Author: bharati

  • वैश्विक तनाव के बीच बढ़ी ऊर्जा चिंता, जानें कैसे बढ़ाएं गाड़ी का माइलेज, ये हैं आसान उपाय

    वैश्विक तनाव के बीच बढ़ी ऊर्जा चिंता, जानें कैसे बढ़ाएं गाड़ी का माइलेज, ये हैं आसान उपाय


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल बाजार की अनिश्चितता के बीच ऊर्जा सुरक्षा फिर से चर्चा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने संबोधन में कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि मौजूदा हालात लंबे समय तक चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    चुनौतीपूर्ण समय और वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर असर

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ईरान-इस्राइल-अमेरिका के बीच तनाव और महामारी के दौर की तुलना की। उन्होंने कहा कि दोनों ही परिस्थितियों में वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हुई, भले ही वजह अलग रही। उन्होंने स्पष्ट किया, इस युद्ध के कारण, वैश्विक स्तर पर बनी कठिन स्थिति लंबे समय तक बनी रह सकती है। हमें हर स्थिति के लिए तैयार और एकजुट रहना होगा। अफवाह फैलाने वालों को सफल नहीं होने देना चाहिए। हालांकि पीएम ने किसी लॉकडाउन की घोषणा नहीं की, लेकिन उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर पावर लॉकडाउन जैसी चर्चाएं बढ़ गईं।

    अन्य देशों में ऊर्जा संकट के कदम

    विशेषज्ञों के अनुसार, कई देशों में ऊर्जा संकट से निपटने के लिए अलग-अलग उपाय अपनाए जा रहे हैं:-
    श्रीलंका: स्कूल और गैर-जरूरी सरकारी दफ्तरों में छुट्टी
    बांग्लादेश: ऑनलाइन क्लास और तय बिजली कटौती
    पाकिस्तान और फिलीपींस: सरकारी कर्मचारियों के लिए 4-दिन का वर्क वीक
    वियतनाम: रिमोट वर्क को बढ़ावा
    इन उदाहरणों से साफ है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बचत को लेकर चिंता बढ़ रही है।

    भारत में स्थिति और सावधानियां

    विशेषज्ञ मानते हैं कि फिलहाल भारत में लॉकडाउन जैसी स्थिति नहीं है। फिर भी ईंधन की बढ़ती कीमतों और सप्लाई में संभावित रुकावट के बीच हर लीटर ईंधन का अधिकतम उपयोग करना जरूरी हो जाता है।

    माइलेज बढ़ाने के आसान तरीके

    ड्राइविंग स्टाइल बदलें: अचानक एक्सीलेरेशन, बार-बार ब्रेक लगाना और तेज लेन बदलना ईंधन ज्यादा खर्च करता है। स्मूद ड्राइविंग से बचत होती है।
    स्थिर स्पीड बनाए रखें: बार-बार स्पीड बदलने से इंजन पर दबाव बढ़ता है। हाईवे पर समान रफ्तार और शहर में ट्रैफिक को समझकर चलना बेहतर माइलेज देता है।
    इंजन आइडलिंग कम करें: लंबे समय तक गाड़ी चालू रखना ईंधन बर्बाद करता है। सिग्नल या इंतजार के दौरान इंजन बंद करना लाभकारी है।
    वाहन की सही देखभाल: सही टायर प्रेशर, साफ एयर फिल्टर और समय पर इंजन ऑयल बदलना ईंधन की खपत कम करता है।
    वजन और ट्रिप प्लानिंग: गाड़ी में अनावश्यक वजन हटाएं, एक ही ट्रिप में कई काम निपटाएं और भीड़भाड़ वाले समय से बचें।

    सावधान और स्मार्ट ड्राइविंग की जरूरत

    भले ही वैश्विक हालात ईंधन की कीमत और उपलब्धता को प्रभावित करें, सही ड्राइविंग आदतें अपनाकर खर्च को नियंत्रित किया जा सकता है। छोटे-छोटे बदलाव से न सिर्फ माइलेज बढ़ेगा, बल्कि आपकी जेब पर भी कम असर पड़ेगा।

  • रिपोर्ट का दावा: भारत में इस साल हाउसिंग अफोर्डेबिलिटी रहेगी स्थिर

    रिपोर्ट का दावा: भारत में इस साल हाउसिंग अफोर्डेबिलिटी रहेगी स्थिर


    नई दिल्ली। भारत में घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। CBRE South Asia Pvt. Ltd. की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में देश में हाउसिंग अफोर्डेबिलिटी यानी घर खरीदने की क्षमता स्थिर रहने की संभावना है। बढ़ती आय और सरकार की सहायक नीतियों के चलते प्रॉपर्टी की ऊंची कीमतों का असर काफी हद तक संतुलित हो सकता है, जिससे मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    आय बढ़ेगी, EMI का बोझ होगा कम

    रिपोर्ट ‘इंडिया रेसिडेंशियल मार्केट आउटलुक 2026’ में कहा गया है कि 2021 के बाद पहली बार ऐसा होगा जब लोगों की आय प्रॉपर्टी की कीमतों से तेज गति से बढ़ेगी। इसका सीधा फायदा होम बायर्स को मिलेगा क्योंकि उनकी EMI का बोझ कम होगा और वे आसानी से घर खरीदने का फैसला ले सकेंगे।

    बड़े शहरों में दिखेगा असर

    इस रिपोर्ट में मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और पुणे जैसे प्रमुख शहरों का विश्लेषण किया गया है। 2021 से 2024 के बीच इन शहरों में प्रॉपर्टी कीमतों और ब्याज दरों में तेजी के कारण अफोर्डेबिलिटी पर दबाव बढ़ा था, लेकिन अब हालात सुधरने की उम्मीद जताई गई है।

    बदल रहा है रियल एस्टेट का ट्रेंड

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कम होती ब्याज दरें, धीमी कीमत वृद्धि और बढ़ती आय—ये तीनों मिलकर हाउसिंग डिमांड को मजबूत बनाएंगे। 2026 से 2028 के बीच EMI और आय का अनुपात स्थिर रहने से बाजार में संतुलन बनेगा और खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा।

    प्रीमियम और लग्जरी घरों की बढ़ी मांग

    रिपोर्ट में एक और दिलचस्प ट्रेंड सामने आया है-लोग अब प्रीमियम और लग्जरी घरों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। कुल बिक्री में इनकी हिस्सेदारी करीब 27% रही, जबकि इस सेगमेंट में बिक्री सालाना आधार पर 30% से ज्यादा बढ़ी है। यह संकेत देता है कि खरीदार अब बेहतर सुविधाओं और लाइफस्टाइल को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    2030 तक और मजबूत होगा सेक्टर

    रिपोर्ट के मुताबिक, भारत 2030 तक अपर-मिडिल इनकम देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर को और मजबूती मिलेगी। बढ़ती आय, शहरीकरण और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण हाउसिंग सेक्टर में लंबे समय तक ग्रोथ बनी रहने की संभावना है।

    निवेश और खरीदारों के लिए सुनहरा मौका

    कुल मिलाकर, मौजूदा परिस्थितियां घर खरीदने वालों और निवेशकों दोनों के लिए अनुकूल होती दिख रही हैं। अगर ब्याज दरें नियंत्रित रहती हैं और आय में बढ़ोतरी जारी रहती है, तो आने वाले वर्षों में घर खरीदना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान हो सकता है।

  • यूपी में ISI के बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा, विदेशों से युवाओं को फंसाकर कराई जा रही संदिग्ध गतिविधियां

    यूपी में ISI के बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा, विदेशों से युवाओं को फंसाकर कराई जा रही संदिग्ध गतिविधियां


    नई दिल्ली। गाजियाबाद पुलिस द्वारा जासूसी के आरोप में पकड़े गए शामली के बुटराड़ा गांव निवासी समीर समेत अन्य आरोपियों से पूछताछ में ISI के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क नेपाल, दुबई, अमेरिका और बांग्लादेश से संचालित हो रहा था, जहां से एजेंट भारत के युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे थे।

    व्हाट्सएप-टेलीग्राम ग्रुप के जरिए नेटवर्क का संचालन

    पुलिस के मुताबिक समीर को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और ISI हैंडलर सरफराज उर्फ सरदार के नाम से बनाए गए व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया था। इन ग्रुपों के जरिए देश-विदेश के युवाओं को जोड़कर उन्हें अलग-अलग काम सौंपे जाते थे। दुबई में बैठे एजेंटों को शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, दिल्ली, सहारनपुर, बिजनौर, हरियाणा और बिहार के युवाओं को जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी।

    हर तीसरे दिन जूम मीटिंग से समीक्षा

    जांच में सामने आया है कि गैंगस्टरों के नाम पर ग्रुप इसलिए बनाए गए ताकि पुलिस को शक न हो। इन ग्रुपों से जुड़े युवाओं को धार्मिक स्थलों और सेना से जुड़े इलाकों की फोटो और वीडियो जुटाने के निर्देश दिए जाते थे। हर तीसरे दिन जूम मीटिंग के जरिए इन गतिविधियों की समीक्षा की जाती थी, जिसमें विदेशों में बैठे सरगना शामिल होते थे।

    20 से ज्यादा एजेंट रडार पर, 250 लोग जांच के दायरे में

    जांच एजेंसियों ने दुबई और नेपाल के 20 से अधिक एजेंटों को चिन्हित किया है। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक इन ग्रुपों से जुड़े 250 से ज्यादा लोग पुलिस के रडार पर हैं। गाजियाबाद पुलिस अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।

    धार्मिक सामग्री से किया जाता था ब्रेनवॉश

    जांच में यह भी सामने आया है कि युवाओं को प्रभावित करने के लिए ग्रुपों में तबलीगी जमात और अन्य धार्मिक गतिविधियों से जुड़े वीडियो साझा किए जाते थे। साथ ही उर्दू में लिखे दस्तावेज भेजकर उनका ब्रेनवॉश किया जाता था।

    पहचान छिपाने के लिए बदले जा रहे नाम
    पुलिस के अनुसार ISI हैंडलर अपनी पहचान छिपाने के लिए हिंदू नामों का इस्तेमाल कर रहे हैं। एक व्हाट्सएप ग्रुप सरदार नाम से चलाया जा रहा था, जिसमें सरफराज ने अपना नाम बदल लिया था। कुछ सदस्य ऑनलाइन मीटिंग के दौरान माथे पर टीका लगाकर भी लोगों को भ्रमित करते थे।

    तीन किश्तों में मिले पैसे

    जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि समीर को गिरोह की ओर से तीन बार में कुल 5 हजार रुपये दिए गए थे। पहली और दूसरी बार 1500-1500 रुपये, जबकि तीसरी बार 2000 रुपये मिले। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह रकम कहां से और किस माध्यम से भेजी गई। जानकारी के अनुसार गिरफ्तार मीरा ने भी समीर को पैसे दिए थे। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

  • गुजरात की ताकत पेस अटैक, लेकिन मिडिल ऑर्डर बना चिंता-क्या मिलेगा दूसरा खिताब?

    गुजरात की ताकत पेस अटैक, लेकिन मिडिल ऑर्डर बना चिंता-क्या मिलेगा दूसरा खिताब?


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस को अपने दूसरे खिताब की तलाश होगी। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम का पेस अटैक इस बार काफी दमदार दिखाई दे रहा है। हालांकि, गुजरात का मध्यक्रम जरूर उनके लिए चिंता का विषय बन सकता है।

    कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन गुजरात की तरफ से एक बार फिर पारी का आगाज करते हुए दिखाई देंगे। दोनों का प्रदर्शन पिछले सीजन भी लाजवाब रहा था। वहीं, आईपीएल 2026 में जोस बटलर से टीम को दमदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी। हालांकि, बटलर की हालिया फॉर्म बिल्कुल भी अच्छी नहीं है। टी20 विश्व कप 2026 में बटलर रनों के लिए संघर्ष करते नजर आए थे। शेरफेन रदरफोर्ड के जाने से नंबर चार की पोजीशन भी खाली हो गई है।

    गुजरात ने ऑक्शन में ग्लेन फिलिप्स और टॉम बैंटन को खरीदा है। हालांकि, इन दोनों का रिकॉर्ड आईपीएल में कुछ खास नहीं रहा है। फिलिप्स ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में जरूर अच्छा प्रदर्शन किया था। टीम के मिडिल ऑर्डर में बिखरती हुई पारी को संभालने वाला कोई भरोसेमंद बल्लेबाज नजर नहीं आता है। निचले क्रम में टीम के पास शाहरुख खान और राहुल तेवतिया के रूप में दो अच्छे फिनिशर मौजूद हैं। इसके साथ ही जेसन होल्डर के आने से टीम का संतुलन बेहतर हुआ है। होल्डर बल्ले और गेंद दोनों से अहम योगदान दे सकते हैं।

    गुजरात की सबसे बड़ी ताकत इस सीजन उनकी तेज गेंदबाजी बन सकती है। टीम के पास कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और ईशांत शर्मा के रूप में दमदार गेंदबाज मौजूद हैं। कृष्णा आईपीएल 2025 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे। वहीं, सिराज आगामी सीजन में टीम के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो सकते हैं। लुक वुड और युवा भारतीय तेज गेंदबाज अशोक शर्मा भी अच्छे विकल्प के तौर पर मौजूद हैं। हालांकि, पिछले सीजन राशिद खान की फॉर्म भी कुछ खास नहीं रही थी। राशिद का फॉर्म में रहना गुजरात के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होगा।

  • खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' आदिवासी खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन मंच, पीएम मोदी को धन्यवाद: दिलीप तिर्की

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' आदिवासी खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन मंच, पीएम मोदी को धन्यवाद: दिलीप तिर्की


    नई दिल्ली। ‘छत्तीसगढ़ में बुधवार से ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ (केआईटीजी) का आगाज हो गया है। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने केआईटीजी को आदिवासी समुदाय के खिलाड़ियों को प्रेरित करने का एक बेहतरीन मंच बताया है।

    हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व ओलंपियन दिलीप तिर्की ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “छत्तीसगढ़ में पहली बार खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स का आयोजन हो रहा है, जिसके लिए मैं छत्तीसगढ़ सरकार का धन्यवाद देना चाहता हूं। इन आदिवासी खिलाड़ियों के पास प्रतिभा है। इनके पास अपनी प्रतिभा दिखाने का शानदार मंच है। साई (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की सेलेक्शन कमेटी यहां आ रही है, जो श्रेष्ठ खिलाड़ियों को सेलेक्ट करेगी। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके लिए धन्यवाद देना चाहूंगा, जो चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा आदिवासी बच्चे खेलों में आगे बढ़ें। ये बच्चे ओलंपिक 2036 में खेलें। इस सोच के साथ खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स का आयोजन किया जा रहा है। इन खेलों से आदिवासी बच्चों में आत्मविश्वास जागेगा।”

    उन्होंने कहा, “स्पोर्ट्स हमारे समाज को बेहतर बनाने में मदद करता है। हमारा यूथ कई बार मुख्यधारा से हट जाता है। कई बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते, वह राह भटक जाते हैं, लेकिन खेल एक ऐसी गतिविधि है, जिसके जरिए उन्हें आगे बढ़ाया जा सकता है। आदिवासी खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कोटा के तहत नौकरी भी मिली है। स्पोर्ट्स ने आदिवासी बच्चों को आगे बढ़ने में मदद की है।”

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 9 खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे। प्रदर्शनी खेलों में मल्लखंभ और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल शामिल होंगे। इस प्रतियोगिता में लगभग 3,800 प्रतिभागियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। यह आयोजन 3 अप्रैल को समाप्त होगा। ये खेल तीन शहरों- रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित किए जाएंगे।

    मेजबान छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और असम का इन खेलों में सबसे बड़ा प्रतिनिधित्व होगा। इनमें से प्रत्येक राज्य के 100 से अधिक एथलीट हिस्सा लेंगे। पुरुष और महिला एथलीट्स का अनुपात लगभग बराबर होगा।

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में कुल 106 गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। सबसे ज्यादा 34 मेडल एथलेटिक्स में होंगे। तैराकी (24), कुश्ती (18), भारोत्तोलन (16) और तीरंदाजी (10) में भी दो अंकों में गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। हॉकी और फुटबॉल दो टीम खेल हैं, और ये दोनों ही रायपुर में खेले जाएंगे। एथलेटिक्स इवेंट जगदलपुर में होंगे, जबकि सरगुजा में कुश्ती प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

  • SA vs NZ: रन कम, विकेट ज्यादा! जानें किस गेंदबाज ने मचाया धमाल

    SA vs NZ: रन कम, विकेट ज्यादा! जानें किस गेंदबाज ने मचाया धमाल


    नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मुकाबलों की टी20 सीरीज 3-2 से अपने नाम की। मेहमान साउथ अफ्रीकी टीम ने सीरीज का पहला मैच 7 विकेट से अपने नाम किया, जिसके बाद अगले मैच को 68 रन से गंवा दिया। इसके बाद कीवी टीम ने तीसरे टी20 मैच को 8 विकेट से जीतकर सीरीज में 2-1 से लीड बना ली थी।

    यहां से साउथ अफ्रीका ने चौथा मैच 19 रन से अपने नाम करते हुए सीरीज को रोमांचक बना दिया था। अंतिम मुकाबले में 33 रन से जीत दर्ज करते हुए साउथ अफ्रीका ने सीरीज जीत ली।

    इस पूरी सीरीज में सिर्फ 2 ही बल्लेबाज 100 रन जुटा सके। कॉनर एस्टरहुइजन ने पांच मुकाबलों में 50 की औसत के साथ 200 रन बनाए। इस दौरान दो अर्धशतक भी लगाए। साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज ने इस सीरीज मे 45*, 8, 15, 57 और 75 रन की पारियां खेलीं।

    इनके अलावा, न्यूजीलैंड के डेवोन कॉन्वे इस सीरीज में 100 रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे, जिन्होंने 3 मुकाबलों में 33.33 की औसत के साथ 100 रन बनाए। कॉन्वे ने सीरीज के पहले मैच में सिर्फ 1 ही रन बनाया। इसके बाद अगले मुकाबले में 60 रन की पारी खेली। सीरीज के तीसरे मैच में कॉन्वे 39 रन बनाकर आउट हुए थे।

    इस सीरीज के शीर्ष गेंदबाजों की बात करें, तो साउथ अफ्रीकी पेसर गेराल्ड कोएत्जी ने 5 मुकबलों में 18.5 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 117 रन देकर 8 विकेट हासिल किए। इस मामले में कीवी गेंदबाज बेन सियर्स संयुक्त रूप से नंबर-1 रहे, जिन्होंने 5 मुकाबलों में 18 ओवर गेंदबाजी करते हुए 116 रन देकर 8 विकेट हासिल किए।

    इस लिस्ट में साउथ अफ्रीका के ऑटनील बार्टमैन और केशव महाराज संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर हैं। बार्टमैन ने 4 मुकाबलों में 16.57 की औसत के साथ 7 विकेट निकाले, जबकि केशव ने 5 मुकाबलों में 22.43 की औसत के सात 7 विकेट अपने नाम किए। मिचेल सेंटनर, वियान मुल्डर और काइल जेमीसन ने सीरीज में 5-5 विकेट हासिल किए।

  • हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान: इस साल टीम इंडिया ने जीतीं सभी ट्रॉफियां

    हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान: इस साल टीम इंडिया ने जीतीं सभी ट्रॉफियां


    नई दिल्ली। भारत को बतौर कप्तान वनडे वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जिताने वाली कप्तान हरमनप्रीत कौर ने महिला क्रिकेट की पहचान और लोकप्रियता में आए बदलाव को जीना ‘एक शानदार एहसास’ बताया है। कप्तान और उनकी टीम को पता था कि देश में बदलाव तभी आएगा, जब उनके नाम कोई बड़ी ट्रॉफी होगी। इसके साथ ही उन्होंने टीम इंडिया की सफलता का श्रेय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को दिया है।

    भारत ने साल 2026 में हुए दोनों आईसीसी इवेंट्स अपने नाम किए हैं। कौर ने सभी फॉर्मेट में भारत के दबदबे का श्रेय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को देते हुए कहा, “इस साल, हमने अब तक सभी ट्रॉफियां जीती हैं। यह दिखाता है कि बीसीसीआई क्रिकेट के सभी फॉर्मेट को हर स्टेज पर बेहतर बनाने के लिए कितनी मेहनत कर रहा है। मुझे लगता है कि उनकी मेहनत रंग ला रही है। हमारी सभी टीमों ने अच्छा प्रदर्शन किया है और सभी टीमों ने आईसीसी टाइटल जीते हैं।”

    बुधवार को नई दिल्ली के द्वारका के ओमेक्स स्टेडियम में हरमनप्रीत कौर के सम्मान में स्टैंड का नामकरण हुआ। इस दौरान हरमनप्रीत ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “जाहिर है, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। हम सभी जानते थे कि जब वर्ल्ड कप जीतेंगे, तो चीजें बदल जाएंगी। इसलिए, उस बदलाव को महसूस करना और उस बदलाव को जीने का मौका मिलना एक शानदार एहसास है।”

    ओमेक्स स्टेट स्टेडियम के नॉर्थ पवेलियन सेक्शन में 1,500 से ज्यादा सीटों वाले हिस्से का नाम ‘हरमनप्रीत कौर स्टैंड’ रखने का मकसद अधिक से अधिक महिला दर्शकों को मैच देखने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह देश का पहला खास ‘पिंक स्टैंड’ भी होगा, जो 2027 के आखिर में स्टेडियम खुलने पर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।

    भारतीय कप्तान ने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। दुनिया में इस तरह का विचार लाना भी अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है। आजकल हम लड़कियों के खेल-कूद में हिस्सा लेने के बारे में तो खूब बातें करते हैं, लेकिन हमने कभी यह नहीं सोचा कि जो लोग मैच देखने आते हैं, उनके लिए चीजें कैसी होनी चाहिए। इसलिए, उन्हें भी ध्यान में रखना और उन्हें भी उतनी ही अहमियत देना बहुत जरूरी है। मुझे लगता है कि लड़कियों को इस स्टैंड में आकर अपनी पसंदीदा टीम का हौसला बढ़ाते देखना बहुत शानदार होगा। यह एक बहुत अच्छी पहल है।”

    दाएं हाथ की बल्लेबाज ने महिला क्रिकेट के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के महत्व पर भी जोर दिया, जिसमें स्टेडियम, रेजिडेंशियल अकादमियां और ट्रेनिंग की सुविधाएं शामिल हैं, ताकि अगली पीढ़ी की महिला क्रिकेटर्स के लिए रास्ता आसान हो सके।

    उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह उनके लिए बहुत अच्छा होगा, क्योंकि उन्हें वे मुश्किल दिन नहीं देखने पड़ेंगे। हमसे पहले हमारे सीनियर्स ने वे दिन देखे थे और हमने भी थोड़े-बहुत देखे थे। तो, अब मुझे लगता है कि ओमेक्स जैसे लोग, वे सच में इस बात का ध्यान रख रहे हैं, ताकि बच्चों के लिए एक अच्छा स्टेडियम बन सके।

  • एमपी में फिर करवट लेगा मौसम, तेज गर्मी के बीच 27-29 मार्च तक आंधी-बारिश की चेतावनी

    एमपी में फिर करवट लेगा मौसम, तेज गर्मी के बीच 27-29 मार्च तक आंधी-बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मार्च के महीने में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में तीसरी बार आंधी और बारिश का दौर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 27, 28 और 29 मार्च तक कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। इसका सबसे ज्यादा असर उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में देखने को मिलेगा।

    इससे पहले मार्च में दो बार आंधी-बारिश का दौर आ चुका है। एक चरण तो लगातार चार दिन तक चला, जिसमें 45 से अधिक जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलीं, जबकि 17 जिलों में ओलावृष्टि भी हुई। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा। अब तीसरे दौर की शुरुआत 27 मार्च से होने की संभावना जताई गई है।

    हालांकि, इस बदलाव से पहले गुरुवार को प्रदेश में तेज गर्मी का असर बना रहेगा। खासतौर पर उज्जैन, भोपाल, सागर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान अधिक रहने की संभावना है।

    बुधवार को भी कई शहरों में गर्मी का असर देखने को मिला। प्रदेश के पांच शहरों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा जबलपुर में 36.1 डिग्री, इंदौर में 36 डिग्री, भोपाल में 35.8 डिग्री और ग्वालियर में 35.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां तापमान 38.8 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा रतलाम में 38.6 डिग्री, खंडवा में 38.5 डिग्री, खरगोन और रायसेन में 38 डिग्री, धार और मंडला में 36.8 डिग्री, गुना में 36.5 डिग्री, खजुराहो में 36.4 डिग्री और बैतूल में 36.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    वहीं, आगे के महीनों को लेकर भी अनुमान जारी किया गया है। विभाग के मुताबिक अप्रैल और मई में इस साल तेज गर्मी पड़ सकती है। इस दौरान ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री के पार जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी गर्मी का असर ज्यादा रहेगा।

  • मीराबाई चानू का बयान: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से आदिवासी खिलाड़ियों को नई पहचान

    मीराबाई चानू का बयान: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से आदिवासी खिलाड़ियों को नई पहचान


    नई दिल्ली। ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (केआईटीजी) को आदिवासी खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन मंच बताया है। उनका मानना है कि अलग-अलग राज्यों के खिलाड़ियों के एक मंच पर आने से उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलेगा।

    भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हो रहा है। इससे मुझे बहुत खुशी है। आदिवासी समुदाय से आने वाले खिलाड़ियों के लिए यह बेहतरीन मंच होगा। मैं खुद भी एक खिलाड़ी हूं। मुझे पता है कि हम काफी मशक्कत के बाद यहां तक पहुंचते हैं। ये खिलाड़ी भी मशक्कत के बाद इस मंच तक पहुंचे हैं। इससे उन्हें काफी प्रेरणा मिलेगी।”

    उन्होंने कहा, “इंडिया ट्राइबल गेम्स में आदिवासी खिलाड़ियों को मौका मिलेगा, जो अलग-अलग खेल और राज्यों से होंगे। हमें कॉमनवेल्थ गेम्स में दूसरे खिलाड़ियों से सीखने को मिलता है। इंडिया ट्रायबल गेम्स में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को भी कुछ इसी तरह सीखने को मिलेगा।”

    चानू ने कहा, “जो भी इंडिया ट्रायबल गेम्स हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों के लिए मेरा संदेश ये है कि आप भी जो इवेंट में हिस्सा लें, उसे दिल से खेलें। आपको अपने खेल से प्यार करना जरूरी है। मैं युवा खिलाड़ियों को यही कहना चाहूंगी कि वे मेहनत करें और अपने हुनर को दिखाएं।”

    साईखोम मीराबाई चानू ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में महिलाओं के 49 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा था। वह ओलंपिक में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय महिला थीं। उन्होंने अपनी तैयारियों को लेकर कहा, “मेरी तैयारियां काफी अच्छी चल रही हैं। फिलहाल मेरा फोकस कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स पर है। मैंने अब तक एशियन गेम्स में मेडल नहीं जीता है। मैं उसके लिए ज्यादा फोकस कर रही हूं। आगामी ओलंपिक के लिए भी मेरी तैयारी जारी है।”

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल तक होगा, जिसमें 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 9 खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। इन खेलों में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे। प्रदर्शनी खेलों में मल्लखंभ और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल शामिल होंगे।

  • अंडर-19 चैंपियन कप्तान उन्मुक्त चंद की कहानी: स्टारडम से संघर्ष तक

    अंडर-19 चैंपियन कप्तान उन्मुक्त चंद की कहानी: स्टारडम से संघर्ष तक


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 से पहले Mumbai Indians की कप्तानी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। Hardik Pandya के नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं और Suryakumar Yadav को कप्तान बनाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। हालांकि, इस बहस के बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर Mohammad Kaif ने अलग राय रखते हुए टीम मैनेजमेंट को जल्दबाजी से बचने की सलाह दी है। उनका मानना है कि बार-बार कप्तान बदलने से टीम में अस्थिरता बढ़ती है और इसका सीधा असर प्रदर्शन पर पड़ता है।

    ‘रोहित वाली गलती दोबारा न हो’

    कैफ ने साफ तौर पर कहा कि Rohit Sharma के साथ जो हुआ, वही व्यवहार हार्दिक के साथ नहीं दोहराया जाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि रोहित को हटाकर हार्दिक को कप्तान बनाने के बाद टीम का प्रदर्शन प्रभावित हुआ था। ऐसे में अब फिर से बदलाव करना टीम के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कैफ का कहना है कि हार्दिक धीरे-धीरे कप्तानी की भूमिका में ढल रहे हैं और पिछले सीजन में टीम को क्वालीफायर-2 तक ले जाना उनकी लीडरशिप की प्रगति को दिखाता है।

    सूर्या को कप्तान बनाने की मांग क्यों तेज?

    दरअसल, Suryakumar Yadav के शानदार टी20 प्रदर्शन, खासकर वर्ल्ड कप में उनके योगदान के बाद उन्हें कप्तानी का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। पूर्व खिलाड़ी Krishnamachari Srikkanth और Ravichandran Ashwin जैसे दिग्गज भी सूर्या को कप्तान बनाने के पक्ष में अपनी राय दे चुके हैं। उनका मानना है कि टीम को एक आक्रामक और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी के हाथों में नेतृत्व देना बेहतर होगा।

    बार-बार बदलाव से बढ़ेगी अस्थिरता

    कैफ ने इस ट्रेंड पर चिंता जताते हुए कहा कि हर सीजन में नया चेहरा तलाशना सही रणनीति नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले हार्दिक चर्चा में थे, इसलिए उन्हें कप्तान बनाया गया, अब सूर्या चर्चा में हैं—लेकिन अगर अगले साल कोई और खिलाड़ी फॉर्म में आ जाए तो क्या फिर कप्तान बदल दिया जाएगा? इस तरह के फैसले टीम के माहौल को प्रभावित करते हैं और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी डगमगा सकता है।

    मुंबई इंडियंस के लिए बड़ी चुनौती

    आईपीएल इतिहास की सबसे सफल टीमों में से एक Mumbai Indians के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती स्थिर नेतृत्व बनाए रखने की है। टीम 29 मार्च को Kolkata Knight Riders के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, ऐसे में कप्तानी को लेकर चल रही बहस टीम के माहौल पर असर डाल सकती है।

    संतुलन और विश्वास की जरूरत

    कैफ का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी टीम की सफलता के लिए कप्तान पर भरोसा और स्थिरता बेहद जरूरी होती है। अगर फ्रेंचाइजी हर कुछ समय में नेतृत्व बदलती रही, तो इसका खामियाजा टीम को लंबे समय तक भुगतना पड़ सकता है।