Author: bharati

  • MP में भारी बारिश का दौर, 4 जिलों में स्कूल बंद, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

    MP में भारी बारिश का दौर, 4 जिलों में स्कूल बंद, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात


    भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश का दौर लगातार जारी है। मानसून सीजन का अब तक का सबसे स्ट्रॉन्ग सिस्टम बुधवार को भी एक्टिव रहेगा। इसका सबसे ज्यादा असर इंदौर संभाग में देखने को मिल सकता है। वहीं भोपाल और उज्जैन संभाग में कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और नदियां उफान पर हैं। बारिश को देखते हुए भोपाल, रायसेन, गुना और खंडवा में बुधवार को सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।

    मौसम विभाग के मुताबिक इंदौर और उज्जैन संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में भारी बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में 4 इंच या उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। इससे बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।

    527 बाढ़ प्रभावितों का रेस्क्यू
    प्रदेश में पिछले तीन दिनों से बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को भोपाल समेत प्रदेश के आधे हिस्से में तेज बारिश हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य आपदा प्रबंधन के सिचुएशन रूम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति की समीक्षा की और प्रभावित लोगों से भी जानकारी ली। प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है।

    भोपाल में दो दिन में 8 इंच बारिश
    भोपाल में पिछले दो दिनों में करीब 8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। सोमवार और मंगलवार को स्कूल बंद रखे गए थे। लगातार बारिश के कारण करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भर गया। कई रास्तों पर घंटों आवाजाही बाधित रही। कई इलाकों में ट्रांसफॉर्मर और डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स तक पानी पहुंच गया। सुरक्षा को देखते हुए कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बंद करनी पड़ी।

    राजगढ़ में 9 इंच तक पानी गिरा
    पिछले 24 घंटे में राजगढ़ जिले के ब्यावरा में सबसे ज्यादा 9 इंच बारिश दर्ज की गई। खिलचीपुर में 8 इंच, जीरापुर में 7.7 इंच, राजगढ़ शहर में 4.4 इंच, नरसिंहपुर में 3.7 इंच, पचोर में 3.7 इंच और सारंगपुर में 3.6 इंच बारिश हुई।

    आगर-मालवा के सोयतकलां में 7.7 इंच और आगर शहर में 3.6 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच और शाजापुर शहर में 3.4 इंच, गुना के कुंभराज में 3.7 इंच, मंदसौर के गरोठ में 2.7 इंच तथा उज्जैन के महिदपुर और माकड़ोन में ढाई-ढाई इंच बारिश हुई।

    इंदौर क्षेत्र में लो प्रेशर और मानसून ट्रफ एक्टिव
    मौसम विभाग के अनुसार इंदौर क्षेत्र में लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिणी हिस्से से भी एक ट्रफ गुजर रही है। इन सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में पिछले 72 घंटे से बारिश हो रही है और बुधवार को भी इसका असर बना रहेगा।

    12 अगस्त के आसपास फिर बन सकता है लो प्रेशर
    मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में नया चक्रवातीय सिस्टम सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से करीब 12 अगस्त के आसपास एक नया लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। ऐसे में मध्यप्रदेश के लिए अगले चार दिन महत्वपूर्ण रहेंगे।

    खंडवा में रातभर बारिश, स्कूल बंद
    खंडवा में रातभर हुई मूसलधार बारिश के बाद प्रशासन ने बुधवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया। प्रदेश के अन्य प्रभावित जिलों में भी प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

  • ट्विशा शर्मा मामले में गिरिबाला सिंह और समर्थ की न्यायिक हिरासत बढ़ी, 17 अगस्त तक चार्जशीट पेश करने का आदेश

    ट्विशा शर्मा मामले में गिरिबाला सिंह और समर्थ की न्यायिक हिरासत बढ़ी, 17 अगस्त तक चार्जशीट पेश करने का आदेश


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे अधिवक्ता समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत फिर बढ़ गई है। मंगलवार को विशेष अदालत ने सुनवाई के दौरान मामले में 17 अगस्त तक चार्जशीट पेश करने के आदेश दिए हैं।

    एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत में दोनों आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। सुनवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट शोभना भलावे की अदालत में हुई। ट्विशा शर्मा पक्ष के अधिवक्ता शुभांग दीक्षित ने बताया कि दोनों आरोपियों की पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने वाली थी। सीबीआई ने इसे बढ़ाने के लिए आवेदन पेश किया और 19 अगस्त तक न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 17 अगस्त तक बढ़ाने का आदेश दिया।

    अधिवक्ता शुभांग दीक्षित के अनुसार, सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को बताया कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है और एजेंसी 19 अगस्त से पहले चार्जशीट पेश कर देगी। हालांकि अदालत ने सीबीआई को 17 अगस्त तक ही चार्जशीट पेश करने का निर्देश दिया है। यानी अब जांच एजेंसी को इसी तारीख तक चालान पेश करना होगा।

    अधिवक्ता दीक्षित ने बताया कि दोनों आरोपियों के मामले में 90 दिन की वैधानिक अवधि भी नजदीक है। समर्थ सिंह की गिरफ्तारी 21 मई को हुई थी, इसलिए उसकी 90 दिन की अवधि 19 अगस्त को पूरी होगी। वहीं गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी 27 मई को हुई थी, इसलिए उनकी 90 दिन की अवधि 25 अगस्त को पूरी होगी।

    अधिवक्ता दीक्षित ने बताया कि सीबीआई 17 अगस्त तक चार्जशीट पेश नहीं करती है तो आरोपियों की ओर से डिफॉल्ट बेल का आधार बन सकता है। उनका कहना है कि इसी वजह से संभावना है कि सीबीआई 17 अगस्त को ही चार्जशीट पेश कर दे।

    शुभांग दीक्षित ने बताया कि सीबीआई के अनुसार, उसकी जांच लगभग पूरी हो चुकी है। गिरिबाला सिंह की ओर से उच्च न्यायालय में जमानत आवेदन लंबित है और इस कारण केस डायरी का बड़ा हिस्सा उच्च न्यायालय भेजा गया है। इसी वजह से मंगलवार को चार्जशीट पेश नहीं हो सकी। हालांकि सीबीआई ने 17 अगस्त तक चार्जशीट पेश करने की बात कही है।

    इधर, सुनवाई के दौरान सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह की ओर से लीगल एड के तहत पेश होने वाले अधिवक्ता अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद समर्थ सिंह की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता एनर्स जॉर्ज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान गिरिबाला सिंह से उनकी ओर से पेश होने की अनुमति ली। गिरिबाला सिंह ने सहमति दी, जिसके बाद एनर्स जॉर्ज ने उनकी ओर से वकालतनामा दाखिल करने की अनुमति मांगी।

    अधिवक्ता शुभांग दीक्षित ने बताया कि गिरिबाला सिंह की जमानत अर्जी पहले से लंबित है। मंगलवार को भी सुनवाई में सीबीआई 11 अगस्त को अपना चालान प्रस्तुत करने वाली थी, लेकिन सीबीआई के अधिकारियों ने कहा कि कुछ मेडिकल व फॉरेंसिक रिपोर्ट का अभी पूरी तरह से अध्ययन व उसके आधार पर विवेचना चल रही है। इस कारण आगामी पेशी पर अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करेंगे। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 17 अगस्त मुकर्रर की है, इससे संभव है कि सीबीआई 17 अगस्त को अपनी अंतिम स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी।

    हाईकोर्ट में जमानत पर भी टल गई सुनवाई

    वहीं, इधर गिरिबाला सिंह ने उम्र, स्वास्थ्य कारणों, अभी तक कोई ठोस अपराध सिद्ध नहीं होने और अपनी मां की सेवा जैसे विषयों को लेकर उच्च न्यायालय में जमानत की याचिका दायर की थी। जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। अब 12 अगस्त को उच्च न्यायालय में सुनवाई होने की संभावना है। गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका का ट्विशा के परिजनों ने भी आवेदन देकर विरोध किया है। उनके आवेदन पर भी उच्च न्यायालय सुनवाई नहीं हो सकी है। संभवतः 12 अगस्त को दोनों पर सुनवाई हो। इससे पहले 25 जुलाई को भोपाल जिला अदालत ने गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। इसके बाद गिरिबाला ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

    उल्लेखनीय है कि 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र के बागमुगालिया एक्सटेंशन कॉलोनी स्थित अपनी ससुराल में ट्विशा शर्मा फांसी के फंदे पर लटकी मिली थी। नोएडा निवासी परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था। उच्च न्यायालय के आदेश पर दिल्ली एम्स के डॉक्टरों ने ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमार्टमम किया। परिजनों ने एक सप्ताह तक भोपाल में जमकर हंगामा, प्रदर्शन और आंदोलन किया, इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है। अब सीबीआई की दिल्ली इकाई की टीम ही पूरे मामले की जांच कर रही है। दहेज हत्या के आरोप में ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह भोपाल केंद्रीय जेल में बंद हैं।

  • किसानों से भूमि अधिग्रहण पर उन्हें दिया जाएगा चार गुना मुआवजा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसानों से भूमि अधिग्रहण पर उन्हें दिया जाएगा चार गुना मुआवजा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार खेती और किसान के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने किसानों को भरोसा देते हुए कहा कि किन्हीं भी शासकीय योजनाओं के निर्माण के लिए कृषि भूमि का अधिग्रहण करने पर किसानों को एक-दो नहीं, पूरे चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार शाम को मंत्रालय से भोपाल की करौंद कृषि उपज मंडी परिसर में हुए बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने किसानों से अपनी जमीन हर हाल में सुरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भूमि हमारी माता है। यह हमारा उदर-पोषण करती है। इसे किसी को न बेचें।

    मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि आपके खेत सरकार के लिए देवस्थल है और आपका एक-एक दाना हमारे लिए प्रसाद के समान है। आपके पसीने की हरेक बूंद के सम्मान के लिए हमारी सरकार हमेशा आपके साथ है। उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव किसानों की मेहनत, समर्पण और कृषि क्षेत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देने का माध्यम है।

    मुख्यमंत्री ने वीसी से बलराम कृषि महोत्सव में मौजूद किसानों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि आपकी खुशी हमारे लिए होली और सबसे बड़ी दिवाली है। उन्होंने किसानों से पूरे उत्साह के साथ बलराम कृषि महोत्सव में सहभागी बनने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। बीते 26 दिनों में यह प्रदेश का 14वां बलराम कृषि महोत्सव आयोजन है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द भोपाल मुख्यालय में भी एक बड़ा कृषि महोत्सव आयोजित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से “कवच” योजना शुरू की है। इससे सहकारी खातों की पुरानी गड़बड़ियां दूर कर पांच हजार किसानों को ऋण और विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया गया है। किसानों को बिना ब्याज के ऋण और ऋण चुकाने के लिए पूरे 12 महीने का समय देने की व्यवस्था भी इस योजना में की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश का किसान अपने परिश्रम से प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। मध्य प्रदेश दलहन में पहले अन्न उत्पादन में देश में दूसरे, , तिलहन में दूसरे और दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। जैविक खेती और जैविक कपास उत्पादन में प्रदेश पूरे देश में अव्वल है।

    उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय के साधन बढ़ाने, खेती की लागत घटाने तथा तकनीक और नवाचार के माध्यम से उत्पादन एवं आमदनी बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है। हमने प्रदेश में सिंचाई क्षमता को 100 लाख हैक्टेयर तक बढ़ाने, उद्यानिकी का रकबा 30 लाख हैक्टेयर करने तथा 10 हजार नई सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से फसल विविधीकरण अपनाने, उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा पशुपालन एवं मछली पालन से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेती को सिर्फ अन्न उत्पादन का जरिया होने तक सीमित न रखकर इसे प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़कर किसानों की आय के नए रास्ते खोले जा रहे है।

    बलराम कृषि महोत्सव में स्थानीय विधायक विष्णु खत्री, तीरथ सिंह मीणा, गोपाल सिंह मीणा, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ जिलाधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान बंधु उपस्थित थे। विधायक रामेश्वर शर्मा और अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने मंत्रालय से ही बलराम कृषि महोत्सव में सहभागिता की।

  • मप्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल और विधानसभा अध्यक्ष तोमर ग्वालियर में करेंगे ध्वजारोहण

    मप्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल और विधानसभा अध्यक्ष तोमर ग्वालियर में करेंगे ध्वजारोहण


    – उप मुख्यमंत्री देवड़ा मंदसौर, उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीवा और जिला मुख्यालयों पर मंत्रीगण करेंगे ध्वजारोहण

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य-स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों के नाम संदेश देंगे। इस अवसर पर राजधानी भोपाल सहित जिला मुख्यालयों पर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां भी होंगी। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ग्वालियर में ध्वजारोहण करेंगे।

    सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा मंदसौर और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल रीवा में ध्वजारोहण करेंगे। मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह खण्डवा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय देवास, मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल नरसिंहपुर, मंत्री राकेश सिंह जबलपुर, मंत्री करन सिंह वर्मा सीहोर, मंत्री राव उदय प्रताप सिंह छिंदवाड़ा, मंत्री सम्पतिया उइके मंडला, मंत्री तुलसीराम सिलावट इंदौर, मंत्री एदल सिंह कंषाना मुरैना, मंत्री निर्मला भूरिया झाबुआ, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सागर, मंत्री विश्वास कैलाश सारंग खरगौन, मंत्री नारायण सिंह कुशवाह दतिया, मंत्री नागर सिंह चौहान अलीराजपुर, मंत्री प्रदुम्न सिंह तोमर शिवपुरी, मंत्री राकेश शुक्ला श्योपुर और मंत्री इन्दर सिंह परमार शाजापुर में ध्वजारोहण करेंगे।

    राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर टीकमगढ़, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी दमोह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल अनूपपुर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल उज्जैन, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल विदिशा, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार राजगढ़, राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल रायसेन, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी सतना, राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार छतरपुर और राज्यमंत्री राधा सिंह सिंगरौली में ध्वजारोहण करेंगी।

    रतलाम, शहडोल, नर्मदापुरम, धार, बालाघाट, पांढुर्णा, सिवनी, निवाड़ी, सीधी, बड़वानी, मउगंज, गुना, उमरिया, आगर-मालवा, हरदा, नीमच, अशोकनगर, कटनी, भिण्ड, पन्ना, बैतूल, डिण्डौरी, मैहर और बुरहानपुर जिले में संबंधित जिले के कलेक्टर ध्वजारोहण करेंगे।

  • भोपाल की झीलों से निकलेंगे देश-दुनिया के चैंपियन : मंत्री सारंग

    भोपाल की झीलों से निकलेंगे देश-दुनिया के चैंपियन : मंत्री सारंग


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि भोपाल की झीलें अब केवल पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं हैं, बल्कि देश के भविष्य के चैंपियन तैयार करने की भूमि बन रही हैं। राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रही है।

    मंत्री सारंग मंगलवार को भोपाल के बोट क्लब में राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप (रैंकिंग) के तृतीय संस्करण के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में होने वाली प्रत्येक रेस केवल पदक के लिए मुकाबला नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल करियर की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है। प्रतियोगिता से निर्धारित होने वाली राष्ट्रीय रैंकिंग खिलाड़ियों के लिए आगे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

    इससे पहले मंत्री सारंग ने चैंपियनशिप का शुभारंभ किया। रविवार 16 अगस्त तक होने वाली इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेलिंग खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी राष्ट्रीय रैंकिंग निर्धारित होगी, जो आगे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    भोपाल बन रहा देश का प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स केंद्र
    मंत्री सारंग ने कहा कि भोपाल का बड़ा तालाब और यहां की प्राकृतिक परिस्थितियां सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग और केनोइंग जैसे खेलों के लिए बेहद अनुकूल हैं। मध्यप्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी की स्थापना वर्ष 2007 में हुई थी और आज यह देश की प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षण संस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि अकादमी में सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग, केनोइंग और स्लालम की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां प्रशिक्षित खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश तथा देश का नाम रोशन किया है।

    वाटर स्पोर्ट्स में मध्यप्रदेश की शानदार उपलब्धियां
    मंत्री सारंग ने बताया कि मध्य प्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों ने अब तक 28 अंतर्राष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक अर्जित किए हैं तथा खिलाड़ियों ने 37 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सहभागिता की है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां प्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में विकसित हो रहे मजबूत खेल इकोसिस्टम का प्रमाण हैं और भोपाल देश में वाटर स्पोर्ट्स की नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    सेलिंग में मध्य प्रदेश का दबदबा
    सारंग ने कहा कि वर्ष 2025 की राजा भोज मल्टीक्लास सेलिंग चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 16 पदक- 8 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य हासिल किए थे। प्रतियोगिता की 12 में से 8 कैटेगरी में मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीते थे। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां साबित करती हैं कि भोपाल अब केवल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने वाला शहर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के चैंपियन तैयार करने वाला प्रमुख केंद्र बन रहा है।

    हर प्रतिभावान खिलाड़ी को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर
    सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर प्रतिभावान बच्चे को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले। इसी दिशा में प्रदेश की सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं तथा प्रत्येक जिले में फीडर सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्य प्रदेश पहले राष्ट्रीय खेलों में 17वें स्थान पर रहा करता था, लेकिन पिछले तीन वर्षों में प्रदेश लगातार तीसरे स्थान पर आ रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 18 खेलों की 11 अकादमियां संचालित की जा रही हैं।

    भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों का नया मंच तैयार
    मंत्री सारंग ने कहा कि भोपाल में लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर विकसित किया जा रहा है। इसके प्रथम चरण का लोकार्पण जल्द होने वाला है। इससे मध्य प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को नई गति मिलेगी। मंत्री सारंग ने बताया कि नवंबर माह में अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी एशियन चैंपियनशिप का आयोजन भोपाल के अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर में मध्य प्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय एशियन रोइंग चैंपियनशिप भी भोपाल में होने वाली है।

    16 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे समापन एवं पुरस्कार वितरण
    राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का आयोजन 11 से 16 अगस्त तक किया जाएगा। प्रतियोगिता का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह 16 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित होगा। इस अवसर पर विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरण कर उनका सम्मान किया जाएगा।

    भोपाल की झीलों से निकलेंगे भारत के भविष्य के चैंपियन
    मंत्री सारंग ने देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि वे प्रतियोगिता में जीत और पदक के लिए पूरी ताकत से खेलें, लेकिन अपने मन में भारत के लिए खेलने का सपना भी लेकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि “भोपाल की इन झीलों में केवल नावें नहीं चल रही हैं, यहां भारत के भविष्य के चैंपियन अपने सपनों को गति दे रहे हैं। राजा भोज की इस धरती से हम संकल्प लें कि मध्य प्रदेश की झीलों से निकलने वाली प्रतिभाएं देश के तिरंगे को दुनिया के हर खेल मंच पर ऊंचा करेंगी।”

    सारंग ने कहा कि मध्य प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को अवसर, आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का तिरंगा गौरव के साथ फहराएं।

  • लीप इंडिया लिटिडेट का ईपीओ 8.38 गुना हुआ सब्सक्राइब

    लीप इंडिया लिटिडेट का ईपीओ 8.38 गुना हुआ सब्सक्राइब


    नई दिल्ली।
    लीप इंडिया लिमिटेड के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को बोली के आखिरी दिन मंगलवार को 8.38 गुना सब्सक्रिप्शन किया गया है। आपूर्ति श्रृंखला एसेट पूलिंग कंपनी की योजना इस आईपीओ से 2,480 करोड़ रुपये जुटाने की है। कंपनी के शेयरों को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है।

    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों के अनुसार आईपीओ के तहत ऑफर की गई 11,49,91,735 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 96,32,60,770 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं है। वहीं, पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित हिस्से को 16.84 गुना अभिदान मिला। इसी तरह गैर-संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 12.64 गुना बोलियां मिलीं, जबकि खुदरा निवेशकों की श्रेणी को 1.71 गुना बोलियां प्राप्त हुई है।

    लीप इंडिया लिमिटेड ने गरुवार को कई संस्थागत निवेशकों से 743.62 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए मूल्य का दायरा 151-159 रुपये प्रति शेयर तय किया हुआ है। आईपीओ में 480 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसमें 2,000 करोड़ रुपये तक की बिक्री पेशकश (ओएफएस) भी शामिल है।

    कंपनी इस नए निर्गम से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपने कुछ कर्ज़ों को चुकाने या पूर्व-भुगतान करने में करेगी, जबकि बाकी रकम का इस्तेमाल कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने में होगा। मूल्य का दायरे के ऊपरी स्तर पर कंपनी का निर्गम के बाद बाजार पूंजीकरण लगभग 7,005 करोड़ रुपये होगा।

    उल्लेखनीय है कि 2013 में बनी ये कंपनी अपने ‘शेयर और रीयूज’ (साझा करने और दोबारा इस्तेमाल करने) वाले बिजनेस मॉडल का इस्तेमाल करती है, जिसे ‘पूलिंग’ कहा जाता है। एफएंडएस रिपोर्ट के मुताबिक यह भारत के सप्लाई चेन मैनेजमेंट सेक्टर में ऑन-डिमांड एसेट पूलिंग सर्विस देने वाली सबसे बड़ी कंपनी है।

  • शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 10 अगस्त तक 23 फीसदी बढ़कर 8.11 लाख करोड़ रुपये

    शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 10 अगस्त तक 23 फीसदी बढ़कर 8.11 लाख करोड़ रुपये


    नई दिल्ली।
    देश में वित्त वर्ष 2026-27 में प्रत्यक्ष कर संग्रह में तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई है। चालू वित्त वर्ष में 10 अगस्त तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह सालाना आधार पर 23.09 फीसदी बढ़कर 8.11 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

    आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह 19.83 फीसदी बढ़कर करीब 2.70 लाख करोड़ रुपये रहा है। व्यक्तिगत आयकर समेत गैर-कॉरपोरेट कर संग्रह 23 फीसदी बढ़कर 5.07 लाख करोड़ रुपये हो गया। विभाग के मुताबिक इस दौरान प्रतिभूतियों के लेनदेन पर लगने वाले कर एसटीटी से राजस्व 51 फीसदी बढ़कर 33,824 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 1 अप्रैल से लेकर 10 अगस्त के बीच 1.43 लाख करोड़ रुपये के कर रिफंड जारी किए गए, जो एक साल पहले की समान अवधि से 3.8 फीसदी अधिक है।

    आयकर विभाग के मुताबिक सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 19.75 फीसदी बढ़कर लगभग 9.55 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसमें कॉरपोरेट कर, व्यक्तिगत आयकर और एसटीटी शामिल हैं। आयकर विभाग ने कहा कि 10 अगस्त तक चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सकल प्रत्यक्ष कर (डीटी) संग्रह, रिफंड और शुद्ध प्रत्यक्ष कर (डीटी) संग्रह के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं।

    सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बजट में प्रत्यक्ष करों से 26.97 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। यह वित्त वर्ष 2025-26 में जुटाए गए 23.40 लाख करोड़ रुपये कर राजस्व से करीब 15 फीसदी अधिक है।

  • रावलपिंडी में पाक सेना मुख्यालय के बाहर गोलीबारी, एक सैनिक की मौत, दो घायल

    रावलपिंडी में पाक सेना मुख्यालय के बाहर गोलीबारी, एक सैनिक की मौत, दो घायल

    इस्लामाबाद। पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय (GHQ) के बाहर सोमवार को एक हथियारबंद व्यक्ति ने गोलीबारी कर दी। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में हमलावर मारा गया। घटना में पाकिस्तान सेना का एक जवान भी मारा गया, जबकि दो सुरक्षाकर्मी घायल बताए गए हैं।

    स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार हथियारबंद व्यक्ति GHQ के मुख्य प्रवेश द्वार के निकट पहुंच गया था। इसके बाद उसने सुरक्षाकर्मियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की और हमलावर को मार गिराया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।

    GHQ परिसर के आसपास बढ़ाई गई सुरक्षा

    घटना के बाद रावलपिंडी कैंट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। GHQ के आसपास के मार्गों पर आवाजाही प्रतिबंधित करते हुए सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमलावर किस उद्देश्य से सैन्य मुख्यालय के प्रवेश द्वार तक पहुंचा और उसके पीछे कौन लोग या संगठन थे।

    प्रारंभिक रिपोर्टों में हमलावर के पास विस्फोटक होने की बात भी सामने आई है, हालांकि इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां मौके से मिले हथियार और अन्य सामग्री की जांच कर रही हैं।

    हमले की जांच जारी

    घटना के बाद सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां हमलावर की पहचान, उसके संभावित सहयोगियों और घटना के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी हैं। फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

    रावलपिंडी स्थित GHQ पाकिस्तान सेना का प्रमुख मुख्यालय है और यहां सेना के शीर्ष अधिकारी काम करते हैं। घटना के बाद आसपास के इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

  • भोपाल मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र के विकास को मिली रफ्तार, भोपाल-विदिशा 4-लेन मार्ग के लिए 1,757 करोड़ से अधिक मंजूर

    भोपाल मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र के विकास को मिली रफ्तार, भोपाल-विदिशा 4-लेन मार्ग के लिए 1,757 करोड़ से अधिक मंजूर

    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद ने भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल करते हुए भोपाल-विदिशा मार्ग के 2-लेन से 4-लेन उन्नयन एवं निर्माण के लिए 1757.57 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस मार्ग के निर्माण से तेजी से औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और अधोसंरसचना का भी व्यवस्थित विकास हो पायेगा। सांची स्तूप और कर्क रेखा जैसे प्रमुख स्थलों से गुजरने वाला यह मार्ग प्रादेशिक कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगा। मंत्रि-परिषद ने भोपाल बायपास को 6-लेन बनाने के दृष्टिगत भोपाल बायपास- टोल टैक्स शुल्क संग्रहण की अनुमति 2031 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मंत्रि-परिषद ने स्थानीय मजदूरों और क्षेत्र के रहवासियों को लाभांश वितरण के लिए वन विभाग द्वारा संचालित संयुक्त वन प्रबंध समितियों को लाभांश का प्रदाय योजना के तहत वर्ष 2030-31 तक निरंतर रखे जाने की 918 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

    मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण वर्ष में किसानों को बड़ी सौगात देते हुए भारत सरकार के अंतर्गत गठित उपक्रम नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए सीहोर जिले की इछावर तहसील के गांव भाउखेड़ी में 20 हैक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित किये जाने का निर्णय लिया है। प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जन-स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण, बुनियादी ढांचे के विस्तार और महिला सशक्तिकरण को गति देने के लिए 47 हजार 990 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की है। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत योजना के लिए 12 हजार 123 करोड़ 81 लाख रुपये शामिल हैं।

    मंत्रि-परिषद ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए हर तरह की परिस्थितियों में समाज सेवा करने वाली महिलाओं के लिए ‘रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार’ की राशि भी 2 लाख रुपये करने की स्वीकृति दी है और ‘रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार’ की राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने की मंजूरी दी है। इसी तरह जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के आगामी 5 वर्षों के संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। देवास पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना जांच आयोग की अवधि 3 माह बढ़ाने तथा एम.पी.पी.एस.सी के वार्षिक प्रतिवेदनों को विधानसभा के पटल पर रखने का अनुमोदन भी बैठक में किया गया।

    भोपाल-विदिशा मार्ग का 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर निर्माण किये जाने के लिए 1,757 करोड़ 55 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने भोपाल को मेट्रो-पोलिटिन सिटी के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा हाईब्रिड एन्यूटी मोडल (एचएएम) के लिए बनाए गए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट के आधार पर, भोपाल-विदिशा मार्ग लंबाई 44.830 कि.मी. का 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर निर्माण किये जाने के लिए 1,757 करोड़ 55 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इससे अब औद्योगिक निवेश बढ़ाने के साथ अधोसंरचनात्मक विकास होगा।

    कुल परियोजना निर्माण लागत का 40 प्रतिशत हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (एच.ए.एम) अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से परियोजना क्रियान्वयन के दौरान जीएसटी सहित वहन किया जायेगा। कुल परियोजना निर्माण लागत की शेष 60 प्रतिशत राशि संचालन अवधि में 15 वर्षों तक छः माही एन्यूटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से किया जायेगा। इसके अतिरिक्त निर्माण पूर्व कार्यकलाप (भू-अर्जन एवं अन्य कार्य) तथा सुपरविजन चार्जेस की राशि रूपये 364 करोड़ 41 लाख रूपये का भुगतान भी राज्य बजट के माध्यम से किया जायेगा।

    भोपाल विदिशा (राज्य मार्ग-28) मार्ग, अयोध्या बायपास के भानपुर टी-जंक्शन से प्रारंभ होकर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-146 पर साँची-सलामतपुर जंक्शन पर समाप्त होता है। यह मार्ग भानपुर, चोपड़ाकला, सूखी सेवनिया, डोब, बालमपुर, दीवानगंज और सलामतपुर से गुजरते हुए भोपाल और विदिशा जिलों को जोड़ता है। रायसेन जिले में सांची स्तूप सबसे महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थस्थलों में से एक है, जो कि यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल भी है। कर्क रेखा भी भोपाल-विदिशा मार्ग के कि.मी. 24.550 से गुजरती है। भौगोलिक दृष्टि से भी यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    भोपाल बायपास 4-लेन मार्ग पर वर्ष 2031 तक उपभोक्ता शुल्क संग्रहण की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम अंतर्गत भोपाल बायपास 4-लेन को 6-लेन बनाने के दृष्टिगत मार्ग लम्बाई 51.963 कि.मी. पर 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण की अनुमति प्रदाय की है। साथ ही इसकी अवधि अतिरिक्त 5 वर्ष तक बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया है। भोपाल बायपास पर उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण, पूर्व में जारी अधिसूचना के प्रावधानों के अनुसार यथावत् रखा गया है। उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण का कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड अथवा निगम द्वारा चयनित संग्रहण एजेंसी के माध्यम से कराया जाएगा।

    भोपाल बायपास 4-लेन मार्ग की कुल लंबाई 51.963 कि.मी. है, जो कि भोपाल शहर से इन्दौर, रायसेन, विदिशा एवं नर्मदापुरम् जिलों को जोड़ता है। इससे भोपाल शहरी क्षेत्र का यातायात दबाव कम होने के साथ-साथ यात्रियों को निर्बाद्ध रूप से सुगमतापूर्वक मार्ग उपलब्ध होता है। इसका नियमित संचालन, अनुरक्षण एवं रख-रखाव निगम द्वारा किया जाता है। संग्रहित टोल राशि मध्यप्रदेश राजमार्ग निधि अधिनियम 2012 अंतर्गत स्थापित राज्य राजमार्ग निधि में जमा कराई जाती है, जिसका व्यय निगम द्वारा राज्य मार्गों के विकास एवं संधारण सहित अन्य कार्यों में किया जाता है।

    संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश प्रदाय करने के लिए 918 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    अब श्रमिकों के साथ रहवासियों को भी मिलेगा लाभांश

    मंत्रि-परिषद ने वन विभाग अंतर्गत संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश प्रदाय से संबंधित योजना को वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 918 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना का उद्देश्य संयुक्त वन प्रबंधन अंतर्गत वनों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए श्रमिकों के साथ रहवासियों की जन-भागीदारी प्राप्त करना है। प्रदेश में संयुक्त वन प्रबंधन समितियां वनों के संरक्षण एवं संवर्द्धन में वन विभाग को समुचित सहयोग प्रदान कर रही है। प्रावधानों के अनुरूप काष्ठ के अंतिम पातन से प्राप्त काष्ठ की बिक्री से प्राप्त राजस्व की 20 प्रतिशत राशि संयुक्त वन प्रबंधन समिति को दी जाती है। साथ ही बांस के विदोहन से प्राप्त शुद्ध लाभ का शत-प्रतिशत, कटाई में संलग्न श्रमिकों को प्रदाय किया जाता है।इस योजना के तहत अब श्रमिकों के साथ ही समिति से जुड़े क्षेत्रों के रहवासियों को भी लाभांश दिया जाएगा।

    रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार राशि 2 लाख रुपये और रानी अवन्ती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार राशि को एक से बढ़ाकर 2 लाख रूपये करने की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने हर परिस्थिति में संघर्ष करते हुये समाज सेवा करने वाली एक महिला को प्रतिवर्ष राज्य स्तरीय रानी दुर्गावती पुरस्कार राशि 2 लाख रूपये प्रदाय करने और वर्ष 2006 से प्रदाय किए जा रहे रानी अवन्ती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि को भी एक लाख रूपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किये जाने की स्वीकृति दी है।

    पुरस्कार प्रदान करने से अत्यन्त गरीब, विकलांग 40 प्रतिशत से अधिक एकल महिला, किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त, एसिड, दहेज, घरेलू हिंसा से पीड़ित अथवा अन्य कोई विपरीत स्थिति में संघर्ष करते हुए समाज सेवा के कार्य कर रही महिलाओं की सेवाओं, कार्यों और योगदान को प्रोत्साहन व पहचान मिलेगी। अन्य महिलाएं भी प्रेरणा लेकर महिलाओं और बच्चों के क्षेत्र में समाजसेवा कार्य करने आगे आएंगी।

    वर्तमान में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुल 6 पुरस्कार यथा रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार, राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाज सेवा पुरस्कार, श्री विष्णु कुमार महिला बाल कल्याण समाज सेवा सम्मान पुरस्कार, मुख्यमंत्री नारी सम्मान रक्षा पुरस्कार, अरुणा शानबाग वीरता पुरस्कार और राष्ट्रमाता प‌द्मावती पुरस्कार प्रदाय किये जा रहे हैं।

    किसान वर्ष में सौगात-नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापना के लिए 20 हैक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी

    मंत्रि-परिषद ने किसान वर्ष में सोयाबीन किसानों को भी सौगात दी है। इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च भारत सरकार के अंतर्गत गठित उपक्रम नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए ग्राम भाऊखेड़ी तहसील इछावर जिला सीहोर में 20 हैक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित करने का निर्णय लिया गया है।

    भारतीय कृषि अनुसंधान के राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त निकाय है, जिसे केन्द्र सरकार द्वारा पूर्ण रूप से वित्त पोषित किया जाता है। यह संस्थान सोयाबीन अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से देश के लगभग 50 लाख सोयाबीन किसानों के हितों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। प्रस्तावित भूमि का उपयोग विशुद्ध रूप से कृषि विज्ञान केन्द्र स्थापित करने के लिये किया जाएगा। इस केंद्र की स्थापना से मध्यप्रदेश में सोयाबीन की खेती में चहुँमुखी प्रगति की उम्मीद है।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष्मान भारत सहित स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए 44 हजार 515.13 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य और आयुष्मान भारत (नॉन एस. ई. सी. सी. हितग्राही), बहुउद्देशीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम, स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था, जिला स्तरीय अमला से संबंधित योजनाओं के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए कुल 44 हजार 515.13 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भारत सरकार से 60:40 के अनुपात में संचालित है। यह योजना केन्द्र प्रवर्तित है एवं प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम जैसे मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, टीकाकरण, टी.बी. उन्मूलन, शिशु स्वास्थ्य पोषण, सिकल सेल, किशोर स्वास्थ्य, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, गैर-संचारी कार्यक्रम, अंधत्व निवारण, कुष्ठ उन्मूलन, प्रधानमंत्री डायलिसिस सेवा, निःशुल्क दवा एवं जांच इत्यादि स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है।

    स्वीकृति अनुसार आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य और आयुष्मान भारत (नॉन एस. ई. सी. सी. हितग्राही) के संचालन के लिए 12 हजार 123 करोड़ 81 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। योजना अंतर्गत गरीब एवं कमजोर वर्ग को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाती है। स्वास्थ्य व्यय के कारण होने वाली आर्थिक हानि को रोकते हुए सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण उपचार कैशलेस रूप में उपलब्ध कराना आवश्यक है। सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य की पूर्ति, उपचार तक सहज पहुँच तथा सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना ही इस योजना का प्रमुख आधार है। स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था के लिए 1,159 करोड़ 58 लाख रूपये स्वीकृत किए गये है। जिला स्तरीय अमला योजना के लिए 654 करोड़ 84 लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। जिला स्तरीय अमला योजना लगभग 40-50 वर्ष से संचालित है।

    कृषि विश्वविद्यालय के निरंतर संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय को वेतन भत्तों मानदेय आदि के लिए ब्लाक ग्राण्ट योजना के आगामी 05 वर्षो वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। वर्तमान में विश्वविद्यालय के अधीन 11 महाविद्यालय और 8 अनुसंधान केन्द्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं कृषि विस्तार संबंधी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में कार्यरत अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों के अतिरिक्त लगभग 500 ओल्ड पेंशनरों के वेतन, भत्तों, मानदेय एवं पेंशन संबंधी वित्तीय दायित्वों के साथ-साथ संस्थानों के आवश्यक प्रशासनिक एवं आकस्मिक व्ययों की पूर्ति राज्य शासन द्वारा ब्लॉक ग्रांट के माध्यम से की जाती है।

    खनिज साधन विभाग की परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 2 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने खनिज साधन विभाग अंतर्गत विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण से संबंधित योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 2 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। खनिज साधन विभाग में कुल 54 खनिज भवन है। खनिज भवनों को निर्मित हुए 10 वर्ष से अधिक की अवधि हो चुकी है इसलिए योजना अंतर्गत भवनों में मरम्मत तथा संधारण का कार्य निरंतर रूप से कराया जा रहा है।

    देवास की पटाखा फैक्ट्री में अग्नि दुर्घटना जाँच के लिए गठित एकल सदस्यीय न्यायिक जाँच आयोग का अनुमोदन

    मंत्रि-परिषद द्वारा देवास जिले में 14 मई 2026 को टोकंकला में स्थित पटाखा फैक्ट्री में घटित दुखद अग्नि दुर्घटना की न्यायिक जाँच के लिए श्री सुभाष काकड़े सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय जबलपुर की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय न्यायिक जाँच आयोग गठित किये जाने और जॉच आयोग के कार्यकाल में तीन माह 14 अगस्त 2026 तक की वृद्धि किये जाने के संबंध में जारी अधिसूचना का अनुसमर्थन किया गया।

    मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के 63वें, 64वें और 68वें वार्षिक प्रतिवेदन को विधान सभा के पटल पर रखने का अनुमोदन

    मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के 63वें, 64वें और 68वें वार्षिक प्रतिवेदन एवं जिन प्रकरणों में आयोग की सलाह स्वीकार नहीं की गई है, उनके संबंध में ज्ञापन के साथ विधान सभा के पटल पर रखे जाने का अनुमोदन दिया है।

  • चेहरे की खूबसूरती के लिए नीम का ऐसे करें इस्तेमाल: दाग-धब्बे और पिंपल्स से राहत पाने में मिल सकती है मदद

    चेहरे की खूबसूरती के लिए नीम का ऐसे करें इस्तेमाल: दाग-धब्बे और पिंपल्स से राहत पाने में मिल सकती है मदद


    नई दिल्ली । नीम को भारतीय घरों में लंबे समय से त्वचा और बालों की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। नीम की पत्तियों में प्राकृतिक रूप से कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जिन्हें त्वचा के लिए फायदेमंद माना जाता है। खासतौर पर ऑयली स्किन और मुंहासों की समस्या से परेशान लोगों के बीच नीम का इस्तेमाल काफी लोकप्रिय है। हालांकि त्वचा पर किसी भी प्राकृतिक चीज का इस्तेमाल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है और किसी भी घरेलू उपाय का असर सभी पर एक जैसा नहीं होता।

    अगर आपकी त्वचा बहुत ऑयली है और चेहरे पर बार बार पिंपल्स निकलते हैं तो नीम का इस्तेमाल त्वचा की सफाई के लिए किया जा सकता है। नीम की कुछ साफ पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी को ठंडा करने के बाद चेहरे को धोने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा की सफाई में मदद मिल सकती है। नीम में पाए जाने वाले कुछ प्राकृतिक यौगिकों में एंटीमाइक्रोबियल गुण बताए जाते हैं जो त्वचा पर मौजूद कुछ सूक्ष्मजीवों के खिलाफ काम कर सकते हैं। यही वजह है कि पारंपरिक रूप से नीम को मुंहासे और त्वचा संबंधी परेशानियों के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।

    नीम की पत्तियों का पेस्ट भी त्वचा की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए ताजी और साफ नीम की पत्तियों को पीसकर हल्का पेस्ट बनाया जा सकता है। इसे चेहरे पर लगाने से पहले हाथ की त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर होता है। अगर जलन लालिमा खुजली या किसी तरह की एलर्जी दिखाई दे तो इसे चेहरे पर नहीं लगाना चाहिए। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि प्राकृतिक चीजें भी कुछ लोगों की त्वचा पर प्रतिक्रिया पैदा कर सकती हैं।

    मुंहासों के अलावा नीम को अत्यधिक तैलीय त्वचा के लिए भी उपयोगी माना जाता है। कई बार त्वचा में अतिरिक्त तेल जमा होने के कारण चेहरे पर चिपचिपाहट और बंद रोमछिद्रों की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में त्वचा की नियमित सफाई के साथ हल्के और त्वचा के अनुकूल उत्पादों का इस्तेमाल ज्यादा जरूरी है। नीम को इसका विकल्प नहीं माना जाना चाहिए बल्कि जरूरत के अनुसार अतिरिक्त देखभाल के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

    अगर चेहरे पर दाग धब्बे या पुराने मुंहासों के निशान हैं तो केवल नीम लगाने से इनके पूरी तरह खत्म होने की गारंटी नहीं है। ऐसे मामलों में सनस्क्रीन का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और त्वचा को बार बार छूने से बचना भी जरूरी है। पिंपल्स को दबाने या फोड़ने से बचना चाहिए क्योंकि इससे सूजन और दाग बढ़ सकते हैं।

    नीम का इस्तेमाल करते समय यह भी ध्यान रखना चाहिए कि नीम का गाढ़ा पेस्ट या तेल हर किसी की त्वचा के लिए उपयुक्त नहीं होता। चेहरे पर नीम का तेल सीधे लगाने से कुछ लोगों को जलन या एलर्जी हो सकती है। अगर मुंहासे बहुत ज्यादा हैं दर्दनाक हैं बार बार हो रहे हैं या त्वचा पर लगातार लालिमा और खुजली बनी हुई है तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

    कुल मिलाकर नीम त्वचा की देखभाल में एक पारंपरिक और उपयोगी प्राकृतिक विकल्प हो सकता है। खासकर त्वचा की सफाई और ऑयली स्किन से जुड़ी समस्याओं में इसका इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन बेहतर परिणाम के लिए इसे सावधानी से इस्तेमाल करना जरूरी है। साफ सफाई मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन के साथ संतुलित स्किन केयर रूटीन अपनाना त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में ज्यादा मददगार हो सकता है।