Author: bharati

  • AR Rahman का स्पष्टीकरण: विवादित बयान को लेकर बोले-भावनाओं को ठेस पहुंचाना मेरा इरादा नहीं था

    AR Rahman का स्पष्टीकरण: विवादित बयान को लेकर बोले-भावनाओं को ठेस पहुंचाना मेरा इरादा नहीं था

    नई दिल्ली। भारतीय संगीत के जादूगर एआर रहमान ने हाल ही में बॉलीवुड में सांप्रदायिक भेदभाव के मुद्दे पर अपनी साफ़गोई भरी प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया और मीडिया में उठी आलोचनाओं के बीच रहमान ने इंस्टाग्राम वीडियो के जरिए अपने दृष्टिकोण और भावनाओं को स्पष्ट किया।

    संगीत का मकसद: जोड़ना, सम्मान देना और प्रेरित करना

    एआर रहमान ने वीडियो में कहा, “मेरे लिए संगीत हमेशा लोगों और संस्कृति से जुड़ने, उन्हें सेलिब्रेट करने और सम्मान देने का जरिया रहा है। भारत सिर्फ मेरा घर नहीं है, बल्कि मेरी प्रेरणा और गुरु भी है। मेरा उद्देश्य कभी किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था। मैं उम्मीद करता हूं कि लोग मेरी ईमानदारी और सच्चे इरादों को समझेंगे।”

    उन्होंने अपने भारतीय होने पर गर्व जताते हुए कहा कि भारत ने उन्हें वह मंच दिया जहां वे पूर्ण स्वतंत्रता के साथ रचनात्मकता दिखा सकते हैं। रहमान ने जोर देकर कहा कि उनका काम विभिन्न संस्कृतियों के लोगों को जोड़ने और संगीत के माध्यम से सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है।

    यादगार प्रोजेक्ट्स और सांस्कृतिक योगदान

    एआर रहमान ने अपने करियर की यादगार परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया, “मैंने जला प्रोजेक्ट में काम किया, नागा संगीतकारों के साथ स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रा बनाया, सनशाइन ऑर्केस्ट्रा को मेंटर किया और सीक्रेट माउंटेन नामक भारत का पहला मल्टीकल्चरल वर्चुअल बैंड स्थापित किया। इसके अलावा, मैंने रामायण के संगीत में हांस जिमर के साथ सहयोग किया।” उनके अनुसार इन सभी अनुभवों ने उनके संगीत के मकसद को और मजबूत किया।

    बीबीसी इंटरव्यू में कहा: कम काम मिलने की वजह रचनात्मक निर्णय

    हाल ही में बीबीसी नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में रहमान ने कहा, “कभी-कभी रचनात्मक निर्णय लेने की ताकत उन लोगों के हाथ में होती है जिनमें असल में क्रिएटिविटी नहीं होती। यह कभी-कभी सांप्रदायिक कारणों से भी हो सकता है, लेकिन यह सीधे तौर पर पता नहीं चलता। अफवाहें आती हैं कि मुझे किसी प्रोजेक्ट में चुना गया था, लेकिन फिर कंपनी ने पांच अन्य कंपोजर्स को हायर कर लिया।”

    संगीत के जरिए संदेश

    वीडियो के अंत में एआर रहमान ने भारत के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की और कहा, “मेरा संगीत हमेशा अतीत का सम्मान करेगा, वर्तमान का जश्न मनाएगा और भविष्य को प्रेरित करेगा। संगीत कभी किसी को चोट पहुँचाने का माध्यम नहीं रहा है, बल्कि यह हमेशा लोगों को जोड़ने और सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान करने का जरिया रहा है।”

  • Australia Tour: वनडे और टी20 के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान, दो नए चेहरे शामिल

    Australia Tour: वनडे और टी20 के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान, दो नए चेहरे शामिल


    नई दिल्ली।
    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई (Board of Control for Cricket in India -BCCI) ने शनिवार को भारत (India) के ऑस्ट्रेलिया दौरे (Australia tour) के लिए वनडे और टी20 टीम का ऐलान कर दिया है। हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की अगुवाई वाली टीम इंडिया अगले महीने यानी फरवरी में ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी, जहां उन्हें तीन मैच की टी20 और इतने ही मैच की वनडे सीरीज खेलनी है। लिमिटेड ओवर सीरीज के बाद भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक टेस्ट मैच भी खेला जाएगा।

    बीसीसीआई ने व्हाइट बॉल सीरीज के लिए वनडे और टी20 टीम का ऐलान कर दिया है। टी20 टीम में श्रेयंका पाटिल की तो वनडे में शेफाली वर्मा की वापसी हुई है, वहीं जी कमलिनी और बायें हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा को पहली बार वनडे टीम में चुना गया है।

    पूरी तरह से फिट श्रेयंका पाटिल ने फरवरी-मार्च में ऑस्ट्रेलिया के आगामी दौरे के लिए T20I टीम में वापसी की है। 2024 T20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए आखिरी बार खेलने के बाद, श्रेयंका 2025 के ज्यादातर समय चोटों की वजह से टीम से बाहर थीं। पिछला WPL मिस करने के बाद, उन्होंने RCB के लिए मौजूदा सीजन में जबरदस्त वापसी की।

    भारत ने मिडिल-ऑर्डर बैटर भारती फुलमाली को भी टीम में वापस बुलाया है, जिन्होंने मार्च 2019 में अपने सिर्फ दो T20I मैच खेले थे। फुलमाली का पिछले साल WPL में शानदार सीजन रहा था। वनडे टीम में शामिल हरलीन देयोल 16 सदस्यीय टी20 टीम में नहीं हैं।

    शानदार प्रदर्शन करने वाली जी कमलिनी ने वनडे टीम में जगह बनाई है, जो विकेट-कीपर की भूमिका भी निभा सकती हैं। राधा यादव और अरुंधति रेड्डी, जो भारत की वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम की एकमात्र सदस्य थीं जिन्होंने टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं खेला था, उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया है, जबकि काश्वी गौतम को टीम में शामिल किया गया है।

    ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वनडे और टी20 दोनों टीमों की कप्तान हरमनप्रीत कौर होंगी जबकि स्मृति मंधाना उपकप्तान होंगी। BCCI बाद में एक ही टेस्ट मैच के लिए टीम का ऐलान करेगा। दौरे का व्हाइट-बॉल लेग 15 फरवरी को SCG में पहले T20I से शुरू होगा, अगले दो मैच 19 और 21 फरवरी को क्रमशः मनुका ओवल और एडिलेड ओवल में होंगे। कुछ दिनों के ब्रेक के बाद, एक्शन ब्रिस्बेन में शिफ्ट हो जाएगा, जहां 24 फरवरी को एलन बॉर्डर फील्ड में पहला ODI खेला जाएगा। अगले दो ODI 27 फरवरी और 1 मार्च को होने हैं – दोनों होबार्ट के बेलेरिव ओवल में होंगे।

    भारत की T20I टीम: हरमनप्रीत कौर (C), स्मृति मंधाना (VC), शैफाली वर्मा, रेणुका ठाकुर, श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (WK), जी कमलिनी (WK), अरुंधति रेड्डी, अमनजोत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, श्रेयंका पाटिल

    भारत की ODI टीम: हरमनप्रीत कौर (C), स्मृति मंधाना (VC), शैफाली वर्मा, रेणुका ठाकुर, श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (WK), जी कमलिनी (WK), काश्वी गौतम, अमनजोत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, हरलीन देओल

  • क्रिकेट अपडेट: भारत–न्यूजीलैंड तीसरा वनडे, जानें मैच के प्रमुख और रोचक आंकड़े

    क्रिकेट अपडेट: भारत–न्यूजीलैंड तीसरा वनडे, जानें मैच के प्रमुख और रोचक आंकड़े

    नई दिल्ली।  भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज का निर्णायक मुकाबला रविवार को होल्कर स्टेडियम, इंदौर में खेला जाएगा। दोनों टीमों ने अब तक एक-एक मुकाबला जीता है, और इस मैच से ही सीरीज की ट्रॉफी का मालिक तय होगा।

    कीवी टीम के लिए इतिहास बदलने का मौका

    इतिहास बताता है कि भारत की सरजमीं न्यूजीलैंड के लिए हमेशा कठिन रही है। भारत में अब तक खेली गई सात द्विपक्षीय वनडे सीरीज में कीवी टीम ने एक भी जीत नहीं दर्ज की। कुल मिलाकर भारत में खेले गए 41 वनडे मुकाबलों में से न्यूजीलैंड सिर्फ नौ में सफल रहा है। ऐसे में यह मुकाबला मेहमान टीम के लिए इतिहास बदलने का दुर्लभ अवसर होगा।

    बल्लेबाज़ी और ओवर की रणनीति पर नजर

    हालिया आंकड़े बताते हैं कि न्यूजीलैंड का बल्लेबाज़ी प्रदर्शन स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ शानदार रहा है। बीच के ओवरों में रन दर उच्च और डॉट बॉल प्रतिशत न्यूनतम रहने से भारतीय स्पिन आक्रमण को कड़ी चुनौती मिल सकती है।

    वहीं भारत के लिए अंतिम ओवर चिंता का विषय है। पिछले विश्व कप से लेकर अब तक अंतिम दस ओवरों में टीम की रन गति अपेक्षा के अनुसार नहीं रही है। हालांकि, टॉप ऑर्डर की आक्रामक शुरुआत और बीच के ओवरों में मजबूत प्रदर्शन टीम को संतुलन देता रहा है।

    व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर सभी की नजर

    विराट कोहली ने हाल की सीरीज में अपनी बल्लेबाजी की रणनीति बदलते हुए शुरुआत से रन गति तेज की है। शुभमन गिल सिर्फ 70 रन दूर हैं अपने वनडे करियर में 3000 रन पूरे करने से। यदि वह अगले छह मैचों में यह आंकड़ा पूरा कर लेते हैं, तो दुनिया के सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले खिलाड़ियों में दूसरा स्थान हासिल करेंगे।

    न्यूज़ीलैंड के डैरिल मिचेल भी तेजी से रिकॉर्ड की दौड़ में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने अब तक 53 पारियों में 2553 रन बनाए हैं और शुभमन गिल तथा हाशिम अमला के रिकॉर्ड को चुनौती दे सकते हैं।

    रविंद्र जडेजा घरेलू मैदान पर बड़ी पारी की तलाश में हैं। उन्होंने भारत में वनडे में अब तक सिर्फ दो बार 50+ रन बनाए हैं, और आखिरी बार ऐसा दस साल से भी पहले हुआ था।

    तीसरा वनडे न केवल टीम के लिए बल्कि व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी रोमांचक होने वाला है। फैंस को विराट, गिल और जडेजा से बड़ी पारियों की उम्मीद है।

  • सना खान ने तोड़ी चुप्पी: पति ने नहीं किया ब्रेनवॉश, मैंने खुद लिया बॉलीवुड छोड़ने का फैसला

    सना खान ने तोड़ी चुप्पी: पति ने नहीं किया ब्रेनवॉश, मैंने खुद लिया बॉलीवुड छोड़ने का फैसला



    नई दिल्ली। टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस सना खान ने 2020 में अचानक फिल्म और टीवी इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया था। उस वक्त चर्चा तेज थी कि उनके पति ने उनका ब्रेनवॉश किया है, इसलिए उन्होंने बॉलीवुड छोड़ा। लेकिन अब सना ने रश्मि देसाई के पॉडकास्ट में खुलकर कहा है कि यह सच नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद ही अपने जीवन में बदलाव और शांति की चाहत के चलते इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला लिया था।
    सना ने कहा कि उनकी शादी अरेंज थी और वह इसे पूरी तरह गोपनीय रखना चाहती थीं। उनकी शादी का नाम उनकी मां-पिता के अलावा किसी को नहीं पता था। उन्होंने बताया कि मेहंदी के समय तक उन्होंने दूल्हे का नाम किसी से साझा नहीं किया था। सना ने कहा कि वे एक नई जिंदगी की ओर जा रही थीं और उनके पति ने उन्हें इस बदलाव में गाइड किया।

    लोगों ने उन्हें ब्रेनवॉश का शिकार मान लिया क्योंकि वे पहले बिना हिजाब के दिखती थीं और फिर अचानक बुर्का पहनने लगीं। सना ने साफ कहा कि कोई भी आपको ब्रेनवॉश नहीं कर सकता जब तक आप खुद नहीं चाहते।

    उन्होंने कहा कि उन्हें शांति चाहिए थी और फेम, पैसा या स्टेटस के बाद भी हर इंसान की चाहत यही होती है।

    सना ने यह भी बताया कि उन्होंने इंडस्ट्री इसलिए छोड़ी क्योंकि उन्हें अपने आसपास का माहौल सही नहीं लग रहा था और उनके कुछ फैसले गलत दिशा में जा रहे थे। उन्होंने अपने पति अनस सैयद के साथ रिश्ते को बहुत अहमियत दी और कहा कि अनस और उनके परिवार ने शादी के सभी खर्चे भी संभाले थे। अब सना और अनस के दो बच्चे हैं और वे अपनी नई जिंदगी में खुश हैं।

  • शहडोल के धनपुरी का देश में डंका: दिल्ली में सम्मानित हुईं CMO पूजा बुनकर, डिकार्बनाइजेशन में नगर परिषद ने पेश की मिसाल

    शहडोल के धनपुरी का देश में डंका: दिल्ली में सम्मानित हुईं CMO पूजा बुनकर, डिकार्बनाइजेशन में नगर परिषद ने पेश की मिसाल


    शहडोल । पर्यावरण संरक्षण और ग्लोबल वार्मिंग जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच मध्यप्रदेश के शहडोल जिले की एक छोटी सी नगर परिषद ने देश के सामने बड़ी नजीर पेश की है। नई दिल्ली में आयोजित ‘डिकार्बनाइजेशन भारतीय शहर संवाद एवं विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला’ में धनपुरी नगर परिषद को शून्य कार्बन उत्सर्जन की दिशा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। अखिल भारतीय स्थानीय स्वशासन संस्थान द्वारा आयोजित इस गरिमामयी समारोह में धनपुरी की मुख्य नगरपालिका अधिकारी CMO पूजा बुनकर को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है।

    महानगरों को पीछे छोड़ धनपुरी ने किया कमाल अक्सर माना जाता है कि कार्बन उत्सर्जन कम करने और डिकार्बनाइजेशन जैसे जटिल लक्ष्य केवल बड़े महानगरों तक सीमित हैं। लेकिन धनपुरी नगर परिषद ने इस धारणा को तोड़ दिया है। कार्यशाला में मौजूद देशभर के शहरी विकास विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के बीच धनपुरी द्वारा किए गए नवाचारों की जमकर सराहना की गई। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के भारतीय प्रमुख एवं वरिष्ठ सलाहकार हितेश वैद्य ने धनपुरी के प्रयासों को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि यदि धनपुरी जैसा छोटा शहर संकल्प ले सकता है, तो यह वैश्विक स्तर पर एक मिसाल है। यह साबित करता है कि पर्यावरण बचाने की इच्छाशक्ति भौगोलिक सीमाओं की मोहताज नहीं होती।

    शून्य कार्बन उत्सर्जन का बड़ा संकल्प राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने के बाद CMO पूजा बुनकर ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह उपलब्धि नगर परिषद की पूरी टीम और नागरिकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने संकल्प लिया कि धनपुरी नगर परिषद शत-प्रतिशत शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर काम करेगी। पूजा बुनकर ने बताया कि दिल्ली में प्राप्त तकनीकी प्रशिक्षण और नीतिगत ज्ञान का उपयोग कर धनपुरी को मध्यप्रदेश की पहली ‘डिकार्बनाइजेशन सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा।

    विकास और पर्यावरण का संतुलन नगर विकेंद्रीकरण पहल के तहत धनपुरी ने कचरा प्रबंधन, ऊर्जा की बचत और हरियाली बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में जो मॉडल पेश किया है, उसकी गूंज अब राष्ट्रीय राजधानी तक पहुँच गई है। इस उपलब्धि पर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर है। जानकारों का मानना है कि ऐसे प्रयास न केवल प्रदूषण कम करने में सहायक होंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सतत और स्वस्थ शहरी जीवन की नींव रखेंगे।

  • गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली समेत कई शहरों में आतंकी हमले की साजिश… सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली समेत कई शहरों में आतंकी हमले की साजिश… सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) में लालकिला ब्लास्ट (Red Fort blast) के बाद से सतर्क खुफिया एजेंसियों (Intelligence agencies.) ने गणतंत्र दिवस (गणतंत्र दिवस) से पहले दिल्ली समेत कई राज्यों में बांग्लादेशी आतंकियों (Bangladeshi terrorists) के हमले को लेकर अलर्ट जारी किया है। एजेंसियों को सतर्क किया गया है कि बांग्लादेशी आतंकी संगठन और खालिस्तान समर्थित संगठन तबाही की साजिश रच रहे हैं।

    दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड में रहने की सलाह दी गई है। साथ ही इन आतंकी संगठनों पर पैनी नजर रखने को कहा गया है।


    एक साथ निशाना बनाने की साजिश

    खुफिया इनपुट के मुताबिक, आतंकी संगठन दिल्ली समेत देश के कई शहरों को एक साथ निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। अलर्ट में कहा गया कि गणतंत्र दिवस से ठीक पहले उत्तर भारत के कुछ शहरों में सक्रिय गैंगस्टरों की इसमें विशेष भूमिका हो सकती है।


    पंजाब के गिरोह मदद कर रहे

    सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क करते हुए कहा गया कि पंजाब में सक्रिय स्थानीय अपराधिक गिरोह और उनके सरगना पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से देश में तबाही मचाने की कोशिश कर रहे हैं।


    स्लीपर सेल भी सक्रिय

    खुफिया एजेंसियों के अनुसार, कुछ स्लीपर सेल और गैंगस्टरों के गुर्गे विदेश से संचालित खालिस्तान समर्थक और कट्टरपंथी संगठनों के आकाओं के इशारे पर काम कर रहे हैं। ये तत्व कट्टरपंथी युवाओं को खालिस्तान समर्थक संदिग्धों से जोड़ने की भी कोशिश कर रहे हैं।


    आईएसआई की भूमिका

    खालिस्तानी संगठनों, बांग्लादेशी आतंकी समूहों के एजेंडे को आगे बढ़ाने में आईएसआई सक्रिय है। आंतरिक सुरक्षा पर हमला करने के लिए आपराधिक नेटवर्क के इस्तेमाल की योजना है। ये संदिग्ध गैंगस्टर हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय हैं और खालिस्तानी आतंकी तत्वों से संपर्क बढ़ा रहे हैं।


    दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, चार मॉक ड्रिल की गईं

    दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में मॉक ड्रिल कर सुरक्षा तैयारियों का आकलन किया। जनवरी के पहले पखवाड़े में चार मॉक ड्रिल आयोजित की गईं। इन मॉक ड्रिल में लाल किला, आईएसबीटी कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, खारी बावली, सदर बाजार और मेट्रो स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान शामिल रहे। इसका उद्देश्य आतंकी घटनाओं से निपटने की तैयारी मजबूत करना और आम लोगों को सतर्क करना है।


    कार धमाके में 15 मरे थे

    दिल्ली में पिछले वर्ष 10 नवंबर को लालकिले के करीब मेट्रो स्टेशन के पास कार में आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी। इस मामलें में डॉक्टर समेत कई आरोपी गिरफ्तार किए गए थे।

  • फिटनेस सीक्रेट्स: आमिर खान ने बताया कैसे डाइट और नींद बनाए रखते हैं उनकी सेहत

    फिटनेस सीक्रेट्स: आमिर खान ने बताया कैसे डाइट और नींद बनाए रखते हैं उनकी सेहत

    नई दिल्ली।  शहर में आयोजित मैराथन में बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपनी बेटी इरा खान, फिल्ममेकर किरण राव और अभिनेता डिनो मोरिया के साथ हिस्सा लिया। मैराथन के दौरान आमिर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “मुझे यहां आकर बेहद मज़ा आ रहा है और जो उत्साह दिव्यांगजनों और सीनियर सिटीजन में देखने को मिला, वह काबिले-तारीफ है। जिस जुनून के साथ लोग इस मैराथन में हिस्सा लेते हैं, वह मुझे हर साल यहां आने के लिए प्रेरित करता है।”

    बेटी का आग्रह और आमिर का अनुभव

    आमिर ने बताया कि इस मैराथन में शामिल होने का सुझाव उनकी बेटी इरा खान ने दिया था। आमिर ने कहा, “शुरुआत में मुझे लगा कि चुनौती बड़ी होगी, लेकिन अब महसूस हो रहा है कि यह फैसला बिल्कुल सही था। यह अनुभव न केवल शरीर के लिए बल्कि मानसिक तौर पर भी बहुत प्रेरणादायक है।”

    फिटनेस मंत्र: डाइट, नींद और वर्कआउट

    आमिर खान ने फिटनेस को लेकर खुलकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, “फिटनेस का सबसे पहला और सबसे अहम नियम डाइट है। इंसान वही होता है जो वह खाता है। इसके बाद सबसे जरूरी है नींद। रोजाना 8 घंटे की नींद से ही शरीर और दिमाग दोनों स्वस्थ रहते हैं। तीसरे नंबर पर आता है वर्कआउट, लेकिन सही डाइट और नींद के बिना सिर्फ एक्सरसाइज से फिट नहीं रहा जा सकता।”

    इरा खान की मानसिक स्वास्थ्य पहल

    आमिर की बेटी इरा खान भी इस मैराथन में शामिल हुईं। इरा मानसिक स्वास्थ्य को लेकर लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि फिटनेस केवल शरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक सेहत से यह गहराई से जुड़ी है। उनके अनुसार, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

    किरण राव का नजरिया: मैराथन सबको जोड़ता है

    फिल्ममेकर किरण राव ने इस मैराथन को समान मंच बताया। उन्होंने कहा, “इस मैराथन की सबसे बड़ी खूबी यही है कि इसमें प्रोफेशनल रनर से लेकर पहली बार भाग लेने वाले लोग, दिव्यांग और सीनियर सिटीजन सब एक साथ नजर आते हैं। यह एक ऐसा आयोजन है जो हर वर्ग के लोगों को जोड़ता है और फिटनेस के महत्व को दर्शाता है।”

    मैराथन ने आमिर खान और उनके परिवार के लिए स्वास्थ्य, प्रेरणा और एकजुटता का संदेश दिया।

  • ठंड में स्किन ड्राई हो रही है? ये फेस पैक हटाएंगे कालापन और देंगे जवां लुक

    ठंड में स्किन ड्राई हो रही है? ये फेस पैक हटाएंगे कालापन और देंगे जवां लुक


    नई दिल्ली। सर्दियों में ठंडी हवा और ड्राई स्किन की वजह से चेहरे पर रूखापन, कालापन और उम्र के असर जल्दी दिखने लगते हैं। साथ ही लोग धूप में बैठकर गर्माहट लेते हैं, जिससे त्वचा पर टैनिंग और काला पन बढ़ जाता है। अगर इस मौसम में स्किन केयर छोड़ दिया जाए तो निखार भी गायब होने लगता है। ऐसे में घर पर बने नेचुरल फेस पैक से आप अपनी त्वचा को ग्लो, नमी और जवांपन दे सकते हैं।
    1) ओट्स-दूध फेस पैक (डेड स्किन हटाए, स्किन को हाइड्रेट करे)
    सर्दियों में ग्लो और नरमी बनाए रखने के लिए ओट्स और दूध का फेस पैक बहुत फायदेमंद है।
    बनाने का तरीका:2 बड़े चम्मच ओट्स लें और उसमें 3 बड़े चम्मच दूध मिलाकर पेस्ट बना लें।
    चेहरे पर 15-20 मिनट लगाकर फिर धो लें।

    फायदा:ओट्स स्किन की डेड सेल्स हटाकर एक्सफोलिएट करता है, वहीं दूध स्किन को हाइड्रेट करके नरम बनाता है।

    2) शहद-नींबू फेस पैक (ग्लो और ब्राइटनिंग)
    शहद में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं और यह स्किन को नर्म बनाता है। नींबू त्वचा की रंगत को हल्का कर ब्राइटनेस देता है।
    बनाने का तरीका:1 चम्मच शहद में 2-3 बूंद नींबू का रस मिलाएं, जरूरत अनुसार गुलाबजल डालकर पेस्ट तैयार करें।
    चेहरे को हल्का गीला करके 10-15 मिनट लगाएं और फिर धो लें।
    सावधानियां:अगर आपकी स्किन संवेदनशील है, तो नींबू की मात्रा कम रखें और धूप में बाहर जाने से पहले यह पैक न लगाएं।

    3) कॉफी फेस पैक (टैनिंग हटाने के लिए बेस्ट)
    धूप से हुए कालेपन और टैनिंग को हटाने के लिए कॉफी फेस पैक असरदार है।
    बनाने का तरीका:2 चम्मच कॉफी पाउडर + 1 चम्मच शहद + जरूरत अनुसार दूध मिलाकर पेस्ट बनाएं।
    15-20 मिनट बाद धो लें।
    फायदा:कॉफी स्किन को एक्सफोलिएट कर टैनिंग कम करती है, शहद से त्वचा नरम होती है और दूध से हाइड्रेशन मिलता है।
    4) पपीते का फेस पैक (स्किन में ग्लो और ब्राइटनेस)
    पपीता विटामिन-सी और एंजाइम से भरपूर होता है, जो स्किन को ग्लो देता है।
    बनाने का तरीका:
    एक पका पपीता मैश करके उसमें थोड़ा कच्चा दूध मिलाएं।
    पेस्ट को चेहरे पर 10-15 मिनट लगाकर धो लें।
    फायदा:पपीता त्वचा की डेड सेल्स हटाकर ग्लो बढ़ाता है और दूध त्वचा को नरम बनाए रखता है।
  • Ind vs NZ: तीसरा ODI आज इंदौर के होलकर स्टेडियम में.. जानें कैसा रहेगा पिच का मिजाज

    Ind vs NZ: तीसरा ODI आज इंदौर के होलकर स्टेडियम में.. जानें कैसा रहेगा पिच का मिजाज


    इंदौरः
    इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) तीन मैच की वनडे सीरीज (Three-match ODI series) का तीसरा और निर्णायक मुकाबला आज यानी रविवार, 18 जनवरी को खेला जाना है। India vs New Zealand तीसरा वनडे इंदौर के होलकर स्टेडियम (Holkar Stadium, Indore) में खेला जाएगा। सीरीज का पहला मैच 4 विकेट से जीतकर भारत ने जोरदार आगाज किया था, मगर दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड की टीम ने जोरदार वापसी की। डेरिल मिशेल के शतक के दम पर न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराकर सीरीज में रोमांच का तड़का लगाया था। आज का मैच जीतने वाली टीम सीरीज पर कब्जा जमाएगी। तो आईए ऐसे में एक नजर भारत बनाम न्यूजीलैंड पिच रिपोर्ट (Pitch Report) पर डालते हैं-

    होलकर स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती है। यहां की समान उछाल वाली पिच और छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों को खूब रास आती है। ऐसे में आज फैंस एक हाईस्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद कर सकते हैं। जानकारी के लिए बता दें, यह वही मैदान है जिस पर वीरेंद्र सहवाग ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दोहरा शतक जड़ा था। आज के मुकाबले में भी दोनों टीमों की ओर से कई शतक दिख सकते हैं। आखिरी बार टीम इंडिया ने इस मैदान पर 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच खेला था, जहां शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने शतक जड़े थे और भारत ने 399 रन बोर्ड पर लगाए थे। टीम इंडिया यह मैच 99 रन से जीती थी। आज भी टॉस जीतने वाले कप्तान की नजरें पहले बैटिंग करने पर होगी।

    इंदौर होलकर स्टेडियम ODI आंकड़े
    मैच- 7

    – होम टीम द्वारा जीते गए मैच- 7 (100.00%)
    – टूरिंग टीम द्वारा जीते गए मैच 0 (0.00%)
    – पहले बैटिंग करके जीते गए मैच- 5 (71.43%)
    – टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 2 (28.57%)
    – टॉस जीतकर जीते गए मैच- 4 (57.14%)
    – टॉस हारकर जीते गए मैच- 3 (42.86%)
    – हाईएस्ट स्कोर- 418/5
    – लोएस्ट स्कोर- 217
    – हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 294/5
    – प्रति विकेट औसत रन- 37.34
    – प्रति ओवर औसत रन- 6.31
    – पहले बैटिंग करने का औसत स्कोर- 332


    इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड स्क्वॉड

    भारत टीम: रोहित शर्मा, शुभमन गिल(c), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल(w), रवींद्र जडेजा, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, आयुष बडोनी, यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल

    न्यूजीलैंड टीम: डेवोन कॉनवे, हेनरी निकोल्स, विल यंग, ​​डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, मिशेल हे(w), माइकल ब्रेसवेल(c), ज़ैकरी फाउल्क्स, क्रिस्टियन क्लार्क, काइल जैमीसन, जेडन लेनोक्स, निक केली, आदित्य अशोक, जोश क्लार्कसन, माइकल रे

  • पानी में ज्यादा देर रहते ही क्यों सिकुड़ने लगती हैं उंगलियां? जानें इसके पीछे का साइंस

    पानी में ज्यादा देर रहते ही क्यों सिकुड़ने लगती हैं उंगलियां? जानें इसके पीछे का साइंस

    नई दिल्ली।  पानी में उंगलियों का सिकुड़ना स्किन नहीं, दिमाग का कमाल है. यह शरीर की एक स्मार्ट ट्रिक है, जो गीली चीजें पकड़ने में हमारी मदद करती है. आइए जान लेते हैं कि ऐसा क्यों होता है?
    पानी में उंगलियां सिकुड़ना
    आपने भी गौर किया होगा कि नहाते समय या ज्यादा देर तक पानी में रहने के बाद अचानक आपकी उंगलियां सिकुड़ जाती हैं और उन पर झुर्रियां सी बन जाती हैं. पहली नजर में लगता है जैसे त्वचा ने पानी सोख लिया हो, लेकिन असली कहानी इससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है. यह बदलाव सिर्फ त्वचा का नहीं, बल्कि हमारे दिमाग और नसों का कमाल है. यही वजह है कि वैज्ञानिक इसे शरीर की एक स्मार्ट ट्रिक मानते हैं.

    पानी में जाते ही उंगलियां क्यों बदल जाती हैं?

    जब हम लंबे समय तक पानी में रहते हैं, तो हाथों और पैरों की उंगलियों की त्वचा धीरे-धीरे सिकुड़ने लगती है. आमतौर पर लोग मान लेते हैं कि स्किन ने पानी सोख लिया है, लेकिन वैज्ञानिक रिसर्च बताती है कि इसका कारण पानी नहीं, बल्कि हमारा नर्वस सिस्टम है. यह पूरी प्रक्रिया दिमाग के कंट्रोल में होती है और इसे एक न्यूरोलॉजिकल रिएक्शन माना जाता है.

    दिमाग कैसे देता है सिकुड़ने का सिग्नल?

    जैसे ही उंगलियां पानी में ज्यादा देर तक रहती हैं, वहां मौजूद नसें एक्टिव हो जाती हैं. ये नसें दिमाग को संकेत भेजती हैं, जिसके बाद ब्लड वेसल्स यानी खून की नलिकाएं सिकुड़ने लगती हैं. जब उंगलियों में खून की मात्रा कम हो जाती है, तो ऊपर की त्वचा अंदर की ओर खिंच जाती है. इसी खिंचाव की वजह से स्किन पर झुर्रियां दिखाई देने लगती हैं.

    क्या यह कोई बीमारी है?

    नहीं, बिल्कुल नहीं. पानी में उंगलियों का सिकुड़ना पूरी तरह से सामान्य प्रक्रिया है. बल्कि डॉक्टर इसे इस बात का संकेत मानते हैं कि आपकी नसें सही तरीके से काम कर रही हैं. दिलचस्प बात यह है कि जिन लोगों की नसों में गंभीर नुकसान होता है, उनकी उंगलियां पानी में भी नहीं सिकुड़तीं हैं. यानी यह झुर्रियां दिखना शरीर के हेल्दी होने का एक इशारा भी है.

    सिकुड़ने से हमें क्या फायदा मिलता है?

    यह बदलाव सिर्फ देखने के लिए नहीं होता, बल्कि इसके पीछे एक फायदा भी छिपा है. सिकुड़ी हुई उंगलियों से गीली चीजों को पकड़ना आसान हो जाता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि झुर्रियों की वजह से स्किन पर ग्रूव्स बन जाते हैं, जिससे पानी बाहर निकल जाता है और पकड़ मजबूत हो जाती है. ठीक वैसे ही जैसे गाड़ी के टायरों में बनी ग्रिप गीली सड़क पर मदद करती है.

    शरीर की स्मार्ट डिजाइन

    इंसान का शरीर हालात के हिसाब से खुद को ढालने में माहिर है. पानी में उंगलियों का सिकुड़ना उसी का एक उदाहरण है. यह प्रक्रिया अपने आप शुरू होती है और पानी से बाहर आते ही धीरे-धीरे खत्म भी हो जाती है. इसमें किसी तरह की दवा या इलाज की जरूरत नहीं होती.

    कब हो सकता है चिंता का विषय?

    अगर लंबे समय तक पानी में रहने के बाद भी उंगलियां बिल्कुल नहीं सिकुड़तीं, तो डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है. यह नसों से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकता है. हालांकि ज्यादातर मामलों में यह पूरी तरह नॉर्मल होता है और चिंता की कोई बात नहीं होती है.