Author: bharati

  • अभिनेता यश ने फिल्म टॉक्सिक के दौरान कियारा आडवाणी के समर्पण और प्रेग्नेंसी में शूटिंग अनुभव की सराहना की।

    अभिनेता यश ने फिल्म टॉक्सिक के दौरान कियारा आडवाणी के समर्पण और प्रेग्नेंसी में शूटिंग अनुभव की सराहना की।

    नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा जगत की बहुप्रतीक्षित आगामी फिल्म टॉक्सिक के एल्बम लॉन्च कार्यक्रम के दौरान मंच पर फिल्म के प्रमुख कलाकारों ने अपने काम करने के अनुभवों को साझा किया है। इस विशेष अवसर पर अभिनेता यश ने अपनी सह-कलाकार कियारा आडवाणी के पेशे के प्रति समर्पण और कठिन परिस्थितियों में भी काम करने के उनके जज्बे की जमकर सराहना की।

    यश ने बताया कि जब कियारा आडवाणी इस फिल्म की शूटिंग कर रही थीं, तब वह गर्भवती थीं। इसके बावजूद उन्होंने अपने काम में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं आने दी और पूरे समर्पण के साथ 100 प्रतिशत योगदान दिया। फिल्म के सेट पर उनके किरदार की शारीरिक और भावनात्मक मांगें बेहद चुनौतीपूर्ण थीं, जिन्हें उन्होंने पूरी कुशलता के साथ पूरा किया।

    फिल्म के निर्माण के दौरान बारिश से जुड़े जटिल दृश्यों और कठिन शेड्यूल की शूटिंग की गई। यश ने स्वीकार किया कि वह और निर्देशक गीतू मोहनदास, कियारा की स्थिति को लेकर शुरुआत में काफी चिंतित थे। सेट पर मौजूद पूरी टीम सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अत्यंत सतर्क थी और एक सुरक्षा कवच या बॉडीगार्ड की तरह उनका ध्यान रखती थी।

    कियारा आडवाणी ने भी अपनी इस विशेष यात्रा के बारे में बात करते हुए पूर्व में बताया था कि उन्होंने गर्भावस्था के सातवें महीने तक फिल्म की शूटिंग जारी रखी थी। शूटिंग के कठिन पलों और भावनात्मक दृश्यों के दौरान वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए लगातार काम में जुटी रहीं। निर्माता और निर्देशक ने उनकी स्थिति को समझते हुए सेट पर हर संभव सुविधा सुनिश्चित की थी।

    मध्य प्रदेश सहित देश भर के सिनेमा प्रेमियों और प्रशंसकों के बीच इस फिल्म को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों के युवाओं में यश और कियारा की इस नई ऑन-स्क्रीन जोड़ी की केमिस्ट्री को बड़े पर्दे पर देखने के लिए काफी उत्सुकता है। खेल और मनोरंजन जगत से जुड़ी ऐसी खबरें प्रदेश के प्रशंसकों को लगातार आकर्षित करती हैं।

    फिल्म टॉक्सिक में यश और कियारा आडवाणी के अलावा तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी, नयनतारा और रुकमणि वसंत जैसे कई प्रमुख कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। इस भव्य और बहुभाषी फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है, जो अपने अनूठे विषय और शानदार स्टार कास्ट के कारण लगातार चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

    फिल्म की रिलीज डेट को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे। पूर्व में यह फिल्म मार्च के महीने में प्रदर्शित होने वाली थी, लेकिन मध्य पूर्व के वैश्विक हालातों और कुछ तकनीकी कारणों के चलते इसकी रिलीज को आगे बढ़ाना पड़ा था। अब तमाम तैयारियों के बाद यह एक्शन-ड्रामा फिल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    कलाकारों के इस पेशेवर रवैये और परस्पर सहयोग की सराहना पूरे फिल्म उद्योग में हो रही है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि यश का दमदार अभिनय और कियारा आडवाणी का समर्पित प्रदर्शन बड़े पर्दे पर एक बेहतरीन सिनेमाई अनुभव प्रदान करेगा।

  • हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी छोड़ने की मुख्य वजह बताई और पंजाब में ड्रग्स की समस्या पर सवाल उठाए।

    हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी छोड़ने की मुख्य वजह बताई और पंजाब में ड्रग्स की समस्या पर सवाल उठाए।


    नई दिल्ली । 
    पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने के फैसले को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरानी पार्टी में खेल और जनहित से जुड़े सुझावों की लगातार उपेक्षा की जा रही थी। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब में पैर पसार रहे नशीले पदार्थों के नेटवर्क और ड्रग्स की गंभीर होती समस्या पर राज्य की भगवंत मान सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं।

    हरभजन सिंह ने एक विशेष बातचीत के दौरान बताया कि जब उन्हें पंजाब के मुख्यमंत्री की ओर से पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव मिला था, तब उनका मुख्य उद्देश्य राज्यसभा में खेलों और खिलाड़ियों के मुद्दों को मजबूती से उठाना था। उन्होंने शुरुआत में ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वे सक्रिय राजनीति के बजाय केवल खेल विकास पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इस अवसर के जरिए वे पंजाब समेत पूरे देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना चाहते थे।

    हालांकि, समय बीतने के साथ पार्टी के भीतर उनके सुझावों को दरकिनार किया जाने लगा। भविष्य की योजनाओं और सुधारों को लेकर जब भी उन्होंने अपनी बात रखनी चाही, तो उनकी आवाज़ को अनसुना कर दिया गया। लगातार किनारे किए जाने से वे मानसिक रूप से काफी परेशान महसूस कर रहे थे। जिस सोच और विज़न के साथ वे पार्टी में शामिल हुए थे, वह कार्य पूरा नहीं हो पा रहा था, जिसके चलते उन्होंने अंततः पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया।

    पंजाब में गहराते नशीले पदार्थों के संकट पर चिंता जताते हुए राज्यसभा सांसद ने कहा कि इसके दुष्परिणाम बेहद भयावह रूप ले रहे हैं। यह समस्या केवल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के जिस भी हिस्से में ड्रग्स पहुंचती है, वहां युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब में स्थिति और भी अधिक संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बात की गहन जांच होनी चाहिए कि नशीले पदार्थों की आपूर्ति राज्य में किस रास्ते से हो रही है। इस समस्या पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए सख्त से सख्त कानून बनाए जाने और उन्हें कड़ाई से लागू करने की तत्काल आवश्यकता है। सरकार को इस दिशा में जवाबदेही तय करते हुए कड़े कदम उठाने होंगे ताकि युवा पीढ़ी को इस दलदल से बचाया जा सके।

    आप से अलग होने के बाद उनके आवास के बाहर हुए विरोध प्रदर्शनों और पुतला दहन की घटनाओं पर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वाले लोगों की पहचान किसी से छिपी नहीं है, इसलिए वे किसी का व्यक्तिगत नाम नहीं लेना चाहते। देश की जनता ने उन्हें एक क्रिकेटर के रूप में अपार प्रेम और सम्मान दिया है, जो उनके लिए सर्वोपरि है।

    देश के अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश में भी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और युवाओं को नशे के कुचक्र से दूर रखने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि हरभजन सिंह द्वारा उठाए गए मुद्दे केवल एक राज्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरे देश के खेल जगत और युवा नीति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है।

    हरभजन सिंह का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़कर वे खेलों के विकास और युवाओं के कल्याण के लिए अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेंगे। आने वाले समय में वे खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और नशा विरोधी अभियानों को राष्ट्रव्यापी स्तर पर गति देने के लिए प्रयासरत रहेंगे, ताकि देश का युवा सही दिशा में आगे बढ़ सके।

  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की सूची में स्टीव स्मिथ चौथे पायदान पर पहुंचे।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की सूची में स्टीव स्मिथ चौथे पायदान पर पहुंचे।


    नई दिल्ली ।
    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मंच पर ऑस्ट्रेलियाई टीम के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने एक नया और महत्वपूर्ण कीर्तिमान अपने नाम दर्ज कर लिया है। बांग्लादेश के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मैच की पहली पारी में संकट के समय संयमित और उपयोगी अर्धशतकीय पारी खेलते हुए उन्होंने पूर्व महान कप्तान एलन बॉर्डर के रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं।

    इस मुकाबले में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम का ऊपरी क्रम लगातार ताश के पत्तों की तरह बिखर रहा था, तब स्टीव स्मिथ ने एक छोर संभालकर धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी का परिचय दिया। मुश्किल परिस्थितियों में खेलते हुए उन्होंने टीम के स्कोर को सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाने का हरसंभव प्रयास किया। अपनी इस जुझारू पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों तरफ आकर्षक शॉट लगाए और टीम के अन्य बल्लेबाजों के विफल रहने के बावजूद अपनी उपयोगिता साबित की।

    स्टीव स्मिथ ने अब अपने करियर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 17 हजार सात सौ से अधिक रन बना लिए हैं। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने तीन सौ साठ मैचों की चार सौ तीस पारियों का सामना किया है। उनके खाते में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुल 49 शतक और 85 अर्धशतक दर्ज हो चुके हैं। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि वह आधुनिक युग के सबसे निरन्तर और विश्वसनीय खिलाड़ियों में से एक हैं।

    पूर्व कप्तान एलन बॉर्डर ने अपने करियर के दौरान चार सौ उनतीस अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 17698 रन बनाए थे। बॉर्डर के इस ऐतिहासिक आंकड़े को पार करके स्टीव स्मिथ ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के स्वर्णिम इतिहास में अपना नाम और अधिक मजबूती से दर्ज करवा लिया है। क्रिकेट समीक्षकों का मानना है कि स्मिथ का यह मुकाम उनकी कड़ी मेहनत और तकनीकी श्रेष्ठता का ही प्रतिफल है।

    ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग शीर्ष स्थान पर काबिज हैं। पोंटिंग ने अपने करियर में 27 हजार तीन सौ चौंसठ रन बनाए हैं, जिनमें 70 शतक शामिल हैं। इस सूची में दूसरे स्थान पर पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर हैं और तीसरे स्थान पर पूर्व दिग्गज कप्तान स्टीव वॉ मौजूद हैं।

    विश्व स्तर पर दर्ज हुई इस नई उपलब्धि का प्रभाव न केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में देखा जा रहा है, बल्कि भारत के खेल प्रेमियों में भी इसको लेकर गहरा उत्साह है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के युवा खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों के बीच स्टीव स्मिथ की इस तकनीकी पारी और रिकॉर्ड की व्यापक चर्चा हो रही है। मध्य प्रदेश के खेल अकादमियों में अभ्यास कर रहे नवोदित खिलाड़ी उनकी बल्लेबाजी शैली और मुश्किल समय में टिके रहने की क्षमता से प्रेरणा ले रहे हैं।

    बल्लेबाजी के क्षेत्र में लगातार नए रिकॉर्ड स्थापित करने वाले स्टीव स्मिथ का यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब उनकी टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार जिस तरह से स्मिथ कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहकर रन बनाते हैं, वह उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाता है। खेल के सबसे लंबे प्रारूप में उनका यह अनुभव आने वाले मुकाबलों में भी टीम के लिए बेहद निर्णायक साबित होगा।

    स्टीव स्मिथ अब 50 अंतरराष्ट्रीय शतकों के बेहद करीब पहुंच चुके हैं और आगामी मैचों में उनकी नजरें इस खास आंकड़े को हासिल करने पर होंगी। हालांकि उनकी वर्तमान उम्र को देखते हुए रिकी पोंटिंग के कुल रनों के रिकॉर्ड तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन चौथे स्थान पर पहुंचना ही अपने आप में एक अभूतपूर्व उपलब्धि है जिसने उनके करियर में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

  • 7 दिन बाद भी इंदौर के अद्वैत का सुराग नहीं, 'स्पाइडर मैन' ने संभाला मोर्चा; ChatGPT सर्च से गहराया रहस्य

    7 दिन बाद भी इंदौर के अद्वैत का सुराग नहीं, 'स्पाइडर मैन' ने संभाला मोर्चा; ChatGPT सर्च से गहराया रहस्य


    नई दिल्ली। कर्नाटक के बेंगलुरु ग्रामीण इलाके की शिवगंगे पहाड़ियों से लापता हुए इंदौर के 31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय की तलाश सातवें दिन भी जारी रही। करीब 4500 फीट ऊंची इस पहाड़ी का दुर्गम इलाका लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। खड़ी चट्टानों के साथ गहरी ढलान घना इलाका और बारिश के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अद्वैत की तलाश में अब कर्नाटक के चर्चित पर्वतारोही ज्योति राज को भी शामिल किया गया है।

    ज्योति राज को कर्नाटक में ‘स्पाइडर मैन’ और ‘मंकी मैन’ के नाम से भी जाना जाता है। बेहद खड़ी चट्टानों पर चढ़ने की अपनी क्षमता के कारण वह पहले भी कई मुश्किल रेस्क्यू अभियानों में मदद कर चुके हैं। अद्वैत की तलाश के दौरान उन्होंने शांताला ड्रॉप और आसपास की खतरनाक ढलानों पर रस्सियों की मदद से सर्च किया। इन इलाकों में सामान्य टीमों के लिए पहुंचना मुश्किल है। इसलिए ज्योति राज की मदद को सर्च ऑपरेशन में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    अद्वैत 7 अगस्त की सुबह मोटरसाइकिल से शिवगंगे पहुंचा था। पुलिस को मिले CCTV फुटेज में उसके पहाड़ी की तरफ जाते और चढ़ाई शुरू करने के संकेत मिले हैं। उसकी किराए की बाइक पहाड़ी की तलहटी में मिली थी। इसके बाद जब वह तय समय तक वापस नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू की गई। ऑपरेशन में NDRF और SDRF के साथ पुलिस तथा वन विभाग के जवान भी जुटे हैं। करीब 100 कर्मियों की टीमें अलग-अलग हिस्सों में तलाश कर रही हैं और कठिन इलाकों की निगरानी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

    जांच में उस समय नया मोड़ आया जब अद्वैत का मोबाइल और ड्रोन शांताला ड्रॉप के पास मिले। इससे पहले आसपास उसका बैग और स्वेटर भी मिलने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस अब इन सभी सामानों के मिलने की जगह को जोड़कर अद्वैत की आखिरी गतिविधियों की टाइमलाइन तैयार कर रही है। मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड समेत डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस ने अद्वैत के अन्य संभावित मोबाइल नंबर और SIM कार्ड की जानकारी भी जुटानी शुरू की है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसके नाम पर कोई दूसरा SIM तो जारी नहीं हुआ था। इसके साथ ही 6 और 7 अगस्त को उसने किन लोगों से बात की और उसके लापता होने के बाद किन लोगों ने उससे संपर्क करने की कोशिश की थी इसकी भी पड़ताल की जा रही है। उसकी मंगेतर और अन्य परिचितों से जुड़े संपर्कों को भी जांच के तकनीकी पहलू के तौर पर देखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने किसी व्यक्ति को आरोपी या संदिग्ध नहीं बताया है।

    इस मामले में अद्वैत की ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री भी जांच का अहम हिस्सा बन गई है। पुलिस के अनुसार उसके लैपटॉप में शिवगंगे की ऊंचाई और ट्रैकिंग रूट से जुड़ी जानकारी खोजे जाने के संकेत मिले हैं। इसके अलावा आत्महत्या से जुड़े स्थानों और पहाड़ी से गिरने के संभावित परिणामों को लेकर ऑनलाइन जानकारी खोजे जाने की बात भी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस इसी आधार पर आत्महत्या के एंगल की भी जांच कर रही है। हालांकि केवल इंटरनेट या ChatGPT पर की गई सर्च के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस इसे अन्य डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ जोड़कर देख रही है।

    जांच में 4 अगस्त को भी अद्वैत की शिवगंगे से जुड़ी गतिविधियों के संकेत मिलने की बात सामने आई है। ऐसे में पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि अगर वह 4 अगस्त को भी इस इलाके में गया था तो 7 अगस्त को दोबारा वहां जाने की वजह क्या थी। इसी के साथ उसके ड्रोन की खरीद और आखिरी उड़ान की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि ड्रोन में कोई फोटो वीडियो या अन्य डिजिटल डेटा मौजूद है या नहीं।

    फिलहाल सात दिन बीतने के बाद भी अद्वैत का कोई पुख्ता सुराग नहीं मिला है। सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है और दुर्गम चट्टानों वाले इलाकों में विशेषज्ञों की मदद से तलाश को और व्यापक बनाया जा रहा है। अद्वैत के परिवार और करीबी लोगों की उम्मीदें अब भी रेस्क्यू टीमों से जुड़ी हुई हैं।

  • यश की 'टॉक्सिक' को सेंसर बोर्ड की हरी झंडी, 194 मिनट का रनटाइम और A सर्टिफिकेट

    यश की 'टॉक्सिक' को सेंसर बोर्ड की हरी झंडी, 194 मिनट का रनटाइम और A सर्टिफिकेट


    नई दिल्ली। कन्नड़ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर दर्शकों का इंतजार अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी इस एक्शन थ्रिलर फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC से A सर्टिफिकेट मिल गया है। इसके साथ ही फिल्म के रनटाइम की आधिकारिक जानकारी भी सामने आ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म करीब 194 मिनट यानी 3 घंटे 14 मिनट लंबी है। फिल्म को 13 अगस्त को CBFC के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय से प्रमाणित किया गया है।

    ‘A’ सर्टिफिकेट का मतलब है कि फिल्म को केवल वयस्क दर्शक ही सिनेमाघरों में देख सकेंगे। वहीं तीन घंटे से ज्यादा की अवधि ने भी फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि केवल लंबे रनटाइम या A सर्टिफिकेट के आधार पर फिल्म की सामग्री के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। इतना जरूर है कि फिल्म को लेकर मेकर्स ने शुरुआत से ही इसे आम मसाला फिल्म से अलग और वयस्क दर्शकों के लिए तैयार किए गए डार्क एक्शन ड्रामा के रूप में पेश किया है।

    फिल्म की कहानी आजादी के बाद के गोवा की पृष्ठभूमि में रखी गई है। कहानी ऐसे दौर को दिखाती है जहां हिंसा सत्ता लालच नफरत और अपराध का गहरा असर दिखाई देता है। इसी माहौल में एक गैंगस्टर अपने जीवन के फैसलों और उनके परिणामों से जूझता नजर आता है। कहानी में वफादारी सही और गलत के बीच संघर्ष तथा खुद को बदलने की कोशिश जैसे पहलू अहम बताए गए हैं। यानी ‘टॉक्सिक’ में सिर्फ एक्शन ही नहीं बल्कि किरदारों के भीतर चलने वाली जंग को भी प्रमुखता दी गई है।

    फिल्म के ट्रेलर ने यश के किरदार को लेकर पहले ही जबरदस्त चर्चा पैदा कर दी है। यश फिल्म में राया नाम के किरदार में नजर आ रहे हैं। ट्रेलर में उनका अंदाज बेहद आक्रामक और खतरनाक दिखाई देता है। सत्ता और अपनी ताकत के नशे में डूबा यह किरदार अपने आसपास के लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी करता है। कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है वैसे-वैसे उसके रिश्तों और फैसलों का असर भी सामने आता है।

    ‘टॉक्सिक’ की एक और बड़ी खासियत इसकी स्टारकास्ट है। फिल्म में यश के साथ कियारा आडवाणी नयनतारा तारा सुतारिया हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत जैसे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म को कन्नड़ और अंग्रेजी में तैयार किया गया है और इसे हिंदी तमिल तेलुगु तथा मलयालम समेत कई भाषाओं में दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी है। फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर रवि बसरूर से जुड़ा है जबकि इसके बड़े एक्शन सीक्वेंस पर भी खास काम किया गया है।

    फिल्म की रिलीज डेट भी कई बार बदली जा चुकी है। अलग-अलग कारणों से इसकी रिलीज आगे खिसकती रही और अब मेकर्स ने 26 अगस्त 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज की तारीख तय की है। ऐसे में CBFC से सर्टिफिकेट मिलने के बाद फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो गया है। अब नजर इस बात पर है कि यश का यह डार्क और बड़े पैमाने वाला अवतार बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को कितना प्रभावित करता है।

  • गोरखा भर्ती पर नेपाल में फिर उठी आवाज, प्रदर्शनकारियों ने कहा- गल्फ जाने से बेहतर भारतीय सेना में सेवा

    गोरखा भर्ती पर नेपाल में फिर उठी आवाज, प्रदर्शनकारियों ने कहा- गल्फ जाने से बेहतर भारतीय सेना में सेवा


    नई दिल्ली। नेपाल के पोखरा में पूर्व गोरखा सैनिकों और उनके समर्थकों ने भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नेपाली युवाओं को गल्फ देशों में रोजगार तलाशने के लिए मजबूर करने के बजाय भारतीय सेना में अग्निवीर के तौर पर सेवा करने का अवसर मिलना चाहिए। यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ के नेपाल दौरे की तैयारियां चल रही हैं। जनरल सेठ 16 अगस्त से नेपाल के पांच दिवसीय दौरे पर जाने वाले हैं।

    रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार 12 अगस्त को पोखरा में इंडियन एक्स सर्विसमैन गोरखा ब्रिगेड नेपाल पोखरा की ओर से प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसमें पूर्व सैनिकों के साथ उनके परिवारों और नेपाली युवाओं ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन कार्यालय के माध्यम से नेपाल की संघीय सरकार को दो सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उनकी प्रमुख मांग भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती तत्काल फिर शुरू करना है। इसके साथ ही सैनिक शब्द वाले पूर्व सैनिक संगठनों के नवीनीकरण की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

    गोरखा सैनिकों और भारतीय सेना के बीच संबंधों का इतिहास काफी पुराना है। नेपाली नागरिक लंबे समय से भारतीय सेना में सेवा देते रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे पूर्व सैनिकों का कहना है कि इस परंपरा ने कई पीढ़ियों को रोजगार और सम्मान दिया है। उनके मुताबिक भर्ती रुकने से बड़ी संख्या में नेपाली युवाओं के लिए सेना में जाने का रास्ता बंद हुआ है और इसका असर उन परिवारों पर भी पड़ा है जिनकी पीढ़ियां भारतीय सेना से जुड़ी रही हैं।

    भारतीय सेना में नेपाली गोरखाओं की भर्ती का मुद्दा अग्निपथ योजना लागू होने के बाद जटिल हो गया। भारत ने 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत अग्निवीरों की शुरुआती सेवा अवधि चार साल होती है और प्रदर्शन तथा सेना की जरूरत के आधार पर अधिकतम 25 प्रतिशत तक अग्निवीरों को आगे लंबी सेवा के लिए रखा जा सकता है। बाकी अग्निवीर सेवा पूरी होने के बाद बाहर आते हैं और उन्हें निर्धारित एकमुश्त राशि मिलती है। नेपाल सरकार ने इसी चार साल की सेवा व्यवस्था और उसके बाद युवाओं के भविष्य को लेकर सवाल उठाते हुए नेपाली युवाओं की भर्ती को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी।

    पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान भी इस मुद्दे पर कह चुके हैं कि अब फैसला नेपाल सरकार को करना है। उनका कहना था कि नेपाली नागरिकों के लिए अलग और भारतीय नागरिकों के लिए अलग भर्ती व्यवस्था नहीं हो सकती। ऐसे में नेपाल को तय करना होगा कि वह अग्निपथ योजना के तहत अपने युवाओं को भारतीय सेना में भेजना चाहता है या नहीं।

    पोखरा में प्रदर्शन कर रहे पूर्व गोरखा सैनिकों ने साफ किया है कि वे इस मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। उनका कहना है कि अगर भर्ती जल्द शुरू नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों की यह मांग अब भारत नेपाल संबंधों और गोरखा भर्ती की पुरानी परंपरा के बीच एक अहम मुद्दे के तौर पर सामने आई है। वहीं भारतीय सेना प्रमुख के प्रस्तावित नेपाल दौरे से पहले इस प्रदर्शन ने पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है।

  • 22 अगस्त से बदलेगा ग्रहों का खेल! सिंह राशि में सूर्य-बुध की युति, 3 राशियों को करियर और धन में लाभ के संकेत

    22 अगस्त से बदलेगा ग्रहों का खेल! सिंह राशि में सूर्य-बुध की युति, 3 राशियों को करियर और धन में लाभ के संकेत


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और बुध की युति को बुधादित्य योग से जोड़ा जाता है। सूर्य को आत्मविश्वास नेतृत्व मान सम्मान और प्रशासनिक क्षमता का कारक माना जाता है जबकि बुध बुद्धि तर्क संवाद व्यापार और गणना से संबंधित ग्रह माने जाते हैं। ऐसे में जब दोनों ग्रह एक ही राशि में आते हैं तो ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इसका असर व्यक्ति की निर्णय क्षमता करियर और आर्थिक मामलों पर दिखाई दे सकता है। अगस्त 2026 में बुध के सिंह राशि में प्रवेश के साथ सूर्य और बुध की युति बनने की बात कही जा रही है। उपलब्ध ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार बुध 22 अगस्त को सिंह राशि में प्रवेश करेगा।

    सिंह राशि सूर्य की अपनी राशि मानी जाती है। इसलिए सूर्य के सिंह में मौजूद रहने के दौरान बुध का यहां आना ज्योतिषीय दृष्टि से खास संयोग माना जा रहा है। हालांकि किसी व्यक्ति की कुंडली में इस योग का वास्तविक फल केवल राशि देखकर तय नहीं किया जा सकता। लग्न भाव ग्रहों की स्थिति दशा और अन्य ग्रहों के प्रभाव को भी देखा जाता है। इसलिए नीचे बताए गए परिणाम सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं।

    मेष राशि के जातकों के लिए सिंह राशि पंचम भाव से संबंधित मानी जाती है। पंचम भाव को शिक्षा बुद्धि रचनात्मकता संतान और प्रतियोगिता से जोड़ा जाता है। ऐसे में बुधादित्य योग के दौरान विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर एकाग्रता का अनुभव हो सकता है। नौकरी करने वाले लोगों के लिए नई जिम्मेदारियां या करियर में आगे बढ़ने के अवसर बन सकते हैं। व्यापार से जुड़े जातकों को नई योजनाओं पर काम करने और अपने संपर्कों का लाभ उठाने का मौका मिल सकता है। हालांकि निवेश के मामले में केवल ज्योतिषीय अनुमान के आधार पर जोखिम लेने से बचना चाहिए।

    सिंह राशि वालों के लिए यह युति सबसे खास मानी जा रही है क्योंकि सूर्य और बुध का संयोग उनकी ही राशि में बनने वाला है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इससे आत्मविश्वास संचार क्षमता और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिल सकते हैं और कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होने की संभावना बन सकती है। व्यापारियों के लिए नए संपर्क और कारोबारी बातचीत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। सामाजिक स्तर पर भी मान सम्मान बढ़ने के संकेत बताए जा रहे हैं।

    धनु राशि के जातकों के लिए सिंह राशि नवम भाव से संबंधित होती है। नवम भाव को भाग्य धर्म उच्च शिक्षा लंबी यात्राओं और गुरुजनों से जोड़ा जाता है। इसलिए इस अवधि को धनु राशि वालों के लिए नए अवसरों और रुके कामों में गति से जोड़कर देखा जा रहा है। उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे लोगों को फायदा मिल सकता है। नौकरी या कारोबार के सिलसिले में यात्रा के अवसर बन सकते हैं और नए लोगों से संपर्क भविष्य में उपयोगी साबित हो सकता है। पिता या वरिष्ठ लोगों से सहयोग मिलने की संभावना भी ज्योतिषीय मान्यताओं में बताई जाती है।

    बुधादित्य योग को लेकर धार्मिक और ज्योतिषीय परंपराओं में कुछ उपाय भी बताए जाते हैं। सूर्य को मजबूत करने के लिए सुबह तांबे के पात्र से सूर्यदेव को जल अर्पित कर सूर्य मंत्र का जाप करने की परंपरा है। बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करना और अपनी क्षमता के अनुसार हरी वस्तुओं का दान करना भी कुछ ज्योतिषीय परंपराओं में शुभ माना जाता है। हालांकि किसी भी ग्रह दोष या व्यक्तिगत समस्या के लिए उपाय अपनाने से पहले अपनी कुंडली के अनुसार योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    कुल मिलाकर 22 अगस्त 2026 को सिंह राशि में सूर्य और बुध की युति को ज्योतिष की नजर से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मेष सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए इसे करियर शिक्षा व्यापार और भाग्य से जुड़े मामलों में सकारात्मक अवसरों का समय बताया जा रहा है। लेकिन इसे निश्चित भविष्यवाणी के बजाय ज्योतिषीय मान्यता के रूप में ही देखना चाहिए क्योंकि किसी भी व्यक्ति के जीवन में ग्रहों का प्रभाव उसकी पूरी जन्मकुंडली के आधार पर अलग अलग हो सकता है।

  • पंजोखरा साहिब विवाद ने पकड़ा तूल, NH-44 पर घंटों बवाल; लाठीचार्ज और आंसू गैस के बाद हालात काबू में

    पंजोखरा साहिब विवाद ने पकड़ा तूल, NH-44 पर घंटों बवाल; लाठीचार्ज और आंसू गैस के बाद हालात काबू में


    नई दिल्ली। हरियाणा के अंबाला में पंजोखरा साहिब विवाद को लेकर गुरुवार को हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ कार्रवाई की मांग और हिरासत में लिए गए सिख युवाओं की रिहाई को लेकर बड़ी संख्या में सिख संगत ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए नेशनल हाईवे पर पहुंचकर जाम लगा दिया। कई घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।

    मामला पंजोखरा साहिब में गुरसिमरन सिंह मंड से जुड़े पुराने विवाद के बाद शुरू हुआ था। 7 अगस्त को मंड पर कथित हमले के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सिख संगठनों की ओर से इन युवकों की गिरफ्तारी का विरोध शुरू हो गया। संगत की मांग थी कि युवकों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर रोक लगाई जाए और मंड के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाए। इसी मांग को लेकर पंजोखरा साहिब में बैठक हुई जिसमें पंजाब से भी सिख संगठनों के लोगों के पहुंचने की बात सामने आई।

    गुरुवार को प्रदर्शनकारी गुरुद्वारा साहिब से बाहर निकले और नेशनल हाईवे की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग की थी। स्थिति बिगड़ने पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। आखिरकार संगत ने हाईवे पर पहुंचकर यातायात रोक दिया। इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार हाईवे पर कई घंटे तक यातायात बाधित रहा।

    इस बीच प्रदर्शनकारियों के दबाव के बाद पुलिस ने गुरसिमरन सिंह मंड और उनके बेटे भवजोत सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर दी। हालांकि FIR दर्ज होने के बाद भी प्रदर्शन समाप्त नहीं हुआ। संगत ने प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए सिख युवाओं की तत्काल रिहाई की मांग रख दी। पुलिस और सिख प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। प्रदर्शनकारी युवाओं की रिहाई और मामले में कार्रवाई को लेकर अपनी मांग पर अड़े रहे।

    शाम होते होते पुलिस ने हाईवे खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से रास्ता खोलने की अपील की लेकिन जब गतिरोध खत्म नहीं हुआ तो कार्रवाई की गई। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोटें आईं।

    हिंसा के दौरान नारायणगढ़ के DSP वीरेंद्र शर्मा के अंगूठे पर गंभीर चोट लगी और उनका अंगूठा कट गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक करीब छह से सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। कुछ गंभीर रूप से घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। NDTV की रिपोर्ट में भी DSP समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी दी गई है। प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर भी सामने आई है।

    पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और सार्वजनिक मार्ग को लंबे समय तक बाधित नहीं रहने दिया जा सकता। अधिकारियों ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की है। दूसरी ओर सिख संगठनों की ओर से युवाओं की गिरफ्तारी और पूरे विवाद को लेकर नाराजगी बनी हुई है।

    कई घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने हाईवे को खाली कराया और यातायात बहाल करने की कोशिश की। हालांकि पंजोखरा साहिब विवाद को लेकर इलाके में तनाव बना हुआ है। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया है। अब पूरे घटनाक्रम में हिंसा के दौरान घायल हुए लोगों और प्रदर्शनकारियों की मांगों के साथ साथ पुलिस कार्रवाई को लेकर भी आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

  • हरियाली तीज कब है? 14 अगस्त की शाम से शुरू होगी तृतीया, 15 अगस्त को रखा जाएगा व्रत

    हरियाली तीज कब है? 14 अगस्त की शाम से शुरू होगी तृतीया, 15 अगस्त को रखा जाएगा व्रत

    नई दिल्ली। सनातन धर्म में हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व पर महिलाएं पति की लंबी आयु सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना से व्रत रखती हैं। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने की परंपरा है। सावन में चारों ओर दिखाई देने वाली हरियाली के कारण इस पर्व को हरियाली तीज कहा जाता है। इस दिन महिलाएं हरे रंग के कपड़े पहनती हैं हरी चूड़ियां धारण करती हैं मेहंदी लगाती हैं और सोलह श्रृंगार करके झूला झूलने के साथ तीज के लोकगीत गाती हैं।

    इस बार हरियाली तीज की तारीख को लेकर 14 और 15 अगस्त के बीच कंफ्यूजन बना हुआ है। पंचांग के अनुसार तृतीया तिथि 14 अगस्त से शुरू हो रही है लेकिन उदया तिथि के आधार पर हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त 2026 शनिवार को रखा जाएगा। दिल्ली के लिए द्रिक पंचांग भी 15 अगस्त को ही हरियाली तीज का पर्व बता रहा है। हालांकि अलग अलग शहरों के पंचांग में तिथि शुरू होने और समाप्त होने के समय में अंतर हो सकता है।

    पंचांग के अनुसार तृतीया तिथि 14 अगस्त को सुबह 9 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर 15 अगस्त को सुबह 7 बजकर 58 मिनट तक रहेगी।因此 15 अगस्त को सूर्योदय के समय तृतीया तिथि होने के कारण इसी दिन व्रत और पर्व मनाया जाएगा। अपने शहर के अनुसार पूजा का सटीक समय जानने के लिए स्थानीय पंचांग देखना उचित रहेगा।

    हरियाली तीज के दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नान करती हैं और स्वच्छ वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प लेती हैं। इसके बाद पूजा स्थल की साफ सफाई करके भगवान शिव माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित की जाती है। कुछ परंपराओं में बालू या मिट्टी से शिव पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा बनाने का भी विधान बताया गया है। पूजा में माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित की जाती है जबकि भगवान शिव को बेलपत्र फल और अन्य पूजन सामग्री चढ़ाई जाती है। इसके बाद धूप दीप जलाकर आरती की जाती है और हरियाली तीज की व्रत कथा सुनी या पढ़ी जाती है।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार हरियाली तीज का संबंध माता पार्वती की कठोर तपस्या से है। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक तप किया था और उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इसी वजह से विवाहित महिलाएं इस दिन शिव और पार्वती की पूजा करके अपने दांपत्य जीवन में प्रेम सुख और स्थिरता की कामना करती हैं।

    इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं अपनी परंपरा के अनुसार निर्जला या फलाहार व्रत रखती हैं। हालांकि निर्जला व्रत हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर व्रत की कठोरता से बचना और अपनी सेहत को प्राथमिकता देना उचित माना जाता है। पूजा के साथ महिलाएं सास या घर की वरिष्ठ महिलाओं को सुहाग सामग्री और उपहार देकर उनका आशीर्वाद भी ले सकती हैं।

    हरियाली तीज पर हरे रंग को विशेष महत्व दिया जाता है। हरे वस्त्र और हरी चूड़ियां पहनना इस पर्व की पारंपरिक पहचान है। इसके अलावा पौधरोपण को भी इस दिन शुभ माना जाता है। सावन और हरियाली से जुड़े इस पर्व पर एक पौधा लगाकर प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिया जा सकता है।

    इस तरह 14 अगस्त से तृतीया तिथि शुरू होने के बावजूद हरियाली तीज 15 अगस्त 2026 शनिवार को मनाई जाएगी। इसलिए 14 या 15 अगस्त को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। व्रत रखने वाली महिलाएं 15 अगस्त को अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती की विधि पूर्वक पूजा कर सकती हैं।

  • सालों तक आरोपों और जांच के बीच रहीं रिया चक्रवर्ती, Karan Johar के शो में बोलीं- अब नहीं चाहिए ट्रेटर का टैग

    सालों तक आरोपों और जांच के बीच रहीं रिया चक्रवर्ती, Karan Johar के शो में बोलीं- अब नहीं चाहिए ट्रेटर का टैग


    नई दिल्ली। अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती एक बार फिर अपने बीते मुश्किल दौर को लेकर चर्चा में हैं। रियलिटी शो द ट्रेटर्स सीजन 2 में नजर आ रहीं रिया ने होस्ट करण जौहर के सामने अपनी भावनाएं खुलकर जाहिर कीं। शो में जब उनसे पूछा गया कि वह इनोसेंट बनना पसंद करेंगी या ट्रेटर तो रिया ने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा कि वह इनोसेंट रहना चाहेंगी। उनके इस जवाब में साल 2020 के बाद उनकी जिंदगी में आए बदलाव और लंबे समय तक चले विवाद का दर्द साफ नजर आया।

    करण जौहर के सवाल का जवाब देते हुए रिया ने कहा कि इसी साल उन्हें क्लीन चिट मिली है और इसी साल लोगों को पता चला है कि वह बेगुनाह हैं। उन्होंने कहा कि वह काफी लंबे समय तक शक के घेरे में रही हैं और अब उन्हें यह स्थिति पसंद नहीं है। रिया के मुताबिक उन्होंने कई साल तक ऐसा दौर देखा है जब लोगों की नजर में उन्हें संदेह की नजर से देखा जाता रहा। द ट्रेटर्स के खेल से जुड़े एक सामान्य सवाल के दौरान रिया का यह जवाब उनकी निजी जिंदगी के बेहद संवेदनशील अध्याय की तरफ इशारा करता नजर आया।

    सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद साल 2020 में रिया चक्रवर्ती देशभर में चर्चा के केंद्र में आ गई थीं। सुशांत की मौत के मामले की जांच के साथ ड्रग्स से जुड़े मामले में भी रिया और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती से पूछताछ हुई थी। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ड्रग्स मामले में दोनों को गिरफ्तार किया था। रिया को जेल में भी समय बिताना पड़ा था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद उनकी निजी और पेशेवर जिंदगी पर भी काफी असर पड़ा।

    समय के साथ सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI तक पहुंची। 2025 में CBI ने मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए इसे आत्महत्या का मामला माना और किसी साजिश या आपराधिक भूमिका का सबूत नहीं मिलने की बात सामने आई। इस रिपोर्ट के बाद रिया और उनके परिवार को मामले में बड़ी राहत मिली। हालांकि ड्रग्स से जुड़े मामले की कानूनी स्थिति अलग थी और उसे सुशांत की मौत की जांच से अलग समझना जरूरी है।

    रिया इससे पहले भी कई मौकों पर उस दौर के अपने अनुभवों के बारे में बात कर चुकी हैं। उन्होंने बताया है कि सुशांत की मौत के बाद उन्हें मीडिया ट्रायल और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ा। जेल जाने और लंबे समय तक काम से दूर रहने का असर भी उनकी जिंदगी पर पड़ा। रिया ने अपने पुराने इंटरव्यू में मानसिक स्वास्थ्य पर पड़े प्रभाव को लेकर भी बात की थी।

    अब द ट्रेटर्स सीजन 2 में रिया एक बिल्कुल अलग माहौल में दिखाई दे रही हैं। यह रियलिटी शो रणनीति शक और भरोसे के खेल पर आधारित है। इसमें कंटेस्टेंट्स को इनोसेंट्स और ट्रेटर्स की भूमिका में बांटा जाता है। इनोसेंट्स को छिपे हुए ट्रेटर्स को पहचानकर उन्हें गेम से बाहर करना होता है जबकि ट्रेटर्स अपनी पहचान छिपाकर दूसरे खिलाड़ियों के खिलाफ रणनीति बनाते हैं।

    रिया का इनोसेंट बनने की इच्छा जताना इसलिए भी चर्चा में आ गया क्योंकि यह उनके वास्तविक जीवन के अनुभवों से जुड़ा हुआ महसूस हुआ। करण जौहर के सामने उन्होंने जिस तरह अपने अतीत का जिक्र किया उससे साफ हुआ कि सालों तक चले विवाद और शक का दौर उनकी यादों में आज भी गहरा असर छोड़ता है। हालांकि अब वह अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने और नए काम के जरिए अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं। द ट्रेटर्स 2 में उनकी मौजूदगी इसी नए दौर की ओर इशारा करती है।