मोबाइल अलर्ट ने पकड़वाया चोर चोर की किस्मत ने 15 जनवरी 2026 की रात को धोखा दे दिया। रात करीब 9 बजे जब आरोपी सुरेंद्रकुमार घर में घुसकर अलमारी से एक लाख रुपये निकाल रहा था, तभी मैनेजर प्रमोद पांडेय के मोबाइल पर सीसीटीवी का ‘मोशन अलर्ट’ मैसेज आया। सीसीटीवी फुटेज में पूर्व कर्मचारी को चोरी करते हुए साफ देखा गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी फुटेज मिलते ही अंबोली पुलिस हरकत में आई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल की गई बनावटी चाबियां और सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है कि क्या इस वारदात में कोई और भी उसके साथ शामिल था।
Author: bharati
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सांसद मनोज तिवारी के घर लाखों की चोरी: पूर्व कर्मचारी ने डुप्लीकेट चाबियों से लगाया सेंध,
नई दिल्ली । भोजपुरी सुपरस्टार और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद मनोज तिवारी के मुंबई स्थित आवास पर लाखों रुपये की चोरी का मामला सामने आया है। अंधेरी पश्चिम के पॉश इलाके शास्त्रीनगर स्थित ‘सुंदरबन अपार्टमेंट’ में हुई इस वारदात को किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि सांसद के ही एक पूर्व भरोसेमंद कर्मचारी ने अंजाम दिया। हालांकि, तकनीक और पुलिस की मुस्तैदी के चलते आरोपी अब सलाखों के पीछे है। साढ़े पांच लाख की चपत और शातिर साजिश अंबोली पुलिस के अनुसार, इस चोरी के पीछे सुरेंद्रकुमार दीनानाथ शर्मा नाम का शख्स शामिल है, जिसे करीब दो साल पहले नौकरी से निकाल दिया गया था।आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से घर, बेडरूम और अलमारी की ‘बनावटी चाबियां’ तैयार कर ली थीं। इसकी मदद से वह घर में दाखिल होता और किसी को भनक लगे बिना नकदी पर हाथ साफ कर देता था। सांसद के मैनेजर प्रमोद पांडेय की शिकायत के अनुसार, घर से कुल 5.40 लाख रुपये की चोरी हुई है। दो किस्तों में हुई चोरी, जून से दिसंबर तक का खेल चोरी का यह सिलसिला काफी समय से चल रहा था। जून 2025 में अलमारी से पहली बार 4.40 लाख रुपये गायब हुए थे। उस वक्त घर में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था, जिसके कारण चोर का पता नहीं चल सका। घर में बार-बार हो रही नकदी की कमी को देखते हुए मैनेजर ने दिसंबर 2025 में घर के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगवाए। -

प्रेम संबंध छिपाने के लिए मां ने 5 साल के बेटे को दो मंजिल से फेंका, रिकॉर्डिंग-सीसीटीवी से हुआ खुलासा; मां को उम्रकैद, प्रेमी बरी
ग्वालियर । ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में 28 अप्रैल 2023 को हुई एक दर्दनाक घटना में 5 साल के बच्चे जतिन की मौत का मामला अब न्यायालय तक पहुंचा। आरोप है कि बच्चे की मां ज्योति राठौर ने अपने प्रेमी उदय इंदौलिया के साथ छत पर होने के दौरान अपने बेटे को यह देख लिया कि मां अपने प्रेमी की गोद में है। यह बात उजागर होने के डर से उसने अपने बेटे को दो मंजिल की छत से नीचे फेंक दिया, जिससे बच्चे को गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई।घटना के तुरंत बाद परिवार और पुलिस ने इसे एक सामान्य दुर्घटना माना, लेकिन 15 दिन बाद मामले का असली सच सामने आया। बच्चे की मां को पछतावा हुआ और उसने अपने पति ध्यान सिंह को सच बता दिया। इसके बाद पति ने बातचीत की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली और घर में लगे CCTV फुटेज भी प्राप्त किए। इस सबूत के आधार पर उसने थाटीपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।पुलिस ने जांच के बाद मां ज्योति और उसके प्रेमी उदय को आरोपी बनाया और दोनों के खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने पुलिस की ओर से पैरवी की।
अपर सत्र न्यायालय ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और रिकॉर्डिंग-सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह माना कि यह हत्या का मामला है, न कि दुर्घटना। अदालत ने ज्योति राठौर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।वहीं, प्रेमी उदय इंदौलिया को पर्याप्त सबूत न होने के कारण अदालत ने बरी कर दिया। घटना की जांच में यह भी सामने आया कि बच्चा सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन मां उसे देखने नहीं आई। बच्चे को बाद में अस्पताल ले जाया गया, जहां 29 अप्रैल को उसकी मौत हो गई।
इस मामले में पुलिस ने अब तक जांच और सबूतों के आधार पर मां की हत्यारानी हरकत को साबित कर दिया, जबकि प्रेमी की भूमिका साबित नहीं हो सकी।
अब न्यायालय के आदेश के बाद मां को उम्रकैद की सजा का सामना करना होगा और यह केस परिवार और समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी बन गया है कि प्रेम संबंध छिपाने के लिए किसी भी हद तक जाना कितना खतरनाक हो सकता है। -

सावधान! आपके बच्चों के बैग में तो नहीं 'नकली' किताबें? दिल्ली पुलिस ने पकड़ा 2 करोड़ का फर्जी NCERT सिंडिकेट
नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शिक्षा के नाम पर ठगी करने वाले एक बहुत बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने देशभर में फर्जी NCERT किताबें छापने और उनकी सप्लाई करने वाले एक संगठित गिरोह को दबोचा है। इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नकली किताबें और प्रिंटिंग उपकरण बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस दबिश से उन माफियाओं में हड़कंप मच गया है जो छात्रों और अभिभावकों की जेब पर डाका डाल रहे थे।45 हजार के करीब किताबें और प्रिंटिंग प्रेस जब्त क्राइम ब्रांच ने इस ऑपरेशन के दौरान कुल 44,862 नकली किताबें बरामद की हैं। केवल किताबें ही नहीं, पुलिस ने गाजियाबाद के लोनी इलाके में चल रही एक पूरी अवैध फैक्ट्री को भी सील कर दिया है। यहाँ से दो अत्याधुनिक ऑफसेट प्रिंटिंग प्रेस मशीनें, कागज की रील, प्रिंटिंग इंक और एल्युमिनियम की प्लेटें जब्त की गई हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह हूबहू असली जैसी दिखने वाली NCERT किताबें छाप रहा था, जिससे आम आदमी के लिए असली और नकली का फर्क करना नामुमकिन था।
दरियागंज से गाजियाबाद तक फैला था जाल इस कार्रवाई की शुरुआत 10 नवंबर 2025 को हुई थी, जब पुलिस को दरियागंज के एक गोदाम में नकली किताबों के स्टॉक की जानकारी मिली। वहां की गई छापेमारी में 12,755 किताबें बरामद हुईं। मामले की गहराई से जांच करते हुए पुलिस ने 16 जनवरी 2026 को गाजियाबाद के लोनी स्थित जावली गाँव में एक गुप्त प्रिंटिंग यूनिट पर धावा बोला। यहाँ से 32,107 अतिरिक्त किताबें और प्रिंटिंग का पूरा तामझाम बरामद हुआ। जांच में खुलासा हुआ कि यह फैक्ट्री दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में सप्लाई का मुख्य केंद्र थी।
गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, एक पुराना खिलाड़ी पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है विनोद जैन 65 वर्ष यह इस गिरोह का सबसे शातिर सदस्य है और पहले भी इसी तरह के जालसाजी के मामलों में शामिल रह चुका है। सुमित 35 वर्ष यह जावली स्थित अवैध फैक्ट्री का संचालन देख रहा था। कनिष्क 32 वर्ष यह भी गिरोह के साथ मिलकर सप्लाई चेन को मैनेज कर रहा था। जांच अभी जारी है दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अब इस गिरोह की पूरी सप्लाई चेन और उन थोक विक्रेताओं की पहचान करने में जुटी है, जो इन नकली किताबों को दुकानों तक पहुँचाते थे। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि शिक्षा क्षेत्र में इस तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे अधिकृत विक्रेताओं से ही किताबें खरीदें और किताबों पर लगे होलोग्राम और प्रिंट की गुणवत्ता की सावधानीपूर्वक जांच करें।
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इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में हाई-प्रोफाइल ड्रग पार्टियां: 15000 में एंट्री, युवतियों को पैडलर बनाकर 5 राज्यों में एमडी ड्रग सप्लाई
नई दिल्ली। इंदौर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें भोपाल का अबान शकील मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस ने अबान को इंदौर में ड्रग डिलीवरी के इंतजार के दौरान गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि अबान गोवा, इंदौर, मुंबई, दिल्ली और भोपाल जैसे कई बड़े शहरों में एमडी ड्रग की सप्लाई में सक्रिय था। इस गिरोह में दो युवतियां भी पैडलर के रूप में शामिल थीं, जिन्हें अबान और उसके साथी वैभव उर्फ बाबा शर्मा मोटे कमीशन और ड्रग की फ्री खुराक का लालच देकर तस्करी के काम में जोड़ते थे।पुलिस ने अबान की निशानदेही पर दो युवतियों और बाबा शर्मा को भी गिरफ्तार किया है।इंदौर पुलिस की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि अबान और बाबा शर्मा अंतरराज्यीय एमडी तस्कर गिरोह के सदस्य हैं और यह गिरोह चार से पांच राज्यों में ड्रग तस्करी कर रहा था। जांच के दौरान यह तथ्य भी उजागर हुआ कि इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में आरोपी बाबा शर्मा, अलीशा मसीह और नेहा पार्टीज का आयोजन करते थे। इन पार्टियों में एंट्री फीस 10 से 15 हजार रुपए तक ली जाती थी और रईसजादों को ड्रग खपाने का काम किया जाता था।
पुलिस ने बताया कि अबान अपनी पार्टीज के जरिए युवाओं को आकर्षित करता था और बाद में उन्हें एमडी की खुराक देकर पार्टी कल्चर के नाम पर नशे का आदी बनाता था। इसके बाद वही युवतियां और अन्य सदस्य ड्रग सप्लाई के लिए आगे काम करते थे। गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से गोवा, दिल्ली, इंदौर, भोपाल, मुंबई सहित अन्य शहरों में पार्टीज आयोजित करते रहे हैं।
अब तक इस मामले में कुल चार गिरफ्तारियां हुई हैं।
इंदौर पुलिस ने अबान के साथ कनाड़िया, मुंबई और देवास से गिरोह के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी वैभव उर्फ बाबा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह अबान और युवतियों के साथ मिलकर एमडी ड्रग्स की तस्करी करता था।पुलिस के मुताबिक, गिरोह गोवा सहित कई राज्यों के पब, बार और क्लबों में एमडी ड्रग की सप्लाई करता था और इसकी कीमत लगभग 10 हजार रुपए प्रति ग्राम थी। पुलिस अभी आरोपी से एमडी ड्रग्स के सोर्स के बारे में पूछताछ कर रही है और उसके बाद गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी संभव है।
इस बीच, अबान शकील का नाम ड्रग तस्करी में फंसने के बाद भोपाल डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन (बीडीसीए) ने उसे अपनी प्रारंभिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया है। बीडीसीए ने एक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। अबान बीडीसीए का आजीवन सदस्य भी था। पुलिस ने बताया कि अबान कोहेफिजा इलाके में स्थित सैफिया कॉलेज मैदान के पास बने करोड़ों रुपए कीमत के बंगले में रहता था और उसके घर के पोर्च पर लग्जरी कारें खड़ी रहती थीं।इस मामले में इंदौर के कनाड़िया थाने में अपराध क्रमांक 37/2025 के तहत धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। अब तक आरोपियों से कुल 15.95 ग्राम एमडी ड्रग्स, बिना नंबर की इको स्पोर्ट्स कार, थार और एक एसयूवी जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि अबान थार जीप से भोपाल-इंदौर के पब और लाउंज में ड्रग सप्लाई करता था और उसके लिए लड़कियां भी पैडलर का काम करती थीं।इंदौर क्राइम ब्रांच और कनाड़िया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अबान की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच तेज कर दी है, जिससे जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना है।
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BMC चुनाव 2026: मुंबई में 'बिहारी बाबू' का जलवा, उद्धव-राज ठाकरे का मराठी कार्ड फेल, बीजेपी गठबंधन की ऐतिहासिक वापसी
मुंबई । देश की सबसे अमीर नगर पालिका, बृहन्मुंबई नगर निगम BMC के 2026 के चुनाव परिणामों ने महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। करीब तीन दशक बाद बीएमसी की सत्ता से शिवसेना का एकछत्र राज खत्म हो गया है और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले ‘महायुति’ गठबंधन ने पूर्ण बहुमत के साथ जीत दर्ज की है। लेकिन इस चुनाव की सबसे बड़ी सुर्खी ‘मराठी मानुष’ बनाम ‘उत्तर भारतीय’ के एजेंडे का ध्वस्त होना रही। मुंबई के मतदाताओं ने क्षेत्रवाद को दरकिनार कर बिहार मूल के छह उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताकर निगम भेजा है।मिथिलांचल के वीरों ने फहराया परचम इस चुनाव में विशेष रूप से बिहार के मधुबनी जिले और मिथिलांचल क्षेत्र का दबदबा देखने को मिला। मधुबनी के झंझारपुर तालुका से ताल्लुक रखने वाले छह नेताओं ने मुंबई की राजनीति में अपनी धाक जमाई है शिवकुमार झा BJP .कांदिवली ईस्ट वार्ड 23 से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक बनाई। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को करीब 5,400 वोटों के बड़े अंतर से हराया। विनोद मिश्रा BJP मलाड वार्ड 43 से एक बड़ी जीत हासिल की। राजेश झा शिवसेना – शिंदे गोरेगांव वार्ड 163 से विजयी रहे। संतोष कुमार मंडल व उमेश राय BJP कांदिवली के वार्ड 160 और 161 से जीत दर्ज की। धीरेंद्र मिश्रा: कुर्ला-चांदीवली वार्ड 174 से कड़े मुकाबले में जीत हासिल की।
ठकरे परिवार का ‘मराठी मानुष’ एजेंडा हुआ विफल लंबे समय से मुंबई की राजनीति उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के इर्द-गिर्द ‘मराठी मानुष’ के मुद्दे पर सिमटी रही है। हालांकि, 2026 के इन परिणामों ने स्पष्ट कर दिया कि खुद मराठी मतदाताओं ने भी इस संकीर्ण एजेंडे के बजाय विकास और समावेशी राजनीति को चुना है। कांदिवली, मलाड, गोरेगांव और कुर्ला जैसे क्षेत्रों में उत्तर भारतीय वोटरों ने निर्णायक भूमिका निभाई, जिससे उद्धव ठाकरे की शिवसेना को तगड़ा झटका लगा है।
सत्ता का नया समीकरण 227 सीटों वाली बीएमसी में बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता थी, जिसे बीजेपी-शिंदे गठबंधन ने आसानी से पार कर लिया। बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। 19 सालों से बीएमसी पर काबिज शिवसेना को इस बार विपक्ष में बैठना होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रवासियों के प्रति नफरत की राजनीति अब मुंबई में काम नहीं कर रही है, और उत्तर भारतीय उम्मीदवार अब केवल ‘वोट बैंक’ नहीं बल्कि ‘निर्णायक नेतृत्व’ के रूप में उभर रहे हैं।
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FD की सुरक्षा, EMI का खर्च, SIP की ताकत: 20 साल बाद किसका पलड़ा भारी?
नई दिल्ली। आज के समय में निवेश के लिए लोगों के पास तीन बड़े रास्ते हैंFD, EMI और SIP। FD को सुरक्षित माना जाता है, EMI से लोग अपनी जरूरतें पूरी करते हैं, जबकि SIP धीरे-धीरे पैसा बढ़ाने का काम करता है। लेकिन सवाल यह है कि 20 साल बाद कौन आपको अमीर बना सकता है? अगर आप आज अपनी कमाई का एक हिस्सा इन तीनों में से किसी भी रास्ते पर लगाते हैं, तो 20 साल बाद आपकी स्थिति कैसी होगी?चलिए एक आसान कैलकुलेशन के जरिए समझते हैं कि FD की सीमा क्या है, EMI का नुकसान कितना भारी है और SIP की कंपाउंडिंग पावर कितनी मजबूत है।सबसे पहले FD की बात करें। FD को भारत में भरोसे और सुरक्षा का दूसरा नाम माना जाता है। 20 साल बाद आपका फंड लगभग ₹52 लाख तक पहुंच सकता है। लेकिन अगर आप महंगाई को भी ध्यान में रखें, तो 20 साल बाद उस पैसे की असली वैल्यू लगभग ₹15-20 लाख के आसपास ही रह सकती है।
इसका मतलब FD आपके पैसे को बचाती है, लेकिन महंगाई के हिसाब से बढ़ा नहीं पाती। FD में रिटर्न कम होने के कारण आपका पैसा “सुरक्षित” जरूर रहता है, लेकिन वह अमीर नहीं बनाता।अब EMI की बात करें। EMI आमतौर पर लोगों को तुरंत सुख देती है, लेकिन लंबे समय में यह आपके लिए भारी पड़ सकती है। जब आप किसी पर्सनल लोन या लग्जरी कार के लिए 20 साल तक ₹10,000 EMI भरते हैं, तो आप कुल मिलाकर लगभग ₹24 लाख तो दे ही देते हैं, साथ ही बैंक को ब्याज में लगभग ₹15-20 लाख अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। 20 साल बाद आपके पास केवल एक पुरानी चीज बचती है जिसकी वैल्यू काफी कम हो चुकी होती है।
EMI असल में आपकी फ्यूचर की कमाई को आज ही खर्च कर देती है और आपके लिए एक लंबा ब्याज का बोझ छोड़ जाती है। इसलिए EMI आपको अमीर नहीं बनाती, बल्कि बैंक को अमीर बनाती है।तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण विकल्प SIP है। SIP में आप छोटे-छोटे निवेश करते हैं और कंपाउंडिंग की ताकत से लंबे समय में बड़ा फंड बनाते हैं। अगर आप हर महीने ₹10,000 की SIP करते हैं और औसतन 12% रिटर्न मानें, तो 20 साल बाद आपका निवेश लगभग ₹24 लाख होकर करीब ₹1 करोड़ से ज्यादा बन सकता है। और अगर रिटर्न 15% रहे तो यह राशि ₹1.5 करोड़ तक भी पहुंच सकती है।
SIP का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बाजार के उतार-चढ़ाव को अपने पक्ष में इस्तेमाल करता है। शुरुआती सालों में मार्केट गिरती है तो units ज्यादा मिलते हैं, और बाद में जब मार्केट बढ़ता है तो वही units ज्यादा लाभ देती हैं।अब 20 साल की जंग में किसका पलड़ा भारी है? FD सुरक्षित है, लेकिन महंगाई के हिसाब से अमीर नहीं बनाती। EMI आपको तुरंत सुविधा देती है, लेकिन लंबी अवधि में यह आपकी कमाई को खा जाती है और ब्याज के बोझ से आपकी संपत्ति घटती है।
वहीं SIP में जोखिम जरूर है, लेकिन लंबे समय में यह कंपाउंडिंग के जरिए सबसे ज्यादा फायदा देता है। अगर आपका लक्ष्य 20 साल में “वेल्थ” बनाना है और आप निवेश को समय के साथ बढ़ते देखना चाहते हैं, तो SIP सबसे बेहतर विकल्प माना जा सकता है।
(नोट: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।) -

रोज़ खाएं सिर्फ एक कटोरी ओट्स, दिल को रखें मजबूत और हार्ट अटैक-स्ट्रोक के खतरों से दूर!
नई दिल्ली। दिल की सेहत आज के समय में सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है। बदलती जीवनशैली, गलत खानपान, लगातार तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी ने लोगों के दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा दिया है। हाई कोलेस्ट्रॉल, जिसे कभी केवल बुजुर्गों की समस्या माना जाता था, अब हर उम्र में देखने को मिल रहा है। यही हाई कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे दिल की नसों में जमता है और हार्ट अटैक, स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का रास्ता साफ करता है।आजकल लोग अक्सर दवाइयों पर निर्भर हो जाते हैं, लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही यह मानते हैं कि सही भोजन से कई बीमारियों को जड़ से रोका जा सकता है। इनमें से एक सुपरफूड है ओट्स। यह आसानी से पचता है, शरीर में संतुलन बनाए रखता है और दिल की सेहत के लिए वरदान साबित होता है।
रोजाना सिर्फ एक कटोरी ओट्स खाने से शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी और हानिकारक तत्व बाहर निकलते हैं। यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और शरीर में दोषों का संतुलन बनाए रखता है। आयुर्वेद के अनुसार जब पाचन ठीक रहता है, तो खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) अपने आप नियंत्रित होने लगता है।
विज्ञान भी ओट्स के फायदे मानता है। इसमें मौजूद बीटा-ग्लूकान फाइबर पेट में जाकर एक जेल जैसी परत बना देता है, जो आंतों में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम कर देता है। इसका सीधा फायदा यह होता है कि बैड कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे कम होता है और दिल की धमनियां बेहतर तरीके से काम करती हैं। यही कारण है कि नियमित ओट्स खाने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है।
ओट्स सिर्फ कोलेस्ट्रॉल के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है। इसमें प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है, जो मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और शरीर को ऊर्जा देता है। इसके साथ ही इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट धीरे-धीरे ऊर्जा प्रदान करते हैं, जिससे लंबे समय तक पेट भरा रहता है और बार-बार भूख नहीं लगती। यही वजह है कि वजन घटाने वाले लोगों के लिए भी ओट्स बहुत अच्छा विकल्प माना जाता है।
ओट्स में कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स भी होते हैं। इसमें आयरन खून की कमी को दूर करता है, मैग्नीशियम और पोटेशियम दिल की धड़कन को संतुलित रखते हैं, और जिंक व एंटीऑक्सीडेंट्स रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। यही नहीं, ओट्स ब्लड शुगर को भी संतुलित रखता है। यह धीरे पचता है, जिससे खून में शुगर अचानक नहीं बढ़ती। इसलिए यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी सुरक्षित है।
आयुर्वेद कहता है कि ओट्स शरीर को अंदर से साफ करता है। यह आंतों में जमा गंदगी और टॉक्सिन को बाहर निकालता है और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है। जब शरीर का मेटाबॉलिज्म सही रहता है, तो फैट जमा नहीं होता और कोलेस्ट्रॉल का स्तर संतुलित बना रहता है। नियमित रूप से ओट्स खाने वाले लोगों में दिल की समस्याएं काफी कम देखी जाती हैं।
ओट्स को रोज़ाना अपनी डाइट में शामिल करना न सिर्फ दिल की बीमारियों से बचाने में मदद करता है, बल्कि शरीर को ऊर्जा, ताकत और संतुलन भी देता है। यह सुपरफूड हर उम्र के लिए फायदेमंद है और स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सबसे आसान उपायों में से एक है।
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भारत ने बांग्लादेश को हराकर बनाई U19 वर्ल्ड कप में जगह, पाकिस्तान का संघर्ष जारी
नई दिल्ली। U19 World Cup Updated Points Table- आयुष म्हात्रे की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने शनिवार, 17 जनवरी को बांग्लादेश पर रोमांचक जीत दर्ज करते हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के अगले राउंड यानी सुपर-6 के लिए क्वालीफाई किया। टीम इंडिया टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहीं 16 टीमों में से सुपर-6 का टिकट हासिल करने वाली पहली टीम बनी है। भारत ने बांग्लादेश से पहले यूएसए को धूल चटाई थी। टीम इंडिया ने बांग्लादेश के खिलाफ पहले बैटिंग करते हुए वैभव सूर्यवंशी की 72 और अभिज्ञान कुंदू की 80 रनों की पारी के दम पर 238 रन बोर्ड पर लगाए थे। बारिश से बाधित इस मुकाबले में बांग्लादेश को 165 रनों का आसान सा लक्ष्य मिला था, मगर विहान मल्होत्रा की कातिलाना गेंदबाजी के दम पर भारत ने जीत दर्ज की।विहान मल्होत्रा ने मात्र 4 ओवर में ही मैच को पलट दिया। उन्होंने मात्र 14 रन खर्च कर बांग्लादेश के 4 विकेट हासिल कर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।
इसके अलावा अंडर-19 वर्ल्ड कप में शनिवार को श्रीलंका ने जापान पर 203 रनों से धमाकेदार जीत दर्ज की और ऑस्ट्रेलिया को पछाड़ते हुए पॉइंट्स टेबल में पहला स्थान हासिल किया।
ग्रुप-ए में भारत, ग्रुप-बी में इंग्लैंड, ग्रुप-सी में श्रीलंका और ग्रुप-डी में वेस्टइंडीज टॉप पर है।
ICC U19 वर्ल्ड कप ग्रुप-ए पॉइंट्स टेबल
टीम मैच जीत हार नो रिजल्ट पॉइंट्स नेट रन रेट
भारत 2 2 0 0 4 +2.025
न्यूजीलैंड 0 0 0 0 0 0
बांग्लादेश 1 0 1 0 0 -0.621
यूएसए 1 0 1 0 0 -3.144
ICC U19 वर्ल्ड कप ग्रुप-बी पॉइंट्स टेबल
टीम मैच जीत हार नो रिजल्ट पॉइंट्स नेट रन रेट
इंग्लैंड 1 1 0 0 2 +0.740
जिम्बाब्वे 1 0 0 1 1 0
स्कॉटलैंड 1 0 0 1 1 0
पाकिस्तान 0 0 0 0 0 -0.740
ICC U19 वर्ल्ड कप ग्रुप-सी पॉइंट्स टेबल
टीम मैच जीत हार नो रिजल्ट पॉइंट्स नेट रन रेट
श्रीलंका 1 1 0 0 2 +4.060
ऑस्ट्रेलिया 1 1 0 0 2 +1.275
आयरलैंड 1 0 1 0 0 -1.275
जापान 1 0 1 0 0 -4.060
ICC U19 वर्ल्ड कप ग्रुप-डी पॉइंट्स टेबल
टीम मैच जीत हार नो रिजल्ट पॉइंट्स नेट रन रेट
वेस्टइंडीज 1 1 0 0 2 +3.465
अफगानिस्तान 1 1 0 0 2 +0.560
साउथ अफ्रीका 1 0 1 0 0 -0.560
तंजानिया 1 0 1 0 0 -3.465आज यानी रविवार, 18 जनवरी को अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में तीन मुकाबले खेले जाने हैं। वेस्टइंडीज की टीम अफगानिस्तान से तो इंग्लैंड जिम्बाब्वे से और न्यूजीलैंड की टीम यूएसए से भिड़ेगी। वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के पास सुपर-6 के लिए क्वालीफाई करने का मौका होगा। -

जबलपुर संभाग में वाहन फिटनेस का 'संकट': एक एजेंसी के भरोसे हजारों गाड़ियां, दूर-दराज के जिलों से आना पड़ेगा जबलपुर
जबलपुर । केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय मोर्थ के एक नए आदेश ने जबलपुर संभाग के हजारों वाहन मालिकों और चालकों की रातों की नींद उड़ा दी है। नए निर्देशों के अनुसार, अब व्यावसायिक और सवारी वाहनों की फिटनेस जांच जिला स्तर पर बंद कर दी गई है। अब संभाग के सभी 8 जिलों के वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए जबलपुर स्थित एकमात्र ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पर निर्भर रहना होगा। इस फैसले ने न केवल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि दूर-दराज के जिलों से आने वाले आवेदकों के लिए यह “जी का जंजाल” बन गया है।8 जिलों का बोझ और महज एक टेस्टिंग स्टेशन जबलपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, कटनी, मंडला और डिंडौरी जैसे जिलों के हजारों वाहनों का जिम्मा अब अकेले जबलपुर की एक निजी एजेंसी के भरोसे है। परेशानी की बात यह है कि वर्तमान में शहर में केवल एक ही एटीएस कार्यशील है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या एक ही केंद्र पर संभाग भर के हजारों वाहनों की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच समय पर पूरी हो पाएगी? जानकारों का मानना है कि इस व्यवस्था से भारी भीड़ और काम में देरी होने के कारण भ्रष्टाचार और व्यावहारिक समस्याएं बढ़ना तय है।
1,000 की फीस और 12,000 का खर्च: वाहन चालकों का फूटा गुस्सा इस नए आदेश का सबसे ज्यादा असर वाहन संचालकों की जेब पर पड़ रहा है। बालाघाट, छिंदवाड़ा और डिंडौरी जैसे जिलों से जबलपुर की दूरी 200 से 210 किलोमीटर तक है। वाहन चालकों का कहना है कि फिटनेस सर्टिफिकेट की निर्धारित सरकारी फीस भले ही महज 1,000 रुपये के आसपास हो, लेकिन लंबी दूरी तय कर जबलपुर आने-जाने का खर्च कमर तोड़ रहा है। ईंधन डीजल , ड्राइवर-खलासी का भत्ता, रास्ते में रुकने का खर्च और एक-दो दिन का समय बर्बाद होने के कारण कुल खर्च 10 से 12 हजार रुपये तक पहुँच रहा है।
व्यवसाय पर संकट और सुरक्षा के दावे एक तरफ सरकार का तर्क है कि ऑटोमेटेड टेस्टिंग से वाहनों की जांच अधिक सटीक होगी और सड़क हादसों में कमी आएगी, लेकिन दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। वाहन संचालकों का कहना है कि यदि सरकार को यह व्यवस्था लागू ही करनी थी, तो पहले प्रत्येक जिले में एटीएस केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए थे। बिना तैयारी के थोपे गए इस नियम से परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोग खासे परेशान हैं। फिलहाल, जबलपुर के एकमात्र एटीएस पर वाहनों का दबाव बढ़ना शुरू हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में आवेदकों की परेशानी और बढ़ने की आशंका है।
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CJI सूर्यकांत के सामने ही गुहार लगने लगीं ममता बनर्जी, बोली-संविधान, लोकतंत्र को बचा लीजिए
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने CJI सूर्यकांत से देश के संविधान, लोकतंत्र और न्यायपालिका की रक्षा करने का शनिवार को आग्रह किया। कलकत्ता हाई कोर्ट की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच के भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में बनर्जी ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत से देश के लोगों को ‘‘एजेंसियों’’ द्वारा गलत तरीके से निशाना बनाये जाने से बचाने का भी आह्वान किया।
बिना विस्तृत जानकारी दिए उन्होंने कहा, ‘कृपया देश के संविधान, लोकतंत्र, न्यायपालिका, इतिहास और भूगोल को विनाश से बचाएं।’ बनर्जी ने कहा, ‘‘आप (प्रधान न्यायाधीश) हमारे संविधान के संरक्षक हैं, हम आपके कानूनी संरक्षण में हैं। कृपया जनता की रक्षा करें।’’न्यायमूर्ति सूर्यकांत भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
मीडिया ट्रायल को रोकना होगाबनर्जी ने कहा, ‘आजकल मामलों के निपटारे से पहले ही ‘मीडिया ट्रायल’ का चलन है; इसे भी रोकना होगा।’ एक जनसभा के बाद अपने व्हाट्सएप चैनल पर एक पोस्ट में, श्री बनर्जी ने पश्चिम मेदिनीपुर को एक ऐसी भूमि के रूप में चित्रित किया जिसने औपनिवेशिक विरोधी संघर्ष से लेकर 2011 के राजनीतिक उथल-पुथल तक बार-बार दमन के खिलाफ आवाज उठायी है। गौरतलब है कि वर्ष 2011 में टीएमसी ने पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे के 34 साल के शासन को समाप्त किया था।
उन्होंने पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के लंबे राजनीतिक प्रतिरोध के इतिहास का भी इस मौके पर जिक्र किया। बनर्जी ने लिखा, “अविभाजित मेदिनीपुर की धरती ने ब्रिटिश साम्राज्य की कठोर पकड़ को चुनौती देते हुए अत्याचार, शोषण और अन्याय के खिलाफ प्रतिरोध की गर्जना की थी। उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए, पश्चिम मेदिनीपुर के लोग 2011 में लोकतंत्र की बहाली के लिए अग्रणी भूमिका में खड़े हुए।”राणा संकल्प सभा में भारी जनसमूह की उपस्थिति का जिक्र करते हुए, तृणमूल नेता ने जोर देकर कहा कि यह भीड़ जनता के उस संकल्प को दर्शाती है जो विभाजन और भेदभाव की उन ताकतों को हराना चाहती है, जिन्हें उन्होंने ‘बंगाल-विरोधी विभाजनकारी ताकतें’ बताया।