Author: bharati

  • मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 8 जिलों में बारिश की संभावना, ठंडक बनी रहेगी

    मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 8 जिलों में बारिश की संभावना, ठंडक बनी रहेगी



    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर अपना रंग बदला है। अगले 24 घंटों में प्रदेश के आठ जिलों – ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बादलों के छाए रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार से ही मौसम में बदलाव दिखाई दे रहा है और शुक्रवार को उत्तरी जिलों में हल्की-से-मध्यम बारिश हो सकती है।

    26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी बारिश के रूप में दिख सकता है। फिलहाल अगले दो दिनों तक तेज ठंड के आसार नहीं हैं, लेकिन सुबह के समय कोहरा रहने की संभावना बनी हुई है।

    गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव और सिवनी में कोहरा देखा गया। वहीं, भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन और विदिशा में दिनभर बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं का असर महसूस किया गया।

    मौसम विभाग ने बताया कि अगर बारिश हुई, तो यह इस सीजन का पहला मावठा होगा, क्योंकि नवंबर और दिसंबर में प्रदेश में बारिश नहीं हुई थी।

    गुरुवार रात कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा छतरपुर के नौगांव में 6.5, उमरिया में 6.9, रीवा में 7, खजुराहो में 7.4, दतिया में 7.6, दमोह और सतना में 8.8, मंडला में 9 और राजगढ़ व सीधी में 9.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में ग्वालियर 9, जबलपुर 10.9, भोपाल 11.2, इंदौर 13.6 और उज्जैन 13.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ ठंडक महसूस हुई। 

    दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं के बीच मौसम अलर्ट, श्रीनगर एयरपोर्ट पर उड़ानों पर रोक
    नई दिल्ली । दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक बदलाव दिखाया। राजधानी में सुबह हल्की बारिश के साथ तेज हवाओं का असर महसूस किया गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों के लिए नाउकास्ट चेतावनी जारी की है।
    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 घंटों के दौरान इन राज्यों में गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है, और हवाओं की रफ्तार 40-60 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर कुछ जगहों पर बारिश जारी रहने की संभावना है। बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
    पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के कई शहरों में भी मौसम का मिज़ाज बिगड़ सकता है। IMD ने लोगों से सतर्क रहने, कमजोर ढांचों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। वाहन चालक कम दृश्यता और जलभराव की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतें।

    श्रीनगर में मौसम की अचानक खराब स्थिति के कारण इंडिगो एयरलाइंस ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। बर्फबारी के चलते श्रीनगर एयरपोर्ट पर टेक-ऑफ और लैंडिंग पर अस्थायी रोक लगी है। एयरलाइन ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि जैसे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल अनुमति देगा, उड़ानें जल्द रवाना की जाएंगी।

  • अमीर घरों में क्यों लगाई जाती है 7 सफेद दौड़ते घोड़ों की तस्वीर? जानिए वास्तु शास्त्र में छिपा सफलता का सूत्र

    अमीर घरों में क्यों लगाई जाती है 7 सफेद दौड़ते घोड़ों की तस्वीर? जानिए वास्तु शास्त्र में छिपा सफलता का सूत्र


    नई दिल्ली। देश के कई समृद्ध परिवारों और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आपने अक्सर 7 सफेद दौड़ते घोड़ों की तस्वीर दीवारों पर सजी हुई देखी होगी। पहली नजर में यह केवल एक सुंदर पेंटिंग लगती हैलेकिन वास्तु शास्त्र में इसका गहरा और प्रभावशाली महत्व बताया गया है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसारयह तस्वीर केवल सजावट नहीं बल्कि सकारात्मक ऊर्जासफलता और आर्थिक उन्नति का एक प्रभावी माध्यम मानी जाती है।वास्तु शास्त्र में घोड़े को शक्तिसाहसगति और विजय का प्रतीक माना गया है। जब घोड़े दौड़ते हुए दिखाई देते हैंतो वे जीवन में रुकावटों को पार करने और निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उज्जैन के वास्तु आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसारसात सफेद घोड़ों की तस्वीर घर या कार्यालय में जमी हुई नकारात्मक ऊर्जा को तोड़ती है और प्रगति की राह को प्रशस्त करती है।

    आचार्य बताते हैं कि अंक 7’का वास्तु और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। सात दिनसात रंगसात लोक और मानव शरीर के सात चक्र- यह अंक जीवन की पूर्णता और संतुलन का प्रतीक माना जाता है। वहीं सफेद रंग शुद्धताशांति और सकारात्मकता से जुड़ा होता है। ऐसे में सात सफेद घोड़ों का संयोजन संतुलित और शक्तिशाली ऊर्जा उत्पन्न करता हैजो मानसिक स्थिरता के साथ आर्थिक उन्नति में सहायक माना जाता है।हालांकिइस तस्वीर को लगाने के लिए कुछ खास नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसारघोड़े हमेशा दौड़ते हुए होने चाहिए। खड़ेबैठे या थके हुए घोड़ों की तस्वीर शुभ फल नहीं देती। इसके अलावातस्वीर को घर या ऑफिस की उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना सबसे उत्तम माना गया है। घोड़ों का मुख हमेशा घर या कार्यस्थल के अंदर की ओर होना चाहिएताकि सकारात्मक ऊर्जा बाहर न जाए बल्कि भीतर प्रवेश करे।

    व्यापारिक प्रतिष्ठानों में इस तस्वीर को लगाने से कार्यों की गति बढ़ने और निर्णय क्षमता मजबूत होने की मान्यता है। कई उद्योगपति और व्यापारी मानते हैं कि इस उपाय को अपनाने के बाद उनके काम में आ रही बाधाएं कम हुईं और नए अवसर सामने आए। हालांकिविशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि यदि दिशा या नियमों की अनदेखी की जाएतो इसका विपरीत प्रभाव भी पड़ सकता हैक्योंकि यह तस्वीर ऊर्जा को तीव्र रूप से आकर्षित करती है।

    वास्तु जानकारों का कहना है कि ऐसे उपाय तभी प्रभावी होते हैंजब उन्हें आस्था और सही विधि के साथ अपनाया जाए। इसे अंधविश्वास की बजाय एक सांस्कृतिक और मानसिक प्रेरणा के रूप में देखना चाहिएजो व्यक्ति को सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास की ओर प्रेरित करती है।कुल मिलाकर7 सफेद दौड़ते घोड़ों की तस्वीर को वास्तु शास्त्र में प्रगतिसाहससौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। यही वजह है कि देशभर में कई सफल और संपन्न लोग इसे अपने घर और कार्यस्थल में स्थान देना शुभ मानते हैं।

  • जानिए आज शुक्रवार का राशिफल

    मेष राशि :- अपने काम को प्राथमिकता से करें। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। लाभ होगा और पुराने मित्रों से समागम भी होगा। संतान पक्ष की समस्या समाप्त होगी। स्वभाव में सौम्यता आपकी मदद करेगी। जीवन साथी से संबंधों में मिठास बढ़ेगी। परामर्श व परिस्थिति सभी का सहयोग मिलेगा। शुभांक-3-5-7

    वृष राशि :- समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। पर प्रपंच में ना पड़कर अपने काम पर ध्यान दीजिए। नौकरी में सावधानीपूर्वक कार्य करें। विरोधियों के सक्रिय होने की संभावना है। कारोबारी यात्रा को फिलहाल टालें। कारोबारी काम में बाधा बनी रहेगी। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। शुभांक-2-4-6

    मिथुन राशि :- जो चल रहा है उसे सावधानीपूर्वक संभालें। मायूस न हो समय चक्र हैं। कारोबारी काम में बाधा उभरने से मानसिक अशांति बनी रहेगी। शत्रुभय, चिंता, संतान को कष्ट, अपव्यय के कारण बनेंगे। कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने में रुकावट का एहसास होगा। पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। धन के लेन-देन में सतर्क रहें। शुभांक-2-5-8

    कर्क राशि :- परिवार में मांगलिक कार्यों का आयोजन होगा। वैवाहिक जीवन में प्रेम-प्रीति बढ़ेगी। जीवन साथी से संबंधों में मिठास बढ़ेगी। राजकीय सम्मान प्राप्त होने के योग हैं। शांतिपूर्वक कार्य करें, जान है तो जहान है, अत: वाहन आदि चलाने में सावधानी बरतें। अपना कार्य स्वयं करें, किसी के भरोसे न रहें। शुभांक-1-5-8

    सिंह राशि :- नये लोगों से मेल-मिलाप भविष्य में लाभदायक सिद्ध होगा। घर तथा व्यावसाय को एक-दूसरे से दूर ही रखें। व्यापारिक संबंधों में प्रगति के योग हैं। स्थान परिवर्तन की संभावना हैं। कार्य स्थल पर नियमपूर्वक व्यवहार लाभकारी होगा। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। शुभांक-2-5-7

    कन्या राशि :- धन के लेन-देन में सतर्क रहें। बातचीत में संयम बरतें। मन में चंचलता बढ़ेगी। भावुकता वश निर्णय न लें। कर्ज देने से बचें। मानसिक व्यथा व संतान के कारण परेशानी होगी। कला क्षेत्र के जातकों को मेहनत के बाद सफलता मिलेगी। कारोबारी यात्रा को फिलहाल टालें। शुभांक-2-6-8

    तुला राशि :- सरकारी पक्ष से पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। पुराना विवाद समाप्त होगा। आर्थिक मजबूती हेतु मन केन्द्रित होगा। मिल रहे अवसरों का लाभ उठाएं। आर्थिक योजनाएं फलित होंगी। बकाया धन की प्राप्ति के योग हैं। शुभांक-1-5-8

    वृश्चिक राशि :- उत्साह में वृद्धि होगी। आलस्य का त्याग करें। नये आय के स्त्रोत बनेंगे। पद-प्रतिष्ठा बढ़ने के लिए कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। पसंदीदा भोज्य पदार्थों की प्राप्ति होगी। लम्बे प्रवास व चुनौती पूर्ण कार्यों का सामना हो सकता हैं। व्यवसायिक क्षेत्र में आपकी मेहनत व लगन की परीक्षा होगी। शुभांक-3-6-9

    धनु राशि :- लेन-देन में स्पष्टता बनाये रखें। घर के सदस्य मदद करेंगे और साथ ही आर्थिक बदहाली से भी मुक्ति मिलने लगेगी। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। राजकीय कार्यों से लाभ। पैतृक सम्पत्ति से लाभ। शुभांक-3-5-7

    मकर राशि :- आज की सुविधा कल नहीं मिल पायेगी, लाभ उठाएं। मित्रों से सावधान रहें तो ज्यादा उत्तम है। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। नौकरी में स्थिति सामान्य ही रहेगी। शैक्षणिक क्षेत्र में उदासीनता रहेगी। शुभ कार्यों में व्यय होगा व हर्ष पूर्ण माहौल बनेगा। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। धार्मिक यात्रा शुभ है। शुभांक-3-5-8

    कुंभ राशि :- अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। मित्रों की उपेक्षा करना ठीक नहीं रहेगा। नौकरी के क्षेत्र में कुछ उलझनें रहेंगी। यश-प्रतिष्ठा में वृद्धि व शिक्षा में परेशानी आ सकती है। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। व्यापार में वृद्घि होगी। आज का परिश्रम आगे लाभ देगा। इच्छित कार्य सफल होंगें। शुभांक-3-6-9

    मीन राशि :- व्यर्थ की भाग-दौड़ से यदि बचा ही जाए तो अच्छा है। श्रेष्ठजनों की सहानुभूति मिलेगी। कारोबारी यात्रा सफल होगी। बुद्धि, बल व पराक्रम सफल होगा। व्यापार में वृद्धि व लाभ मिलेगा। कार्यक्षेत्र में संतोषजनक सफलता मिलेगी। आर्थिक हित के काम को साधने में मदद मिल जाएगी। शुभांक-2-4-8
  • सिनेमा जगत को बड़ा झटका: साउथ एक्टर कमल रॉय ने 54 की उम्र में तोड़ा दम.

    सिनेमा जगत को बड़ा झटका: साउथ एक्टर कमल रॉय ने 54 की उम्र में तोड़ा दम.


    नई दिल्‍ली । साउथ फिल्म इंडस्ट्री के लिए आज का दिन एक दुखद खबर लेकर आया है। प्रसिद्ध अभिनेता कमल रॉय का 54 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की वजह दिल का दौरा बताया गया है। कमल रॉय ने फिल्मों में अक्सर खलनायक की भूमिका निभाई और अपनी दमदार एक्टिंग के लिए जाने जाते थे। वे तीन बहनों के इकलौते भाई थे, जिनमें से सभी साउथ फिल्मों की चर्चित एक्ट्रेस हैं। इस मामले में फैन्स और इंडस्ट्री के लोग शोक व्यक्त कर रहे हैं। उनके निधन से साउथ सिनेमा में शोक की लहर है, क्योंकि कमल रॉय ने अपनी फिल्मों और स्क्रीन प्रेजेंस से कई दर्शकों के दिलों में अपनी अलग पहचान बनाई थी।

    दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत
    अभिनेता कमल रॉय का निधन दिल का दौरा पड़ने के कारण हुआ। 54 साल के कमल रॉय ने अपनी अंतिम सांसें चेन्नई स्थित अपने घर में लीं। खबरों के मुताबिक, उनका निधन अचानक हुआ और इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। अभी तक उनके परिवार की ओर से अंतिम संस्कार या श्रद्धांजलि कार्यक्रम को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। कमल रॉय की फिल्मी करियर और उनके योगदान को याद करते हुए फैन्स और फिल्म जगत के लोग सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

    तीन मशहूर बहनों के इकलौते भाई
    कमल रॉय का संबंध साउथ फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने फिल्मी परिवार से था। उनकी बहनें उर्वशी, कल्पना और कलारंजिनी साउथ सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेसेस में शुमार हैं। परिवार में उनका एक और भाई भी था, प्रिंस, जिनका कुछ साल पहले निधन हो गया। फिल्मी परिवेश में जन्म लेने के बावजूद कमल रॉय ने अपने अभिनय और भूमिकाओं से अपनी अलग पहचान बनाई। चाहे खलनायक की भूमिका हो या इंटेंस ड्रामा, उन्होंने हर किरदार में अपनी छाप छोड़ी और दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। उनकी बहनों के साथ यह फिल्मी कनेक्शन और उनके व्यक्तिगत अभिनय करियर ने उन्हें साउथ सिनेमा का एक अहम चेहरा बना दिया।

    कमल रॉय का अभिनय सफर
    कमल रॉय ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत टीवी सीरियल युवजनोत्सवम से की थी, जिसने उन्हें अभिनय की दुनिया में पहला मंच दिया। इसके बाद उन्होंने मलयालम सिनेमा में कई यादगार फिल्मों में काम किया। उनके करियर की हिट फिल्मों में कोलीलक्कम, किंगिनी, सयुज्यम, मंजू, कल्याण सौगंधिकम, वचलम, शोभनम, द किंग मेकर और लीडर शामिल हैं। मलयालम फिल्मों में अपनी सफलता के बाद कमल रॉय ने साउथ की अन्य भाषाओं की फिल्मों में भी अभिनय किया और दर्शकों के बीच अपनी अलग छवि बनाई।

  • भोपाल में एक बाइक पर सात युवक सवार: गौहर महल के पास वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग तेज

    भोपाल में एक बाइक पर सात युवक सवार: गौहर महल के पास वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग तेज


    भोपाल । भोपाल में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक स्प्लेंडर बाइक पर सात युवक सवार दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो वीआईपी रोड स्थित गौहर महल क्षेत्र का बताया जा रहा है, जो रेतघाट इलाके के निकट आता है। वीडियो में दिख रहे अधिकांश युवक नाबालिग बताए जा रहे हैं, लेकिन इस बात की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

    वायरल क्लिप 21 जनवरी की बताई जा रही है और इसकी लंबाई केवल 12 सेकंड है। इसमें साफ देखा जा सकता है कि एक ही दोपहिया वाहन पर सात युवक सफर कर रहे हैं, जो सामान्य यातायात नियमों के खिलाफ है। इतना ही नहीं, इस तरह की हरकतों से न केवल सवारों की जान खतरे में होती है, बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के लिए भी यह बेहद जोखिम भरा है।

    इससे पहले भी ग्वालियर से इसी तरह का वीडियो सामने आ चुका है, जिसमें सात नाबालिगों ने एक बाइक पर खतरनाक स्टंट किए थे।

    ग्वालियर वीडियो में नाबालिग तेज रफ्तार में बाइक चला रहे थे और यह घटना सोमवार रात की बताई गई थी, जबकि वीडियो मंगलवार सुबह वायरल हुआ था।

    भोपाल के वायरल वीडियो को लेकर लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों बढ़ रही है। सोशल मीडिया यूजर्स ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है और सवाल उठाए हैं कि आखिर कैसे इतनी संख्या में युवक बिना किसी रोक-टोक के सड़क पर ऐसे खतरनाक प्रयोग कर रहे हैं।

    किसी भी तरह की पुष्टि नहीं, फिर भी खतरा बढ़ता जा रहा
    हालांकि वीडियो की सत्यता और सटीक तारीख की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है, फिर भी यह घटना युवा सुरक्षा, ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

  • T20 वर्ल्ड कप 2026 विवाद: बांग्लादेश के बहिष्कार से ICC के सामने संकट, क्रिकेट में बढ़ी राजनीति की तपिश

    T20 वर्ल्ड कप 2026 विवाद: बांग्लादेश के बहिष्कार से ICC के सामने संकट, क्रिकेट में बढ़ी राजनीति की तपिश


    नई दिल्ली।अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब बांग्लादेश ने T20 वर्ल्ड कप 2026 के बहिष्कार का औपचारिक ऐलान कर दिया। भारत में प्रस्तावित इस मेगा टूर्नामेंट से हटने के फैसले के पीछे बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं और मौजूदा राजनीतिक हालात का हवाला दिया है। इस फैसले ने न केवल इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की मुश्किलें बढ़ा दी हैं बल्कि पूरे टूर्नामेंट के शेड्यूल, ग्रुप समीकरण और एशियाई क्रिकेट की राजनीति को भी नए सिरे से चर्चा में ला दिया है।

    बांग्लादेश सरकार, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ियों ने एकजुट होकर यह स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत जाकर खेलना सुरक्षित नहीं है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने ICC पर सीधे तौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि खिलाड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जा रही। उनका कहना है कि बांग्लादेश किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।

    ICC पहले ही यह साफ कर चुका था कि T20 वर्ल्ड कप के मुकाबले तय कार्यक्रम के अनुसार भारत में ही होंगे और किसी भी हाल में वेन्यू बदला नहीं जाएगा। इसके बावजूद बांग्लादेश अपने फैसले पर अडिग रहा। 21 जनवरी को ICC से आधिकारिक संदेश मिलने के बाद BCB अध्यक्ष ने सरकार के खेल सलाहकार से मुलाकात की। इसके अगले दिन खिलाड़ियों के साथ अहम बैठक हुई, जिसमें सभी खिलाड़ियों ने भारत में खेलने से इनकार कर दिया। इसके बाद BCB ने औपचारिक रूप से ICC को सूचित कर दिया कि यदि मैचों का वेन्यू श्रीलंका नहीं बदला गया तो बांग्लादेश टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेगा।

    ICC की 21 जनवरी को हुई अहम बैठक में बांग्लादेश ने अपने मैच भारत से बाहर कराने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव पर वोटिंग कराई गई, जिसमें 16 में से 14 देशों ने बांग्लादेश के खिलाफ मतदान किया। केवल पाकिस्तान और बांग्लादेश ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद ICC ने बयान जारी कर कहा कि भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों, अधिकारियों या दर्शकों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस खतरा नहीं है और टूर्नामेंट तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा।

    टूर्नामेंट शेड्यूल के मुताबिक बांग्लादेश को ग्रुप C में रखा गया था। टीम का पहला मुकाबला 7 फरवरी 2026 को वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होना था। इसके बाद 9 फरवरी को इटली, 14 फरवरी को इंग्लैंड और 17 फरवरी को नेपाल के खिलाफ मैच खेले जाने थे। अब बांग्लादेश के हटने से यह पूरा शेड्यूल अधर में लटक गया है।विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत-बांग्लादेश के हालिया राजनीतिक तनाव का असर अब क्रिकेट पर साफ दिखने लगा है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक मुद्दों, आईपीएल 2026 से मुस्ताफिजुर रहमान के बाहर होने और आईपीएल के प्रसारण से जुड़े फैसलों ने रिश्तों में और कड़वाहट बढ़ाई है।

    बांग्लादेश के बाहर होने के बाद बड़ा सवाल यह है कि उसकी जगह कौन लेगा। चर्चाएं हैं कि स्कॉटलैंड को मौका दिया जा सकता है, हालांकि इस पर अभी ICC की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। बांग्लादेश के बहिष्कार ने ICC की साख और आयोजन क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब दुनिया की नजरें ICC के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह इस संकट से कैसे निपटता है और T20 वर्ल्ड कप 2026 को बिना किसी बड़े झटके के आगे बढ़ा पाता है या नहीं।

  • भोपाल में खाद्य भवन निर्माण के लिए 150 पेड़ कटेंगे, विरोध में कर्मचारी-पर्यावरणविद् ने किया 'चिपको आंदोलन'

    भोपाल में खाद्य भवन निर्माण के लिए 150 पेड़ कटेंगे, विरोध में कर्मचारी-पर्यावरणविद् ने किया 'चिपको आंदोलन'


    भोपाल । भोपाल में अब एक बार फिर पेड़ कटाने का विवाद उभर आया है। अयोध्या बायपास और रत्नागिरी के बाद अब एमपी नगर में खाद्य भवन निर्माण के लिए लगभग 150 पेड़ काटे जाने की तैयारी है। ये पेड़ करीब 50 साल पुराने हैं और स्थानीय पर्यावरणविद्, कर्मचारी और आम नागरिक इस कदम के विरोध में हैं। गुरुवार को कर्मचारियों ने पेड़ों से चिपककर ‘चिपको आंदोलन’ किया और खुले तौर पर पेड़ कटाने का विरोध जताया।
    इस आंदोलन में कई महिला कर्मचारी भी हाथों में तख्तियां लेकर शामिल हुईं।

    जानकारी के अनुसार, वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन ने 64 करोड़ रुपए के बजट से सभी दफ्तरों को एक जगह शिफ्ट करने के लिए नए 6 मंजिला भवन का प्रस्ताव तैयार किया है। इस भवन का निर्माण एमपी नगर स्थित नाप-तौल नियंत्रक कार्यालय की जमीन पर होना है। अनुमान है कि सभी सुविधाओं सहित इस परियोजना पर 90 से 100 करोड़ रुपए तक खर्च आएगा। यह विवाद इसलिए भी बढ़ रहा है क्योंकि वेयर हाउसिंग, खाद्य संचालनालय और नाप-तौल विभाग के अपने भवन हैं, जबकि केवल नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) ही किराए के दफ्तर में संचालित हो रहा है।

    वर्तमान में इसी जगह पर नाप-तौल मुख्यालय स्थित है। संभागीय और जिला कार्यालय पहले ही जेके रोड पर स्थानांतरित कर दिए गए हैं। यह पुरानी बिल्डिंग लगभग 50 साल पुरानी है, लेकिन अभी भी अच्छी स्थिति में है। नाप-तौल विभाग ने भी लगभग तीन महीने पहले पास में ही जमीन शासन से मांगी थी, जिससे यह सवाल उठता है कि नए भवन के लिए पेड़ काटना क्यों जरूरी है।

    वहीं दूसरी ओर, विध्यांचल भवन में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का संचालनालय है, जबकि वेयर हाउसिंग की अपनी बड़ी बिल्डिंग गौतम नगर में मौजूद है।

    यानी विभाग के पास पहले से ही भवन और सुविधाएँ हैं, फिर भी नए 6 मंजिला भवन का प्रस्ताव क्यों बनाया जा रहा है, यह विवाद का मुख्य मुद्दा बन रहा है।

    इस मामले में विरोध तेज होने पर अब उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इस घटना की जांच के लिए कदम उठाया है। सरकार ने ADG (मेरठ जोन) भानु भास्कर की अध्यक्षता में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है, जिसे 5 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

  • महाराष्ट्र के 15 नगर निगमों में महिला महापौर तय, BMC को लेकर सियासी घमासान

    महाराष्ट्र के 15 नगर निगमों में महिला महापौर तय, BMC को लेकर सियासी घमासान


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र की नगर निगम राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। राज्य के 29 नगर निगमों में से 15 नगर निगमों में महिला महापौर तय हो गई हैं। गुरुवार को मुंबई में शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसल की मौजूदगी में लॉटरी प्रणाली के जरिए महापौर पदों के लिए आरक्षण की घोषणा की गई। इस फैसले के साथ ही राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट ने विशेष रूप से बृहन्मुंबई महानगरपालिका को लेकर नियम बदलने का आरोप लगाया है।
    लॉटरी प्रक्रिया के तहत 29 नगर निगमों में से 16 महापौर पद अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। शेष 13 पद सामान्य वर्ग के लिए रखे गए हैं। महिला आरक्षण के 50 प्रतिशत नियम के तहत 15 नगर निगमों में महिला महापौर का चयन सुनिश्चित हुआ है। मुंबई नगर निगम में यह छठा अवसर होगा जब किसी महिला को महापौर बनने का मौका मिलेगा।

    हालांकि इस फैसले को लेकर विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताई है। पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि पिछले दो कार्यकालों में मुंबई के महापौर सामान्य वर्ग से चुने गए थे। ऐसे में इस बार OBC या ST वर्ग को अवसर मिलना चाहिए था। उनका आरोप है कि सरकार ने लॉटरी से ठीक पहले नियमों में बदलाव किया और इसकी जानकारी किसी भी राजनीतिक दल को नहीं दी गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया।विवाद केवल मुंबई तक सीमित नहीं है। परभणी नगर निगम में भी महिला महापौर के आरक्षण को लेकर सवाल उठाए गए हैं। उद्धव शिवसेना का कहना है कि वहां आरक्षण रोटेशन के सिद्धांत का पालन नहीं किया गया। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि यदि जरूरत पड़ी तो वह चुनाव आयोग और न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।

    लॉटरी के नतीजों के अनुसार ठाणे नगर निगम में महापौर पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। कल्याण डोंबिवली में अनुसूचित जनजाति वर्ग को यह पद मिलेगा। वहीं मुंबई पुणे नागपुर नासिक और पिंपरी चिंचवड़ जैसे बड़े शहरों में महापौर पद सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। चंद्रपुर नगर निगम में लगातार पांचवीं बार महिला महापौर चुनी जाएगी जो अपने आप में एक अनोखा रिकॉर्ड माना जा रहा है।अब अगला चरण नामांकन प्रक्रिया का होगा। जल्द ही महापौर चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाएगी। इसके बाद नगर निगम की विशेष बैठक में पार्षदों द्वारा मतदान के जरिए महापौर का चुनाव होगा। मतदान से पहले सभी राजनीतिक दल अपने पार्षदों को व्हिप जारी करेंगे। पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान करने पर पार्षद की सदस्यता रद्द किए जाने का प्रावधान है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण से स्थानीय राजनीति में महिला नेतृत्व को मजबूती मिलेगी। लेकिन आरक्षण रोटेशन और नियमों में बदलाव को लेकर उठे सवाल आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में नया टकराव पैदा कर सकते हैं। खासकर BMC जैसे प्रभावशाली नगर निगम में यह मुद्दा सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया 27 जनवरी को करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ

    मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया 27 जनवरी को करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ


    भोपाल।भोपाल में 27 जनवरी 2026 की शाम खेल और युवा ऊर्जा का भव्य उत्सव देखने को मिलेगा। खेलो एमपी यूथ गेम्स की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया द्वारा किया जाएगा। यह भव्य समारोह शाम 6:30 बजे से टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित होगा, जिसमें खेलों की थीम पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और देश के जाने-माने पार्श्व गायक कैलाश खेर की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी।

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स की तैयारी व्यापक स्तर पर की गई है। प्रदेश में ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं, जबकि जिला और संभाग स्तरीय मुकाबले प्रगति पर हैं, जो 25 जनवरी 2026 तक संपन्न हो जाएंगे। इसके बाद राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभागों की टीमें प्रतिस्पर्धा में उतरेंगी।मंत्री श्री सारंग ने बताया कि शुभारंभ समारोह को पूरी तरह खेलों की भावना और युवा उत्साह पर आधारित रखा गया है। कैलाश खेर की संगीतमय प्रस्तुति के साथ-साथ इंडियाज़ गॉट टैलेंट फेम डांस ट्रूप द्वारा ऊर्जावान नृत्य, खेलों के इतिहास पर आधारित नृत्य-नाटिका और भव्य आतिशबाजी आयोजन को यादगार बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम खेल, संस्कृति और युवा शक्ति का जीवंत संगम होगा।

    खेलो एमपी यूथ गेम्स की एक बड़ी विशेषता यह है कि देश में पहली बार खेल विभाग और सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों के समन्वय से इतने बड़े स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि इस मॉडल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आए हैं। यह प्रयोग भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दिशा में मध्यप्रदेश का अहम कदम माना जा रहा है।खिलाड़ियों के चयन और सहभागिता को पारदर्शी बनाने के लिए डैशबोर्ड आधारित ऑनलाइन पंजीयन प्रणाली अपनाई गई है। अब तक एक लाख से अधिक खिलाड़ी पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीयन से लेकर परिणामों तक की पूरी प्रक्रिया रीयल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए की जा रही है।

    राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 31 जनवरी 2026 तक चलेंगी, जिनमें कुल 28 खेल शामिल हैं। खेलों का आयोजन प्रदेश के विभिन्न शहरों-भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर और नर्मदापुरम-में उनकी स्थानीय परंपरा और लोकप्रियता के अनुसार किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार पिट्टू और रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रोबॉल को भी विशेष स्थान दिया गया है।मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स प्रदेश के युवाओं को प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच प्रदान कर रहे हैं और यह आयोजन मध्यप्रदेश को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

  • लोकतंत्र के पर्व पर सौगात: 25 जनवरी से आम जनता के लिए खुलेगा 'लोकभवन', जानिए समय और प्रवेश की पूरी प्रक्रिया

    लोकतंत्र के पर्व पर सौगात: 25 जनवरी से आम जनता के लिए खुलेगा 'लोकभवन', जानिए समय और प्रवेश की पूरी प्रक्रिया


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लोकतंत्र के महापर्व गणतंत्र दिवस को खास बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के निर्देशानुसार ऐतिहासिक ‘लोकभवन’ के द्वार आगामी 25 जनवरी से आम नागरिकों के लिए खोल दिए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य जनता को प्रदेश की लोकतांत्रिक और प्रशासनिक विरासत से रूबरू कराना है। नागरिक 25 जनवरी से लेकर 27 जनवरी 2026 तक निर्धारित समयावधि में भवन परिसर का भ्रमण कर सकेंगे और इसकी भव्यता का अवलोकन कर सकेंगे।

    भ्रमण का समय और प्रवेश व्यवस्था राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि आम जनता की सुविधा के लिए अलग-अलग समय तय किए गए हैं। 25 जनवरी और 27 जनवरी 2026 को लोकभवन दोपहर 2:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक खुला रहेगा। वहीं 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के मुख्य पर्व पर भ्रमण का समय सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक रखा गया है।भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रवेश और निकास के लिए स्पष्ट मार्ग निर्धारित किए गए हैं। आगंतुकों के लिए प्रवेश गेट क्रमांक-1 से होगा जबकि भ्रमण के पश्चात निकास गेट क्रमांक-4 से सुनिश्चित किया गया है। वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था कुशाभाऊ ठाकरे सभागार मिंटो हॉल परिसर में की गई है ताकि यातायात बाधित न हो।

    आकर्षण का केंद्र: विशेष प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम लोकभवन का यह भ्रमण केवल भवन देखने तक सीमित नहीं होगा बल्कि यहाँ आने वाले लोगों को ज्ञानवर्धक और मनोरंजक अनुभव भी मिलेगा। इस अवसर पर केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा “वीबी-जी रामजी योजना तथा वंदे भारत थीम” पर आधारित एक बेहद आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके साथ ही तीनों दिन केंद्रीय संचार ब्यूरो के सांस्कृतिक दलों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी जो देशभक्ति के रंग में सराबोर होंगी।

    जनसंपर्क विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा भी एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है जिसका विषय “राजभवन से लोकभवन” रखा गया है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से लोकभवन की ऐतिहासिकता इसकी लोकतांत्रिक महत्ता और प्रशासनिक यात्रा को बेहद रोचक ढंग से चित्रों और दस्तावेजों के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। इतना ही नहीं आगंतुकों के लिए लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा जो प्रदेश के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालेंगी।राज्यपाल सचिवालय ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपनी ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखें। पूरे रूट पर सुरक्षा और जनसुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि नागरिक सुगमता से अवलोकन कर सकें।