Author: bharati

  • पानी पीने के बाद भी बार-बार लगती है प्यास तो इन स्वास्थ्य समस्याओं का हो सकता है संकेत, जानें कब सावधान हों

    पानी पीने के बाद भी बार-बार लगती है प्यास तो इन स्वास्थ्य समस्याओं का हो सकता है संकेत, जानें कब सावधान हों

    नई दिल्ली । गर्मी, ज्यादा पसीना आने, शारीरिक मेहनत करने या पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीने पर बार-बार प्यास लगना सामान्य स्थिति हो सकती है। हालांकि, अगर पानी पीने के बाद भी प्यास जल्दी बुझती नहीं है और यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो इसे केवल सामान्य प्यास मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार और असामान्य प्यास शरीर में पानी या इलेक्ट्रोलाइट संतुलन से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकती है।

    बार-बार प्यास लगने की सबसे आम वजह डिहाइड्रेशन हो सकती है। तेज गर्मी में रहने, व्यायाम करने या अधिक पसीना निकलने से शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है। अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थ खाने से भी प्यास बढ़ सकती है। कैफीन युक्त पेय पदार्थों का अत्यधिक सेवन कुछ लोगों में पेशाब बढ़ाकर शरीर के तरल संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

    लगातार अत्यधिक प्यास डायबिटीज से जुड़ा एक महत्वपूर्ण लक्षण भी हो सकती है। जब रक्त में ग्लूकोज का स्तर अधिक बढ़ जाता है, तो शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के रास्ते बाहर निकालने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया में शरीर से अधिक मात्रा में पानी निकल सकता है और व्यक्ति को बार-बार पेशाब आने के साथ ज्यादा प्यास महसूस हो सकती है। इसके साथ थकान, वजन में बदलाव या धुंधला दिखाई देने जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।

    किडनी शरीर में पानी, नमक और दूसरे इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किडनी के कामकाज में समस्या होने पर शरीर के तरल संतुलन में बदलाव आ सकता है। हालांकि केवल ज्यादा प्यास लगने के आधार पर किडनी की बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। यदि इसके साथ पैरों या चेहरे पर सूजन, पेशाब में बदलाव या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।

    बार-बार प्यास लगने की एक अपेक्षाकृत कम सामान्य वजह डायबिटीज इन्सिपिडस भी हो सकती है। यह डायबिटीज मेलिटस से अलग स्थिति है और इसमें शरीर के पानी के संतुलन को नियंत्रित करने वाली हार्मोनल व्यवस्था प्रभावित होती है। इसके कारण बहुत अधिक मात्रा में पतला पेशाब आ सकता है और उसके बाद अत्यधिक प्यास महसूस हो सकती है।

    कई बार व्यक्ति को वास्तविक रूप से शरीर में पानी की कमी न होने के बावजूद मुंह सूखने के कारण प्यास जैसा महसूस होता है। इसे ड्राई माउथ कहा जाता है। इसमें मुंह और जीभ में सूखापन, चिपचिपापन या होंठों के सूखने जैसी शिकायत हो सकती है। कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव, तनाव और कुछ अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी मुंह सूखने की वजह बन सकती हैं।

    इसलिए केवल प्यास लगने के आधार पर किसी बीमारी की पहचान करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। समस्या लगातार बनी रहे, बहुत ज्यादा पेशाब आए, रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना पड़े, असामान्य कमजोरी महसूस हो या वजन में बिना वजह बदलाव आए तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। आवश्यकता के अनुसार डॉक्टर रक्त शर्करा, किडनी की कार्यक्षमता, इलेक्ट्रोलाइट्स और अन्य जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।

    बच्चों और बुजुर्गों में शरीर में पानी की कमी तेजी से गंभीर हो सकती है। अत्यधिक कमजोरी, चक्कर, भ्रम, बेहोशी या पानी न पी पाने जैसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता जरूरी हो सकती है। लगातार प्यास को समझने का सबसे सही तरीका इसके साथ मौजूद दूसरे लक्षणों और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति को देखना है।

  • ‘आवारापन 2’ की सफलता के बाद इमरान हाशमी की चार बड़ी फिल्में तैयार, एक्शन से हॉरर तक दिखेगा नया अंदाज

    ‘आवारापन 2’ की सफलता के बाद इमरान हाशमी की चार बड़ी फिल्में तैयार, एक्शन से हॉरर तक दिखेगा नया अंदाज

    नई दिल्ली ।इमरान हाशमी इन दिनों अपनी हालिया फिल्म ‘आवारापन 2’ की सफलता को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिलने के बाद अभिनेता के आने वाले प्रोजेक्ट्स पर भी नजरें टिक गई हैं। एक्शन, स्पाई थ्रिलर और हॉरर जैसे अलग-अलग जॉनर की फिल्मों में इमरान दिखाई देने वाले हैं, जिससे उनके प्रशंसकों के बीच उनकी आगामी फिल्मों को लेकर उत्सुकता बढ़ी है।

    ‘आवारापन 2’ की सफलता के बाद इमरान हाशमी से जुड़ी सबसे चर्चित खबर ‘जन्नत 3’ को लेकर है। इस फ्रैंचाइजी की पहली फिल्म ‘जन्नत’ 2008 में रिलीज हुई थी, जबकि इसका दूसरा भाग ‘जन्नत 2’ 2012 में आया था। दोनों फिल्मों में इमरान हाशमी मुख्य भूमिका में नजर आए थे और फ्रैंचाइजी को दर्शकों के बीच खास पहचान मिली थी।

    निर्माता विशेष भट्ट ने ‘जन्नत 3’ को लेकर जानकारी दी है कि फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम शुरू हो चुका है। ‘आवारापन 2’ के बाद इस फ्रैंचाइजी की अगली फिल्म की योजना बनाई जा रही है। इमरान हाशमी के पिछले दोनों फिल्मों से जुड़े होने के कारण तीसरे भाग में उनके लौटने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि फिल्म की कहानी, शूटिंग और रिलीज को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

    इमरान की अगली फिल्मों में ‘गनमास्टर G9’ भी अहम है। यह एक्शन रोमांस फिल्म है, जिसमें इमरान हाशमी के साथ जेनेलिया डिसूजा और आपारशक्ति खुराना भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन आदित्य दत्त ने किया है। इसका निर्माण दीपक मुकुट, हुनर मुकुट और संगीता अहीर ने किया है।

    ‘गनमास्टर G9’ की रिलीज डेट भी घोषित की जा चुकी है। फिल्म 27 नवंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इस प्रोजेक्ट के जरिए इमरान एक बार फिर बड़े पर्दे पर एक्शन से भरपूर भूमिका में दिखाई देंगे। फिल्म की रिलीज को लेकर अभिनेता के प्रशंसकों के बीच खास उत्सुकता है।

    इमरान हाशमी की आगामी फिल्मों में ‘जी 2’ भी शामिल है। यह तेलुगु स्पाई-एक्शन थ्रिलर ‘गुडाचारी’ का सीक्वल है। फिल्म में अदीवि शेष और इमरान हाशमी अहम भूमिकाओं में हैं। कहानी एक हाई-ऑक्टेन इंटरनेशनल मिशन के इर्द-गिर्द आगे बढ़ने वाली है। फिल्म का निर्देशन विनय कुमार सिरिगिनीडी कर रहे हैं। इसकी रिलीज डेट अभी घोषित नहीं की गई है।

    इसके अलावा इमरान हाशमी ‘रूह’ के जरिए हॉरर जॉनर में वापसी करने वाले हैं। इस हाई-कॉन्सेप्ट म्यूजिकल हॉरर फिल्म का निर्देशन मयंक शर्मा कर रहे हैं। फिल्म को हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज किए जाने की योजना है और इसे 2027 में सिनेमाघरों में लाने की तैयारी है।

    इस तरह ‘आवारापन 2’ के बाद इमरान हाशमी के पास अलग-अलग शैलियों की कई फिल्में हैं। एक तरफ ‘जन्नत 3’ जैसी चर्चित फ्रैंचाइजी है, वहीं दूसरी ओर ‘गनमास्टर G9’ और ‘जी 2’ जैसी एक्शन फिल्मों के साथ ‘रूह’ में हॉरर का अलग अनुभव देखने को मिलेगा। इन प्रोजेक्ट्स के जरिए अभिनेता आने वाले समय में अपनी स्क्रीन इमेज के अलग-अलग पहलुओं को दर्शकों के सामने पेश कर सकते हैं।

  • स्किन केयर रूटीन में शामिल करें एलोवेरा जेल! जानें चेहरे पर लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां

    स्किन केयर रूटीन में शामिल करें एलोवेरा जेल! जानें चेहरे पर लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली । स्किन केयर की बात आती है तो एलोवेरा को लंबे समय से त्वचा के लिए उपयोगी माना जाता है। एलोवेरा जेल अपनी ठंडी और soothing प्रकृति के कारण त्वचा को शांत महसूस कराने में मदद कर सकता है। खासतौर पर गर्मी और धूप के कारण त्वचा में होने वाली जलन या रूखेपन के समय एलोवेरा का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले सावधानी रखना जरूरी है।

    चेहरे की देखभाल के लिए सबसे पहले साफ और ताजा एलोवेरा जेल लिया जा सकता है। यदि पौधे से जेल निकाल रहे हैं तो पत्ते को अच्छी तरह धोकर उसमें मौजूद पीले रंग का लेटेक्स अलग कर दें। इसके बाद पारदर्शी जेल को निकालकर चेहरे पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। इसे कुछ देर त्वचा पर रहने देने के बाद साफ पानी से चेहरा धो लें। पहली बार इस्तेमाल करने वालों को पूरे चेहरे पर लगाने के बजाय त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है।

    एलोवेरा जेल त्वचा को नमी देने में मदद कर सकता है। जिन लोगों की त्वचा रूखी रहती है वे अपने स्किन केयर रूटीन में एलोवेरा को शामिल कर सकते हैं। इसे अकेले इस्तेमाल करने के अलावा अपनी त्वचा के अनुसार किसी उपयुक्त moisturizer के साथ भी रूटीन में शामिल किया जा सकता है। हालांकि एलोवेरा को किसी भी सामग्री के साथ मिलाकर लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि वह आपकी त्वचा के लिए सुरक्षित है या नहीं।

    धूप में ज्यादा समय बिताने के बाद त्वचा गर्म और संवेदनशील महसूस हो सकती है। ऐसे समय एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देने वाला एहसास दे सकता है। लेकिन अगर त्वचा पर गंभीर जलन छाले या तेज दर्द हो तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    ऑयली स्किन वाले लोग भी एलोवेरा का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि एलोवेरा को मुंहासों का निश्चित इलाज नहीं माना जाना चाहिए। अगर चेहरे पर लगातार पिंपल्स निकल रहे हैं तो समस्या के कारण को समझना जरूरी है। बिना सलाह के नींबू बेकिंग सोडा या अन्य तेज सामग्री के साथ एलोवेरा मिलाकर लगाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा में जलन या irritation बढ़ सकती है।

    एलोवेरा इस्तेमाल करते समय एक और जरूरी बात इसकी शुद्धता है। बाजार में मिलने वाले हर एलोवेरा जेल की गुणवत्ता एक जैसी नहीं होती। इसलिए उत्पाद खरीदते समय उसके ingredients और इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जरूर पढ़ें। खुशबू या अन्य additives वाले उत्पाद संवेदनशील त्वचा पर परेशानी पैदा कर सकते हैं।

    स्किन केयर में एलोवेरा को किसी जादुई उपाय की तरह देखने के बजाय एक सामान्य soothing और moisturizing ingredient के रूप में इस्तेमाल करना बेहतर है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना अच्छी नींद लेना और रोजाना उपयुक्त sunscreen का इस्तेमाल करना भी जरूरी है। अगर एलोवेरा लगाने के बाद लालिमा खुजली या जलन महसूस हो तो तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें।

  • 18 अगस्त 2026 करियर राशिफल: चंद्रमा तुला राशि में, नौकरी और कारोबार में मिलेंगे नए अवसर, धन संबंधी फैसलों में बरतें सावधानी

    18 अगस्त 2026 करियर राशिफल: चंद्रमा तुला राशि में, नौकरी और कारोबार में मिलेंगे नए अवसर, धन संबंधी फैसलों में बरतें सावधानी

    नई दिल्ली । 18 अगस्त 2026 का दिन करियर और आर्थिक मामलों में संतुलन बनाकर चलने का संकेत दे रहा है। तुला राशि में चंद्रमा का प्रभाव बातचीत, साझेदारी और टीमवर्क को मजबूत कर सकता है। वहीं सिंह राशि में सूर्य आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने वाला रहेगा। मिथुन राशि में मंगल सक्रियता बढ़ाएगा, लेकिन जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना जरूरी होगा। कर्क राशि में बुध और गुरु की स्थिति बचत तथा पारिवारिक वित्तीय योजना पर ध्यान देने का संकेत दे रही है। कन्या राशि वालों को फिजूलखर्ची से बचना होगा, जबकि मीन राशि वालों के लिए धैर्य और अनुशासन महत्वपूर्ण रहेगा।

    मेष राशि के जातकों के लिए आज बातचीत के जरिए काम आसान होने के योग हैं। अटका हुआ धन शांतिपूर्वक बातचीत करने से वापस मिलने की संभावना बन सकती है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारी लेने का अवसर मिलेगा और सहकर्मियों के साथ नरमी से पेश आना लाभ देगा। वृष राशि वालों को बचत पर ध्यान देना चाहिए। दफ्तर में अनुभवी अधिकारियों से बातचीत अच्छी रह सकती है और आपके काम की सराहना हो सकती है। नौकरी बदलने का विचार है तो जल्दबाजी के बजाय सभी पहलुओं की जांच करें।

    मिथुन राशि के लिए आज बातचीत और संपर्क महत्वपूर्ण रहेंगे। मीटिंग, लेखन और नए लोगों से जुड़ने वाले कामों में सफलता मिल सकती है। हालांकि निवेश या किसी को पैसा देने से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी है। कर्क राशि वालों की आर्थिक योजना मजबूत रह सकती है। परिवार और भविष्य से जुड़े खर्चों पर ध्यान रहेगा। कार्यक्षेत्र में सहयोग मिलेगा और लगातार मेहनत का सकारात्मक परिणाम सामने आ सकता है।

    सिंह राशि वालों में नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ेगा। कार्यस्थल पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है, लेकिन केवल अपनी बात मनवाने के बजाय दूसरों की राय सुनना बेहतर रहेगा। धन के मामले में दिखावे पर खर्च करने से बचें। कन्या राशि वालों को बजट पर विशेष नजर रखनी होगी। सुख-सुविधाओं से जुड़ी खरीदारी का मन बन सकता है, लेकिन आज बचत करना अधिक उपयोगी रहेगा। कार्यक्षेत्र में छोटी गलतियां पकड़ने की क्षमता मजबूत रहेगी, फिर भी दूसरों की कमियां निकालने के बजाय समाधान पर ध्यान दें।

    तुला राशि वालों के लिए दिन संतुलित फैसलों और टीम के साथ बेहतर तालमेल का रहेगा। पैसों से जुड़े निर्णयों में किसी भरोसेमंद व्यक्ति की सलाह उपयोगी हो सकती है। कार्यस्थल पर मतभेद होने की स्थिति में आपकी समझदारी समस्या को सुलझाने में मदद करेगी। वृश्चिक राशि वालों को अपनी आर्थिक योजनाओं को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। अनावश्यक खर्च से बचें और किसी बड़े वादे से पहले सभी तथ्यों की जांच करें। काम में एकाग्रता बनाए रखने से लाभ होगा।

    धनु राशि वालों के लिए नए विचार कमाई के अवसर खोल सकते हैं, लेकिन हर प्रस्ताव में निवेश करना उचित नहीं होगा। नेटवर्किंग और नए लोगों से संपर्क करियर में मददगार साबित हो सकता है। मकर राशि वालों को पुरानी योजनाओं और जिम्मेदारियों की समीक्षा करनी चाहिए। कोई रुका हुआ काम सुधार के बाद आगे बढ़ सकता है। कुंभ राशि वालों की अलग सोच कार्यक्षेत्र में ध्यान आकर्षित करेगी, लेकिन नए विचारों को लागू करने से पहले बजट और जोखिम की जांच जरूरी है।

    मीन राशि वालों के लिए दिन धैर्य और लगातार प्रयास का संदेश दे रहा है। रुका हुआ आर्थिक मामला धीरे-धीरे सुलझ सकता है। कार्यक्षेत्र में गति अपेक्षाकृत धीमी महसूस हो सकती है, लेकिन मेहनत बेकार नहीं जाएगी। अपनी कुशलता बढ़ाने और अधूरे काम पूरे करने पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। कुल मिलाकर 18 अगस्त का दिन करियर में संवाद, सहयोग और संतुलन को महत्व देने वाला है। आर्थिक मामलों में भावनात्मक फैसलों से बचकर योजना के अनुसार आगे बढ़ने से बेहतर परिणाम मिलने की संभावना रहेगी।

  • पत्नी की हत्या के बाद बच्चों को तालाब में फेंकने का आरोप, बेटे ने बचकर पुलिस को दी सूचना; बेटी की मौत

    पत्नी की हत्या के बाद बच्चों को तालाब में फेंकने का आरोप, बेटे ने बचकर पुलिस को दी सूचना; बेटी की मौत


    इंदौर इंदौर के कनाड़िया इलाके में सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। झलारिया गांव में रहने वाले 37 वर्षीय ड्राइवर सुनील चौहान पर अपनी पत्नी की हत्या करने और इसके बाद दोनों बच्चों को तालाब में फेंकने का आरोप है। घटना के बाद 10 वर्षीय बेटी माही की मौत हो गई जबकि 8 वर्षीय बेटा अजय किसी तरह तालाब से बाहर निकलने में सफल रहा। बाहर आने के बाद बच्चे ने वहां से गुजर रही पुलिस की एफआरवी टीम को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर उसे हिरासत में ले लिया।

    पुलिस के अनुसार सुनील अपनी पत्नी अनीता बाई के साथ झलारिया गांव में किराए के मकान में रहता था। सोमवार रात किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। शुरुआती जांच में पुलिस को दंपती के बीच लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद की जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक पत्नी के अन्य लोगों से बातचीत करने को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। हालांकि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था इसकी पुष्टि विस्तृत जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

    पुलिस का कहना है कि विवाद के बाद आरोपी ने कथित तौर पर पत्नी पर चाकू से हमला किया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह दोनों बच्चों को लेकर हिंगोनिया गांव के पास स्थित एक तालाब पर पहुंचा। आरोप है कि उसने दोनों बच्चों को तालाब में फेंक दिया। इस दौरान 8 वर्षीय अजय किसी तरह पानी से बाहर निकल आया और अपनी जान बचाई। इसके बाद उसने आसपास मौजूद लोगों और पुलिस टीम को घटना की जानकारी दी। बच्चे से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

    जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम झलारिया गांव पहुंची लेकिन आरोपी वहां मौजूद नहीं था। पुलिस के मुताबिक वह रात में इलाके से निकलने की तैयारी में था। उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम बनाई गई। इसी दौरान पुलिस को वह आसपास घूमता हुआ मिला और उसे हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पत्नी पर हमला करने और बच्चों को तालाब में ले जाने से जुड़ी जानकारी पुलिस को दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने महिला का शव बरामद किया।

    दूसरी ओर तालाब में बच्ची की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। रात करीब ढाई बजे टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद 10 वर्षीय माही का शव तालाब से बरामद किया गया। शुरुआती तौर पर बच्ची की मौत पानी में डूबने से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

    महिला के शरीर पर भी चाकू के निशान मिलने की बात सामने आई है। पुलिस गला दबाने के आरोप की भी जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित कर एफएसएल टीम की मदद से जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात किस क्रम में हुई और घटना के पीछे आरोपी की वास्तविक मंशा क्या थी।

    पूरे घटनाक्रम के दौरान एसीपी खजराना थाना प्रभारी कनाड़िया सहित पुलिस टीम एफएसएल और एसडीआरएफ के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। मृतका और बच्ची के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी से पूछताछ के साथ घटनास्थल से जुड़े सभी साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।

    बताया गया है कि सुनील पेशे से ड्राइवर था और कुछ समय पहले ही परिवार के साथ बापू गांधी नगर इलाके से झलारिया में किराए के मकान में रहने आया था। उसके माता पिता और परिवार के अन्य सदस्य लसूड़िया क्षेत्र के बापू गांधी नगर में रहते हैं। अनीता मूल रूप से देवास जिले के कांटाफोड़ की रहने वाली थी। सुनील का परिवार भी कांटाफोड़ से जुड़ा बताया गया है और करीब 17 से 18 वर्षों से इंदौर में रह रहा है। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • बारिश ने खोली इंतजामों की पोल! भोपाल में 35 जलभराव वाले स्पॉट के बाद अब 8 नए स्थान सामने आए

    बारिश ने खोली इंतजामों की पोल! भोपाल में 35 जलभराव वाले स्पॉट के बाद अब 8 नए स्थान सामने आए


    भोपाल । भोपाल में बारिश के साथ जलभराव की पुरानी समस्या एक बार फिर सामने आ गई है। पिछले साल ट्रैफिक पुलिस ने शहर में जलभराव वाले 35 स्थानों को चिह्नित कर नगर निगम पीडब्ल्यूडी और दूसरी संबंधित एजेंसियों को इनकी सूची भेजी थी। इन जगहों पर जलभराव की वजह तलाशने के साथ जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद संबंधित एजेंसियों ने 17 स्थानों पर सुधार कार्य पूरा होने का दावा किया। कहीं नालों की सफाई और मरम्मत कराई गई तो कहीं सड़क का लेवल ठीक किया गया। कुछ स्थानों पर गड्ढे भरने और सीसी रोड बनाने का काम भी किया गया। लेकिन इस बार बारिश ने इन दावों की जमीनी हकीकत सामने ला दी है।

    बारिश के दौरान जिन जगहों पर सुधार किए जाने की बात कही गई थी उनमें से कई स्थानों पर फिर पानी जमा हो गया। हालात इतने खराब हुए कि कुछ जगहों पर सड़क तक बंद करनी पड़ी। 11 अगस्त को हुई बारिश में भी शहर के कई हिस्सों में भारी जलभराव देखने को मिला था। अब समस्या सिर्फ पुराने स्थानों तक सीमित नहीं रही है। इस मानसून के दौरान शहर में जलभराव के 8 नए स्थान भी सामने आए हैं। ट्रैफिक पुलिस इन नए स्पॉट की सूची तैयार कर संबंधित एजेंसियों को भेजने की तैयारी कर रही है।

    इस बार किलोल पार्क डिपो चौराहा आरआरएल से एम्स रोड बाणगंगा रानी कमलापति बंसल प्लाजा वीआईपी रोड पर सेल्फी पार्क से पहले और लालघाटी से बैरागढ़ लेफ्ट टर्न तक के क्षेत्र नए जलभराव वाले स्थान के रूप में सामने आए हैं। इन जगहों पर बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रमुख मार्गों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

    पुराने जलभराव वाले स्थानों की स्थिति भी राहत देने वाली नहीं है। गणेश मंदिर तिराहे पर जलभराव रोकने के लिए साइड वर्ज हटाकर पानी की निकासी का रास्ता बनाने की कोशिश की गई थी। इसके बावजूद बारिश के दौरान यहां रास्ता बाधित होने की स्थिति बन गई। अब पीडब्ल्यूडी की ओर से निकासी व्यवस्था को और बेहतर करने का काम किया जा रहा है।

    ओल्ड केम्पियन तिराहे पर सड़क का लेवल सुधारने के लिए उसे ऊंचा किया गया और सीसी रोड भी बनाई गई। इसके बावजूद बारिश में यहां पानी जमा हो गया। खटलापुरा मंदिर क्षेत्र में जलभराव रोकने के लिए सड़क का समतलीकरण कराया गया था लेकिन बारिश के बाद यहां भी पानी रुकने की समस्या सामने आई। नर्मदापुरम रोड की सर्विस रोड पर गड्ढे भरने सहित कई सुधार कार्य किए गए थे लेकिन बारिश के दौरान यहां भी पानी की निकासी ठीक नहीं रही।

    बैरागढ़ क्षेत्र की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। ईसाइ कब्रिस्तान से सीहोर नाके तक सड़क के दोनों तरफ 150 से अधिक बड़े गड्ढे होने की बात सामने आई है। इन गड्ढों को भरने का दावा भी किया गया था लेकिन बारिश के बाद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आया। जलभराव के साथ सड़क पर गड्ढे होने से वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।

    ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि पिछले साल चिह्नित किए गए 35 स्थानों की सूची संबंधित एजेंसियों को दी गई थी और इनमें अधिकांश जगहों पर सुधार कार्य किए गए हैं। इस बारिश में सामने आए 8 नए स्थानों की सूची भी संबंधित विभागों को भेजी जाएगी। वहीं नगर निगम का कहना है कि इन स्थानों पर जलभराव के बजाय जल रुकाव की समस्या है और इसका समाधान किया जा रहा है। विभाग से जुड़े स्थानों पर सुधार कार्य किए जाने की बात भी कही गई है।

    हालांकि लगातार सामने आ रही तस्वीरें यह सवाल जरूर खड़ा करती हैं कि अगर सुधार कार्य किए जा चुके हैं तो मामूली बारिश में कई स्थानों पर दोबारा पानी क्यों भर रहा है। भोपाल जैसे बड़े शहर में जलभराव सिर्फ यातायात की समस्या नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं से भी जुड़ा मुद्दा है। ऐसे में नए स्पॉट के साथ पुराने स्थानों की निकासी व्यवस्था की भी दोबारा जांच जरूरी हो गई है ताकि हर बारिश में वही समस्या दोबारा खड़ी न हो।

  • भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों का बदलेगा शेड्यूल, 16 ट्रेनें कैंसिल और 48 का रूट डायवर्ट; सफर से पहले देखें लिस्ट

    भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों का बदलेगा शेड्यूल, 16 ट्रेनें कैंसिल और 48 का रूट डायवर्ट; सफर से पहले देखें लिस्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में रेल यात्रियों के लिए सितंबर और अक्टूबर के दौरान सफर की योजना बनाने से पहले ट्रेनों का नया शेड्यूल देखना जरूरी होगा। बीना स्टेशन पर आगासौद से बीना के बीच तीसरी रेल लाइन को जोड़ने के लिए यार्ड में बड़े स्तर पर काम किया जाना है। इस निर्माण कार्य के चलते 20 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया जाएगा। रेलवे की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार अलग अलग तारीखों में 16 ट्रेनें निरस्त रहेंगी जबकि 48 ट्रेनों को बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा। इसके अलावा कुछ ट्रेनों के शुरुआती और अंतिम स्टेशन में भी बदलाव किया जाएगा।

    इस बदलाव का असर भोपाल और रानी कमलापति से चलने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों पर भी पड़ेगा। भोपाल ग्वालियर एक्सप्रेस को 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक निरस्त रखा जाएगा। इसी तरह रानी कमलापति से रीवा के बीच चलने वाली ट्रेन भी कुछ दिनों तक अपने निर्धारित रास्ते के बजाय दूसरे मार्ग से चलेगी। ऐसे में जिन यात्रियों ने अक्टूबर में भोपाल से रीवा या दूसरे शहरों की यात्रा की योजना बनाई है उन्हें टिकट बुक करने या स्टेशन पहुंचने से पहले ट्रेन की स्थिति जरूर जांचनी होगी।

    रानी कमलापति रीवा ट्रेन 12186 को 8 से 14 अक्टूबर तक इटारसी कटनी जबलपुर और रीवा के रास्ते चलाया जाएगा। वापसी में रीवा से रानी कमलापति आने वाली ट्रेन 12185 भी इसी अवधि में कटनी जबलपुर और इटारसी होकर चलेगी। भोपाल धनबाद ट्रेन 11631 को 9 12 और 15 अक्टूबर को इटारसी जबलपुर कटनी साउथ और न्यू कटनी के रास्ते चलाया जाएगा। वहीं धनबाद से भोपाल आने वाली ट्रेन 11632 भी निर्धारित तारीखों पर बदले हुए मार्ग से संचालित होगी।

    भोपाल सिंगरौली ट्रेन 22165 को 10 13 और 14 अक्टूबर को इटारसी जबलपुर कटनी साउथ और न्यू कटनी के रास्ते चलाया जाएगा। सिंगरौली से भोपाल आने वाली ट्रेन 22166 को भी 9 और 13 अक्टूबर को बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा। भोपाल जोधपुर ट्रेन 14814 को 1 से 15 अक्टूबर तक संत हिरदाराम नगर मक्सी नागदा और कोटा होकर चलाया जाएगा। वापसी में जोधपुर भोपाल ट्रेन 14813 भी 1 से 14 अक्टूबर तक कोटा नागदा संत हिरदाराम नगर और मक्सी होकर भोपाल पहुंचेगी।

    भोपाल हावड़ा ट्रेन 13026 को 14 अक्टूबर और हावड़ा भोपाल ट्रेन 13025 को 12 अक्टूबर को इटारसी जबलपुर कटनी साउथ और न्यू कटनी के रास्ते चलाया जाएगा। इसी तरह भोपाल चोपन ट्रेन 11633 को 11 अक्टूबर और चोपन भोपाल ट्रेन 11634 को 12 अक्टूबर को बदले हुए मार्ग से संचालित किया जाएगा।

    कुछ ट्रेनों के प्रारंभिक और अंतिम स्टेशन में भी बदलाव रहेगा। बिलासपुर भोपाल ट्रेन 18236 को 6 से 14 अक्टूबर तक मालखेड़ी में ही समाप्त किया जाएगा। वहीं भोपाल बिलासपुर ट्रेन 18235 को 7 से 15 अक्टूबर तक मालखेड़ी से शुरू किया जाएगा। भोपाल बीना की ट्रेन 61631 को 7 से 15 अक्टूबर तक मंडीबामोरा में समाप्त किया जाएगा। इसी अवधि में कुछ अन्य भोपाल बीना ट्रेनों के शुरुआती और अंतिम स्टेशन में भी बदलाव किया जाएगा।

    रेलवे के इस काम का उद्देश्य बीना क्षेत्र में तीसरी रेल लाइन को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ना और भविष्य में ट्रेनों के संचालन को अधिक सुगम बनाना है। हालांकि निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। खासकर भोपाल बीना और उत्तर भारत तथा पूर्वी भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय का ध्यान रखना होगा। इसलिए यात्रा से पहले ट्रेन के निर्धारित समय मार्ग और प्रारंभिक या अंतिम स्टेशन की जानकारी रेलवे के आधिकारिक माध्यम से जांच लेना बेहतर रहेगा।

  • घर की तरक्की के लिए मंगलवार को करें ये काम, वास्तु के अनुसार बदल सकती है घर की ऊर्जा

    घर की तरक्की के लिए मंगलवार को करें ये काम, वास्तु के अनुसार बदल सकती है घर की ऊर्जा


    नई दिल्ली । मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन कुछ आसान उपाय करने से घर के वातावरण में सकारात्मकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। माना जाता है कि घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा का असर परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य मनोदशा और कामकाज पर भी पड़ सकता है। ऐसे में मंगलवार को घर की साफ सफाई से लेकर पूजा स्थल और मुख्य द्वार तक कुछ बातों का ध्यान रखना शुभ माना जाता है। इन उपायों का उद्देश्य घर के वातावरण को व्यवस्थित और सकारात्मक बनाए रखना है।

    मंगलवार के दिन सुबह उठकर सबसे पहले घर की साफ सफाई करना अच्छा माना जाता है। विशेष रूप से मुख्य द्वार के आसपास गंदगी या अनावश्यक सामान नहीं रखना चाहिए। वास्तु मान्यताओं में मुख्य द्वार को घर में ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख स्थान माना गया है। इसलिए मंगलवार को मुख्य दरवाजे को साफ करके वहां दीपक जलाया जा सकता है। यदि संभव हो तो दरवाजे के आसपास स्वच्छता बनाए रखते हुए शुभ चिह्न भी बनाए जा सकते हैं।

    मंगलवार को घर के पूजा स्थल की सफाई करना भी शुभ माना जाता है। पूजा स्थान में लंबे समय से रखे पुराने फूल और खराब हो चुकी पूजन सामग्री को हटा देना चाहिए। इसके बाद भगवान हनुमान की पूजा कर दीपक जलाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित किया जाता है। पूजा के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन को शांति और आत्मविश्वास मिलने की मान्यता है।

    वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में घर के दक्षिण दिशा को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मंगलवार को इस दिशा में अनावश्यक कबाड़ या टूटा हुआ सामान रखने से बचने की सलाह दी जाती है। घर में यदि कोई खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आने वाली वस्तुएं पड़ी हैं तो उन्हें व्यवस्थित करना बेहतर माना जाता है। घर को साफ और व्यवस्थित रखने से सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है।

    मंगलवार के दिन लाल रंग को भी विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान जी को लाल रंग प्रिय माना जाता है। इसलिए पूजा के दौरान लाल फूल अर्पित किए जा सकते हैं। घर में बहुत अधिक लाल रंग का इस्तेमाल करने के बजाय पूजा या सजावट में सीमित रूप से लाल रंग का प्रयोग करना बेहतर माना जाता है।

    इस दिन घर में क्रोध और विवाद का माहौल बनाने से बचना चाहिए। वास्तु से जुड़े उपाय केवल वस्तुओं की दिशा या स्थान बदलने तक सीमित नहीं माने जाते बल्कि घर के वातावरण और व्यवहार को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और शांतिपूर्ण व्यवहार रहने से घर का माहौल सकारात्मक बना रहता है।

    मंगलवार को घर में हनुमान जी की पूजा के साथ जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना या अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि सेवा और दान से मन में सकारात्मक भाव पैदा होते हैं। हालांकि वास्तु और धार्मिक उपाय आस्था पर आधारित होते हैं और इनके परिणाम की कोई वैज्ञानिक गारंटी नहीं है। इन्हें श्रद्धा और सकारात्मक सोच के साथ अपनाया जा सकता है।

  • शिक्षकों के लिए बड़ा अपडेट! MP में 12 अक्टूबर से TET, 150 सवालों का होगा पेपर; 21 अगस्त से भरें फॉर्म

    शिक्षकों के लिए बड़ा अपडेट! MP में 12 अक्टूबर से TET, 150 सवालों का होगा पेपर; 21 अगस्त से भरें फॉर्म


    भोपाल । मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा TET 2026 को लेकर लंबे समय से चल रही तैयारी अब अगले चरण में पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कर्मचारी चयन मंडल ESB ने प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर पढ़ा रहे संबंधित शिक्षकों के लिए परीक्षा की नियम पुस्तिका जारी कर दी है। इसके साथ ही परीक्षा की तारीख और आवेदन प्रक्रिया भी तय कर दी गई है। प्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के इस परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। परीक्षा का आयोजन 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा जबकि ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 21 अगस्त से शुरू की जाएगी।

    अभ्यर्थी 4 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन में किसी तरह की गलती होने पर संशोधन का अवसर भी दिया गया है। इसके लिए 21 अगस्त से 9 सितंबर तक का समय निर्धारित किया गया है। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को प्रत्येक प्रश्नपत्र के लिए 1000 रुपये परीक्षा शुल्क देना होगा। इसके अलावा आवेदन के माध्यम के हिसाब से पोर्टल या कियोस्क शुल्क भी देना होगा। MP Online पोर्टल के जरिए आवेदन करने पर 60 रुपये और रजिस्टर्ड सिटीजन यूजर के माध्यम से आवेदन करने पर 20 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। आवेदन में संशोधन के लिए भी अलग शुल्क लगेगा। पहली बार संशोधन करने पर 20 रुपये और अंतिम चरण में संशोधन के लिए 40 रुपये शुल्क तय किया गया है।

    TET की फीस को लेकर शिक्षक संगठनों ने आपत्ति जताई है। शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों से परीक्षा शुल्क लिए जाने का विरोध किया है। संगठन की ओर से आवेदन और परीक्षा शुल्क माफ करने के साथ ऑनलाइन परीक्षा की जगह ऑफलाइन परीक्षा कराने की मांग की गई है। इसके अलावा शिक्षकों को परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष अध्ययन अवकाश देने और ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाजनक परीक्षा केंद्र बनाए जाने की मांग भी उठाई गई है।

    प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। इस तरह परीक्षा कुल 150 अंकों की होगी। उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए 2 घंटे 30 मिनट का समय मिलेगा। खास बात यह है कि परीक्षा में नकारात्मक अंक यानी नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। गलत उत्तर देने पर उम्मीदवार के प्राप्त अंकों में कटौती नहीं की जाएगी।

    परीक्षा में सफलता के लिए भी वर्ग के अनुसार न्यूनतम अंक निर्धारित किए गए हैं। अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। वहीं अन्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक जरूरी होंगे। माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में भी प्रत्येक प्रश्न एक अंक का रहेगा और नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट निर्धारित है।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर कार्यरत संबंधित शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा पास करना जरूरी किया गया है। नियमों के तहत पात्र शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। प्राथमिक स्तर के सरकारी स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षक प्राथमिक शिक्षक सहायक अध्यापक संविदा शाला शिक्षक वर्ग 3 प्रयोगशाला सहायक प्राथमिक शिक्षक विज्ञान सहित संबंधित श्रेणियों के शिक्षक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

    परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और अनुशासन को लेकर भी सख्त नियम लागू रहेंगे। मोबाइल फोन कैलकुलेटर स्मार्ट वॉच ब्लूटूथ डिवाइस ईयरफोन डिजिटल वॉच रिकॉर्डिंग उपकरण पेजर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान परीक्षा केंद्र में ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। नकल अनुचित साधनों का इस्तेमाल फर्जी पहचान या किसी दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

    दिव्यांग अभ्यर्थियों को नियमों के अनुसार अतिरिक्त समय और Scribe यानी लेखन सहायक की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए निर्धारित पात्रता और जरूरी शर्तों का पालन करना होगा। परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकेगा। इसमें परीक्षा केंद्र तारीख और समय समेत जरूरी जानकारी उपलब्ध होगी। परीक्षा के बाद रिजल्ट और विषयवार मॉडल आंसर भी ऑनलाइन जारी किए जाएंगे।

    अभ्यर्थियों को प्रश्नों और उत्तरों को लेकर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर भी मिलेगा। प्राप्त आपत्तियों पर विषय विशेषज्ञों की समिति विचार करेगी। यदि किसी प्रश्न को निरस्त किया जाता है तो उसके अंकों की गणना नियम पुस्तिका में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। ऐसे में परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों के लिए आवेदन की तारीख से लेकर परीक्षा केंद्र के नियम और न्यूनतम उत्तीर्ण अंक तक सभी जानकारियों को ध्यान से समझना जरूरी होगा।

  • मंगलवार का व्रत रख रहे हैं तो जान लें ये जरूरी नियम, हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए ऐसे करें पूजा

    मंगलवार का व्रत रख रहे हैं तो जान लें ये जरूरी नियम, हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए ऐसे करें पूजा


    नई दिल्ली । मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से जीवन में आने वाली परेशानियां कम होती हैं और व्यक्ति को साहस आत्मविश्वास तथा मानसिक शक्ति प्राप्त होती है। मंगलवार का व्रत मंगल ग्रह से भी जुड़ा माना जाता है। मान्यता है कि विधि विधान से मंगलवार का व्रत करने से मंगल दोष से जुड़ी परेशानियों में राहत मिल सकती है। खासतौर पर ऐसे लोग जो बार बार बाधाओं का सामना कर रहे हैं या जिनके काम बनते बनते रुक जाते हैं वे मंगलवार के दिन हनुमान जी की आराधना कर सकते हैं।

    मंगलवार व्रत की शुरुआत सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करने और साफ वस्त्र धारण करने से करनी चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके भगवान हनुमान की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। पूजा से पहले व्रत का संकल्प लें और मन में अपनी श्रद्धा तथा पूजा का उद्देश्य रखें। इसके बाद हनुमान जी को सिंदूर चमेली का तेल लाल फूल और गुड़ चने का भोग अर्पित किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना शुभ माना जाता है।

    पूजा के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है। इसके साथ ही बजरंग बाण और हनुमान जी के मंत्रों का जाप भी श्रद्धा के साथ किया जा सकता है। यदि संभव हो तो मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर जाकर दर्शन करें और वहां दीपक जलाएं। कई लोग इस दिन सुंदरकांड का पाठ भी करते हैं। मान्यता है कि इससे मन को शांति मिलती है और नकारात्मक विचारों से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।

    मंगलवार व्रत में खानपान का भी विशेष महत्व माना जाता है। व्रत रखने वाले व्यक्ति अपनी क्षमता और परंपरा के अनुसार फलाहार कर सकते हैं। कुछ लोग पूरे दिन उपवास रखते हैं जबकि कुछ लोग एक समय सात्विक भोजन करते हैं। व्रत के दौरान मांसाहार शराब और तामसिक भोजन से दूर रहने की धार्मिक परंपरा है। साथ ही किसी के प्रति क्रोध या अपशब्दों से बचना चाहिए क्योंकि व्रत केवल भोजन का त्याग नहीं बल्कि मन और व्यवहार को संयमित रखने की साधना भी माना जाता है।

    शाम के समय दोबारा हनुमान जी की पूजा करें। दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें और भगवान को गुड़ चने या अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रसाद अर्पित करें। इसके बाद आरती करें और परिवार की सुख शांति तथा समृद्धि की कामना करें। व्रत खोलते समय सात्विक भोजन ग्रहण करना उचित माना जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार का व्रत लगातार कई मंगलवार तक करने की परंपरा भी है। कुछ लोग मनोकामना पूरी होने तक व्रत करते हैं और बाद में उद्यापन करते हैं। हालांकि व्रत की अवधि और नियम अलग अलग परंपराओं में भिन्न हो सकते हैं। इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा और श्रद्धा के अनुसार नियमों का पालन करना बेहतर माना जाता है।

    मंगलवार व्रत को लेकर मान्यताएं धार्मिक आस्था पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक भविष्यवाणी या निश्चित परिणाम के रूप में नहीं देखना चाहिए। श्रद्धा के साथ पूजा करते हुए अपने कर्म और व्यवहार को सकारात्मक रखना ही इस व्रत का प्रमुख उद्देश्य माना जाता है।