Author: bharati

  • ईरानी हमलों से अमेरिकी सैनिकों में हड़कंप, कई ठिकानों को छोड़ा, दूरदराज से लड़ना पड़ रहा युद्ध

    ईरानी हमलों से अमेरिकी सैनिकों में हड़कंप, कई ठिकानों को छोड़ा, दूरदराज से लड़ना पड़ रहा युद्ध


    तेहरान। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में मौजूद सेना का बड़ा हिस्सा अब अपने ठिकानों से हटकर दूरदराज से ही युद्ध लड़ रहा है। हालांकि, लड़ाकू पायलट और कुछ क्रू अभी भी सैन्य ठिकानों पर हैं और ईरान पर हवाई हमले जारी रखे हुए हैं।

    ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने नागरिकों से अमेरिकी सैनिकों की नई जगहों की जानकारी देने की अपील की है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का कहना है कि खतरे के बावजूद पेंटागन युद्ध जारी रखने से पीछे नहीं हटेगा। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि ईरान के 7 हजार से अधिक ठिकानों पर अमेरिकी हमले किए गए हैं।

    युद्ध की शुरुआत और सैनिकों का स्थानांतरण

    युद्ध शुरू होने पर करीब 40 हजार अमेरिकी सैनिक क्षेत्र में थे। सेंट्रल कमांड ने हजारों सैनिकों को अलग-अलग जगहों पर भेज दिया, कुछ को यूरोप तक भेजा गया। कई सैनिक पश्चिम एशिया में हैं, लेकिन अब अपने मूल ठिकानों पर नहीं हैं।

    ईरान ने दिया जबरदस्त जवाब
    ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों का कड़ा जवाब दिया। अपने सर्वोच्च नेता और दर्जनों अन्य नेताओं के मारे जाने के बावजूद, ईरान ने अमेरिकी ठिकानों, दूतावासों और तेल-गैस के बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया। होर्मुज जलडमरूमध्य भी आंशिक रूप से बंद कर दिया गया, जिससे वैश्विक प्रभाव महसूस हो रहा है।

    अमेरिकी ठिकानों को भारी नुकसान

    क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले 13 अमेरिकी ठिकानों में कई पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कुवैत स्थित ठिकानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। पोर्ट शुएबा में हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए। अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय पर भी हमले हुए। सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस में मिसाइलों और ड्रोन हमलों से संचार उपकरण और रीफ्यूलिंग टैंकर क्षतिग्रस्त हुए।

    सुरक्षा और योजना में कमी की स्वीकारोक्ति

    पेंटागन के ज्वॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ चेयरमैन जनरल डैन केन ने स्वीकार किया कि भारी हवाई हमलों के बावजूद ईरान के पास अब भी कुछ क्षमता बची हुई है। सुरक्षा की कई परतें अमेरिका को अपने सैनिकों और हितों की रक्षा में सक्षम बना रही हैं, लेकिन बेहतर योजना की कमी के कारण अमेरिकी सैनिकों को अतिरिक्त कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। ट्रंप प्रशासन ने युद्ध शुरू होने से पहले ईरान की ताकत का गलत आकलन किया और क्षेत्रीय दूतावासों पर कर्मचारियों की संख्या कम नहीं की। इस कारण सैनिकों को नए ठिकानों में भेजना युद्ध संचालन को और चुनौतीपूर्ण बना रहा है।

    सैनिकों का होटल में इकट्ठा होना

    कुछ सैन्य अधिकारियों के अनुसार, सैनिकों और उपकरणों को अस्थायी जगहों पर भेजने से संचालन मुश्किल हो गया। पूर्व अमेरिकी वायुसेना विशेष ऑपरेशंस विशेषज्ञ जे. ब्रायंट ने कहा कि हमारे पास तेजी से ऑपरेशन सेंटर बनाने की क्षमता है, लेकिन सभी उपकरणों को किसी होटल की छत पर इकट्ठा करना व्यावहारिक नहीं है।

  • ‘धुरंधर 2’ की सफलता के बाद सारा अर्जुन की चमकी किस्मत, अब मिली बड़ी फिल्म

    ‘धुरंधर 2’ की सफलता के बाद सारा अर्जुन की चमकी किस्मत, अब मिली बड़ी फिल्म


    नई दिल्ली। बॉलीवुड डायरेक्टर आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस से लेकर सोशल मीडिया तक छाई हुई है। फिल्म ने भारत ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान में भी जबरदस्त चर्चा बटोरी है। इस फिल्म में रणवीर सिंह ने ‘हमजा’ के किरदार में अपनी दमदार एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीत लिया है। उनके साथ आर माधवन, संजय दत्त और राकेश बेदी की अदाकारी को भी खूब सराहा जा रहा है।

    लेकिन इन सबके बीच जिस कलाकार ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है, वह हैं फिल्म की एक्ट्रेस सारा अर्जुन। रणवीर सिंह के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने काफी पसंद किया है। सारा ने अपनी शानदार और परिपक्व एक्टिंग से यह साबित कर दिया है कि वह आने वाले समय की बड़ी स्टार बन सकती हैं। फिल्म की सफलता के साथ ही अब सारा अर्जुन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने उनके फैंस के बीच उत्साह और भी बढ़ा दिया है।

    जोया अख्तर की फिल्म में दिख सकती हैं सारा, ईशान खट्टर के साथ बनेगी जोड़ी

    ‘टाइगर बेबी’ बैनर तले बन रही फिल्म, ऑफिशियल ऐलान का इंतजार

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, सारा अर्जुन को अब बॉलीवुड की मशहूर फिल्ममेकर जोया अख्तर की एक बिग बजट फिल्म का ऑफर मिला है। यह फिल्म उनके प्रोडक्शन हाउस ‘टाइगर बेबी’ के बैनर तले बनाई जा रही है। खास बात यह है कि इस फिल्म में सारा अर्जुन के अपोजिट ईशान खट्टर नजर आ सकते हैं।

    इस प्रोजेक्ट का निर्देशन अर्जुन वरैन सिंह करेंगे, जिन्हें फिल्म ‘खो गए हम कहां’ के लिए जाना जाता है। हालांकि, अभी तक इस फिल्म को लेकर न तो सारा अर्जुन, न ही ईशान खट्टर और न ही प्रोडक्शन हाउस की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा की गई है, लेकिन इंडस्ट्री में इसकी चर्चा तेज हो गई है।

    दरअसल, हाल ही में जोया अख्तर ने अपने इंस्टाग्राम पर ‘A Perfect Match’ नाम की एक स्क्रिप्ट की तस्वीर शेयर की थी, जिसमें ‘कबीर’ और ‘नव्या’ नाम का जिक्र किया गया था। उन्होंने कैप्शन में ‘बने रहिए!’ लिखकर फैंस की उत्सुकता और बढ़ा दी। इसके बाद से ही इस प्रोजेक्ट को लेकर कास्ट की अटकलें शुरू हो गईं।

    इसी बीच एक हालिया शूट के कुछ ‘बिहाइंड-द-सीन्स’ वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर सामने आईं, जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि सारा अर्जुन और ईशान खट्टर इस प्रोजेक्ट का हिस्सा हो सकते हैं। अगर यह खबर सच साबित होती है, तो यह सारा अर्जुन के करियर के लिए एक बड़ा मौका होगा।

  • MP में रेल परिवहन इतिहास में जुड़ा एक नया अध्याय, धार-पन्ना में सफल ट्रायल रन, लोगों ने किया स्वागत

    MP में रेल परिवहन इतिहास में जुड़ा एक नया अध्याय, धार-पन्ना में सफल ट्रायल रन, लोगों ने किया स्वागत


    धार । मध्य प्रदेश के परिवहन इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। सोमवार को धार और मंगलवार को पन्ना में सफल ट्रायल रन के साथ इन क्षेत्रों का लंबे समय से चला आ रहा रेल का इंतजार खत्म होता नजर आया। इससे दोनों जिले अब भारतीय रेलवे नेटवर्क के और करीब आ गए हैं।

    पन्ना जिले में नागौद और फुलवारी के बीच रेल सुरक्षा आयुक्त (CRS) की उपस्थिति में ट्रायल रन किया गया। इस दौरान सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की गई, ताकि भविष्य में यात्री सेवाएं सुचारु रूप से शुरू की जा सकें। धार जिले में ट्रेन का इंजन पीथमपुर से सागर होते हुए करीब 38 किलोमीटर का सफर तय कर धार स्टेशन पहुंचा। यह ट्रायल रन इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    लोगों ने फूल बरसाकर किया स्वागत

    ट्रायल रन के दौरान लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। रास्ते भर लोग कतारों में खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करते रहे। जैसे ही इंजन स्टेशन पहुंचा, लोगों ने उस पर फूल बरसाकर स्वागत किया और खुशी जाहिर की।

    74 किमी लंबी रेल लाइन से बदलेगी तस्वीर

    जानकारी के अनुसार, 74 किलोमीटर लंबी सतना-पन्ना रेल लाइन इस क्षेत्र के लिए बड़ा बदलाव लेकर आएगी। यह परियोजना ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन का हिस्सा है, जिससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    रिपोर्ट का इंतजार, आगे होगा विद्युतीकरण

    पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, ट्रायल रन की रिपोर्ट अब रेल सुरक्षा आयुक्त को सौंपी जाएगी। वहीं, ट्रायल फिलहाल डीजल इंजन से किया गया है, लेकिन भविष्य में इस ट्रैक का विद्युतीकरण भी किया जाएगा।

    जनप्रतिनिधियों ने भी किया सफर
    धार में ट्रायल रन के दौरान केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा, विधायक नीना वर्मा और भाजपा नेता महंत नीलेश भारती ने इंजन में सफर किया। सभी नेताओं का जोरदार स्वागत किया गया।

    लंबे समय से थी रेल की मांग

    केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि धार जिले की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होने जा रही है। उन्होंने इसे आदिवासी क्षेत्र के लिए पहली बड़ी रेल सेवा बताया और कहा कि लोगों का सपना अब सच हो रहा है।

    ‘रेल लाओ महा समिति’ में खुशी की लहर

    ‘रेल लाओ महा समिति’ के अध्यक्ष पवन जैन गंगवाल ने इंजन का फूलों से स्वागत किया और पटाखे चलाकर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से क्षेत्र के लोग बेहद उत्साहित हैं।

    मुंबई से कनेक्टिविटी की उठी मांग

    हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रेल मार्ग को आगे मुंबई से जोड़ा जाए, ताकि क्षेत्र को और अधिक आर्थिक और यातायात लाभ मिल सके।

  • IPL 2026 से पहले टिकट ब्लैकिंग गैंग का पर्दाफाश, मुंबई में पूर्व U-19 क्रिकेटर गिरफ्तार

    IPL 2026 से पहले टिकट ब्लैकिंग गैंग का पर्दाफाश, मुंबई में पूर्व U-19 क्रिकेटर गिरफ्तार


    मुंबई। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 की शुरुआत से ठीक पहले टिकटों की कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। 28 मार्च से शुरू हो रहे टूर्नामेंट के बीच पुलिस ने एक ऐसे रैकेट का खुलासा किया है, जिसका संबंध बड़े मैचों के टिकटों की अवैध बिक्री से जुड़ा है।

    दरअसल, ICC Men’s T20 World Cup के सेमीफाइनल मुकाबले के टिकट ब्लैक करने के मामले में मुंबई पुलिस को अहम सफलता मिली है। 5 मार्च को वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए भारत बनाम इंग्लैंड मैच के टिकटों की कालाबाजारी का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने एक पूर्व क्रिकेटर और वर्तमान कोच को गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान 26 वर्षीय बलवंत सिंह सोढा के रूप में हुई है, जो पहले मुंबई अंडर-19 टीम का हिस्सा रह चुका है। पुलिस के अनुसार, सोधा इस पूरे नेटवर्क में मुख्य भूमिका निभा रहा था और टिकटों की सप्लाई करता था, जिन्हें उसके साथी ऊंचे दामों पर बेचते थे।

    जांच में सामने आया है कि सेमीफाइनल मुकाबले के टिकट 25 हजार से 35 हजार रुपये तक में बेचे गए। इस मामले में अब तक कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक कॉलेज का स्पोर्ट्स टीचर, एक नॉन-टीचिंग स्टाफ और अन्य आरोपी शामिल हैं। मामले की जांच डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन द्वारा की जा रही है।

    सूत्रों के मुताबिक, ये टिकट मुंबई क्रिकेट संघ या उससे जुड़े क्लबों के सदस्यों और मेहमानों को दिए गए कॉम्प्लिमेंट्री पास हो सकते हैं। आरोप है कि इन्हें अवैध तरीके से हासिल कर ब्लैक में बेचा गया। पुलिस को यह भी पता चला है कि कुछ टिकट सीधे खरीदारों को बेचे गए, जबकि कुछ की बिक्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए की गई। गुरुवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

  • MP में मौसम लेने जा रहा करवट, ग्वालियर समेत 7 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 30 मार्च तक असर

    MP में मौसम लेने जा रहा करवट, ग्वालियर समेत 7 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 30 मार्च तक असर


    भोपाल। पश्चिमी विक्षोभ वेस्टर्न डिस्टरबेंस और सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के असर से मध्य प्रदेश में शुक्रवार से मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में ग्वालियर सहित 7 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। यह मार्च महीने में तीसरी बार होगा जब प्रदेश में बारिश का दौर देखने को मिलेगा।इससे पहले गुरुवार को प्रदेश में गर्मी का असर चरम पर रहा और नर्मदापुरम में तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। 

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपरी हिस्से में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में दो चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। इन सिस्टम्स के कारण मौसम में बदलाव हो रहा है। शुक्रवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

    इसके अलावा, 30 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 28 जिलों में कहीं-कहीं बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। 28 मार्च को हल्की बारिश, जबकि 30 मार्च को सिस्टम का असर सबसे ज्यादा रहने का अनुमान है।

    शुक्रवार से शुरू हो रहे इस बदलाव से पहले प्रदेश में तेज गर्मी देखने को मिली। नर्मदापुरम के अलावा रतलाम में 39.6 डिग्री, गुना में 38.6 डिग्री, धार, रायसेन और मंडला में 38.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। खरगोन में 38.2 डिग्री, शाजापुर और खंडवा में 38.1 डिग्री, जबकि टीकमगढ़ और खजुराहो में पारा 38 डिग्री तक पहुंचा।

    अन्य जिलों जैसे छिंदवाड़ा, दमोह, बैतूल, श्योपुर, सागर और सतना में भी तापमान 37 डिग्री या उससे अधिक रिकॉर्ड किया गया। बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां 37.7 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। भोपाल में 37.4 डिग्री, इंदौर में 37.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.6 डिग्री और जबलपुर में 37.5 डिग्री तापमान रहा।

    मार्च महीने में इससे पहले भी दो बार आंधी-बारिश का दौर आ चुका है। एक चरण चार दिन तक चला, जिसमें 45 से अधिक जिलों में बारिश हुई और 17 जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। इससे गेहूं, पपीता और केला जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा। अब तीसरा दौर 27 मार्च से शुरू होकर 30 मार्च तक जारी रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने आगे के महीनों को लेकर भी चेतावनी दी है। अनुमान के मुताबिक अप्रैल और मई में प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी गर्मी का असर तेज रहेगा।

  • कॉलेज प्रोफेसर पर छेड़छाड़ का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से छात्रा ने काटी कलाई; आरोपी गिरफ्तार

    कॉलेज प्रोफेसर पर छेड़छाड़ का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से छात्रा ने काटी कलाई; आरोपी गिरफ्तार

    सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में एक कॉलेज छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। 21 वर्षीय छात्रा ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर उसने अपनी कलाई काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।

    पुलिस के अनुसार, छात्रा शासकीय महाविद्यालय में बीए तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही है। उसने बताया कि 10 मार्च को कॉलेज परिसर में एक प्रोफेसर ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी। इस संबंध में उसने प्राचार्य से शिकायत भी की, लेकिन कथित तौर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    छात्रा का कहना है कि बाद में उसने अपनी मां को घटना की जानकारी दी। मां ने भी कॉलेज प्रशासन से संपर्क किया, जिसके बाद आरोपी प्रोफेसर ने माफी मांग ली और मामला वहीं समाप्त कर दिया गया।

    छात्रा ने आरोप लगाया कि इसके बाद कॉलेज में यह अफवाह फैलाई गई कि उसकी मां ने समझौते के लिए प्रोफेसर से पांच लाख रुपये ले लिए हैं, जिसे उसने सिरे से खारिज किया।

    पीड़िता ने प्राचार्य और दो अन्य प्रोफेसरों पर धमकाने का भी आरोप लगाया। उसने बताया कि 23 मार्च को उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी शिकायत दी थी, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। इसी तनाव में उसने बुधवार रात कलाई काट ली, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    अनुविभागीय पुलिस अधिकारी पूजा शर्मा ने बताया कि छात्रा का बयान दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद 26 मार्च को आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया गया।

    पुलिस अधीक्षक ने भी बताया कि छात्रा ने आवेदन देकर आरोप लगाया था कि प्रोफेसर ने बुरी नीयत से छूकर छेड़छाड़ की। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
  • ट्रंप का दावा: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को बताया ‘गे’, बयान से बढ़ा विवाद

    ट्रंप का दावा: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को बताया ‘गे’, बयान से बढ़ा विवाद

    वाशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक नया विवादित दावा किया है। उन्होंने कहा कि कथित तौ
    र पर नए सुप्रीम लीडर माने जा रहे मोजतबा खामेनेई ‘गे’ हैं। ट्रंप के इस बयान के बाद राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
    फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि खुफिया एजेंसी CIA ने उन्हें जानकारी दी है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ‘गे’ (समलैंगिक) हैं. जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वाकई CIA ने उन्हें यह बताया है, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘हां, उन्होंने ऐसा कहा है, लेकिन मुझे लगता है कि सिर्फ वही नहीं, बल्कि और भी बहुत से लोग यह बात कह रहे हैं.’
    ईरान में मोजतबा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं

    ट्रंप ने कहा कि इस जानकारी के बाद मोजतबा के लिए अपने देश में काम करना मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने इसे मोजतबा के लिए एक “खराब शुरुआत” बताया. बता दें कि ईरान में समलैंगिकता को इस्लाम के खिलाफ माना जाता है और वहां इसके लिए मौत की सजा तक का प्रावधान है. न्यूयॉर्क पोस्ट की एक पुरानी रिपोर्ट के मुताबिक, जब ट्रंप को पहली बार खुफिया ब्रीफिंग में यह बात पता चली थी, तो वह काफी हैरान हुए थे और हंसने लगे थे.
    ट्रंप का दावा- हम ईरान से जंग जीत चुके हैं

    इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने यह भी कहा कि सैन्य तौर पर अमेरिका ईरान से युद्ध जीत चुका है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी और इजरायली हमलों ने ईरान की नौसेना और मिसाइल ताकत को पूरी तरह खत्म कर दिया है.

    ट्रंप के मुताबिक, ‘हमने उनकी नेवी और एयरफोर्स को तबाह कर दिया है. हमने उनके 154 जहाज डुबो दिए हैं. अब उनके पास सिर्फ 9% मिसाइलें ही बची हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान के मिसाइल लॉन्चर्स को भी नष्ट कर दिया है, जिसके बिना मिसाइलें किसी काम की नहीं हैं.
    ईरान में LGBTQ+ समुदाय पर जुल्म

    ईरान में समलैंगिकों की स्थिति बेहद खराब है. हेनगाओ ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ने मई 2025 की अपनी रिपोर्ट में ईरान को ‘जेंडर अपार्थेड स्टेट’ (लिंग आधारित भेदभाव वाला देश) कहा है.

    रिपोर्ट के अनुसार, वहां जेंडर और सेक्सुअल ओरिएंटेशन के आधार पर लोगों के साथ बहुत भेदभाव होता है. सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान के मुताबिक, वहां गे लोगों का जबरन इलाज (Conversion therapy) कराने की कोशिश की जाती है.

    विकीलीक्स के 2008 के एक केबल के अनुसार, 1979 की क्रांति के बाद से ईरान में लगभग 4,000 से 6,000 LGBTQ+ लोगों को फांसी दी जा चुकी है. हालांकि डेटा की कमी के कारण सटीक नंबर बताना मुश्किल है. जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट बताती है कि जनवरी 2022 में दो पुरुषों को समलैंगिकता के आरोप में फांसी दी गई थी. उसी साल उर्मिया की एक अदालत ने दो एक्टिविस्ट्स को ‘धरती पर भ्रष्टाचार’ फैलाने और समलैंगिकता को बढ़ावा देने के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी.

  • पाकिस्तान के समर्थन में चीन, कहा- व्यापार और निवेश में जारी रहेगा सहयोग

    पाकिस्तान के समर्थन में चीन, कहा- व्यापार और निवेश में जारी रहेगा सहयोग

    इस्लामाबाद। चीन ने एक बार फिर पाकिस्तान के प्रति अपने समर्थन को दोहराया है। पाकिस्तान में चीन के राजदूत जियांग जेदोंग ने गुरुवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात कर भरोसा दिलाया कि चीन पाकिस्तान में व्यापार और निवेश के लिए लगातार सहयोग करता रहेगा।
    पाक प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार बैठक में उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान चीनी राजदूत ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता और सुधार प्रयासों की सराहना की।

    प्रधानमंत्री शरीफ ने चीन के निरंतर आर्थिक सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि पाकिस्तान, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा के दूसरे चरण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस चरण में कृषि, औद्योगिक सहयोग और प्राथमिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    बैठक के दौरान जियांग जेदोंग ने व्यापार और निवेश के क्षेत्र में चीन के निरंतर समर्थन की पुष्टि की। दोनों पक्षों ने कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर उच्च स्तरीय संपर्क बढ़ाने की उम्मीद भी जताई।

    प्रधानमंत्री शरीफ ने क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा करते हुए पश्चिम एशिया में तनाव कम करने में पाकिस्तान की भूमिका को रेखांकित किया और आपसी हितों के मुद्दों पर सभी स्तरों पर करीबी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

  • सरेंडर नहीं सीधा टकराव; ईरान युद्ध के बीच हिजबुल्लाह प्रमुख का बड़ा ऐलान, अब क्या होगा?

    सरेंडर नहीं सीधा टकराव; ईरान युद्ध के बीच हिजबुल्लाह प्रमुख का बड़ा ऐलान, अब क्या होगा?

    तेहरान। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े युद्ध के बीच हिजबुल्लाह के महासचिव शेख नईम कासिम ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि लेबनानी प्रतिरोध आंदोलन ने आत्मसमर्पण के बजाय टकराव का रास्ता चुना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सेनाएं अमेरिका-इजरायल परियोजना का मुकाबला करने के लिए बिना किसी सीमा के बलिदान देने को पूरी तरह तैयार हैं।

    ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, हिजबुल्लाह प्रमुख ने वर्तमान संकट को लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और भविष्य के लिए अस्तित्वगत संघर्ष बताया है।

    बयान में कासिम ने तर्क दिया कि लेबनान इस समय एक नाजुक मोड़ पर खड़ा है। उनके अनुसार, देश के सामने दो विकल्प हैं, या तो आत्मसमर्पण कर अपनी भूमि, गरिमा, संप्रभुता और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य त्याग दें, या अपरिहार्य टकराव में शामिल होकर कब्जे का डटकर विरोध करें। उन्होंने कहा कि प्रतिरोध की सक्रिय नीति ने इजरायली दुश्मन को कोई आश्चर्यचकित करने का मौका नहीं दिया और आगे की घुसपैठ के सभी बहानों को प्रभावी ढंग से खारिज कर दिया है। इस दौरान महासचिव ने अपने योद्धाओं की वीरता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने वीरता, सम्मान, देशभक्ति और गरिमा के सबसे शानदार महाकाव्य लिखे हैं।

    उन्होंने विस्थापित लेबनानी नागरिकों की भी सराहना की, जिन्होंने अपने वतन के सम्मानजनक भविष्य के लिए बलिदान और प्रतिरोध का रास्ता अपनाया है।

    कासिम के बयान का मुख्य मुद्दा कथित ‘ग्रेटर इजरायल’ की विस्तारवादी योजना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह ‘खतरनाक अमेरिकी-इजरायली परियोजना’ यूफ्रेट्स से नील नदी तक क्षेत्रीय नियंत्रण स्थापित करना चाहती है, जिसमें लेबनान भी शामिल है। हिजबुल्लाह नेता के मुताबिक, लेबनानी धरती पर इजरायली आक्रमण 2024 के अंत से लगातार जारी है और इजरायली दुश्मन ने पिछले युद्धविराम समझौतों का बार-बार उल्लंघन किया है।
    घरेलू नीति पर बोलते हुए कासिम ने लेबनानी सरकार से आग्रह किया कि वह उन उपायों को रद्द करे जो प्रतिरोध को अपराध मानते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक देश खतरे में है, हथियारों का एकाधिकार केवल लेबनान के पतन और ‘ग्रेटर इजरायल’ योजना को बढ़ावा देगा। यही कारण है कि उन्होंने सक्रिय संघर्ष के दौरान किसी भी प्रकार की बातचीत को सख्ती से खारिज कर दिया और कहा कि गोलीबारी के बीच इजरायली दुश्मन से बातचीत जबरन आत्मसमर्पण के समान है।
  • पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध अपराध नहीं, हाईकोर्ट ने धारा 377 हटाई

    पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध अपराध नहीं, हाईकोर्ट ने धारा 377 हटाई

    जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंधों को आईपीसी की धारा 377 के तहत ‘अप्राकृतिक अपराध’ नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह टिप्पणी उस याचिका की सुनवाई के दौरान की, जिसमें पति ने पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न और दहेज प्रताड़ना के मामले को निरस्त करने की मांग की थी।

    मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मिलिंद फड़के ने 25 मार्च को दिए आदेश में कहा कि धारा 377, जिसे पारंपरिक रूप से ‘अप्राकृतिक कृत्य’ से जोड़ा जाता है, वैवाहिक संबंधों पर लागू नहीं होती। इसलिए पति-पत्नी के बीच के आरोपों पर इस धारा के तहत अभियोजन नहीं चलाया जा सकता।

    यह मामला एक महिला की शिकायत से जुड़ा था, जिसमें उसने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज में चार लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण और घरेलू सामान देने के बावजूद अतिरिक्त छह लाख रुपये और मोटरसाइकिल की मांग का आरोप लगाया था। महिला ने प्रताड़ना, मारपीट और धमकाने के साथ अन्य अनुचित आचरण के आरोप भी लगाए थे।

    इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने धारा 377, 498-ए, 354 सहित अन्य धाराओं और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। पति की ओर से दलील दी गई कि आरोप पूर्व बयानों से मेल नहीं खाते और पति-पत्नी के बीच के कथित कृत्यों पर धारा 377 लागू नहीं होती।

    हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ धारा 377 के तहत दर्ज आरोप निरस्त कर दिए। हालांकि अदालत ने पति, सास और ससुर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और मारपीट से जुड़े आरोपों को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए उन्हें रद्द करने से इनकार कर दिया।