Author: bharati

  • Mardaani 3 Day 13: शिवानी शिवाजी रॉय ने फिर छाया जादू, रानी मुखर्जी की फिल्म ने कमाई के मामले में मारा जोरदार धमाका!

    Mardaani 3 Day 13: शिवानी शिवाजी रॉय ने फिर छाया जादू, रानी मुखर्जी की फिल्म ने कमाई के मामले में मारा जोरदार धमाका!


    नई दिल्ली। रानी मुखर्जी की पावर-पैक फिल्म ‘मर्दानी 3’ ने रिलीज के बाद दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों का दिल जीत लिया है। 30 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के बावजूद फिल्म की शुरुआत थोड़ी धीमी रही, लेकिन जल्दी ही दर्शकों का उत्साह बढ़ा और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

    एक रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म के 13वें दिन मर्दानी 3 ने 1.10 करोड़ रुपये की कमाई की। इस कमाई के साथ फिल्म की कुल टोटल कमाई 39.80 करोड़ रुपये हो गई है। यश राज फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म रानी मुखर्जी की दमदार भूमिका ‘शिवानी शिवाजी रॉय’ के कारण दर्शकों के बीच चर्चा में बनी हुई है।

    डे वाइज कलेक्शन:
    डे 1: 4 करोड़

    फर्स्ट वीक: 26.3 करोड़

    डे 8: 1.85 करोड़

    डे 9: 3.5 करोड़

    डे 10: 4.25 करोड़

    डे 11: 1.2 करोड़

    डे 12: 1.6 करोड़

    डे 13: 1.10 करोड़

    कुल कमाई: 39.80 करोड़

    फिल्म की कहानी और रानी की एक्टिंग ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा। दूसरे वीकेंड पर बॉक्स ऑफिस में जबरदस्त उछाल देखने को मिला।

    ‘मर्दानी’ और ‘मर्दानी 2’ की तुलना
    मर्दानी (2014):

    बजट: 20 करोड़

    भारत नेट कलेक्शन: 35.65 करोड़

    वर्ल्डवाइड ग्रॉस: 59.30 करोड़

    बॉक्स ऑफिस स्टेटस: हिट

    मर्दानी 2 (2019):

    बजट: 30 करोड़

    भारत नेट कलेक्शन: 47.35 करोड़

    वर्ल्डवाइड ग्रॉस: 67 करोड़

    बॉक्स ऑफिस स्टेटस: हिट

    ‘मर्दानी 3’ भी दोनों फिल्मों की तरह दर्शकों के बीच लोकप्रिय साबित हो रही है। रानी मुखर्जी का शिवानी शिवाजी रॉय के रूप में दमदार प्रदर्शन फिल्म का बड़ा आकर्षण बना।

    रानी मुखर्जी का पावर-पैक प्रदर्शन
    फिल्म में रानी मुखर्जी की एक्टिंग और कहानी के दमदार अंदाज ने दर्शकों का दिल जीत लिया। रिलीज के पहले हफ्ते में धीमी शुरुआत के बावजूद दूसरे वीकेंड में फिल्म ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली। सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ से मुकाबले के बावजूद मर्दानी 3 ने अपनी अलग पहचान बनाई फिल्म ने 13वें दिन 1.10 करोड़ की कमाई के साथ बॉक्स ऑफिस पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। अगर यह रफ्तार बनी रहती है, तो जल्द ही मर्दानी 3 50 करोड़ के आंकड़े को पार कर सकती है।

  • T20 वर्ल्ड कप 2026: अफगानिस्तान, आयरलैंड और यूएसए की सुपर 8 की उम्मीदें घटीं, जानें भारत की स्थिति

    T20 वर्ल्ड कप 2026: अफगानिस्तान, आयरलैंड और यूएसए की सुपर 8 की उम्मीदें घटीं, जानें भारत की स्थिति


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर 8 की दौड़ अब कुछ टीमों के लिए मुश्किल होती जा रही है। पिछली बार की सेमीफाइनलिस्ट अफगानिस्तान अपने पहले दो मैचों में न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से हार चुकी है, जिससे उसका सुपर 8 में पहुंचना मुश्किल लग रहा है।

    अफगानिस्तान के साथ-साथ आयरलैंड और यूएसए भी लीग फेज में 2-2 हार के साथ मुश्किल में हैं। आधिकारिक तौर पर अभी कोई टीम बाहर नहीं हुई है, लेकिन इन तीनों टीमों के लिए सुपर 8 की राह लगभग बंद होती नजर आ रही है। कारण यह है कि ग्रुप में आगे बढ़ने के लिए कम से कम 3 जीत जरूरी हैं। अफगानिस्तान के लिए बुधवार का मुकाबला साउथ अफ्रीका से “करो या मरो” था, जो डबल सुपर ओवर तक गया लेकिन टीम हार गई।

    ग्रुप A में पाकिस्तान शानदार शुरुआत कर रहा है और अपने पहले दो मैच जीतकर 4 अंकों के साथ टॉप पर है। भारत दूसरे स्थान पर है, जिसने अपने पहले मैच में यूएसए को हराया। नीदरलैंड तीसरे नंबर पर है, जिसने 2 में से एक मैच जीत रखा है, जबकि नामीबिया एक मैच हार चुकी है। इस ग्रुप में यूएसए का हाल सबसे खराब है, जिसने अपने पहले दो मुकाबले गंवा दिए हैं।

    ग्रुप B में ऑस्ट्रेलिया नंबर एक की पोजिशन पर है, जिसने अपने पहले मैच में आयरलैंड को हराकर दम दिखाया। जिम्बाब्वे दूसरे स्थान पर है, जिसने ओमान को हराया, जबकि श्रीलंका तीसरे नंबर पर है, जिसने आयरलैंड को मात दी। ग्रुप में आयरलैंड दो मैच हारकर चौथे नंबर पर खिसक गया है और ओमान ने अब तक खेला गया एक मैच गंवाया है।

    ग्रुप C में वेस्टइंडीज ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है और दोनों मैच जीतकर 4 अंकों के साथ ग्रुप में टॉप पर है। स्कॉटलैंड और इंग्लैंड दोनों ने अपने दो मैचों में से एक-एक मैच जीता है और क्रमशः दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। नेपाल और इटली का ग्रुप में प्रदर्शन कमजोर रहा है; नेपाल एक मैच हार चुका है और इटली ने भी खेला गया एक मैच गंवा दिया है।

    ग्रुप D में न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका दोनों ने अपने पहले दो मैच जीतकर क्रमशः टॉप और दूसरे नंबर पर जगह बनाई है। अफगानिस्तान दो मैच हारकर तीसरे नंबर पर खिसक गया है, जबकि UAE ने खेला गया एक मैच गंवाया है और कनाडा भी अपने पहले मैच में हार का सामना कर चुकी है। इस ग्रुप में टॉप 2 टीमें ही सुपर 8 में जाएंगी।

  • राघव चड्ढा का संसद में ‘राइट टू रिकॉल’ पर जोर, बोले- मतदाता को नेता हटाने का अधिकार मिले

    राघव चड्ढा का संसद में ‘राइट टू रिकॉल’ पर जोर, बोले- मतदाता को नेता हटाने का अधिकार मिले


    नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बुधवार को संसद में ‘राइट टू रिकॉल’ यानी जनप्रतिनिधि को वापस बुलाने का अधिकार पर चर्चा कर सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने कहा कि अगर चुने हुए नेता जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते, तो मतदाताओं को उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले उन्हें हटाने का अधिकार होना चाहिए।

    शून्यकाल के दौरान बोलते हुए चड्ढा ने कहा, “जैसे मतदाता को चुनाव में हिस्सा लेने का अधिकार है, उसी तरह अगर नेता काम नहीं करता तो उसे हटाने का अधिकार भी होना चाहिए। ‘राइट टू रिकॉल’ मतदाताओं को सशक्त बनाएगी और नेताओं को जवाबदेह बनाएगी।”

    ‘राइट टू रिकॉल’ क्या है?
    राघव चड्ढा ने इसे एक ऐसी प्रक्रिया बताया है जिसमें वोटर किसी चुने हुए नेता को उनके कार्यकाल पूरा होने से पहले हटाने का अधिकार रखते हैं। आसान शब्दों में, अगर जनता अपने नेता के काम से संतुष्ट नहीं है, तो वह उसे जल्दी हटाने का विकल्प रख सकती है।

    राष्ट्रपति और जज हैं हटाए जा सकते हैं, नेताओं को क्यों नहीं?
    चड्ढा ने तर्क दिया कि भारत में पहले ही राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और न्यायाधीशों के लिए महाभियोग की व्यवस्था है। सरकारों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया जा सकता है। ऐसे में निर्वाचित नेताओं के लिए भी सुरक्षित और कानूनी प्रक्रिया के जरिए हटाने की सुविधा होना चाहिए।

    दुरुपयोग रोकने के लिए सुरक्षा उपाय
    सांसद ने कहा कि ‘राइट टू रिकॉल’ लोकतंत्र को मजबूत करेगा, इसे नेताओं के खिलाफ हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कम से कम 35-40% मतदाताओं के हस्ताक्षर जरूरी हों। नेता को 18 महीने का ‘परफॉर्मेंस पीरियड’ दिया जाए, ताकि वह सुधार कर सके। इस तरह काम करने वाले नेताओं को पार्टी टिकट देंगी और लोकतंत्र मजबूत होगा।

    किन देशों में लागू है?
    राघव चड्ढा के अनुसार, दुनिया के 20 से अधिक लोकतांत्रिक देशों में यह व्यवस्था मौजूद है। उदाहरण- अमेरिका, स्विट्जरलैंड, कनाडा, ब्रिटेन, वेनेज़ुएला, पेरू, इक्वाडोर, जापान, ताइवान। इसके अलावा भारत में यह व्यवस्था कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान की ग्राम पंचायतों में लागू है।

  • एमपी में बादलों का डेरा, दिन का तापमान गिरा, हल्की ठंड बरकरार

    एमपी में बादलों का डेरा, दिन का तापमान गिरा, हल्की ठंड बरकरार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर बदलते मिजाज का अंदाज दिखाया है। पश्चिमी विक्षोक्ष और ट्रफ के असर से बुधवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई शहरों में बादल छाए रहे, जिससे दिन का तापमान गिरावट पर आ गया।

    मौसम विभाग के मुताबिक, अगले पांच दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होंगे। हालांकि फिलहाल बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन बादल बनी रहने की संभावना है। सिस्टम के असर के कारण फिलहाल बादल छाए हैं। आने वाले दिनों में दिन और रात का तापमान बढ़ने का रुझान रहेगा।

    सर्दी का असर और आगे का मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी जारी है और कई राज्यों में हल्की बारिश भी हो रही है। सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मध्य प्रदेश में मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट का दौर भी आ सकता है, लेकिन ठंड ज्यादा तेज नहीं होगी। रात का तापमान ज्यादातर शहरों में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।

    अगले दो दिन का पूर्वानुमान
    13 फरवरी – कुछ जिलों में हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। दिन में बादल छाए रह सकते हैं।
    14 फरवरी – हल्का से मध्यम कोहरा कुछ जिलों में बने रह सकता है। बारिश की संभावना नहीं है।

    न्यूनतम तापमान की जानकारी
    मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-रविवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 5 डिग्री से नीचे गिर गया। यहां न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री दर्ज किया गया। अन्य स्थानों पर तापमान इस प्रकार रहा:
    पचमढ़ी: 7.4 डिग्री
    कटनी (करौंदी): 8.4 डिग्री
    अमरकंटक (अनूपपुर): 9.1 डिग्री
    मंदसौर: 9.1 डिग्री
    खजुराहो: 9.2 डिग्री
    दतिया: 9.9 डिग्री

    बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान
    ग्वालियर: 13 डिग्री
    उज्जैन-जबलपुर: 13.5 डिग्री
    भोपाल-इंदौर: 13.6 डिग्री

  • प्रत्यक्ष कर संग्रह 10 फरवरी तक 9.4 फीसदी बढ़कर 19.44 लाख करोड़ रुपये पर

    प्रत्यक्ष कर संग्रह 10 फरवरी तक 9.4 फीसदी बढ़कर 19.44 लाख करोड़ रुपये पर


    नई दिल्‍ली।
    अर्थव्‍यवस्‍था (Economy) के मोर्चे पर अच्‍छी खबर है। भारत की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) की मजबूती का संकेत देते हुए चालू वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार के कर संग्रह (Tax Collection) में शानदार बढ़ोतरी दर्ज हुई है। चालू वित्त वर्ष में 10 फरवरी तक प्रत्यक्ष कर संग्रह (Direct Tax Collection) 9.4 फीसदी बढ़कर लगभग 19.44 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

    आयकर विभाग ने बुधवार को जारी आंकड़ों में बताया कि 10 फरवरी तक प्रत्यक्ष कर संग्रह 9.4 फीसदी बढ़कर करीब 19.44 लाख करोड़ रुपये रहा है। विभाग के मुताबिक इस दौरान शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह 14.51 फीसदी बढ़कर 8.90 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि, यह बढ़ोतरी कॉरपोरेट कर की बेहतर वसूली और कर रिफंड की धीमी गति का परिणाम है।

    वहीं गैर-कॉरपोरेट कर संग्रह, जिसमें व्यक्तिगत आयकर और हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) से मिले कर शामिल हैं, 5.91 फीसदी बढ़कर करीब 10.03 लाख करोड़ रुपये रहा। शेयरों एवं अन्य प्रतिभूतियों के लेनदेन पर लगाया जाने वाला प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) का संग्रह 1 अप्रैल, 2025 से 10 फरवरी, 2026 के दौरान 50,279 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि के लगभग समान है।

    मंत्रालय के मुताबिक इस अवधि में कर रिफंड जारी करने में 18.82 फीसदी की गिरावट आई और यह घटकर 3.34 लाख करोड़ रुपये रह गया। रिफंड में कमी से शुद्ध कर संग्रह की वृद्धि दर को सहारा मिला। आंकड़ों के मुताबिक देश का सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.09 प्रतिशत बढ़कर 22.78 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें 10.88 लाख करोड़ रुपये का सकल कॉरपोरेट कर और 11.39 लाख करोड़ रुपये का सकल गैर-कॉरपोरेट कर शामिल हैं।

    उल्‍लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान (आरई) में कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह 24.84 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया है।

  • चक्रवात गेजानी ने मेडागास्कर में मचाई तबाही, कम से कम 20 लोगों की मौत, कई लापता

    चक्रवात गेजानी ने मेडागास्कर में मचाई तबाही, कम से कम 20 लोगों की मौत, कई लापता


    अंतानानारिवो।
    हिंद महासागर द्वीप (Indian Ocean Island Country) देश मेडागास्कर (Madagascar) में आए शक्तिशाली उष्णकटिबंधीय चक्रवात गेजानी (Powerful Tropical Cyclone Gajani) ने भारी तबाही मचाई है। सरकारी आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार इस आपदा में अबतक कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

    रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा 18 मौतें देश के दूसरे सबसे बड़े शहर टोआमासिना में दर्ज की गईं, जबकि दो अन्य लोगों की जान पड़ोसी जिले में गई। चक्रवात ने मंगलवार देर रात तट से टकराते ही तेज हवा और बारिश के साथ व्यापक नुकसान पहुंचाया। स्थानीय निवासियों ने तेज हवा को बेहद भयावह बताते हुए कहा कि मजबूत धातु के दरवाजे और खिड़कियां तक कांप उठीं।

    इस आपदा में कम से कम 33 लोग घायल हुए हैं। एहतियातन 2,700 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। चक्रवात के तटीय इलाकों से टकराने के बाद अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ने से कई समुदाय प्रभावित हुए।

    मौसम विभाग के अनुसार अपने चरम पर गेज़ानी की रफ्तार लगभग 185 किमी प्रति घंटा रही, जबकि झोंके 270 किमी प्रति घंटा तक पहुंचे। तेज हवाओं से कई घरों की छतें उड़ गईं, पेड़ उखड़ गए और बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा, जिससे कई इलाकों में अंधेरा छा गया।

    यह इस वर्ष मेडागास्कर में आया दूसरा बड़ा चक्रवात है। इससे करीब दस दिन पहले आए चक्रवात फाइटिया में 14 लोगों की मौत हुई थी और हजारों लोग विस्थापित हुए थे।

    बुधवार सुबह मौसम सेवा ने बताया कि गेजानी अब कमजोर होकर मध्यम उष्णकटिबंधीय तूफान में बदल गया है और राजधानी अंतानानारिवो से उत्तर की ओर बढ़ते हुए आगे मोजाम्बिक चैनल की दिशा में निकल सकता है। अधिकारियों ने पहले ही स्कूल बंद कर दिए थे और राहत शिविरों की तैयारी की थी, जिससे बड़े पैमाने पर जनहानि को कुछ हद तक रोका जा सका।

  • T20 World Cup : डबल सुपर ओवर में दक्षिण अफ्रीका की रोमांचक जीत, गुरबाज की पारी पर फिरा पानी

    T20 World Cup : डबल सुपर ओवर में दक्षिण अफ्रीका की रोमांचक जीत, गुरबाज की पारी पर फिरा पानी


    अहमदाबाद।
    आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC Men’s T20 World Cup 2026) के 13वें मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका (South Africa) ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अफगानिस्तान (Afghanistan) को डबल सुपर ओवर (Double Super Over) के रोमांचक मुकाबले में हराकर ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ से बाहर होने से खुद को बचा लिया। दोनों टीमों ने निर्धारित 20 ओवर में 187-187 रन बनाए, जिसके बाद मैच सुपर ओवर में गया और फिर दूसरा सुपर ओवर खेला गया।


    मैच का रोमांच

    अफगानिस्तान को आखिरी ओवर में 13 रन की जरूरत थी और एक विकेट शेष था। कागिसो रबाडा ने दबाव में दो नो-बॉल फेंकी, जिससे मुकाबला बराबरी पर पहुंच गया। रन लेने में हुई एक गलती के कारण मैच टाई हो गया और सुपर ओवर की नौबत आई। पहले सुपर ओवर में अफगानिस्तान ने लुंगी एनगिडी के खिलाफ 17 रन बनाए। जवाब में ट्रिस्टन स्टब्स ने आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर मैच को दूसरे सुपर ओवर में पहुंचा दिया। दूसरे सुपर ओवर में दक्षिण अफ्रीका ने ट्रिस्टन स्टब्स और डेविड मिलर की आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत 23 रन बनाए। अफगानिस्तान को 24 रन का लक्ष्य मिला। केशव महाराज की गेंदबाजी में मोहम्मद नबी आउट हुए, लेकिन रहमानुल्लाह गुरबाज़ ने लगातार तीन छक्के जड़कर उम्मीद जगाई। आखिरी गेंद पर छह रन की जरूरत थी, लेकिन गुरबाज़ पॉइंट पर कैच आउट हो गए और अफगानिस्तान की उम्मीदें टूट गईं।


    दक्षिण अफ्रीका की पारी

    टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी अफगान टीम ने शुरुआत में ऐडन मार्करम का विकेट झटका। इसके बाद क्विंटन डी कॉक (59 रन, 41 गेंद) और रयान रिकेल्टन (61 रन, 28 गेंद) ने शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। डी कॉक टी20 वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए (737 रन)। राशिद खान ने दोनों सेट बल्लेबाजों को आउट कर मैच में वापसी कराई। अंत में डेविड मिलर (नाबाद 20) और मार्को यानसन (16 रन, 7 गेंद) की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने 20 ओवर में 187/6 का स्कोर खड़ा किया। अजमतुल्लाह ओमरजई ने 3 विकेट लिए।


    अफगानिस्तान की पारी

    रहमानुल्लाह गुरबाज़ (84 रन, 42 गेंद) और इब्राहिम जादरान ने तेज शुरुआत दी। हालांकि बीच के ओवरों में लुंगी एनगिडी और रबाडा ने विकेट लेकर दबाव बनाया। कप्तान राशिद खान ने 20 रन की तेज पारी खेली, लेकिन आखिरी ओवर के रोमांच ने मुकाबले को टाई करा दिया। अंततः डबल सुपर ओवर में दक्षिण अफ्रीका ने बाजी मार ली और अफगानिस्तान को दिल तोड़ने वाली हार का सामना करना पड़ा।

  • उज्जैनः सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में लगाएंगे आस्था की डुबकी, विश्व की रहेगी निगाह

    उज्जैनः सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में लगाएंगे आस्था की डुबकी, विश्व की रहेगी निगाह


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व (Simhastha Mahaparva) का आयोजन विश्व के लिए अद्वितीय है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाएंगे। इस महापर्व पर विश्व की निगाह रहेगी। सिंहस्थ-2028 मध्य प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए कि प्रत्येक श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के पवित्र अनुष्ठानों में शामिल हो सके।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार देर शाम उज्जैन में सिंहस्थ 2028 अंतर्गत मंत्री मंडलीय समिति से अनुशंसित अधोसरंचना के प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैठक में अलग-अलग विभागों के माध्यम से सिंहस्थ-2028 के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर समीक्षा की। उन्होंने उज्जैनवासियों से सेवाभाव की तरह कार्य करने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराएं।


    मुख्यमंत्री ने की किसानों की फसल की चिंता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा के दौरान गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिप्रा नदी पर घाट निर्माण के दौरान किसानों को पानी की उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। इसके लिए नर्मदा जल की आपूर्ति की जाए। वतर्मान में गेहूं की फसल को सिंचाई के लिए एक पानी की और जरुरत होगी। इसके लिए शिप्रा नदी में जल प्रवाह सुनिश्चित बनाए रखे।

    उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि सभी अधिकारी गंभीरता के साथ काम करें। मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और संजय दुबे को निर्देश दिए है कि उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के काम में किसी भी तरह की रुकावट न आए। इसके लिए मुख्यमंत्री निवास पर भी सिंहस्थ सेल गठित कर मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाये और जिन विभागों में अधिकारियों की कमी है, वहाँ पदस्थापना तत्काल की जाए।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अनुभवी अधिकारियों के लिए यदि सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारिेयों को रखना है तो उसके लिए भी नियमानुसार कार्यवाही कर तत्काल रुप से उन्हें रखा जाए। सिंहस्थ-2028 के लिए अब रिवर्स कैलेंडर बनाकर निर्माण कार्य तीव्र गति से पूर्ण करें। वर्तमान समय से लेकर सिंहस्थ-2028 तक दो वर्षाकाल का समय आने वाला है। इसलिए समय-सीमा में काम गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना अनिवार्य है।

    उन्होंने विभिन्न निर्माण एजेसिंयों द्वारा किए जा रहे कार्यो की समीक्षा की, साथ ही निर्देश दिए कि जो निर्माण एजेंसियां काम कर रही है उनके संसाधनों की भी लगातार मॉनीटरिंग हो। वर्तमान समय माइक्रों मैनेजमेंट से नैनो मैनेजमेंट की ओर जाने का है। युद्ध स्तर की तैयारियां शुरु करना है। सभी अधिकारी 24 घंटे-07 दिन सक्रिय रहें। सिंहस्थ 2028 को बेहतर प्रबंधन के साथ करने के लिए उज्जैन जिले के सभी नागरिकों को जिम्मेदारी के भाव के साथ काम करने के लिए प्रेरित करें, उनको यह लगना चाहिए कि यह हमारा व्यक्तिगत काम है। इसके लिए सभी नागरिकों में जिम्मेदारी के साथ समर्पण का भाव भी पैदा करने के लिए समन्वय बनाकर कार्य करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के अंतर्गत प्रचलित निर्माण कार्यों की समय-समय पर मॉनीटरिंग हो। उन्होंने सिंहस्थ के संदर्भ में विभागों को समन्वयपूर्वक कार्य करने और आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।


    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अधिकारियों को निर्देश

    1. सिंहस्थ-2028 के लिए होम स्टे, धर्मशाला, स्कूल, कॉलेज आदि में व्यवस्थाओं केलिए आधारभूत संरचना तैयार करने के लिए कार्य योजना बनाई जाए।
    2. उज्जैन शहर से जोड़ने वाले आसपास के गांव में होम स्टे की व्यवस्था के लिए लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाए। सिंहस्थ-2028 मेला क्षेत्र में आंतरिक और बाहरी व्यवस्थाओं की अलग-अलग रूपरेखा बनाएं। सिंहस्थ मेले की बाहर की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के लिए जरूरी है कि उसकी समस्त जगहों की मैपिंग की जाए।
    3. उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारी में बेहतर प्रबंधन के लिए उज्जैन में महाशिवरात्रि, श्रावण, नागपंचमी एवं अन्य त्योहारों पर व्यवस्थाओं को प्रायोगिक रूप से बनाए और उसके अनुभवों का लाभ लेते हुए सिंहस्थ के भीड प्रबंधन कार्य योजना बने।
    4. उज्जैन शहर से जुड़ने वाले दूसरे जिलों के वैकल्पिक मार्गों का चयन कर लें और इन मार्गों को गुगल मैपिंग के साथ उन्नयन भी कराया जाए, जिससे भीड़ प्रबंधन में इन मार्गों का उपयोग हो सके। साथ ही उज्जैन शहर के महाकाल मंदिर पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का भी चयन करें, जिससे भीड़ प्रबंधन आसानी से हो सके।
    5. श्री मंगलनाथ, श्री भूखीमाता रामघाट के आसपास घाटों को जोड़ने वाले मार्गों को चिन्हित कर उन्नयन करें। सिंहस्थ मेला क्षेत्र के बाहर सामाजिक सामुदायिक भवन, स्कूल, कॉलेज धर्मशाला बनाने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित करें।
    6. सिंहस्थ 2028 के लिए काम कर रही निर्माण एजेंसी जो समय पर काम पूरा करें उनको प्रोत्साहन स्वरूप व्यवस्था भी बना कर दें।

    समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, महापौर मुकेश टटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय, जितेन्द्र पंड्या, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, सिंहस्थ मेला अधिकारी सह संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • ENG vs WI Highlights: वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को 30 रन से रौंदा, शेरफेन रदरफोर्ड की तूफानी पारी

    ENG vs WI Highlights: वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को 30 रन से रौंदा, शेरफेन रदरफोर्ड की तूफानी पारी


    नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 के 15वें मुकाबले में वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को 30 रन से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। यह रोमांचक मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया, जहां इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया।

    वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 196 रन बनाए। टीम की पारी में शेरफेन रदरफोर्ड ने 42 गेंदों में 76 रन की तूफानी पारी खेली, जबकि रोमारियो शेफर्ड 1 रन नाबाद रहे। इस दौरान ब्रैंडन किंग और शाई होप ने सलामी जोड़ी को मजबूत शुरुआत दी। इंग्लैंड की ओर से आदिल राशिद और जेमी ओवरटन ने गेंदबाजी में संघर्ष किया, लेकिन वेस्टइंडीज की आक्रामक बल्लेबाजी को रोकने में सफल नहीं हो सके।

    जवाब में इंग्लैंड की टीम संघर्ष करती नजर आई। सलामी बल्लेबाजों जोस बटलर और फिल सॉल्ट ने शुरू में अच्छी शुरुआत दी, लेकिन 19वें ओवर में टीम 166 रन पर ढेर हो गई। इस दौरान लियाम डॉसन और सैम करन ने कुछ संघर्ष दिखाया, लेकिन इंग्लैंड की टीम वेस्टइंडीज की तूफानी गेंदबाजी के आगे टिक नहीं सकी। सैम करन ने 30 गेंदों में 43 रन नाबाद बनाए।

    वेस्टइंडीज के लिए शेरफेन रदरफोर्ड को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने ग्रुप C में अपनी दूसरी जीत दर्ज की, इससे पहले उन्होंने स्कॉटलैंड को हराया था। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का निर्णय लिया था, लेकिन वेस्टइंडीज की आक्रामक बल्लेबाजी और कुशल गेंदबाजी के सामने टीम पिछड़ती गई।

    इंग्लैंड की टीम में फिल सॉल्ट, जोस बटलर, जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, हैरी ब्रूक, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, जेमी ओवरटन, जोफ्रा आर्चर और आदिल राशिद शामिल थे। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम में शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), ब्रैंडन किंग, शिमरॉन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्ड, जेसन होल्डर, अकील होसेन, गुडाकेश मोती और शमर जोसेफ को शामिल किया गया।

    वेस्टइंडीज की यह शानदार जीत टीम को आत्मविश्वास और ग्रुप C में मजबूत स्थिति देती है, जबकि इंग्लैंड को अब अगले मुकाबलों में जीत के लिए अपनी रणनीति बदलनी होगी।

  • राहुल-सीतारमण के बीच संसद में तीखी बहस: भारत बेचने के आरोप पर गरमा गया बजट सत्र

    राहुल-सीतारमण के बीच संसद में तीखी बहस: भारत बेचने के आरोप पर गरमा गया बजट सत्र


    नई दिल्ली। लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर आरोप लगाया कि सरकार ने भारत माता को बेच दिया और अब अमेरिका तय करेगा कि हम किससे तेल खरीदेंगे।

    सीतारमण का पलटवार: कांग्रेस ने भारत को बेचा
    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भारत को बेचने का असली जिम्मेदार कांग्रेस है। उन्होंने याद दिलाया कि बाली में जाकर कांग्रेस ने सौदा किया था और किसानों के हक से समझौता किया। मोदी सरकार ने 2014 में विश्व व्यापार संगठन में जाकर इसे सुधारा।

    सीतारमण ने बजट पर सवाल उठाने वाले टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के GST आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि बंगाल में पेट्रोल दिल्ली से 10रुपए ज्यादा महंगा है, जिसे कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट शासित राज्यों में आर्थिक विकास सबसे नीचे है और वहां उद्योग नहीं टिकते।

    राहुल के अडाणी और अमेरिका केस वाले आरोप
    राहुल गांधी ने अडाणी पर अमेरिका में चल रहे केस का जिक्र किया और कहा कि यह मोदी पर दबाव बनाने का तरीका है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल से सबूत पेश करने को कहा और संसद में विशेषाधिकार नोटिस देने की बात कही।

    सीतारमण ने संसद में मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
    निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट का मुख्य फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और MSME के लिए सहायक नीतियों पर है। उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर, शिक्षा और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी हटाया गया है।

    ओवैसी ने तेल और विदेश नीति पर सवाल उठाया
    एआईएमआईएमके असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि किसी “गोरी चमड़ी वाले” को यह तय करने का अधिकार नहीं कि भारत किससे तेल खरीदे। उन्होंने ऑपरेशन इंसाफ, हाफिज सईद, मसूद अजहर और लखवी को भारत लाने की मांग भी की।