Author: bharati

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल से वित्त आयोग अध्यक्ष पवैया की मुलाकात प्रदेश विकास में सक्रिय भूमिका पर जोर

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल से वित्त आयोग अध्यक्ष पवैया की मुलाकात प्रदेश विकास में सक्रिय भूमिका पर जोर


    भोपाल । भोपाल स्थित राजभवन में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण औपचारिक मुलाकात देखने को मिली जब राज्यपाल मंगुभाई पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने सौजन्य भेंट की इस दौरान आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने राज्य वित्त आयोग का कार्यभार ग्रहण करने की जानकारी राज्यपाल को दी और आगामी कार्ययोजना को लेकर चर्चा की

    ज्ञात हो कि 23 मार्च 2026 को जयभान सिंह पवैया ने आयोग के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था उनके साथ आयोग के सदस्य के के सिंह और सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार ने भी अपने अपने दायित्व ग्रहण किए हैं इस नई जिम्मेदारी के साथ आयोग अब राज्य के वित्तीय ढांचे को मजबूत करने और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में कार्य करेगा

    मुलाकात के दौरान राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने वित्त आयोग की भूमिका कार्यप्रणाली और विभिन्न गतिविधियों को लेकर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया उन्होंने कहा कि राज्य वित्त आयोग प्रदेश के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण कड़ी है और इसे अपने उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करते हुए वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए

    राज्यपाल ने यह भी अपेक्षा जताई कि आयोग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ करेगा जिससे प्रदेश के विकास को नई दिशा मिल सके उन्होंने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सौंपे गए दायित्वों का निष्ठा के साथ पालन करना ही राज्य और देश की सच्ची सेवा है

    इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि आयोग को दिए गए सभी दायित्वों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ किया जाएगा उन्होंने कहा कि आयोग राज्य के विकास में अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए पूरी तरह तत्पर है और वित्तीय व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य करेगा

    यह मुलाकात केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श का एक सशक्त मंच भी रही जिसमें भविष्य की योजनाओं और प्राथमिकताओं को लेकर सकारात्मक संकेत मिले अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य वित्त आयोग अपने कार्यों के माध्यम से प्रदेश के आर्थिक और विकासात्मक लक्ष्यों को किस प्रकार गति प्रदान करता है

  • भारत की क्रिटिकल मिनरल्स खोज, स्टार्टअप माइनिंग को बढ़ावा, आयात निर्भरता कम करने पर जोर: डॉ. जितेंद्र सिंह

    भारत की क्रिटिकल मिनरल्स खोज, स्टार्टअप माइनिंग को बढ़ावा, आयात निर्भरता कम करने पर जोर: डॉ. जितेंद्र सिंह


    नई दिल्ली। केंद्रीय सरकार अब क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों) की खोज को तेजी से बढ़ाने और माइनिंग सेक्टर में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को दी। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल आयात पर निर्भरता कम करेगा, बल्कि देश में मजबूत घरेलू सप्लाई चेन तैयार करने में भी मदद करेगा। एनएमईटी (राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण और विकास ट्रस्ट) की बैठक में बोलते हुए मंत्री ने लिथियम जैसे खनिजों पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि ये खनिज नई तकनीकों और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद अहम हैं।

    मंत्री ने बताया कि भारत अब स्टार्टअप-आधारित माइनिंग इकोसिस्टम तैयार करने और घरेलू वैल्यू चेन मजबूत करने पर काम कर रहा है। राजस्थान के सिवाना क्षेत्र और जम्मू-कश्मीर के सलाल-हैमना ब्लॉक में चल रहे प्रोजेक्ट इसका उदाहरण हैं, जिन्हें और क्षेत्रों में विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स को माइनिंग सेक्टर में आने के लिए अनुकूल माहौल बनाना जरूरी है। बायोटेक स्टार्टअप्स की सफलता को उदाहरण बताते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि इसी तरह संस्थागत समर्थन और प्रोत्साहन से माइनिंग सेक्टर में भी नई तकनीकों और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।

    सरकार निजी एक्सप्लोरेशन एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने, प्रोजेक्ट्स में देरी कम करने और मंजूरी प्रक्रिया सरल बनाने के उपाय कर रही है। खासकर वन (फॉरेस्ट) क्लियरेंस जैसी बाधाओं को दूर करना इस दिशा में प्राथमिकता है। मंत्री ने बताया कि अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल से काम की गति बढ़ाई जा सकती है। तेज मंजूरी, समय पर प्री-एक्सप्लोरेशन क्लीयरेंस और बेहतर खरीद प्रणाली से खनिज खोज की प्रक्रिया और तेजी से आगे बढ़ेगी।

    डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा कि आयात पर निर्भरता कम करने के लिए पूरी घरेलू सप्लाई चेन विकसित करना जरूरी है, जिसमें प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन भी शामिल हैं। उनका मानना है कि इस पहल से भारत खुद अपनी खनिज जरूरतों में आत्मनिर्भर बन सकता है और साथ ही वैश्विक मांग के अनुरूप रणनीतिक रूप से अपनी खोज गतिविधियों को ढाल सकता है।

  • RCB vs SRH में 549 रन का धमाका, 38 छक्के और 43 चौके, IPL का रोमांचक मुकाबला

    RCB vs SRH में 549 रन का धमाका, 38 छक्के और 43 चौके, IPL का रोमांचक मुकाबला


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 की शुरुआत भले ही 28 मार्च को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के मुकाबले से होगी, लेकिन क्रिकेट प्रेमियों के लिए 15 अप्रैल 2024 का वह मैच हमेशा यादगार रहेगा। इस दिन आरसीबी और एसआरएच ने कुल मिलाकर 549 रन बनाए, जिसमें 38 छक्के और 43 चौके शामिल थे। यह आईपीएल इतिहास में एक ही मैच में दोनों टीमों का सबसे बड़ा स्कोर रिकॉर्ड बन गया। विशेष रूप से, एसआरएच ने 287/3 रन बनाकर किसी टीम का आईपीएल में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर दर्ज किया।

    एसआरएच की धमाकेदार पारी और हेड की शतक जैसी पारी
    बेंगलुरु के मैदान पर पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद ने सिर्फ 3 विकेट गंवाकर 287 रन का विशाल स्कोर बनाया। सलामी जोड़ी अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड ने 8.1 ओवर में 108 रन जोड़कर शानदार शुरुआत दी। अभिषेक शर्मा 22 गेंदों में 34 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन ट्रेविस हेड ने हेनरिक क्लासेन के साथ 26 गेंदों में 57 रन की साझेदारी कर टीम को ऊंचा स्कोर दिलाया। हेड ने अपनी 41 गेंदों की पारी में 8 छक्के और 9 चौके जड़ते हुए 102 रन बनाए।

    इसके बाद क्लासेन ने एडेन मार्करम के साथ तीसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। क्लासेन ने सिर्फ 31 गेंदों में 7 छक्के और 2 चौकों की मदद से 67 रन बनाए। अंत में मार्करम (नाबाद 32) और अब्दुल समद (नाबाद 37) ने चौथे विकेट के लिए 56 रन की अटूट साझेदारी करते हुए टीम का स्कोर 287 तक पहुंचाया। लॉकी फर्ग्यूसन ने सर्वाधिक 2 विकेट लिए, जबकि रीस टॉपले ने 1 विकेट हासिल किया।

    आरसीबी की चुनौती और कार्तिक की वीरता
    आरसीबी ने निर्धारित ओवरों में 7 विकेट खोकर 262 रन ही बना सके। सलामी बल्लेबाज विराट कोहली और कप्तान फाफ डुप्लेसिस ने 6.2 ओवर में 80 रन जोड़कर टीम को शानदार शुरुआत दी। कोहली ने 20 गेंदों में 42 रन बनाए, जिसमें 2 छक्के और 6 चौके शामिल थे। इसके बाद विकेटों का पतझड़ लग गया और आरसीबी ने 122 रन तक 5 विकेट गंवा दिए। फाफ डुप्लेसिस ने 62 रन बनाकर पवेलियन लौटे।

    दिनेश कार्तिक ने 35 गेंदों में 7 छक्के और 5 चौकों की मदद से 83 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन जीत नहीं दिला सके। पैट कमिंस ने एसआरएच के लिए सर्वाधिक 3 विकेट लिए, मयंक मार्कंडे ने 2 और टी नटराजन ने 1 विकेट हासिल किया। इस तरह, यह मुकाबला सिर्फ 549 रन और 81 छक्कों–चौकों का रिकॉर्ड ही नहीं बना, बल्कि आईपीएल के इतिहास में सबसे रोमांचक बल्लेबाजी महायुद्ध के रूप में दर्ज हुआ।

  • सिलाव की मंजुला ने 'PMFME' योजना से खड़ा किया 10 लाख का मसाला उद्योग, 30 से अधिक को रोजगार

    सिलाव की मंजुला ने 'PMFME' योजना से खड़ा किया 10 लाख का मसाला उद्योग, 30 से अधिक को रोजगार


    नई दिल्ली। बिहार के सिलाव प्रखंड के सरीचक गांव की मंजुला कुमारी ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से महिलाओं के लिए स्वावलंबन की नई कहानी लिखी है। कभी छोटे स्तर पर हल्दी पीसकर लोकल मार्केट में बेचने वाली मंजुला ने अब ‘पीएमएफएमई’ (प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन) योजना की मदद से 10 लाख रुपए की लागत से सरीचक एंटरप्राइजेज नामक मसाला उद्योग स्थापित किया है। इस उद्योग के माध्यम से उन्होंने 30 से अधिक लोगों को रोजगार दिया है और इलाके के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। मंजुला ने बाजार में उपलब्ध मसालों से अलग शुद्धता और गुणवत्ता पर खास जोर दिया है। उनकी यूनिट में हल्दी, मिर्च, धनिया और गरम मसाले पीसने के लिए अलग-अलग मशीनें लगी हैं, ताकि ग्राहकों को 100 प्रतिशत शुद्ध मसाले मिल सकें।

    मंजुला कुमारी ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि वह पहले से ही हल्दी का छोटा व्यवसाय करती थीं, लेकिन बढ़ती मांग पूरी करना मुश्किल था। इसी बीच, जीविका कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली। मंजुला ने बड़े स्तर पर व्यवसाय शुरू करने की सोच से आवेदन किया और बड़गांव के केनरा बैंक से 7.21 लाख रुपये का लोन प्राप्त किया। अपनी जमा पूंजी के साथ उन्होंने कुल 10 लाख रुपए से अपनी यूनिट लगाई। उन्होंने बताया कि आमतौर पर लोग एक ही मशीन में सारे मसाले पीसते हैं, लेकिन उनकी हल्दी मशीन पूरी तरह अलग है। इसके अलावा उनके पास जीरा, धनिया, मिर्च, गोलकी और विभिन्न गरम व सब्जी मसाले तैयार करने की सुविधाएं हैं।

    शुरुआत में माल बेचने की कठिनाइयों को मंजुला ने स्मार्ट रणनीति से हल किया। हर गांव में उनका स्टाफ (जीविका से जुड़ी महिलाएं) मांग लेकर सप्लाई करती हैं। वर्तमान में 30 लोग डिस्ट्रीब्यूशन में और 3 लोग पिसाई व पैकेजिंग में काम कर रहे हैं। आज उनके मसाले सिलाव प्रखंड के स्कूलों, राजगीर के बड़े होटलों और हाल ही में खुले मॉल तक सप्लाई हो रहे हैं। इस सफलता पर मंजुला कुमारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष प्रशंसक बन गई हैं और योजना के तहत उन्हें लगभग ढाई लाख रुपये की अनुदान राशि भी मिली। उनका सपना है कि जीवन में कम से कम एक बार प्रधानमंत्री से मुलाकात हो।

  • मुरैना में अवैध रेत खनन पर बड़ा एक्शन रास्ता बंद कर माफिया पर कसा शिकंजा

    मुरैना में अवैध रेत खनन पर बड़ा एक्शन रास्ता बंद कर माफिया पर कसा शिकंजा


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में अवैध रेत खनन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है टेंटरा थाना क्षेत्र स्थित चंबल नदी के रायडी घाट पर लंबे समय से चल रहे अवैध खनन और परिवहन के मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया इस वीडियो में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियों के माध्यम से खुलेआम रेत का खनन और परिवहन होता हुआ दिखाई दिया

    स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बनाए गए इस वीडियो को न केवल सोशल मीडिया पर साझा किया गया बल्कि संबंधित अधिकारियों तक भी पहुंचाया गया जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू की गई जानकारी के अनुसार प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर अवैध खनन के रास्तों को अवरुद्ध कर दिया ताकि रेत माफिया की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके

    बताया जा रहा है कि रायडी घाट क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत खनन का कारोबार फल फूल रहा था और इसमें बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियां लगी हुई थीं रात के समय विशेष रूप से यह गतिविधियां तेज हो जाती थीं जिससे न केवल राजस्व को नुकसान हो रहा था बल्कि पर्यावरण पर भी गंभीर असर पड़ रहा था चंबल नदी का पारिस्थितिक संतुलन लगातार प्रभावित हो रहा था और नदी तटों का क्षरण भी तेजी से बढ़ रहा था

    प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत खनन में उपयोग किए जा रहे रास्तों को बंद कर दिया गया है जिससे अवैध परिवहन को रोका जा सके साथ ही संबंधित विभागों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार निगरानी रखें और इस तरह की गतिविधियों पर सख्त नजर बनाए रखें अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और रेत माफिया के बीच भय का माहौल देखने को मिल रहा है वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है उनका कहना है कि लंबे समय से इस अवैध गतिविधि के खिलाफ शिकायतें की जा रही थीं लेकिन अब जाकर ठोस कार्रवाई हुई है

    यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि जब जनभागीदारी और प्रशासनिक इच्छाशक्ति एक साथ आती है तो अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस कार्रवाई को कितनी निरंतरता के साथ आगे बढ़ाता है और भविष्य में ऐसे मामलों को पूरी तरह समाप्त करने में कितना सफल होता है

  • एयर इंडिया की दिल्ली-लंदन फ्लाइट तकनीकी खराबी के कारण वापस लौटी, सभी यात्री सुरक्षित

    एयर इंडिया की दिल्ली-लंदन फ्लाइट तकनीकी खराबी के कारण वापस लौटी, सभी यात्री सुरक्षित


    नई दिल्ली। एयर इंडिया की दिल्ली-लंदन हीथ्रो जाने वाली फ्लाइट एआई111 गुरुवार दोपहर तकनीकी खराबी के शक के चलते बीच रास्ते में वापस दिल्ली लौट गई। यह उड़ान सुबह करीब 6 बजे दिल्ली से रवाना हुई थी और लगभग 7 घंटे हवा में रहने के बाद दोपहर 12:30 बजे सुरक्षित तरीके से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरी। एयर इंडिया ने स्पष्ट किया कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और विमान को लौटाने का निर्णय केवल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया।

    तकनीकी खराबी का संदेह, यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिक

    एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या का संदेह होने पर एहतियातन विमान को वापस बुलाया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यात्रियों की सुरक्षा एयरलाइन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। विमान ने सभी मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सुरक्षित लैंडिंग की। प्रवक्ता ने बताया कि विमान की विस्तृत तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है, जो कुछ समय ले सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की उड़ानों के लिए निर्णय लिया जाएगा।

    एयरलाइन ने जताया खेद, तुरंत किए जा रहे हैं इंतजाम

    एयर इंडिया ने कहा कि इस घटना से यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है और प्रभावित यात्रियों को जल्द से जल्द लंदन पहुंचाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। तकनीकी खराबी की असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी। एयरलाइन ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा और तकनीकी निरीक्षण को और मजबूत किया जा रहा है।

    पहले भी हुई फ्लाइट की वापसी

    यह घटना पिछले हफ्ते हुई दिल्ली-वैंकूवर फ्लाइट (एआई185) की वापसी की याद ताजा कर रही है। उस फ्लाइट को 9 घंटे बाद वापस लौटना पड़ा, क्योंकि उस रूट पर तैनात बोइंग 777-200एलआर विमान को कनाडा के एविएशन रेगुलेटर से उड़ान भरने की अनुमति नहीं थी। एयर इंडिया के पास उस मार्ग पर केवल बोइंग 777-300ईआर विमानों के लिए अनुमति थी।

    एयर इंडिया का सुरक्षा फोकस

    हाल के दोनों घटनाक्रमों से स्पष्ट है कि एयर इंडिया यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। चाहे तकनीकी खराबी हो या उड़ान अनुमति का मामला, एयरलाइन हमेशा एहतियात और सावधानी बरतती है। विशेषज्ञों का कहना है कि विमान को लौटाना कोई असामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा है।

    एयर इंडिया की दिल्ली-लंदन फ्लाइट एआई111 तकनीकी खराबी के शक में वापस दिल्ली लौट गई।
    विमान लगभग 7 घंटे हवा में रहने के बाद सुरक्षित उतरा।
    सभी यात्री सुरक्षित हैं, एयरलाइन ने असुविधा के लिए खेद जताया।
    विमान की विस्तृत तकनीकी जांच जारी है, असली वजह अभी तय नहीं हुई।
    इससे पहले, दिल्ली-वैंकूवर फ्लाइट एआई185 भी अनुमति और तकनीकी कारणों से वापस लौट चुकी है।
    एयर इंडिया का सुरक्षा और सावधानी पर विशेष ध्यान, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता।

    एयर इंडिया की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि सुरक्षा के लिए किसी भी जोखिम को स्वीकार नहीं किया जाएगा, चाहे इससे उड़ान में देरी या असुविधा ही क्यों न हो। यात्रियों के लिए यह भरोसा है कि उनकी सुरक्षा एयरलाइन की प्राथमिकता है और तकनीकी समस्याओं के मामलों में तुरंत सुरक्षित निर्णय लिया जाएगा।

  • PM मोदी कल राज्यों के मुख्यमंत्रियों से करेंगे चर्चा, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव पर होगी समीक्षा

    PM मोदी कल राज्यों के मुख्यमंत्रियों से करेंगे चर्चा, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव पर होगी समीक्षा


    नई दिल्ली । मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 27 मार्च को राज्यों की तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी।

    सूत्रों के अनुसार, बैठक में विशेष रूप से ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण और ऊर्जा प्रवाह को प्रभावित करने के कदमों पर ध्यान दिया जाएगा। चर्चा का उद्देश्य देश की एकता बनाए रखना और चुनौतियों का सामूहिक रूप से सामना करने के लिए राज्यों और केंद्र के प्रयासों में तालमेल सुनिश्चित करना होगा।

    पर्याप्‍त मात्रा में ईंधन स्टॉक

    भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में लगभग दो महीने के पर्याप्त तेल और ईंधन का भंडार मौजूद है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों में न आएं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है। पीआईबी की 26 मार्च, 2026 की विज्ञप्ति में बताया गया कि तेल विपणन कंपनियों (OMC) ने आयात की अग्रिम व्यवस्था कर ली है, जिससे देश में किसी भी तरह की आपूर्ति समस्या नहीं होगी।

    सरकार ने बुलाई थी सर्वदलीय बैठक

    सरकार ने मिडिल ईस्ट के हालात पर गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में विपक्ष को सूचित किया गया कि पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से चार भारतीय जहाज सुरक्षित निकले हैं। सरकार ने कहा कि पैनिक की कोई जरूरत नहीं है और विपक्ष किसी भी समय जानकारी के लिए संपर्क कर सकता है।

  • सेमीफाइनल में भी दिखा RCB का जलवा, जैकब बेथेल बोले- फैंस का जोश कमाल

    सेमीफाइनल में भी दिखा RCB का जलवा, जैकब बेथेल बोले- फैंस का जोश कमाल


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) का हिस्सा इंग्लैंड के युवा खिलाड़ी जैकब बेथेल ने टीम के जोशीले फैन बेस की तारीफ की है। बेथेल ने कहा कि मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में तनावपूर्ण पल के दौरान भी आरसीबी के फैंस टीम का नारा लगा रहे थे।

    बेथेल ने फ्रेंचाइजी द्वारा एक्स पर शेयर किए गए एक वीडियो में कहा, “जब पूरे वानखेड़े स्टेडियम में सन्नाटा था, तब मुझे कुछ आरसीबी के नारे सुनाई दिए। मुझे यह बात बहुत खास लगी, मुझे लगता है कि यह फैंस के जबरदस्त समर्थन को दिखाता है।”

    भारत के खिलाफ हुए सेमीफाइनल में इंग्लैंड के इस 22 साल के बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 48 गेंदों पर 105 रन की बेहतरीन पारी खेली थी और इंग्लैंड को लक्ष्य के करीब पहुंचा दिया था। हालांकि आखिरी ओवर में वह रन आउट हो गए थे और इंग्लैंड 7 रन से मैच हार गई थी।

    उस पारी को याद करते हुए बेथेल ने कहा, “वह पारी सच में एक बेहतरीन पारी थी और मैंने उसके हर पल का आनंद लिया। हालांकि, मैच न जीत पाने की वजह से यह अनुभव थोड़ा खट्टा-मीठा रहा। मुझे यकीन है कि आप लोग इस बात से काफी खुश होंगे कि मैं अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाया।”

    बेथेल ने कहा, “मैं यह तो नहीं कहूंगा कि मेरी जिंदगी बदल गई, लेकिन मैंने सोशल मीडिया पर अपनी पारी के कुछ एडिट्स (वीडियो) देखे। मुझे लगता है कि यहां के फैंस अपने डिजिटल काम में बहुत ज्यादा रचनात्मक हो गए हैं।”

    आरसीबी में शामिल इंग्लैंड के और खिलाड़ी सेमीफाइनल मैच का हिस्सा रहे सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट ने भी बेथेल की उस पारी की तारीफ करते हुए कहा कि

    भले ही मैच का नतीजा हमारे पक्ष में नहीं रहा, लेकिन मुझे बेथ के लिए बहुत खुशी हुई। जिस तरह से उन्होंने खुद को संभाला और जिस तरह से उन्होंने खेला, वह काबिले-तारीफ था।

  • BCCI ने घोषित किया 2026-27 घरेलू क्रिकेट शेड्यूल, जानिए कब-कब होंगे मुकाबले

    BCCI ने घोषित किया 2026-27 घरेलू क्रिकेट शेड्यूल, जानिए कब-कब होंगे मुकाबले


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2026-27 सीजन के लिए भारतीय सीनियर पुरुष टीम के अंतरराष्ट्रीय घरेलू मैचों का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस सीजन में चार विदेशी टीमें-वेस्टइंडीज, श्रीलंका, जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया-भारत दौरे पर आएंगी। कुल 22 इंटरनेशनल मैच 17 शहरों में खेले जाएंगे, जिससे क्रिकेट प्रेमियों को पूरे देश में रोमांचक मुकाबले देखने का मौका मिलेगा।

    वेस्टइंडीज का भारत दौरा: सितंबर-अक्टूबर 2026

    सीजन की शुरुआत वेस्टइंडीज के भारत दौरे से होगी। 27 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच तीन वनडे मैच और 6 से 17 अक्टूबर के बीच पांच टी20 मुकाबले खेले जाएंगे।

    वनडे मैच:
    27 सितंबर: त्रिवेंद्रम
    30 सितंबर: गुवाहाटी
    3 अक्टूबर: न्यू चंडीगढ़
    टी20 मैच:
    6 अक्टूबर: लखनऊ
    9 अक्टूबर: रांची
    11 अक्टूबर: इंदौर
    14 अक्टूबर: हैदराबाद
    17 अक्टूबर: बेंगलुरु

    श्रीलंका का भारत दौरा: दिसंबर 2026

    दिसंबर में श्रीलंकाई टीम भारत दौरे पर आएगी और तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेलेगी।

    वनडे मैच:
    13 दिसंबर: दिल्ली
    16 दिसंबर: बेंगलुरु (एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम, लगभग दो साल बाद अंतरराष्ट्रीय मैच)
    19 दिसंबर: अहमदाबाद
    टी20 मैच:
    22 दिसंबर: राजकोट
    24 दिसंबर: कटक
    27 दिसंबर: पुणे
    जिम्बाब्वे का भारत दौरा: जनवरी 2027

    नए साल की शुरुआत में जिम्बाब्वे टीम भारत दौरे पर आएगी। 3 से 9 जनवरी के बीच तीन वनडे मैच होंगे।

    3 जनवरी: कोलकाता
    6 जनवरी: हैदराबाद
    9 जनवरी: मुंबई
    ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी: जनवरी-मार्च 2027

    सीजन का समापन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के साथ होगा। टेस्ट सीरीज 21 जनवरी से 3 मार्च तक खेली जाएगी।

    21-25 जनवरी: पहला टेस्ट (नागपुर)
    29 जनवरी-2 फरवरी: दूसरा टेस्ट (चेन्नई)
    11-15 फरवरी: तीसरा टेस्ट (गुवाहाटी, बरसापारा स्टेडियम पहली बार टेस्ट की मेजबानी)
    19-23 फरवरी: चौथा टेस्ट (रांची)
    27 फरवरी-3 मार्च: पांचवां टेस्ट (अहमदाबाद)

    गुवाहाटी का बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम पहली बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा।
    बेंगलुरु का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम लगभग दो साल बाद अंतरराष्ट्रीय मैच की मेजबानी करेगा।
    इस सीजन में कुल 22 इंटरनेशनल मैच 17 शहरों में आयोजित होंगे, जिससे देशभर के क्रिकेट प्रेमियों को रोमांचक मुकाबले देखने का अवसर मिलेगा।

  • सीहोर में विकास को नई रफ्तार नवीन विद्युत उपकेंद्र से सुधरेगी बिजली व्यवस्था

    सीहोर में विकास को नई रफ्तार नवीन विद्युत उपकेंद्र से सुधरेगी बिजली व्यवस्था


    सीहोर । मध्यप्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय के मंडी क्षेत्र में आज बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया जब प्रदेश शासन की मंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने नवीन विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण किया इस अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से नजर आई

    इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक सुदेश राय नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर और भाजपा मंडल अध्यक्ष सुशील ताम्रकार सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे सभी ने इस उपकेंद्र के निर्माण को क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया और उम्मीद जताई कि इससे मंडी क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में बिजली से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा

    मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी द्वारा इस विद्युत उपकेंद्र का निर्माण लगभग दो करोड़ 79 लाख रुपये की लागत से किया गया है लंबे समय से मंडी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं खासतौर पर वोल्टेज की समस्या और बार बार बिजली कटौती से आम नागरिकों के साथ साथ व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था ऐसे में इस नए उपकेंद्र के शुरू होने से बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और सुचारू होने की उम्मीद है

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि हर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाए और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं उन्होंने कहा कि यह उपकेंद्र न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि भविष्य में बढ़ती बिजली मांग को भी ध्यान में रखकर तैयार किया गया है

    स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया और इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक अहम कदम बताया उनका कहना है कि अब उन्हें बार बार बिजली कटौती और लो वोल्टेज जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी जिससे घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह की गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी

    यह लोकार्पण कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास की एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है जहां सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर पर आकार लेती नजर आ रही हैं आने वाले समय में इस तरह की परियोजनाएं प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी लागू होंगी जिससे समग्र विकास को गति मिलेगी