Author: bharati

  • वैश्विक राजनीति में बड़ा बदलाव भारत-अमेरिका रिश्ते मजबूत ट्रंप की नीति पर उठे सवाल

    वैश्विक राजनीति में बड़ा बदलाव भारत-अमेरिका रिश्ते मजबूत ट्रंप की नीति पर उठे सवाल


    नई दिल्ली । अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की दूसरी बार वापसी के बाद में वैश्विक भू-राजनीति का परिदृश्य तेजी से बदलता नजर आ रहा है, जहां अमेरिका की विदेश नीति एक नए मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में शुरुआत से ही दुनिया भर में टैरिफ और व्यापारिक दबाव की राजनीति तेज थी, जिससे कई देशों के साथ अमेरिका के संबंधों में तनाव की स्थिति बन गई थी। लेकिन ईरान संघर्ष और पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता के बीच अमेरिकी प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जिसका सीधा असर भारत-अमेरिका संबंधों पर भी पड़ा है।

    ईरान संघर्ष के दौरान अमेरिका का ध्यान व्यापारिक विवादों से हटकर सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और रणनीतिक गठबंधनों की ओर केंद्रित हो गया। इस बदलाव ने भारत जैसे देशों के महत्व को और बढ़ा दिया, जो लंबे समय से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। भारत ने इस दौरान अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए स्वतंत्र विदेश नीति अपनाई, चाहे वह रूस से तेल खरीदने का मामला हो या वैश्विक व्यापारिक दबाव।

    इस पूरी स्थिति में भारत को अमेरिका का एक महत्वपूर्ण और भरोसेमंद साझेदार माना जाने लगा है। वाशिंगटन के लिए यह स्पष्ट हो गया है कि चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए नई दिल्ली की भूमिका बेहद अहम है। यही कारण है कि हाल के समय में अमेरिकी नेतृत्व की ओर से भारत के प्रधानमंत्री की सराहना भी देखने को मिली है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक भरोसे का संकेत माना जा रहा है।

    हालांकि, अमेरिकी नीति में यह नरमी स्थायी है या केवल परिस्थितिजन्य, इस पर अभी सवाल बने हुए हैं। ट्रंप के पिछले रुख को देखते हुए यह संभावना भी जताई जा रही है कि जैसे-जैसे वैश्विक हालात स्थिर होंगे, व्यापारिक दबाव और टैरिफ की राजनीति फिर से लौट सकती है। चीन को लेकर भी अमेरिका का रुख कुछ हद तक नरम दिखाई दे रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच पूरी तरह से विश्वास की स्थिति अभी नहीं बनी है।

    भारत ने इस पूरे घटनाक्रम में यह स्पष्ट किया है कि वह किसी दबाव में आकर अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता से समझौता नहीं करेगा। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अमेरिका अपनी पुरानी नीतियों की ओर लौटता है या फिर भारत के साथ साझेदारी को एक स्थायी रणनीतिक दिशा देता है।

  • सीहोर में किसानों-कांग्रेस नेताओं ने रोका शिवराज का काफिला, बोले- “आप हमारे भी प्रतिनिधि”; नीमच में विधायक को जनता का विरोध झेलना पड़ा

    सीहोर में किसानों-कांग्रेस नेताओं ने रोका शिवराज का काफिला, बोले- “आप हमारे भी प्रतिनिधि”; नीमच में विधायक को जनता का विरोध झेलना पड़ा


    सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर और नीमच जिलों में रविवार को जनप्रतिनिधियों को जनता के तीखे विरोध और सवालों का सामना करना पड़ा। एक ओर सीहोर में किसानों और कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan का काफिला रोककर अपनी समस्याएं सामने रखीं, तो दूसरी ओर नीमच में भाजपा विधायक ओमप्रकाश सकलेचा को ग्रामीणों के भारी विरोध के चलते अपना कार्यक्रम बीच में ही छोड़ना पड़ा।

    सीहोर में इछावर के आजाद मैदान की ओर जा रहे शिवराज सिंह चौहान का काफिला अचानक उस समय रुक गया जब कांग्रेस नेताओं और किसानों के एक समूह ने रास्ते में उन्हें घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि वे राजनीतिक रूप से भले ही कांग्रेस से जुड़े हों, लेकिन जनप्रतिनिधि के रूप में शिवराज सभी के प्रतिनिधि हैं, इसलिए वे अपनी समस्याएं उनके सामने रखना चाहते हैं।

    इस दौरान किसानों ने बताया कि पिछले कई दिनों से वे खाद और कृषि संबंधी कार्यों के लिए परेशान हैं। डिजिटल पोर्टल के सर्वर डाउन होने के कारण किसानों को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, जिससे उनकी समस्याएं बढ़ रही हैं। किसानों ने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा।

    किसानों की बात सुनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा और सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे जनता के प्रतिनिधि हैं और हर नागरिक की समस्या का समाधान करना उनकी जिम्मेदारी है।

    बाद में जनकल्याण शिविर में पहुंचे शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी जनता के कामों में बाधा डाल रहे हैं और पात्र लोगों को योजनाओं से बाहर किया जा रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी आवेदनों की निष्पक्ष जांच हो और किसी गरीब का हक न छीना जाए।

    इसी बीच नीमच जिले के जावद क्षेत्र में स्थिति अलग रही, जहां विधायक ओमप्रकाश सकलेचा को जनता के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। वे बांगरेड गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए।

    ग्रामीणों का कहना था कि अस्पताल तो बन रहा है, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। जब विधायक ने जवाब देने की कोशिश की, तो भीड़ और अधिक आक्रोशित हो गई और ‘विधायक वापस जाओ’ के नारे लगाने लगी। स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षाकर्मियों के बीच हस्तक्षेप के बाद विधायक को कार्यक्रम बीच में छोड़कर जाना पड़ा। यह घटनाएं दर्शाती हैं कि जनता अब अपने मुद्दों को लेकर अधिक मुखर हो रही है और जनप्रतिनिधियों से सीधे जवाब की अपेक्षा रखती है।

  • इंदौर ने रचा योग इतिहास: 10 हजार साधकों ने 3 मिनट तक किया सामूहिक भ्रामरी प्राणायाम, बना रिकॉर्ड

    इंदौर ने रचा योग इतिहास: 10 हजार साधकों ने 3 मिनट तक किया सामूहिक भ्रामरी प्राणायाम, बना रिकॉर्ड


    इंदौर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को मध्य प्रदेश का इंदौर शहर एक बार फिर योग के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरा, जहां हजारों लोगों ने एक साथ मिलकर योग और प्राणायाम का भव्य प्रदर्शन किया। शहर के गोपुर चौराहे पर आयोजित इस विशाल योग कार्यक्रम में करीब 10 हजार से अधिक साधकों ने सामूहिक रूप से भ्रामरी प्राणायाम किया और इसे 3 मिनट से अधिक समय तक जारी रखते हुए एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की।

    इस भव्य आयोजन का संचालन नगर निगम इंदौर द्वारा चलाए जा रहे योगमित्र अभियान के अंतर्गत किया गया, जिसमें शहरभर की योग संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” के अनुरूप कार्यक्रम में स्वास्थ्य, संतुलन और दीर्घायु जीवन का संदेश दिया गया।

    कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें Durgadas Uikey और Kailash Vijayvargiya प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भी योगाभ्यास में भाग लेकर इस आयोजन को और भव्य बना दिया।

    सुबह 6 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में पहले शहर की विभिन्न योग संस्थाओं ने आकर्षक और भक्तिमय योग प्रस्तुतियां दीं, जिसने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार सामूहिक योगाभ्यास कराया गया, जिसमें हजारों लोगों ने एक साथ विभिन्न योगासन किए।

    योग सत्र का संचालन योग प्रशिक्षक राकेश चौधरी और इंदौर की बेटी तथा मिसेज इंडिया-2023 चेतना जोशी ने किया, जिन्होंने प्रतिभागियों को भ्रामरी प्राणायाम और अन्य श्वसन तकनीकों का अभ्यास कराया। पूरे मैदान में एक साथ गूंजते “ॐ” और भ्रामरी की ध्वनि ने एक अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण तैयार कर दिया।

    कार्यक्रम में 70 से अधिक योग संस्थाएं और 150 से अधिक सामाजिक संगठन शामिल हुए, जिससे यह आयोजन एक जनआंदोलन के रूप में दिखाई दिया। हजारों लोगों की एकजुटता ने इंदौर को योग के क्षेत्र में एक बार फिर देशभर में चर्चा का केंद्र बना दिया।

    इस अवसर पर योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वरिष्ठ योग गुरुओं, योग खिलाड़ियों और योग प्रचारकों को ‘योग अलंकरण’ से सम्मानित भी किया गया। साथ ही योगमित्र अभियान की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया गया, जिससे अब शहर की सभी योगशालाओं और योग गतिविधियों की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध हो सकेगी।

    कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नियमित योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल एक रिकॉर्ड बना गया, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और सामूहिक चेतना का भी प्रतीक बन गया।

  • प्रयागराज में जनगणना के पहले चरण का काम पूरा आंकड़ों को लेकर बड़ा अपडेट

    प्रयागराज में जनगणना के पहले चरण का काम पूरा आंकड़ों को लेकर बड़ा अपडेट


    प्रयागराज । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में जनगणना के पहले चरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस चरण में मुख्य रूप से मकानों की गणना की गई जो किसी भी जनगणना प्रक्रिया की आधारभूत कड़ी मानी जाती है। प्रशासनिक स्तर पर यह कार्य कई दिनों तक लगातार चलाया गया और शनिवार को इसका अंतिम सत्यापन भी संपन्न हो गया। इस पूरे अभियान के दौरान शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विस्तृत सर्वेक्षण किया गया ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या कमी न रह जाए।

    हालांकि मकानों की गणना से जुड़े आंकड़े पहले सार्वजनिक किए जाने की योजना थी लेकिन उच्च स्तर पर लिए गए निर्णय के बाद इन्हें फिलहाल जारी नहीं किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन आंकड़ों को फिलहाल गोपनीय रखा जाए। बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार आने वाले समय में इन आंकड़ों को औपचारिक रूप से जारी करेगी और उसके बाद ही इन्हें सार्वजनिक चर्चा के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

    जनगणना के इस पहले चरण के दौरान जिले भर में बड़ी संख्या में कर्मचारियों और सर्वे टीमों को लगाया गया था। इन टीमों ने घर घर जाकर मकानों की स्थिति संख्या और अन्य बुनियादी जानकारी एकत्र की। चार दिन पहले ही अधिकांश क्षेत्रों में यह कार्य लगभग पूरा हो चुका था। उस समय जिला जनगणना अधिकारी और एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने जानकारी दी थी कि जिले में मकानों की कुल संख्या लगभग बारह लाख बारह हजार तक पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा प्रयागराज जैसे बड़े और तेजी से बढ़ते जिले की आवासीय संरचना को दर्शाता है।

    इसके साथ ही प्रारंभिक अनुमान के अनुसार जिले की कुल जनसंख्या लगभग इकहत्तर लाख दस हजार के आसपास पहुंच चुकी है। हालांकि यह केवल प्रारंभिक आकलन है और वास्तविक जनसंख्या की गणना वर्ष दो हजार सत्ताईस में की जाएगी जब पूर्ण जनगणना प्रक्रिया के अंतिम आंकड़े सामने आएंगे।

    प्रशासन ने अब जनगणना के अगले चरण की शुरुआत भी कर दी है। इस चरण में मकानों से आगे बढ़कर विस्तृत सामाजिक और आर्थिक आंकड़े जुटाए जाएंगे। इसके लिए नई टीमों को मैदान में उतारा गया है जो घर घर जाकर लोगों की स्थिति शिक्षा रोजगार और अन्य आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगी।

    जनगणना जैसे बड़े अभियान में सटीकता और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे जिले में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या त्रुटि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर डेटा की जांच के बाद ही उसे आगे भेजा जाएगा।

    प्रयागराज जैसे बड़े और जनसंख्या बहुल जिले में इस तरह का सर्वेक्षण प्रशासनिक दृष्टि से काफी चुनौतीपूर्ण होता है। इसके बावजूद पहले चरण का सफलतापूर्वक पूरा होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें अगले चरण पर हैं जहां और अधिक विस्तृत आंकड़े सामने आएंगे जो भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए आधार तैयार करेंगे।

  • नीट परीक्षा व्यवस्था के बीच पीएम मोदी का संवेदनशील कदम एयरपोर्ट पर रोका काफिला

    नीट परीक्षा व्यवस्था के बीच पीएम मोदी का संवेदनशील कदम एयरपोर्ट पर रोका काफिला


    नई दिल्ली । NEET री एग्जाम के पहले सरकार पूरी ताकत झोंक रही है. बार बार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं के बाद इस परीक्षा को सुचारू और पारदर्शी तरीके से कराना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. इस बार देश भर में लाखों छात्र छात्राएं शामिल हो रहे हैं. सरकार का प्रयास है कि किसी भी छात्र को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

    इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया जिसने सभी का ध्यान खींचा है. प्रधानमंत्री दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे. यहां से उन्हें अपने आवास के लिए रवाना होना था. लेकिन उन्होंने तत्काल प्रोटोकॉल से ऊपर उठकर छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता दी.

    अगर पीएम का काफिला उस समय एयरपोर्ट से निकलता तो राजधानी की कई सड़कों पर यातायात रोकना पड़ता. उसी समय हजारों छात्र नीट परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे थे. इससे छात्रों को देरी और परेशानी का सामना करना पड़ सकता था.

    ऐसे में प्रधानमंत्री ने निर्णय लिया कि वे एयरपोर्ट पर ही रुकेंगे. उन्होंने अपने काफिले को वहीं रोक दिया. बताया जा रहा है कि वे तब तक एयरपोर्ट पर रहे जब तक परीक्षा शुरू नहीं हुई. इसके बाद ही वे अपने आवास के लिए रवाना हुए.

    देश भर में इस बार नीट परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा किया जा रहा है. परीक्षा में कुल 22.79 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं. यह परीक्षा देश के साथ साथ विदेशों के कुछ केंद्रों पर भी आयोजित की गई है. कुल 551 शहरों और 14 विदेश शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. लगभग 5000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा संपन्न हो रही है.

    परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. हर केंद्र पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और जैमर का उपयोग किया जा रहा है. आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके.

    इस पूरे आयोजन में दो लाख से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. सैकड़ों सिटी कोऑर्डिनेटर और हजारों ऑब्जर्वर भी तैनात किए गए हैं जो परीक्षा की निगरानी कर रहे हैं. प्रशासन का लक्ष्य है कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो.

    छात्रों के लिए यह परीक्षा बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि सीमित सीटों के कारण प्रतिस्पर्धा काफी कठिन है. ऐसे में सरकार और प्रशासन दोनों का प्रयास है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए. प्रधानमंत्री का यह निर्णय भी इसी दिशा में एक संवेदनशील कदम के रूप में देखा जा रहा है.

  • भोपाल पीएम आवास मल्टी में नकाबपोश बदमाशों का आतंक लाखों की चोरी से दहशत

    भोपाल पीएम आवास मल्टी में नकाबपोश बदमाशों का आतंक लाखों की चोरी से दहशत


    भोपाल । भोपाल के छोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अयोध्या बायपास भानपुर स्थित पीएम आवास मल्टी में बीती रात हुई वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। लगभग आधा दर्जन हथियारबंद और नकाबपोश बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से परिसर को निशाना बनाते हुए जमकर उत्पात मचाया और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। बदमाशों ने एक सूने मकान को पूरी तरह से खंगालते हुए वहां से लाखों रुपये के कीमती जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने परिसर के लगभग दस अन्य घरों के ताले तोड़ने का प्रयास किया और कई घरों को निशाना बनाया लेकिन वहां चोरी करने में सफल नहीं हो सके।

    घटना का समय रात करीब दो बजे से सुबह पांच बजे के बीच बताया जा रहा है। इस दौरान चोर बेखौफ होकर पूरे परिसर में घूमते रहे और एक के बाद एक घरों के ताले तोड़ते गए। जिस घर में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया वहां परिवार के लोग मौजूद नहीं थे। इसका फायदा उठाते हुए बदमाशों ने घर के भीतर रखी नकदी और सोने चांदी के गहनों को खंगाल लिया और बड़ी आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।

    स्थानीय निवासियों के अनुसार पिछले तीन महीनों में इसी मल्टी में यह चौथी बड़ी चोरी की घटना है जिससे लोगों में भारी आक्रोश और भय का माहौल बन गया है। लगातार हो रही वारदातों के बावजूद सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जाने से रहवासी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि परिसर में गश्त और निगरानी की व्यवस्था बेहद कमजोर है जिसका फायदा असामाजिक तत्व लगातार उठा रहे हैं।

    सुबह जब लोग नींद से जागे तो कई घरों के टूटे हुए ताले और बिखरा सामान देखकर हड़कंप मच गया। तुरंत ही पुलिस को सूचना दी गई और छोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया ताकि नकाबपोश बदमाशों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

    घटना के समय मल्टी के कई रहवासी शहर से बाहर गए हुए थे जिससे अभी तक सभी घरों में हुए नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो पाया है। कुछ पीड़ित परिवार अभी थाने पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में हैं। लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

  • भोपाल में सनसनी: BHEL कर्मचारी ने मौत से पहले अपनों को भेजा खुदकुशी का मैसेज, नाले में लहुलूहान मिली लाश से उठे कई गंभीर सवाल

    भोपाल में सनसनी: BHEL कर्मचारी ने मौत से पहले अपनों को भेजा खुदकुशी का मैसेज, नाले में लहुलूहान मिली लाश से उठे कई गंभीर सवाल


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बरखेड़ा पठानी क्षेत्र में उस वक्त भारी सनसनी फैल गई जब शनिवार शाम से रहस्यमयी ढंग से लापता भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड BHEL के एक कर्मचारी का शव रविवार को एक नाले से बरामद किया गया। मृतक की पहचान सुनील प्रसाद के रूप में हुई है जो भेल में कार्यरत थे और जिनकी मौत ने पूरे इलाके सहित उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटनास्थल का नजारा बेहद खौफनाक था जहाँ मृतक के हाथ की नस कटी हुई थी और पुलिस को शव के ठीक पास से ही एक खून से सनी ब्लेड भी बरामद हुई है। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद से ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और वह मामले की तह तक जाने के लिए हत्या व आत्महत्या दोनों ही एंगल्स को ध्यान में रखकर बेहद बारीकी से अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है।

    इस दिल दहला देने वाली घटना के पीछे की कहानी बेहद दर्दनाक और उलझी हुई नजर आती है। पुलिस और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुनील प्रसाद शनिवार की शाम से ही अचानक लापता हो गए थे लेकिन घर से निकलने से पहले उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के मोबाइल पर एक ऐसा मैसेज भेजा जिसने सबके पैरों तले जमीन खिसका दी। इस आखिरी मैसेज में उन्होंने साफ तौर पर “खुदकुशी करने की बात” लिखी थी। इस संदेश को पढ़ते ही बदहवास परिजन अनहोनी की आशंका से घबरा गए और पूरी रात उन्हें हर संभावित जगह पर तलाशते रहे मगर उनका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार रविवार की सुबह उनकी यह तलाश बरखेड़ा पठानी के पास स्थित एक नाले पर जाकर थमी जहाँ सुनील प्रसाद का बेजान और लहूलुहान शव तैरता हुआ पाया गया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मुआयना शुरू किया। शुरुआती फॉरेंसिक जांच और पंचनामे में यह बात सामने आई है कि मृतक के हाथ की नस बेरहमी से कटी हुई थी। बताया जा रहा है कि सुनील प्रसाद पिछले काफी समय से मानसिक मोर्चे पर एक बेहद कठिन दौर से गुजर रहे थे और गंभीर “अवसाद यानी डिप्रेशन” का शिकार थे। कयासों का बाजार गर्म है कि इसी मानसिक तनाव और अवसाद के चलते उन्होंने शायद यह आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में इतनी जल्दी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहते हैं। पुलिस ने अभी तक किसी भी तरह की गहरी साजिश या सोची-समझी हत्या की आशंका से पूरी तरह इनकार नहीं किया है और हर सुराग को खंगाला जा रहा है।

    इस पूरी त्रासदी का सबसे दुखद पहलू यह है कि सुनील प्रसाद के घर में बहुत जल्द ही खुशियों की शहनाइयां गूंजने वाली थीं लेकिन इस वज्रपात ने पूरे हंसते-खेलते परिवार को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। घर में आगामी नवंबर महीने में उनके इकलौते बेटे की शादी तय थी जिसकी तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही थीं और हर कोई इस मांगलिक कार्य को लेकर बेहद उत्साहित था। इतना ही नहीं इसके ठीक अगले महीने यानी दिसंबर में सुनील प्रसाद भेल से अपनी लंबी और सम्मानीय सेवा के बाद सेवानिवृत्त (Retire) होने वाले थे। एक तरफ जहाँ घर में बहू के स्वागत का जश्न होना था और दूसरी तरफ रिटायरमेंट के बाद सुकून के दिन बिताने की योजनाएं थीं ठीक उससे पहले हुए इस खौफनाक हादसे ने कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेज दिया है और मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा कि यह वाकई डिप्रेशन में की गई खुदकुशी है या फिर इसके पीछे कोई गहरी आपराधिक साजिश छिपी है।

  • बीनागंज बाईपास पर दर्दनाक हादसा, कंटेनर में लगी आग से एक की मौत, एक घायल

    बीनागंज बाईपास पर दर्दनाक हादसा, कंटेनर में लगी आग से एक की मौत, एक घायल

    गुना । मध्य प्रदेश के गुना जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया जहां नेशनल हाईवे-46 पर बीनागंज बाईपास के पास एक तेज रफ्तार कंटेनर अनियंत्रित होकर पुलिया में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि गिरते ही वाहन में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा कंटेनर आग की लपटों में घिर गया।

    इस हादसे में कंटेनर चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जबकि क्लीनर गंभीर रूप से झुलस गया। बताया जा रहा है कि चालक को वाहन से बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और वह आग की चपेट में आ गया। घायल क्लीनर की पहचान मनीष बघेल के रूप में हुई है जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल गुना रेफर किया गया जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

    जानकारी के अनुसार राजस्थान पासिंग नंबर का यह कंटेनर शिवपुरी से गुना होते हुए भोपाल की ओर जा रहा था। इसी दौरान बीनागंज बाईपास पर चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और यह भीषण दुर्घटना हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

    एसडीओपी चाचौड़ा-बीनागंज के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अगर चाहें तो मैं इसे टीवी एंकर स्क्रिप्ट या ब्रेकिंग न्यूज़ स्टाइल हेडलाइन पैक में भी बदल सकता हूँ।

  • CBN की बड़ी कार्रवाई: सिकंदरा टोल पर दबोची कार, 115 किलो अफीम बरामद

    CBN की बड़ी कार्रवाई: सिकंदरा टोल पर दबोची कार, 115 किलो अफीम बरामद


    नीमच/इंदौर। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो CBN की मध्य प्रदेश इकाई ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। एजेंसी ने 115.160 किलोग्राम अफीम की भारी खेप जब्त करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के आगरा-जयपुर हाईवे पर स्थित सिकंदरा टोल प्लाजा के पास की गई।

    सूत्रों के अनुसार CBN नीमच को सूचना मिली थी कि झारखंड नंबर की एक हुंडई क्रेटा कार के जरिए गुवाहाटी से जोधपुर तक बड़ी मात्रा में अवैध अफीम की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने 19 जून से ही निगरानी शुरू कर दी और संदिग्ध वाहन की गतिविधियों पर करीब 2000 किलोमीटर तक लगातार नजर रखी गई।

    लंबी निगरानी के बाद 20 जून 2026 को सिकंदरा टोल प्लाजा पर वाहन को रोका गया। तलाशी के दौरान कार की डिक्की में रखी तीन बोरियों से 109 पैकेट बरामद हुए जिनमें कुल 115.160 किलोग्राम अफीम पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि तस्करों ने गंध छिपाने के लिए वाहन के अंदर भारी मात्रा में परफ्यूम का इस्तेमाल किया था।

    CBN ने मौके पर ही एक आरोपी को एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत गिरफ्तार कर लिया और अफीम की खेप के साथ वाहन को भी जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह खेप गुवाहाटी से जोधपुर तक पहुंचाई जा रही थी हालांकि इसके पीछे पूरे नेटवर्क की कड़ियों की जांच जारी है।

    एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह अवैध मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष अब तक कई मामलों में कार्रवाई करते हुए दर्जनों तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है और नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के प्रयास जारी हैं।