Author: bharati

  • आज का पंचांग: विनायक चतुर्थी पर गणेश पूजा का महायोग, जानें शुभ मुहूर्त, नक्षत्र और राहुकाल

    आज का पंचांग: विनायक चतुर्थी पर गणेश पूजा का महायोग, जानें शुभ मुहूर्त, नक्षत्र और राहुकाल


    नई दिल्ली। आज 22 जनवरी 2026, गुरुवार को माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। यह तिथि विनायक चतुर्थी और तिल चतुर्थी के रूप में मनाई जा रही है। पंचांग के अनुसार आज का दिन भगवान गणेश की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और सही मुहूर्त में गणपति पूजन करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं, रुके हुए कार्य पूरे होते हैं और नई शुरुआत में सफलता मिलती है।
    आज की चतुर्थी तिथि रात्रि 2 बजकर 29 मिनट तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि का आरंभ होगा। विक्रम संवत 2082 और शक संवत 1947 चल रहा है। सूर्य उत्तरायण में हैं और शिशिर ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। चंद्रमा पूरे दिन कुंभ राशि में संचार करेगा, जिससे बौद्धिक कार्य, योजना निर्माण और रचनात्मक गतिविधियों के लिए दिन अनुकूल माना जा रहा है।नक्षत्र की बात करें तो आज शतभिषा नक्षत्र दोपहर 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, इसके बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग के रूप में सुबह 5 बजकर 48 मिनट तक वरीयान योग रहेगा, जो शुभ और सिद्धिदायक माना गया है। इसके बाद परिधि योग प्रभावी होगा। करण में वणिज करण दोपहर 2 बजकर 43 मिनट तक रहेगा, फिर बव करण लगेगा।

    आज के शुभ मुहूर्त
    आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:11 से 6:04 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:08 से 2:51 बजे तक है। इसके अलावा शाम की गोधूलि बेला 5:41 से 6:07 बजे तक रहेगी, जिसे पूजा-पाठ और संकल्प के लिए विशेष शुभ माना गया है। गणेश पूजा के लिए यह समय अत्यंत फलदायी है।

    अशुभ समय और सावधानी
    आज राहुकाल दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक रहेगा। सुबह 9:00 से 10:30 बजे तक गुलिक काल और 6:00 से 7:30 बजे तक यमगंड का समय रहेगा। आज पूरे दिन पंचक का प्रभाव भी बताया गया है इसलिए नए और जोखिम भरे कार्यों में सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।

    सूर्योदय और सूर्यास्त
    आज सूर्योदय सुबह 7:13 बजे और सूर्यास्त शाम 5:51 बजे होगा।

    धार्मिक महत्व और उपाय
    विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी को मोदक, तिल और गुड़ अर्पित करना विशेष शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को तिल, मिठाई या भोजन का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन बाधा निवारण, मानसिक शांति और नई शुरुआत के लिए उत्तम है।आज का पंचांग पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक कार्यों की योजना बनाने वालों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है। सही तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त में किया गया कर्म अधिक फलदायी माना गया है।

  • मध्य प्रदेश: 10 दिन में 11 लाख वोटर्स को हटाने की साजिश? कांग्रेस का बड़ा आरोप, EC के दरवाज़े पर PCC चीफ

    मध्य प्रदेश: 10 दिन में 11 लाख वोटर्स को हटाने की साजिश? कांग्रेस का बड़ा आरोप, EC के दरवाज़े पर PCC चीफ


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, काटने और सुधार की प्रक्रिया 23 जनवरी को खत्म हो रही है। इसी बीच कांग्रेस ने बीजेपी पर वोटर लिस्ट से नाम हटाने की सुनियोजित साजिश का आरोप लगाया है।कांग्रेस का दावा है कि सिर्फ 10 दिनों में लगभग 11 लाख वोटरों के नाम काटने के लिए बीजेपी ने बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 उपलब्ध कराए हैं।

    कांग्रेस का मुख्य आरोप: “प्रिंटेड फॉर्म-7” से वोटर हटाए जा रहे हैं
    कांग्रेस का कहना है कि जिन फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाए जा रहे हैं, वे प्री-प्रिंटेड (पहले से भरे हुए) हैं।

    इन फॉर्मों में विधानसभा क्रमांक,विधानसभा का नाम,हटाने वाले मतदाता का नाम और विवरण पहले से दर्ज है।
    लेकिन आवेदक का नाम और हस्ताक्षर कहीं नहीं है।कांग्रेस इसे चुनाव आयोग की प्रक्रिया का उल्लंघन और लोकतंत्र पर हमला करार दे रही है।

    जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, बीजेपी चुनाव हारने के डर से मैदान में नहीं, वोटर लिस्ट में खेल रही है।
    बिना आवेदक के नाम और हस्ताक्षर वाले प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7 लोकतंत्र की हत्या का प्रमाण हैं।
    SC, ST, अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग के मताधिकार को छीनने की यह सोची-समझी साजिश है।”उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चुनाव आयोग ने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया, तो कांग्रेस सड़कों से लेकर अदालत तक यह मुद्दा ले जाएगी।हम एक भी मतदाता का नाम गलत तरीके से कटने नहीं देंगे।

    कांग्रेस की मांग: EC तुरंत कार्रवाई करे
    कांग्रेस ने चुनाव आयोग से निम्नलिखित कार्रवाई की मांग की है
    सभी प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7 की तुरंत जांच
    बिना वैध आवेदन और हस्ताक्षर वाले फॉर्मों को निरस्त
    दोषी अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण देने वालों पर कड़ी कार्रवाई
    कांग्रेस का कहना है कि यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि संविधान और मताधिकार की रक्षा का मामला है।

    एक व्यक्ति ने 25-25 आपत्तियां”कांग्रेस का नया आरोप
    पटवारी ने कहा कि नियमों के अनुसार एक व्यक्ति केवल एक ही आपत्ति दर्ज करा सकता है, लेकिन बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एक ही व्यक्ति द्वारा 25-25 आपत्तियां दर्ज कराई हैं।उन्होंने कहा कि इसके प्रमाण चुनाव आयोग को सौंप दिए गए हैं।

    BLO को चेतावनी: अनियमितता मिली तो FIR
    पटवारी ने BLOs को चेतावनी दी कि, यदि किसी भी बूथ पर अनियमितता पाई गई, तो संबंधित BLO के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी।
    उन्होंने कहा कि कुछ BLO ईमानदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ भाजपा नेताओं के दबाव में काम कर रहे हैं, जिससे उनकी सर्विस रिकॉर्ड (CR) खराब हो सकती है।

    फर्जी आपत्तियों का आरोप
    पटवारी ने आरोप लगाया कि कई मतदाताओं को जानकारी तक नहीं है, और उनके नाम से ऑनलाइन फर्जी आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं।

    यह खासकर अल्पसंख्यक और आदिवासी क्षेत्रों में हो रहा है।उन्होंने कहा:वोट चोरी करके चुनाव जीतने की कोशिश की जा रही है।

    मंत्री विश्वास सारंग पर भी सवाल
    पटवारी ने कहा कि मंत्री विश्वास सारंग पिछले चुनाव हार चुके थे।
    उनकी सीट और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों से करीब एक-एक लाख वोट कम हुए हैं, जहाँ जीत-हार का अंतर अक्सर इतना ही रहता है।उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मांग की कि इन गड़बड़ियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया पर भारी आरोप लगाए हैं और इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है।अब सवाल यह है कि चुनाव आयोग इस मामले में कब और क्या कार्रवाई करता है, क्योंकि 23 जनवरी तक समय बहुत कम है।

  • तिलकुट चौथ व्रत 2026: संतान की रक्षा और दीर्घायु का पावन संकल्प, माता-पिता अवश्य जानें कथा और महत्व

    तिलकुट चौथ व्रत 2026: संतान की रक्षा और दीर्घायु का पावन संकल्प, माता-पिता अवश्य जानें कथा और महत्व


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में माघ मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का विशेष महत्व है। इसी दिन तिलकुट चौथ व्रत रखा जाता है, जिसे सकट चौथ का ही एक रूप माना जाता है। यह व्रत विशेष रूप से माता-पिता द्वारा संतान की लंबी आयु, उसके सुखद भविष्य और परिवार की सुरक्षा के लिए किया जाता है। वर्ष 2026 में भी श्रद्धा और आस्था के साथ यह व्रत रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा और कथा श्रवण से जीवन की बड़ी बाधाएं दूर होती हैं।

    तिलकुट चौथ का नाम ही इसके स्वरूप को दर्शाता है। इस दिन तिल और गुड़ से बने पकवानों का विशेष महत्व होता है। माताएं दिनभर व्रत रखकर शाम के शुभ समय में गणेश जी को तिलकुट लड्डू और दूर्वा अर्पित करती हैं। पूजा के बाद व्रत कथा सुनना और सुनाना अनिवार्य माना गया है क्योंकि कथा के बिना व्रत अधूरा माना जाता है।

    तिलकुट चौथ व्रत की पौराणिक कथा

    कथा के अनुसार, एक नगर में साहूकार और उसकी पत्नी रहते थे, जो धर्म-कर्म में विश्वास नहीं रखते थे। संतान न होने से वे दुखी रहते थे। एक दिन साहूकारनी ने पड़ोस में सकट चौथ की कथा सुनी जिसमें बताया गया कि इस व्रत से अन्न, धन, सुहाग और संतान की प्राप्ति होती है। साहूकारनी ने मन में संकल्प लिया कि यदि उसे पुत्र प्राप्त हुआ तो वह तिलकुट चौथ का व्रत करेगी।

    भगवान गणेश की कृपा से उसके घर पुत्र जन्मा, लेकिन समय बीतने के साथ वह अपना वचन भूल गई। जब पुत्र का विवाह तय हुआ, तब चौथ माता नाराज हो गईं और पुत्र को पीपल के पेड़ पर बैठा दिया। विवाह से पहले जब होने वाली बहू जंगल गई, तो उसे पेड़ से आवाज आई-ओ मेरी अर्धब्यहि। सच्चाई जानकर साहूकारनी को अपनी भूल का एहसास हुआ। उसने तुरंत ढाई मन तिलकुट चढ़ाकर विधिवत पूजा की। गणेश जी प्रसन्न हुए और पुत्र सुरक्षित विवाह मंडप में पहुंच गया।

    व्रत विधि और नियम

    इस दिन प्रातः स्नान के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। शाम को चंद्रमा और गणेश जी की पूजा की जाती है। तिल-गुड़ का भोग अर्पित कर कथा सुनी जाती है। व्रत का पारण संतान को तिलकुट खिलाकर किया जाता है। मान्यता है कि इससे संतान को नकारात्मक शक्तियों से रक्षा मिलती है।

    तिलकुट चौथ व्रत का महत्व
    यह व्रत माता-पिता और संतान के बीच भावनात्मक व आध्यात्मिक संबंध को मजबूत करता है। माना जाता है कि इससे संतान पर आने वाले संकट टलते हैं, विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। यही कारण है कि तिलकुट चौथ व्रत को मातृत्व और संतान-सुरक्षा का विशेष पर्व माना गया है।

  • BMC मेयर पद पर सस्पेंस खत्म? आरक्षण के बाद इस महिला उम्मीदवार की दावेदारी मजबूत

    BMC मेयर पद पर सस्पेंस खत्म? आरक्षण के बाद इस महिला उम्मीदवार की दावेदारी मजबूत

    नई दिल्ली। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में मेयर पद को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। गुरुवार को लॉटरी प्रक्रिया के जरिए यह तय किया गया कि बीएमसी मेयर की कुर्सी सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित होगी। जैसे ही यह फैसला सामने आया, मुंबई की राजनीति में हलचल तेज हो गई। सभी दलों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि देश की सबसे अमीर नगर निगम की कमान किस महिला नेता को मिलेगी।

    बीजेपी सबसे मजबूत दावेदार

    आरक्षण की घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में यह लगभग तय माना जा रहा है कि इस बार बीएमसी मेयर की कुर्सी पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा हो सकता है। नगर निगम चुनावों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और उसके पास पर्याप्त संख्याबल मौजूद है। ऐसे में पार्टी की ओर से महिला मेयर उम्मीदवार तय करने की कवायद तेज हो गई है।

    तेजस्वी घोसालकर का नाम सबसे आगे

    बीजेपी खेमे में जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है तेजस्वी घोसालकर। उन्होंने वार्ड नंबर 2 से जीत दर्ज की है और फिलहाल मेयर पद की दौड़ में सबसे आगे मानी जा रही हैं। तेजस्वी का राजनीतिक सफर भी चर्चा का विषय रहा है। वह पहले उद्धव ठाकरे गुट से जुड़ी थीं, लेकिन चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हुईं और जीत हासिल कर पार्टी नेतृत्व का भरोसा जीता।

    तेजस्वी घोसालकर, पूर्व पार्षद अभिषेक घोसालकर की पत्नी हैं। फरवरी 2024 में अभिषेक घोसालकर की फेसबुक लाइव के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसने पूरे महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर कर रख दिया था। इस दुखद घटना के बावजूद तेजस्वी ने राजनीतिक मैदान में मजबूती से कदम रखा और खुद को एक सशक्त नेता के रूप में स्थापित किया।

    तेजस्वी घोसालकर का राजनीतिक सफर

    तेजस्वी घोसालकर ने 2017 में अविभाजित शिवसेना के टिकट पर बीएमसी के वार्ड नंबर 1 से चुनाव जीतकर नगर राजनीति में प्रवेश किया था। समय के साथ राजनीतिक हालात बदले और दिसंबर 2025 में उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट से अलग होकर बीजेपी का दामन थाम लिया। इसके बाद हुए चुनाव में उन्होंने उद्धव गुट की उम्मीदवार धनश्री कोलगे को हराकर अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत कर ली।

    संख्याबल के दम पर बीजेपी आगे

    बीएमसी में मौजूदा गणित पर नजर डालें तो बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) ने मिलकर चुनाव लड़ा था। बीजेपी ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। दोनों के पास कुल 118 सीटें हैं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से ज्यादा हैं। ऐसे में गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत है।

    हालांकि दिलचस्प यह है कि विपक्ष में बैठी शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने 65 सीटें जीतकर अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन बीजेपी का संख्याबल सबसे ज्यादा होने के कारण मेयर पद पर उसकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।

    अब निगाहें अंतिम फैसले पर

    महिला आरक्षण तय होने के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बीजेपी किस नाम पर अंतिम मुहर लगाती है। तेजस्वी घोसालकर फिलहाल सबसे प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं, लेकिन राजनीति में आखिरी फैसला वक्त और रणनीति तय करती है। बीएमसी मेयर की कुर्सी को लेकर आने वाले दिनों में सियासी सरगर्मी और तेज होने के आसार हैं।

  • शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी: सेंसेक्स 850 अंक उछलकर 82,750 पर, निफ्टी 25,400 के पार

    शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी: सेंसेक्स 850 अंक उछलकर 82,750 पर, निफ्टी 25,400 के पार


    नई दिल्ली। गुरुवार, 22 जनवरी को घरेलू शेयर बाजार ने पिछले तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद दमदार वापसी की। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला और सेंसेक्स करीब 850 अंकों की छलांग लगाकर 82,750 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी में भी लगभग 250 अंकों की तेजी रही और यह 25,400 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। इस उछाल ने निवेशकों को बड़ी राहत दी और बाजार में दोबारा भरोसे का माहौल बना।

    बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे, जबकि केवल 2 शेयरों में हल्का दबाव रहा। जोमैटो, एशियन पेंट्स और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया SBI के शेयरों में 4 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा मेटल, ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार की चौड़ाई मजबूत रही और तेजी व्यापक आधार पर दिखाई दी।

    बाजार में इस मजबूती के पीछे सबसे अहम भूमिका ग्लोबल संकेतों की रही। अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक रुझानों ने घरेलू निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। इसके साथ ही पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयानों ने भी बाजार की चिंता को कम किया। ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ लगाने की धमकी वापस लेने और नाटो देशों के साथ बातचीत के संकेत देने से भू-राजनीतिक तनाव को लेकर आशंकाएं घटी हैं। इसके अलावा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर उनके सकारात्मक रुख से निवेशकों में भरोसा बढ़ा है।एशियाई बाजारों की बात करें तो वहां मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई इंडेक्स 1.77 प्रतिशत की तेजी के साथ 53,706 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.87 प्रतिशत चढ़कर 5,001 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स हल्की गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। अमेरिकी बाजारों में भी मजबूती का असर दिखा, जहां 21 जनवरी को डाउ जोंस 1.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था।

    निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 21 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों FIIs ने 1,787 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की थी। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों DIIs ने 4,520 करोड़ रुपये की जोरदार खरीदारी कर बाजार को मजबूत सहारा दिया। दिसंबर 2025 में FIIs की भारी बिकवाली के बावजूद DIIs की सक्रिय भागीदारी ने बाजार को संतुलित बनाए रखा है।गौरतलब है कि बुधवार को बाजार दबाव में रहा था। उस दिन सेंसेक्स 270 अंक गिरकर 81,909 पर और निफ्टी 75 अंक टूटकर 25,157 पर बंद हुआ था। लेकिन गुरुवार की तेजी ने संकेत दिया है कि बाजार में रिकवरी की शुरुआत हो चुकी है। आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा काफी हद तक ग्लोबल संकेतों, भारत-अमेरिका ट्रेड डील से जुड़ी खबरों और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगी।

  • भोपाल: RGPV कैंपस में छात्रा की संदिग्ध मौत; स्टाफ से विवाद के बाद बीटेक फर्स्ट ईयर की सव्याश्री ने की आत्महत्या

    भोपाल: RGPV कैंपस में छात्रा की संदिग्ध मौत; स्टाफ से विवाद के बाद बीटेक फर्स्ट ईयर की सव्याश्री ने की आत्महत्या


    भोपाल। राजधानी के प्रतिष्ठित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के गर्ल्स हॉस्टल में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बीटेक फर्स्ट ईयर की एक छात्रा का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। मृतका की पहचान सव्याश्री मुनागला (19) के रूप में हुई है, जो धार जिले की रहने वाली थी।

    विवाद और खामोशी: मौत से पहले क्या हुआ?
    शुरुआती जांच में एक गंभीर पहलू सामने आया है।

    बताया जा रहा है कि सुसाइड से पहले सव्याश्री का हॉस्टल की एक महिला स्टाफ के साथ तीखा विवाद हुआ था।
    अकेली थी छात्रा: सव्याश्री की रूममेट 10 जनवरी से छुट्टी पर थी, जिसका फायदा उठाकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
    संदेह का घेरा: वार्डन के मुताबिक, छात्रा एक दिन की छुट्टी के बाद लौटी थी। लौटने पर हुई ‘सामान्य पूछताछ’ और स्टाफ के साथ हुई ‘बहस’ के बीच की कड़ियों को पुलिस जोड़ने में जुटी है।

    जांच के अहम बिंदु: मोबाइल और लैपटॉप में छिपे हैं राज
    पुलिस और FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से मुआयना किया।
    कोई सुसाइड नोट नहीं: कमरे से कोई लिखित नोट नहीं मिला है, जिससे गुत्थी और उलझ गई है।

    डिजिटल फुटप्रिंट्स: पुलिस ने सव्याश्री का स्मार्टफोन और लैपटॉप जब्त कर लिया है।

    साइबर टीम यह पता लगाएगी कि क्या वह किसी बाहरी दबाव या साइबर बुलिंग का शिकार तो नहीं थी।

    दरवाजे का लॉक: टीआई विजेंद्र मर्सकोले के अनुसार, पुलिस के पहुंचने से पहले ही दरवाजा खोला जा चुका था, जिसका लॉक टूटा हुआ मिला।

    घटनाक्रम: एक नजर में
    बुधवार रात सव्याश्री ने मेस में डिनर किया, व्यवहार सामान्य था।
    गुरुवार दोपहर जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आई, तो सहेलियों ने वार्डन को सूचना दी।
    पुलिस कार्रवाई गेट तोड़कर शव को नीचे उतारा गया और हमीदिया मर्चुरी भेजा गया।

    प्रशासन पर सवाल
    हॉस्टल में छात्रा और स्टाफ के बीच हुई नोक-झोंक ने अब तूल पकड़ लिया है। परिजन और साथी छात्र यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या स्टाफ का व्यवहार इतना प्रताड़ित करने वाला था कि छात्रा को जान देनी पड़ी?
    धार से परिजनों के पहुंचने के बाद शुक्रवार को शव का पोस्टमॉर्टम होगा। पुलिस का कहना है कि कॉल डिटेल्स और परिजनों के बयानों के आधार पर जल्द ही FIR की दिशा तय की जाएगी।
    डिस्क्लेमर: आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है। यदि आप या आपके आसपास कोई तनाव में है, तो कृपया मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट या हेल्पलाइन नंबरों से मदद लें।

  • ग्रीनलैंड तनाव में नरमी से बाजार को राहत, रुपये में स्थिरता की उम्मीद: डीबीएस बैंक रिपोर्ट

    ग्रीनलैंड तनाव में नरमी से बाजार को राहत, रुपये में स्थिरता की उम्मीद: डीबीएस बैंक रिपोर्ट


    नई दिल्ली।
    ग्रीनलैंड से जुड़े वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में कमी आने के संकेतों ने वित्तीय बाजारों को राहत दी है। गुरुवार को जारी डीबीएस बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटनाक्रम से निवेशकों की धारणा में सुधार हुआ है और इसका सीधा असर मुद्रा बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले समय में रुपये में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, लेकिन उसकी गिरावट की रफ्तार अब पहले जैसी तेज नहीं रहने की संभावना है।इसका शुरुआती असर गुरुवार के कारोबार में ही दिखा, जब रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर से संभलता नजर आया। शुरुआती सत्र में रुपया करीब 15 पैसे मजबूत होकर 91.50 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुधार निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत है, हालांकि वैश्विक कारकों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

    डीबीएस बैंक की कार्यकारी निदेशक और वरिष्ठ अर्थशास्त्री राधिका राव ने रिपोर्ट में बताया कि पिछले एक साल से रुपये पर दबाव बना हुआ था। इसके पीछे वैश्विक और घरेलू दोनों तरह के कारण जिम्मेदार रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक वीआईएक्स इंडेक्स में आई तेज बढ़ोतरी यह दिखाती है कि बाजार के लगभग सभी संकेतक कमजोरी के दौर से गुजर रहे थे। प्रतिकूल भू-राजनीतिक घटनाक्रम और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में उछाल ने इस दबाव को और बढ़ाया। ऐसे माहौल में ग्रीनलैंड से जुड़े तनाव में नरमी के संकेत बाजार के लिए बड़ी राहत के रूप में सामने आए हैं।

    रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि यूरोपीय संघ के साथ एक बड़े व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं और इसकी औपचारिक घोषणा अगले सप्ताह हो सकती है। इसके साथ ही विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता को लेकर भी उत्साहजनक माहौल बना है। इन घटनाओं से बाजार में दोबारा उम्मीद जगी है और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।घरेलू मोर्चे पर देखा जाए तो रुपये पर दबाव ऐसे समय में बना, जब देश की आर्थिक स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है। चालू वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों में औसत आर्थिक वृद्धि दर करीब 8 प्रतिशत रही है। आने वाले वित्त वर्ष में भी इसके 7.5 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है। यह संकेत देता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूती से आगे बढ़ रही है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि कमजोर रुपया निर्यातकों को कुछ हद तक राहत देता है खासकर तब जब वैश्विक स्तर पर मांग में उतार-चढ़ाव हो। हालांकि इससे आयात महंगा होने और अर्थव्यवस्था के कुछ क्षेत्रों में असंतुलन की स्थिति भी पैदा हुई है।डीबीएस बैंक के अनुसार, देश का चालू खाता घाटा फिलहाल नियंत्रण में है और यह जीडीपी के 1.0 से 1.2 प्रतिशत के बीच रह सकता है। असली चिंता विदेशी पूंजी प्रवाह को लेकर है। वर्ष 2025 में शुद्ध पूंजी निकासी के बाद चालू वर्ष में इक्विटी बाजार से लगभग 3 अरब डॉलर की निकासी हो चुकी है। बॉन्ड बाजार में भी विदेशी निवेशकों की रुचि कमजोर बनी हुई है।

    प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की स्थिति पिछले साल के मुकाबले बेहतर जरूर हुई है, लेकिन विदेशी कंपनियों द्वारा मुनाफा वापस ले जाने के कारण शुद्ध निवेश में अभी भी अंतर बना हुआ है। इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि आने वाले केंद्रीय बजट में सरकारी खर्च का असर साफ दिखाई देगा, क्योंकि वित्त वर्ष 2027 तक केंद्र और राज्यों का कुल उधार बढ़ने की संभावना है।कुल मिलाकर ग्रीनलैंड से जुड़े तनाव में कमी ने बाजार को तात्कालिक राहत दी है और रुपये में स्थिरता की उम्मीद जगी है, लेकिन लंबी अवधि में वैश्विक घटनाक्रम और पूंजी प्रवाह की दिशा पर ही बाजार की चाल निर्भर करेगी।

  • महंगे ट्रीटमेंट छोड़िए! किचन में मौजूद इन 5 देसी नुस्खों से बाल बनेंगे घने और मजबूत

    महंगे ट्रीटमेंट छोड़िए! किचन में मौजूद इन 5 देसी नुस्खों से बाल बनेंगे घने और मजबूत


    नई दिल्ली।आज के दौर में प्रदूषण तनाव और गलत लाइफस्टाइल का सबसे पहला असर हमारे बालों पर पड़ता है। बालों का झड़ना रूखापन दोमुंहे बाल और कमजोर जड़ें अब आम समस्या बन चुकी हैं। ऐसे में लोग अक्सर महंगे सैलून ट्रीटमेंट और केमिकल प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं जो कुछ समय के लिए फायदा तो देते हैं लेकिन लंबे समय में बालों को और नुकसान पहुंचा सकते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार स्वस्थ बालों के लिए महंगे प्रोडक्ट्स नहीं बल्कि प्राकृतिक देखभाल ज्यादा जरूरी है। अच्छी बात यह है कि आपकी रसोई में ही ऐसी कई चीजें मौजूद हैं जो बालों की जड़ों को पोषण देकर उन्हें घना मजबूत और चमकदार बना सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 देसी और असरदार हेयर मास्क के बारे में।

    एलोवेरा और नारियल तेल
    एलोवेरा में मौजूद प्रोटीयोलाइटिक एंजाइम स्कैल्प की डेड स्किन हटाकर उसे स्वस्थ बनाते हैं। नारियल तेल बालों की जड़ों में नमी पहुंचाकर टूटने से बचाता है।कैसे लगाएं: एलोवेरा जेल और नारियल तेल मिलाकर स्कैल्प की मसाज करें और 30 मिनट बाद धो लें।

    अंडा और दही
    बाल केराटिन से बने होते हैं और अंडा प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है। दही बालों को कंडीशन करता है और उन्हें सॉफ्ट बनाता है।विधि: एक अंडा और आधा कप दही फेंटकर जड़ों से लेकर बालों की लंबाई तक लगाएं।
    सावधानी: इसे धोने के लिए ठंडे पानी का ही इस्तेमाल करें।

    प्याज का रस और शहद
    प्याज में मौजूद सल्फर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और नए बालों के उगने में मदद करता है। शहद बालों की नमी को लॉक करता है।
    टिप: रुई की मदद से सिर्फ स्कैल्प पर लगाएं और 20–30 मिनट बाद माइल्ड शैम्पू से धो लें।

    मेथी दाना और सरसों तेल
    मेथी बालों के फॉलिकल्स को मजबूत करती है जबकि सरसों का तेल स्कैल्प को पोषण और गर्माहट देता है।
    प्रयोग: रातभर भीगी मेथी पीसकर उसमें सरसों तेल मिलाएं और 1 घंटे तक लगाकर रखें।

    केला और जैतून का तेल

    दोमुंहे और बेजान बालों के लिए यह मास्क बेहद फायदेमंद है। यह बालों की इलास्टिसिटी बढ़ाता है और टूटने से बचाता है।
    कैसे लगाएं: पका केला मैश कर उसमें जैतून का तेल मिलाएं और 20–25 मिनट बाद धो लें।

    जरूरी सलाह
    किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। बेहतर परिणाम के लिए इनमें से किसी एक मास्क का इस्तेमाल हफ्ते में एक बार नियमित रूप से करें।याद रखें सुंदर और मजबूत बालों के लिए धैर्य और प्राकृतिक देखभाल सबसे बड़ा इलाज है।

  • गनमास्टर जी9’ से जेनेलिया देशमुख की नई पारी, एक्शन और जासूसी में दिखेगा नया अवतार

    गनमास्टर जी9’ से जेनेलिया देशमुख की नई पारी, एक्शन और जासूसी में दिखेगा नया अवतार


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में अपनी मासूम मुस्कान और चुलबुले अभिनय से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री जेनेलिया देशमुख एक बार फिर दर्शकों के सामने नए अवतार में लौटने जा रही हैं। चुनिंदा फिल्मों के बाद जेनेलिया अब अपने करियर की एक नई शुरुआत कर रही हैं। उन्होंने अपनी अगली फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है और इसे अपने लिए एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।जेनेलिया ने इस नई शुरुआत की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए दी। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक तस्वीर साझा की जिसमें उनका साइड प्रोफाइल नजर आ रहा है। तस्वीर के साथ उन्होंने सिर्फ दो शब्द लिखे-नई शुरुआत। इस पोस्ट ने उनके प्रशंसकों की उत्सुकता बढ़ा दी और थोड़ी ही देर में यह साफ हो गया कि जेनेलिया किस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर चुकी हैं।

    जिस फिल्म से जेनेलिया देशमुख यह नई पारी शुरू कर रही हैं उसका नाम है नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में अपनी मासूम मुस्कान और चुलबुले अभिनय से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री जेनेलिया देशमुख एक बार फिर दर्शकों के सामने नए अवतार में लौटने जा रही हैं। चुनिंदा फिल्मों के बाद जेनेलिया अब अपने करियर की एक नई शुरुआत कर रही हैं। उन्होंने अपनी अगली फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है और इसे अपने लिए एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।जेनेलिया ने इस नई शुरुआत की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए दी। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक तस्वीर साझा की जिसमें उनका साइड प्रोफाइल नजर आ रहा है। तस्वीर के साथ उन्होंने सिर्फ दो शब्द लिखे-नई शुरुआत। इस पोस्ट ने उनके प्रशंसकों की उत्सुकता बढ़ा दी और थोड़ी ही देर में यह साफ हो गया कि जेनेलिया किस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर चुकी हैं।

    जिस फिल्म से जेनेलिया देशमुख यह नई पारी शुरू कर रही हैं उसका नाम है गनमास्टर जी9। यह फिल्म एक्शन और जासूसी की दुनिया पर आधारित है। खास बात यह है कि इस फिल्म में जेनेलिया के साथ इमरान हाशमी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। दोनों कलाकार पहली बार इस तरह की जॉनर फिल्म में साथ दिखाई देंगे जिससे दर्शकों की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं।फिल्म का निर्देशन आदित्य दत्त कर रहे हैं जो इससे पहले भी थ्रिल और एक्शन से जुड़ी कहानियों के लिए जाने जाते हैं। फिल्म में अभिनेता अपारशक्ति खुराना भी अहम भूमिका निभा रहे हैं जिससे कहानी को एक अलग रंग मिलने की उम्मीद है।

    गनमास्टर जी9 को साल 1979 में बनी सुपरहिट जासूसी फिल्म सुरक्षा से प्रेरित बताया जा रहा है। उस दौर में गनमास्टर जी9 का किरदार मिथुन चक्रवर्ती ने निभाया था और यह किरदार दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था। अब इसी जासूस की कहानी को नए जमाने की सोच तकनीक और स्टाइल के साथ फिर से पेश किया जा रहा है। मेकर्स का दावा है कि फिल्म में पुराने दौर का रोमांच भी होगा और आधुनिक सिनेमा की तेज रफ्तार भी।

    फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी हिमेश रेशमिया संभाल रहे हैं। माना जा रहा है कि एक्शन और सस्पेंस से भरपूर इस कहानी में संगीत भी अहम भूमिका निभाएगा और दर्शकों को यादगार गाने मिल सकते हैं।गनमास्टर जी9 के अलावा जेनेलिया एक और दिलचस्प प्रोजेक्ट में नजर आने वाली हैं। वह जल्द ही राम गोपाल वर्मा की हॉरर कॉमेडी फिल्म पुलिस स्टेशन में भूत में दिखाई देंगी। इस फिल्म में उनके साथ मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका निभाएंगे। यह पहली बार होगा जब जेनेलिया और मनोज बाजपेयी एक साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। फिल्म में डर और हास्य का अनोखा मेल देखने को मिलेगा।

    कुल मिलाकर गनमास्टर जी9 जेनेलिया देशमुख के करियर में एक अहम मोड़ साबित हो सकती है जहां वह एक्शन और जासूसी की दुनिया में अपनी नई पहचान बनाती नजर आएंगी।गनमास्टर जी9। यह फिल्म एक्शन और जासूसी की दुनिया पर आधारित है। खास बात यह है कि इस फिल्म में जेनेलिया के साथ इमरान हाशमी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। दोनों कलाकार पहली बार इस तरह की जॉनर फिल्म में साथ दिखाई देंगे जिससे दर्शकों की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं।फिल्म का निर्देशन आदित्य दत्त कर रहे हैं जो इससे पहले भी थ्रिल और एक्शन से जुड़ी कहानियों के लिए जाने जाते हैं। फिल्म में अभिनेता अपारशक्ति खुराना भी अहम भूमिका निभा रहे हैं जिससे कहानी को एक अलग रंग मिलने की उम्मीद है।

    गनमास्टर जी9 को साल 1979 में बनी सुपरहिट जासूसी फिल्म सुरक्षा से प्रेरित बताया जा रहा है। उस दौर में गनमास्टर जी9 का किरदार मिथुन चक्रवर्ती ने निभाया था और यह किरदार दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था। अब इसी जासूस की कहानी को नए जमाने की सोच तकनीक और स्टाइल के साथ फिर से पेश किया जा रहा है। मेकर्स का दावा है कि फिल्म में पुराने दौर का रोमांच भी होगा और आधुनिक सिनेमा की तेज रफ्तार भी।फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी हिमेश रेशमिया संभाल रहे हैं। माना जा रहा है कि एक्शन और सस्पेंस से भरपूर इस कहानी में संगीत भी अहम भूमिका निभाएगा और दर्शकों को यादगार गाने मिल सकते हैं।

    गनमास्टर जी9 के अलावा जेनेलिया एक और दिलचस्प प्रोजेक्ट में नजर आने वाली हैं। वह जल्द ही राम गोपाल वर्मा की हॉरर कॉमेडी फिल्म पुलिस स्टेशन में भूत में दिखाई देंगी। इस फिल्म में उनके साथ मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका निभाएंगे। यह पहली बार होगा जब जेनेलिया और मनोज बाजपेयी एक साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। फिल्म में डर और हास्य का अनोखा मेल देखने को मिलेगा।कुल मिलाकर गनमास्टर जी9 जेनेलिया देशमुख के करियर में एक अहम मोड़ साबित हो सकती है जहां वह एक्शन और जासूसी की दुनिया में अपनी नई पहचान बनाती नजर आएंगी।

  • मर्दानी से थप्पड़ तक: 2014 के बाद बॉलीवुड ने महिलाओं की आवाज़ को बनाया ताकत

    मर्दानी से थप्पड़ तक: 2014 के बाद बॉलीवुड ने महिलाओं की आवाज़ को बनाया ताकत


    नई दिल्ली। 2014 के बाद बॉलीवुड में हीरोइन की परिभाषा बदल गई। अब महिलाएं केवल कहानी का हिस्सा नहीं बल्कि कहानी की धुरी बन चुकी हैं। इस दौर में फिल्में न केवल मनोरंजन का माध्यम बनी हैं बल्कि समाज में बदलाव और महिलाओं के सशक्तिकरण का संदेश देने का भी जरिया हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 जनवरी 2015 को शुरू किया गया बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान और सुकन्या समृद्धि योजना के साथ इस बदलाव ने देश में बालिकाओं और महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण को भी नया आयाम दिया।

    रानी मुखर्जी की मर्दानी फ्रैंचाइजी इसकी बेहतरीन मिसाल है। 2014 में रिलीज हुई फिल्म मर्दानी में रानी ने शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार निभाया। यह निडर पुलिस अधिकारी महिला उत्पीड़न और अपराध के खिलाफ लड़ती है। गोपी पुथरान के निर्देशन में बनी यह क्राइम थ्रिलर पुरुष प्रधान मानसिकता के खिलाफ महिला की ताकत और साहस को प्रदर्शित करती है।2018 में रानी मुखर्जी की हिचकी ने महिलाओं की मानसिक और शारीरिक चुनौतियों पर भी ध्यान खींचा। नैना माथुर के किरदार में रानी ने टॉरेट सिंड्रोम जैसी चुनौती का सामना करते हुए बच्चों को पढ़ाने और अपने सपनों को पूरा करने का संदेश दिया।

    आलिया भट्ट की फिल्में डियर जिंदगी और राजी महिलाओं के आत्मविश्वास और साहस को अलग अंदाज में पेश करती हैं। डियर जिंदगी मानसिक स्वास्थ्य और आत्म-जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करती है जबकि राजी में आलिया की भूमिका देशभक्ति और बुद्धिमानी से जोखिम भरे कार्यों में सफल होने की मिसाल बनती है।अनुभव सिन्हा की फिल्म थप्पड़ ने घरेलू हिंसा और पारिवारिक दबाव की कहानियों को पर्दे पर उतारा। तापसी पन्नू ने अमृता के किरदार में दिखाया कि कैसे एक छोटे से थप्पड़ ने उसकी जिंदगी बदल दी और उसने अपने हक के लिए आवाज उठाई।

    2023 में द केरल स्टोरी ने महिलाओं की पहचान और स्वतंत्रता की लड़ाई को नए ढंग से पेश किया। अदा शर्मा के किरदार फातिमा के माध्यम से फिल्म दिखाती है कि डर और पीड़ा के बावजूद महिलाएं अपनी हिम्मत और समझदारी से संघर्ष कर सकती हैं।2014 के बाद की ये फिल्में साबित करती हैं कि बॉलीवुड अब महिलाओं की आवाज़ को ताकत बना रहा है। ये फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और महिलाओं के आत्मविश्वास की मिसाल भी हैं।