Author: bharati

  • 26 मार्च का दिन कैसा रहेगा? जानें आज का राशिफल सभी 12 राशियों के लिए

    26 मार्च का दिन कैसा रहेगा? जानें आज का राशिफल सभी 12 राशियों के लिए


    नई दिल्ली वैदिक ज्योतिष के अनुसार, 26 मार्च 2026, गुरुवार को ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति कुछ राशियों के लिए लाभकारी अवसर और सफलता लेकर आएगी, जबकि कुछ राशियों के लिए सावधानी और संयम जरूरी है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है।

    मेष (Aries)

    आज अपने जीवनसाथी या प्रियजन के साथ समय बिताएं और भावनाओं को खुलकर साझा करें। दफ्तर में उत्पादक बने रहें, सभी सौंपे गए काम पूरे करें और अपने सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाए रखें। लंबी दूरी की यात्रा पर निकल रहे हैं तो मेडिकल किट और जरूरी दवाइयाँ साथ रखें। खर्च पर नियंत्रण रखें और अनावश्यक खरीदारी से बचें। स्वास्थ्य की दृष्टि से हल्की थकान महसूस हो सकती है, इसलिए दिनभर पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं।
    धन: खर्च में संयम जरूरी, निवेश टालें।
    रिश्ते: साथी के साथ समझौता और सहयोग जरूरी।
    स्वास्थ्य: हल्की थकान या माइग्रेन संभव।
    करियर: ऑफिस में सहयोगियों के साथ तालमेल बढ़ाएं, काम समय पर पूरा करें।

    वृषभ (Taurus)

    आज अपने पार्टनर से किसी भी तरह की बहस से बचें। पेशेवर जीवन में पूरी मेहनत करें और अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन करें। पैसे के मामलों में सावधानी रखें और फालतू खर्च से बचें। स्वास्थ्य की दृष्टि से छोटी-मोटी समस्या, जैसे हल्का सिरदर्द या पेट में गड़बड़ी, हो सकती है।
    धन: अनावश्यक खर्च पर रोक रखें।
    रिश्ते: परिवार के साथ संवाद और समझौता आवश्यक।
    स्वास्थ्य: हल्की समस्या, तनाव न लें।
    करियर: कार्यस्थल पर फोकस बढ़ाएं, महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लें।

    मिथुन (Gemini)

    आज धन के नए स्रोत आपके लिए फायदेमंद रहेंगे। किसी भी बदलाव को आत्मविश्वास के साथ स्वीकार करें। दिन के दौरान सकारात्मक परिणाम और सराहना मिलने की संभावना है। खान-पान पर विशेष ध्यान दें।
    धन: निवेश या आय के नए अवसर मिल सकते हैं।
    रिश्ते: परिवार और मित्रों से सहयोग मिलेगा।
    स्वास्थ्य: संतुलित आहार और हल्की एक्सरसाइज जरूरी।
    करियर: बदलावों को सकारात्मक दृष्टिकोण से अपनाएं।

    कर्क (Cancer)

    पेशेवर स्किल्स दिखाने के कई अवसर आज मिलेंगे। रोमांटिक जीवन में सरप्राइज गिफ्ट या डिनर रिश्ते को मजबूत करेगा। नई साझेदारी पर हस्ताक्षर करने के लिए समय अनुकूल है, जिससे आर्थिक लाभ भी संभव है।
    धन: नई साझेदारी से लाभ।
    रिश्ते: रोमांटिक समय का आनंद लें।
    स्वास्थ्य: दिनभर ऊर्जा बनी रहेगी।
    करियर: प्रोफेशनल अवसरों का फायदा उठाएं।

    सिंह (Leo)

    आज रोमांटिक जीवन में भाग्य आपका साथ देगा। ऑफिस में व्यावसायिक सफलता सुनिश्चित रहेगी। धन और स्वास्थ्य दोनों स्थिति अच्छी रहेगी। किसी बड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
    धन: निवेश और वित्तीय योजना मजबूत रहेंगी।
    रिश्ते: साथी के साथ समय बिताएं और भावनाओं में गहराई बढ़ाएं।
    स्वास्थ्य: ऊर्जा और स्टैमिना अच्छी रहेगी।
    करियर: कार्यक्षेत्र में सफलता और मान्यता मिल सकती है।

    कन्या (Virgo)

    आज लव लाइफ में शांति बनाए रखें। ऑफिस में भावनाओं को हावी न होने दें। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। प्रेम संबंधों को सुलझाने का समय है। पेशेवर मामलों में धैर्य और संयम महत्वपूर्ण रहेगा।
    धन: आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें।
    रिश्ते: पुराने मुद्दों को सुलझाएं।
    स्वास्थ्य: मानसिक संतुलन बनाए रखें।
    करियर: ऑफिस में तर्कपूर्ण निर्णय लें।

    तुला (Libra)

    आज हेल्दी और संतुलित भोजन पर ध्यान दें। रिश्तों में ईमानदारी बनाए रखें। पेशेवर बाधाएं कम रहेंगी। शेयर या निवेश के मामले में अवसर हैं, लेकिन एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
    धन: निवेश से लाभ संभव, पर सलाह जरूरी।
    रिश्ते: रिश्तों में स्पष्टता और ईमानदारी रखें।
    स्वास्थ्य: जंक फूड से बचें, हाइड्रेटेड रहें।
    करियर: प्रोजेक्ट्स में सहयोग बढ़ाएं।

    वृश्चिक (Scorpio)

    आज रोमांटिक जीवन में किसी समस्या की पहचान जरूरी है। प्रोफेशनल चुनौतियां रह सकती हैं, लेकिन धन और स्वास्थ्य संतुलित रहेंगे। जीवन में संतुलन बनाए रखें और अत्यधिक तनाव से बचें।
    धन: स्थिर रहेगा, जोखिम से बचें।
    रिश्ते: साथी के साथ संवाद में स्पष्टता।
    स्वास्थ्य: मानसिक और शारीरिक संतुलन रखें।
    करियर: चुनौतीपूर्ण कार्य पर फोकस और धैर्य जरूरी।

    धनु (Sagittarius)

    आज बातचीत में सावधानी बरतें। पिछले निवेश से धन लाभ की संभावना है। वाहन सावधानी से चलाएं। सट्टेबाजी या जोखिम वाले निवेश से बचें।
    धन: निवेश लाभदायक, लेकिन सावधानी जरूरी।
    रिश्ते: पारिवारिक सहयोग मिलेगा।
    स्वास्थ्य: वाहन और यात्रा में सतर्क रहें।
    करियर: पेशेवर निर्णय सोच-समझकर लें।

    मकर (Capricorn)

    आज डेडलाइन वाले महत्वपूर्ण कार्य पूरे कर सकते हैं। छोटी वित्तीय समस्याएं हो सकती हैं। कुछ महिला जातक पुराने रिश्ते में लौट सकती हैं, जिससे खुशी मिल सकती है।
    धन: वित्तीय मामलों में संयम।
    रिश्ते: पुराने रिश्तों में सुधार संभव।
    स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।
    करियर: डेडलाइन पर फोकस करें।

    कुंभ (Aquarius)

    आज ऑफिस में नई जिम्मेदारियां आपको व्यस्त रखेंगी। स्वास्थ्य और धन दोनों स्थिति सकारात्मक रहेंगी। छोटे प्रोफेशनल मुद्दों का ध्यान रखें।
    धन: स्थिर और संतुलित।
    रिश्ते: सहयोगी और परिवार का समर्थन मिलेगा।
    स्वास्थ्य: सामान्य, हल्की एक्सरसाइज रखें।
    करियर: नई जिम्मेदारियों पर ध्यान दें।

    मीन (Pisces)

    आज प्रेम जीवन सामान्य रखें। कोई बड़ी प्रोफेशनल चुनौती प्रभावित नहीं करेगी। डिटेल्स पर ध्यान दें और आर्थिक मामलों में सतर्क रहें।
    धन: खर्च में संयम और निवेश पर ध्यान।
    रिश्ते: साथी के साथ संवाद और सहयोग।
    स्वास्थ्य: मानसिक संतुलन बनाए रखें।
    करियर: महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लें।

  • बिना साइड इफेक्ट शुगर कंट्रोल मेथी दालचीनी तुलसी और एलोवेरा का कमाल

    बिना साइड इफेक्ट शुगर कंट्रोल मेथी दालचीनी तुलसी और एलोवेरा का कमाल

    नई दिल्ली । आज के समय में डायबिटीज एक गंभीर लाइफस्टाइल बीमारी के रूप में तेजी से बढ़ रही है। बदलती जीवनशैली असंतुलित खानपान और तनाव के कारण यह समस्या अब हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रही है। ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना कई लोगों के लिए चुनौती बन जाता है और वे अक्सर दवाओं पर निर्भर हो जाते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सही खानपान और घरेलू उपायों को अपनाया जाए तो शुगर लेवल को काफी हद तक प्राकृतिक तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।

    भारतीय रसोई में मौजूद कुछ सामान्य चीजें ऐसी हैं जो डायबिटीज को नियंत्रित करने में बेहद प्रभावी मानी जाती हैं। सबसे पहले बात करें मेथी दाना की तो यह घुलनशील फाइबर से भरपूर होता है। यह शरीर में कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा कर देता है जिससे भोजन के बाद अचानक बढ़ने वाला शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। इसके नियमित सेवन से मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है। रात में मेथी दाना भिगोकर सुबह उसका पानी पीना और दाने चबाकर खाना फायदेमंद माना जाता है।

    दूसरा महत्वपूर्ण उपाय है दालचीनी। यह न केवल खाने का स्वाद बढ़ाती है बल्कि शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता को भी बेहतर बनाती है। नियमित सेवन से फास्टिंग ब्लड शुगर को कम करने में मदद मिलती है। इसे हर्बल चाय या भोजन के साथ आसानी से शामिल किया जा सकता है।

    तीसरा महत्वपूर्ण तत्व है तुलसी जो आयुर्वेद में औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। तुलसी शरीर में तनाव हार्मोन को कम करती है जिससे पैनक्रियाज बेहतर तरीके से काम करता है और ब्लड शुगर स्तर संतुलित रहता है। रोजाना कुछ तुलसी की पत्तियों का सेवन शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है।

    चौथा उपाय है एलोवेरा जो अपने औषधीय गुणों के कारण जाना जाता है। इसमें ऐसे सक्रिय तत्व पाए जाते हैं जो ग्लूकोज के स्तर को कम करने में मदद करते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल को भी संतुलित रखने में सहायक होता है। हालांकि एलोवेरा का सेवन सीमित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए।

    इन घरेलू उपायों के साथ साथ जीवनशैली में बदलाव भी बेहद जरूरी है। नियमित रूप से व्यायाम करना रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलना संतुलित आहार लेना और समय पर भोजन करना डायबिटीज नियंत्रण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    यह ध्यान रखना जरूरी है कि घरेलू उपाय सहायक हो सकते हैं लेकिन वे चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं हैं। इसलिए यदि आप डायबिटीज से पीड़ित हैं तो इन उपायों को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। सही दिनचर्या और प्राकृतिक उपायों के साथ आप अपने शुगर लेवल को संतुलित रख सकते हैं और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

  • सेहत और ऊर्जा का राज महिलाओं के लिए ये सात फूड्स बेहद जरूरी

    सेहत और ऊर्जा का राज महिलाओं के लिए ये सात फूड्स बेहद जरूरी


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं अक्सर अपने परिवार की देखभाल करते करते खुद की सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। इसका असर यह होता है कि उनके शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है और धीरे धीरे कमजोरी हार्मोन असंतुलन और कई गंभीर बीमारियां उन्हें घेर लेती हैं। ऐसे में जरूरी है कि महिलाएं अपने दैनिक आहार में कुछ खास पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को शामिल करें ताकि उनका शरीर मजबूत और स्वस्थ बना रहे।

    सबसे पहले बात करें रागी की तो यह कैल्शियम आयरन और फाइबर से भरपूर होती है। रागी का नियमित सेवन हड्डियों को मजबूत बनाता है और शरीर में ऊर्जा बनाए रखता है। इसे रोटी चीला या लड्डू के रूप में आसानी से खाया जा सकता है। इसके अलावा यह बाल और त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद होती है।

    दूसरा महत्वपूर्ण आहार है आंवला जो विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और संक्रमण से बचाने में मदद करता है। आंवले को जूस चटनी या मुरब्बे के रूप में रोजाना लिया जा सकता है।

    तीसरे स्थान पर चिया सीड्स आते हैं जो कैल्शियम और फाइबर से भरपूर होते हैं। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं और वजन को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। चिया सीड्स को पानी दूध या स्मूदी में मिलाकर आसानी से सेवन किया जा सकता है।

    चौथे नंबर पर अलसी के बीज हैं जो ओमेगा 3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत होते हैं। यह दिल को स्वस्थ रखते हैं और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही हार्मोन संतुलन में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है और यह पीसीओडी जैसी समस्याओं में भी लाभकारी माने जाते हैं।

    पांचवें स्थान पर कद्दू के बीज आते हैं जो मैग्नीशियम और जिंक से भरपूर होते हैं। यह शरीर की कई जरूरी क्रियाओं को संतुलित रखते हैं और थायराइड जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करते हैं। रोजाना एक चम्मच कद्दू के बीज का सेवन शरीर के लिए लाभदायक होता है।

    छठे नंबर पर अखरोट का नाम आता है जो मस्तिष्क को मजबूत बनाने और याददाश्त को बेहतर करने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से नसों की कमजोरी दूर होती है और बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है।

    सातवें और आखिरी स्थान पर चुकंदर है जो शरीर में खून की कमी को दूर करने में बेहद कारगर माना जाता है। महिलाओं में एनीमिया की समस्या आम होती है ऐसे में चुकंदर का सेवन रक्त की मात्रा बढ़ाने में मदद करता है। इसे सलाद जूस या रोटी के रूप में आहार में शामिल किया जा सकता है।

    इन सात चीजों को अपने रोजाना के आहार में शामिल करके महिलाएं न केवल अपनी सेहत को बेहतर बना सकती हैं बल्कि लंबे समय तक ऊर्जा और संतुलन बनाए रख सकती हैं। सही खानपान ही स्वस्थ जीवन की सबसे मजबूत नींव है और छोटी छोटी आदतें ही बड़े बदलाव लाती हैं।

  • अयोध्या में कब मनेगी राम नवमी जानिए तिथि मुहूर्त और सूर्य तिलक का समय

    अयोध्या में कब मनेगी राम नवमी जानिए तिथि मुहूर्त और सूर्य तिलक का समय


    नई दिल्ली । पूरे देश में राम नवमी को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं लेकिन इस वर्ष तिथि को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विशेष रूप से अयोध्या में इस पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है क्योंकि यह भगवान श्रीराम की जन्मस्थली है और यहां राम नवमी का उत्सव अत्यंत भव्य रूप में मनाया जाता है।

    पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 26 मार्च 2026 को सुबह 11 बजकर 46 मिनट पर प्रारंभ हो रही है और 27 मार्च 2026 को सुबह 10 बजकर 7 मिनट पर समाप्त होगी। भगवान श्रीराम का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था इसलिए कई श्रद्धालु 26 मार्च को भी राम नवमी मना रहे हैं। वहीं उदया तिथि के आधार पर 27 मार्च को भी इस पर्व का आयोजन किया जा रहा है जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

    धार्मिक मान्यताओं और स्थानीय परंपराओं के अनुसार अयोध्या में राम नवमी 27 मार्च 2026 शुक्रवार को मनाई जाएगी। इसी दिन राम मंदिर में रामलला का भव्य जन्मोत्सव आयोजित किया जाएगा। दोपहर 12 बजकर 27 मिनट पर मध्याह्न मुहूर्त में भगवान श्रीराम का जन्म उत्सव मनाया जाएगा जो इस पर्व का सबसे महत्वपूर्ण क्षण माना जाता है।

    राम नवमी के अवसर पर अयोध्या में एक विशेष आकर्षण सूर्य तिलक होता है। इस बार भी वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से सूर्य की किरणें सीधे भगवान राम के मस्तक पर पड़ेंगी और यह अद्भुत दृश्य लगभग चार से पांच मिनट तक दिखाई देगा। यह नजारा लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था और विज्ञान का अनूठा संगम होता है जिसे देखने के लिए दूर दूर से लोग अयोध्या पहुंचते हैं।

    राम नवमी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। यह दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्म का प्रतीक है जो धर्म सत्य और मर्यादा के आदर्श माने जाते हैं। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में सत्य और धर्म का मार्ग ही सर्वोपरि है और अंततः अच्छाई की ही जीत होती है।

    अयोध्या में इस अवसर पर मंदिरों को भव्य रूप से सजाया जाता है और विशेष पूजा अर्चना भजन कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। श्रद्धालु बड़ी संख्या में सरयू नदी में स्नान कर भगवान राम के दर्शन करते हैं और अपने जीवन में सुख समृद्धि और शांति की कामना करते हैं।

    इस प्रकार राम नवमी 2026 का पर्व अयोध्या में 27 मार्च को अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि आस्था और संस्कृति का भी प्रतीक है जो हर भक्त के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है।

  • मां जगदम्बा की पूजा से लेकर शरीर की देखभाल तक, दूब घास का अद्भुत उपयोग

    मां जगदम्बा की पूजा से लेकर शरीर की देखभाल तक, दूब घास का अद्भुत उपयोग

    नई दिल्ली । घास का महत्व केवल धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य और शरीर की देखभाल में भी अहम भूमिका निभाती है। विशेष रूप से दूब घास, जिसे आयुर्वेद में ‘अमृता’ की उपाधि दी गई है, शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी मानी जाती है। नवरात्रि में मां जगदम्बा की पूजा में दूब घास का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि बिना दूब के पूजन अधूरा माना जाता है। घर में कन्या पूजन के समय भी दूब घास का इस्तेमाल पैर छूने और सम्मान के लिए किया जाता है।

    धार्मिक महत्व के अलावा दूब घास के गुणों को आयुर्वेद में कई तरह से दर्शाया गया है। यह कफ और वात को संतुलित करने वाली औषधि मानी जाती है। यदि शरीर में वात या कफ असंतुलित हैं तो दूब घास का उचित सेवन इन दोषों को संतुलित करने में मदद करता है। लेकिन इसके सही उपयोग से पहले इसके आंतरिक और बाहरी गुणों को जानना बेहद आवश्यक है।

    बाहरी उपयोग:


    दूब घास में रक्त को रोकने की क्षमता होती है। चोट लग जाने पर यदि रक्त नहीं रुक रहा है या पुराने घाव में बार-बार खून आता है, तो दूब का लेप किया जा सकता है। यह घाव को भरने और संक्रमण से बचाने में भी मदद करता है। गर्मियों में नाक से खून आना या सिरदर्द जैसी समस्याओं में दूब के रस को नाक में डालना आराम देता है। इसके अलावा, मुल्तानी मिट्टी के साथ मिलाकर सूंघने से भी राहत मिलती है। यदि गर्मियों में त्वचा जलने लगती है, तो दूब का लेप त्वचा को ठंडक और आराम प्रदान करता है।

    आंतरिक उपयोग:
    दूब घास का आंतरिक सेवन पेट संबंधी परेशानियों और मासिक धर्म के दर्द में लाभकारी होता है। इसके लिए दूब का रस लेने से पहले चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है। आयुर्वेद में इसे पाचन सुधारने और शरीर को पोषण देने वाला उपाय माना गया है। सीमित मात्रा में इसका नियमित सेवन शरीर को ऊर्जा, मजबूती और आंतरिक शांति प्रदान करता है।

    ध्यान देने योग्य बात यह है कि दूब घास का अधिक सेवन या गलत तरीके से इस्तेमाल करने से प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ सकते हैं। इसलिए बाहरी या आंतरिक उपयोग में आयुर्वेदिक और चिकित्सकीय मार्गदर्शन को अपनाना आवश्यक है।

    इस प्रकार दूब घास का महत्व सिर्फ धार्मिक पूजा में ही नहीं, बल्कि शरीर और स्वास्थ्य के लिए भी अद्वितीय है। बाहरी लेप के रूप में इसका प्रयोग चोट, जलन और रक्तस्राव में राहत देता है, वहीं आंतरिक रूप में इसका सेवन पेट, मासिक धर्म और दोष संतुलन के लिए उपयोगी है। नवरात्रि या किसी भी दिन इसे सही तरीके से अपनाकर व्यक्ति स्वास्थ्य और आध्यात्मिक लाभ दोनों प्राप्त कर सकता है।

  • घर पर बनाएं स्वादिष्ट दानेदार सूजी का हलवा भंडारे जैसा स्वाद पाएं आसान टिप्स के साथ

    घर पर बनाएं स्वादिष्ट दानेदार सूजी का हलवा भंडारे जैसा स्वाद पाएं आसान टिप्स के साथ

    नई दिल्ली:  नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बेहद खास माना जाता है। इस दौरान कन्या पूजन के साथ बनाए जाने वाले भोग में सूजी का हलवा विशेष स्थान रखता है। सूजी का हलवा को आमतौर पर भंडारे जैसा स्वादिष्ट और दानेदार बनाने की कोशिश की जाती है लेकिन घर पर वही स्वाद और बनावट पाना कई लोगों के लिए मुश्किल होता है।

    दरअसल भंडारे जैसा हलवा बनाने के पीछे कुछ खास तकनीक और सही अनुपात का बड़ा योगदान होता है। अगर सामग्री और प्रक्रिया का सही ध्यान रखा जाए तो घर पर भी हलवाई जैसा स्वाद और बनावट हासिल की जा सकती है।

    सबसे पहले सामग्री का सही संतुलन जरूरी होता है। इसके लिए एक कप सूजी एक कप देसी घी एक कप चीनी और तीन कप पानी लिया जाता है। यह अनुपात हलवे को न तो ज्यादा सूखा बनने देता है और न ही चिपचिपा। इसी के साथ चाशनी तैयार करने में भी एक अहम भूमिका होती है। पानी में चीनी इलायची और केसर डालकर हल्की चाशनी तैयार की जाती है लेकिन इसे एक तार की चाशनी तक नहीं पकाना चाहिए।

    इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण आता है सूजी को भूनना। एक भारी तले वाले पैन में देसी घी गर्म करके उसमें सूजी डाली जाती है। इस दौरान अगर सूजी के साथ थोड़ी मात्रा में बेसन मिलाया जाए तो हलवे का रंग और बनावट और भी बेहतर हो जाती है। सूजी को धीमी आंच पर तब तक भूनना चाहिए जब तक वह सुनहरी भूरी न हो जाए और उसमें से घी अलग होता दिखे। इस प्रक्रिया में जल्दबाजी करने से हलवे का स्वाद बिगड़ सकता है।

    जब सूजी अच्छे से भुन जाए तो तैयार की गई गर्म चाशनी को धीरे-धीरे उसमें मिलाया जाता है। इस समय सावधानी रखना जरूरी है क्योंकि मिश्रण उछल सकता है। लगातार चलाते रहने से गुठलियां नहीं बनतीं और हलवा एकसार बनता है।

    हलवे में स्वाद और पौष्टिकता बढ़ाने के लिए इसमें काजू और बादाम जैसे ड्राई फ्रूट्स डाले जाते हैं। अंत में एक चम्मच घी डालने से हलवे में एक सुंदर चमक आती है। इसके बाद इसे ढककर कुछ मिनट के लिए धीमी आंच पर छोड़ दिया जाता है जिससे सूजी के दाने अच्छी तरह फूल जाते हैं और हलवा दानेदार बन जाता है।

    इस तरह कुछ आसान टिप्स और सही विधि अपनाकर आप घर पर भी भंडारे जैसा स्वादिष्ट और दानेदार सूजी का हलवा बना सकते हैं। यह न केवल स्वाद में बेहतरीन होता है बल्कि पूजा के लिए एक शुद्ध और पारंपरिक प्रसाद के रूप में भी खास माना जाता है।

  • न्यायपालिका पर दबाव की कोशिश पर CJI का कड़ा संदेश कानून से बच नहीं पाएंगे दोषी

    न्यायपालिका पर दबाव की कोशिश पर CJI का कड़ा संदेश कानून से बच नहीं पाएंगे दोषी

    नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और दबाव बनाने की कोशिश का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक केस से जुड़े व्यक्ति ने सीधे भारत के मुख्य न्यायाधीश Surya Kant के परिवार से संपर्क करने की हिम्मत दिखाई इस घटना पर चीफ जस्टिस ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए साफ संदेश दिया कि ऐसे तत्वों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा चाहे वे देश के बाहर ही क्यों न हों

    मामला उस समय सामने आया जब एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी यह मामला एक ऐसे व्यक्ति से जुड़ा था जिसने सामान्य श्रेणी से होने के बावजूद बौद्ध धर्म अपनाने के बाद अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र के आधार पर मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने का लाभ मांगा था इस पर अदालत ने पहले ही हरियाणा सरकार को निर्देश दिया था कि वह अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र से जुड़े नियमों और दिशा निर्देशों को कोर्ट में प्रस्तुत करे

    सुनवाई के दौरान Surya Kant ने भरी अदालत में इस घटना का खुलासा किया उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति ने उनके भाई को फोन कर उनके द्वारा दिए गए आदेश पर सवाल उठाए यह न केवल एक गंभीर हस्तक्षेप था बल्कि न्यायपालिका की गरिमा को चुनौती देने जैसा भी था

    इस घटना से नाराज चीफ जस्टिस ने कहा कि वह पिछले 23 वर्षों से ऐसे दबाव और हस्तक्षेप करने वाले तत्वों से निपटते आ रहे हैं और इस तरह की हरकतों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा उन्होंने दो टूक कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह उस व्यक्ति को देश के बाहर से भी पकड़ लेंगे

    चीफ जस्टिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की संभावना पर भी विचार करने का निर्देश दिया उन्होंने हरियाणा सरकार के वकील को निर्देश दिया कि उस व्यक्ति से इस हरकत के लिए जवाब मांगा जाए और स्पष्ट किया जाए कि उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए

    यह मामला न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को प्रभावित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है और चीफ जस्टिस का यह सख्त रुख इस बात का संकेत है कि न्याय प्रणाली पर किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा

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  • कल है दुर्गा अष्टमी 2026 इस शुभ मुहूर्त में करें कन्या पूजन मिलेगा मां महागौरी का आशीर्वाद

    कल है दुर्गा अष्टमी 2026 इस शुभ मुहूर्त में करें कन्या पूजन मिलेगा मां महागौरी का आशीर्वाद


    नई दिल्ली । चैत्र नवरात्र का पावन पर्व अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और अब भक्तों को महाअष्टमी का बेसब्री से इंतजार है। दुर्गा अष्टमी का दिन नवरात्र के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक माना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा की जाती है और कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से पूजा करने पर जीवन में सुख समृद्धि और खुशहाली आती है।

    पंचांग के अनुसार इस वर्ष अष्टमी तिथि 25 मार्च को दोपहर 1 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। ऐसे में महाअष्टमी का पर्व 26 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन शुभ मुहूर्त में कन्या पूजन करना अत्यंत फलदायी माना गया है।

    कन्या पूजन के लिए इस बार तीन प्रमुख शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। पहला मुहूर्त सुबह 6 बजकर 16 मिनट से लेकर 7 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त सुबह 10 बजकर 56 मिनट से लेकर दोपहर 2 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 2 मिनट से लेकर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। इन सभी समयों में श्रद्धालु कन्या पूजन कर सकते हैं और माता का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

    इस वर्ष दुर्गा अष्टमी पर विशेष योग का भी संयोग बन रहा है जो इसे और अधिक शुभ बना रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग और रवि योग का निर्माण हो रहा है। यह योग शाम 4 बजकर 19 मिनट से प्रारंभ होकर अगले दिन सुबह तक रहेगा। ऐसे योग में किए गए धार्मिक कार्यों का विशेष फल प्राप्त होता है और जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्र में अष्टमी और नवमी दोनों दिन कन्या पूजन करना शुभ माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि जहां कन्याओं का सम्मान होता है वहां देवी का वास होता है। इसलिए इस दिन नौ कन्याओं को माता का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। उन्हें भोजन के रूप में हलवा पूरी और चने का प्रसाद दिया जाता है और दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद लिया जाता है।

    कन्या पूजन केवल एक धार्मिक परंपरा ही नहीं बल्कि नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक भी है। यह पर्व हमें यह संदेश देता है कि समाज में महिलाओं का सम्मान और आदर करना कितना महत्वपूर्ण है। इस प्रकार दुर्गा अष्टमी का दिन श्रद्धा भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इस शुभ अवसर पर सही मुहूर्त में कन्या पूजन करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख शांति और समृद्धि का आगमन होता है।

  • सरकार का बड़ा फैसला उड़ान स्कीम से देश के 100 नए एयरपोर्ट्स विकसित होंगे कनेक्टिविटी होगी मजबूत

    सरकार का बड़ा फैसला उड़ान स्कीम से देश के 100 नए एयरपोर्ट्स विकसित होंगे कनेक्टिविटी होगी मजबूत


    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना यानी उड़ान योजना के संशोधित संस्करण को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत 28,840 करोड़ रुपये का कुल परिव्यय तय किया गया है और इसका उद्देश्य देश के छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों में हवाई संपर्क को मजबूत करना है।

    यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी और इसका मुख्य फोकस उन क्षेत्रों पर होगा जहां अभी तक हवाई सेवाएं सीमित या उपलब्ध नहीं हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना के जरिए देश के 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएं, जिससे टियर 2 और टियर 3 शहरों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

    इस योजना से न केवल हवाई यात्रा सस्ती और सुलभ होगी बल्कि दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी। इससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

    कैबिनेट के अनुसार इस योजना के तहत हवाई अड्डों के संचालन और रखरखाव के लिए भी सहायता दी जाएगी ताकि वे आर्थिक रूप से टिकाऊ बन सकें। इसके लिए प्रति हवाई अड्डा 3.06 करोड़ रुपये और हेलीपोर्ट के लिए 0.90 करोड़ रुपये की सहायता देने का प्रस्ताव है। लगभग 441 हवाई अड्डों के लिए यह सहायता दी जाएगी।

    इसके अलावा सरकार ने पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 200 आधुनिक हेलीपैड बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। इससे आपातकालीन सेवाओं और अंतिम मील कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जा सकेगा। इस योजना के तहत 15 करोड़ रुपये प्रति हेलीपैड की लागत तय की गई है।

    सरकार की यह पहल आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप है और इसका उद्देश्य देश के एयरोस्पेस सेक्टर को मजबूत करना है। साथ ही ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में भी यह योजना अहम भूमिका निभाएगी।

    योजना के तहत एयरलाइन ऑपरेटरों को वित्तीय सहायता भी दी जाएगी जिसे विजिबिलिटी फंड यानी वीजीएफ के रूप में जाना जाता है। इसके लिए 10,043 करोड़ रुपये का प्रावधान अगले 10 वर्षों में किया गया है ताकि एयरलाइंस कम लाभ वाले मार्गों पर भी सेवाएं जारी रख सकें।

    इसके साथ ही छोटे विमानों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने पवन हंस के लिए दो हेलीकॉप्टर और एलायंस एयर के लिए दो विमान खरीदने का भी प्रस्ताव रखा है। इससे देश में हवाई सेवाओं का नेटवर्क और मजबूत होगा।

  • आकाशवाणी में बड़ा बदलाव अब बजेगा ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण All India Radio

    आकाशवाणी में बड़ा बदलाव अब बजेगा ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण All India Radio


    नई दिल्ली: भारत के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत संचालित All India Radio यानी आकाशवाणी ने अपने सुबह के प्रसारण में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है अब तक जहां सुबह की शुरुआत प्रतिष्ठित धुन और उसके बाद ‘वंदे मातरम’ के दो छंदों वाले संस्करण से होती थी वहीं अब इसकी जगह राष्ट्रीय गीत का पूरा संस्करण प्रसारित किया जाएगा यह बदलाव 26 मार्च 2026 से लागू हो रहा है

    आजादी के बाद से आकाशवाणी की यह परंपरा रही है कि वह अपने सुबह के कार्यक्रम की शुरुआत एक खास धुन से करता है और उसके बाद ‘वंदे मातरम’ का छोटा संस्करण बजाया जाता था जिसकी अवधि लगभग 65 सेकंड होती थी लेकिन गृह मंत्रालय द्वारा 28 जनवरी 2026 को जारी नए दिशानिर्देशों के बाद अब इस परंपरा में बदलाव किया गया है नए नियम के अनुसार अब राष्ट्रीय गीत के छह छंदों वाला पूर्ण संस्करण हर दिन प्रसारित किया जाएगा

    इस नए संस्करण की अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड है और इसकी प्रस्तुति प्रसिद्ध हिंदी शास्त्रीय गायक Pandit Chandrashekhar Vaze द्वारा राग देश में की गई है उनकी आवाज में गाया गया यह संस्करण देशभक्ति की भावना और संगीत की गहराई को और अधिक प्रभावी बनाता है अब श्रोता पूरे गीत के माध्यम से ‘वंदे मातरम’ की मूल भावना और उसकी भावनात्मक शक्ति को बेहतर तरीके से अनुभव कर सकेंगे

    इस पहल का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब देशभर के अलग अलग राज्यों के लिए ‘वंदे मातरम’ के क्षेत्रीय संस्करण भी तैयार किए जाएंगे इन संस्करणों में स्थानीय संगीत वाद्ययंत्रों और शास्त्रीय धुनों का उपयोग किया जाएगा जिससे हर क्षेत्र के लोग अपनी भाषा और संगीत के अंदाज में इस गीत को सुन और महसूस कर सकेंगे यह कदम भारत की सांस्कृतिक विविधता को सम्मान देने और उसे और अधिक समृद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है

    आकाशवाणी का यह नया कदम न केवल राष्ट्रीय गीत को एक नए स्वरूप में प्रस्तुत करेगा बल्कि नई पीढ़ी को भी इसकी पूरी गहराई से परिचित कराएगा इससे श्रोताओं को एक समग्र और समृद्ध देशभक्ति का अनुभव मिलेगा और सुबह की शुरुआत पहले से कहीं अधिक प्रेरणादायक और ऊर्जावान बन जाएगी