेश दिया है कि वे कानून की नजरों से ज्यादा देर तक बच नहीं सकते।

  • बजट से पहले निवेशकों में सतर्कता, बैंकिंग और एनर्जी शेयर कमजोर

    बजट से पहले निवेशकों में सतर्कता, बैंकिंग और एनर्जी शेयर कमजोर


    नई दिल्ली :घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को गिरावट का रुख देखने को मिला। शुरुआती कारोबार से ही बिकवाली के दबाव में प्रमुख सूचकांक कमजोर नजर आए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब 100 अंकों की गिरावट के साथ 82,250 के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 30 अंक फिसलकर 25,250 के स्तर पर बना रहा।
    बाजार की इस कमजोरी के पीछे बैंकिंग, एनर्जी और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में दबाव को प्रमुख वजह माना जा रहा है।कारोबार के दौरान बैंकिंग सेक्टर के दिग्गज शेयरों में बिकवाली देखी गई, जिससे बाजार को कोई ठोस सहारा नहीं मिल सका। निजी और सरकारी दोनों बैंकों के शेयरों में दबाव बना रहा। इसके अलावा तेल गैस और ऊर्जा कंपनियों में मुनाफावसूली ने भी बाजार की चाल को प्रभावित किया। एफएमसीजी शेयरों में सुस्ती के चलते निवेशकों की धारणा कमजोर रही और व्यापक बाजार पर इसका असर साफ दिखाई दिया।

    बजट से पहले बाजार में असमंजस
    विशेषज्ञों का मानना है कि 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले शेयर बाजार फिलहाल स्पष्ट दिशा के अभाव में है। निवेशक बड़े फैसले लेने से बच रहे हैं और सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इसी कारण आने वाले सत्रों में भी बाजार में उतार चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए 25,000 का स्तर एक अहम सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो बाजार में गिरावट और गहरी हो सकती है। वहीं ऊपर की ओर 25,400 से 25,500 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञ निवेशकों को फिलहाल केवल मजबूत फंडामेंटल वाले चुनिंदा लार्ज कैप शेयरों में ही निवेश की सलाह दे रहे हैं।

    ग्लोबल बाजारों से मिले मिले जुले संकेत
    जहां घरेलू शेयर बाजार दबाव में रहा, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती का रुख देखने को मिला। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,994 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। जापान का निक्केई भी 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ 53,870 पर पहुंच गया।हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.29 प्रतिशत चढ़कर 26,706 के स्तर पर रहा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.27 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,133 पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी बाजारों में भी गुरुवार को मजबूती देखने को मिली थी। डाउ जोंस 0.63 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ था, जबकि नैस्डेक कंपोजिट और एसएंडपी 500 में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई।

    FII की बिकवाली, DII बने सहारा
    निवेश प्रवाह की बात करें तो 22 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बाजार में बिकवाली की। एफआईआई ने करीब 2,549 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 4,222 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 में एफआईआई ने कुल 34,350 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, जबकि डीआईआई ने 79,620 करोड़ रुपये की मजबूत खरीदारी की थी। इससे साफ है कि घरेलू निवेशक बाजार में स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

    पिछले सत्र में दिखी थी तेजी
    इससे पहले गुरुवार को बाजार में अच्छी मजबूती देखने को मिली थी। सेंसेक्स 398 अंक की तेजी के साथ 82,307 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 132 अंक चढ़कर 25,290 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि बजट से पहले मौजूदा सत्र में बाजार ने फिर से सतर्क रुख अपना लिया है।कुल मिलाकर बजट से जुड़ी उम्मीदें और वैश्विक संकेत आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।